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चित्तौड़गढ़-निंबाहेड़ा क्षेत्र में आध्यात्मिक साधना, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और हज सेवा का माहौल देखने को मिला। पूरे क्षेत्र में इन आयोजनों की गूंज सुनाई दी।

1 hr ago
user_Hello Chittorgarh News
Hello Chittorgarh News
Local News Reporter चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
1 hr ago

चित्तौड़गढ़-निंबाहेड़ा क्षेत्र में आध्यात्मिक साधना, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और हज सेवा का माहौल देखने को मिला। पूरे क्षेत्र में इन आयोजनों की गूंज सुनाई दी।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • चित्तौड़गढ़ जिले में वन्यजीव संरक्षण और जनस्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों को महत्वपूर्ण गति मिली है। बस्सी वन विभाग ने एक अजगर का सफल रेस्क्यू कर वन्यजीवों के संरक्षण की दिशा में अपनी सक्रियता दिखाई है। इसी क्रम में, जनस्वास्थ्य के मोर्चे पर, जिला कलक्टर ने पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया, जिससे इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को नई ऊर्जा मिली है।
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    चित्तौड़गढ़ जिले में वन्यजीव संरक्षण और जनस्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों को महत्वपूर्ण गति मिली है। बस्सी वन विभाग ने एक अजगर का सफल रेस्क्यू कर वन्यजीवों के संरक्षण की दिशा में अपनी सक्रियता दिखाई है। इसी क्रम में, जनस्वास्थ्य के मोर्चे पर, जिला कलक्टर ने पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया, जिससे इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को नई ऊर्जा मिली है।
    user_Hello Chittorgarh News
    Hello Chittorgarh News
    Local News Reporter चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    49 min ago
  • भारतीय सेना में अग्निवीर की ट्रेनिंग पूरी कर पहली बार अपने गाँव तेलीखेड़ा (भीलवाड़ा) लौटे नव चयनित अग्निवीर पूरण बैरवा का चित्तौड़गढ़ जिले में भव्य स्वागत और अभिनन्दन किया गया। ग्रामवासियों ने पूरण बैरवा को साफा बांधकर, मिठाई खिलाकर और फूल मालाओं से लादकर उनका जोरदार स्वागत किया, जिसके बाद एक भव्य वाहन रैली निकाली गई। बैरवा युवा जागृति सामाजिक सेवा संस्थान के अध्यक्ष हीरालाल बैरवा ने बताया कि स्वागत कार्यक्रम की शुरुआत रेलवे स्टेशन पर हुई, जहाँ सर्व प्रथम संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इसके बाद वाहन रैली कलेक्ट्रेट, टंकी के बालाजी, पालड़ी होते हुए ढोल नगाड़े और डी.जे. के साथ तेलीखेड़ा अपने गंतव्य स्थान पर पहुँची। वहाँ पूरण बैरवा ने अपनी माँ और भाई को आर्मी कैप पहनाई। इस भव्य रैली में 'भारत माता की जय' तथा 'जय भीम, जय भारत' के गगनभेदी नारों और जयकारों से पूरा शहर गूँज उठा, चारों तरफ देशप्रेम और उत्साह का माहौल दिखाई दिया। रैली के मार्ग में सभी समाजजनों और विभिन्न संगठनों ने पुष्प वर्षा कर उनका अभिनन्दन और स्वागत सत्कार किया। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ समाज सेवी अखेराम बड़ोदिया, रामेश्वर लाल बैरवा, जोगणियां सैनेट्री के प्रोपराइटर देवकरण बैरवा, कालूलाल (राज. पुलिस), भाई कमलेश बैरवा, भागीरथ, राकेश, राधेश्याम, सुरेश, महावीर, राजवीर, राजू लाल, राजेश, नरेश कुमार, माण्डल विधायक प्रतिनिधि व ग्राम पंचायत पालड़ी प्रशासक, साथ ही सर्व समाज के वरिष्ठजन, मातृशक्ति, युवा शक्ति और विद्यार्थी सहित हजारों ग्रामवासी शामिल हुए। फौजी पूरण बैरवा ने इस सम्मान के लिए सभी उपस्थित साथियों का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।
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    भारतीय सेना में अग्निवीर की ट्रेनिंग पूरी कर पहली बार अपने गाँव तेलीखेड़ा (भीलवाड़ा) लौटे नव चयनित अग्निवीर पूरण बैरवा का चित्तौड़गढ़ जिले में भव्य स्वागत और अभिनन्दन किया गया। ग्रामवासियों ने पूरण बैरवा को साफा बांधकर, मिठाई खिलाकर और फूल मालाओं से लादकर उनका जोरदार स्वागत किया, जिसके बाद एक भव्य वाहन रैली निकाली गई।

बैरवा युवा जागृति सामाजिक सेवा संस्थान के अध्यक्ष हीरालाल बैरवा ने बताया कि स्वागत कार्यक्रम की शुरुआत रेलवे स्टेशन पर हुई, जहाँ सर्व प्रथम संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इसके बाद वाहन रैली कलेक्ट्रेट, टंकी के बालाजी, पालड़ी होते हुए ढोल नगाड़े और डी.जे. के साथ तेलीखेड़ा अपने गंतव्य स्थान पर पहुँची। वहाँ पूरण बैरवा ने अपनी माँ और भाई को आर्मी कैप पहनाई। इस भव्य रैली में 'भारत माता की जय' तथा 'जय भीम, जय भारत' के गगनभेदी नारों और जयकारों से पूरा शहर गूँज उठा, चारों तरफ देशप्रेम और उत्साह का माहौल दिखाई दिया।

रैली के मार्ग में सभी समाजजनों और विभिन्न संगठनों ने पुष्प वर्षा कर उनका अभिनन्दन और स्वागत सत्कार किया। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ समाज सेवी अखेराम बड़ोदिया, रामेश्वर लाल बैरवा, जोगणियां सैनेट्री के प्रोपराइटर देवकरण बैरवा, कालूलाल (राज. पुलिस), भाई कमलेश बैरवा, भागीरथ, राकेश, राधेश्याम, सुरेश, महावीर, राजवीर, राजू लाल, राजेश, नरेश कुमार, माण्डल विधायक प्रतिनिधि व ग्राम पंचायत पालड़ी प्रशासक, साथ ही सर्व समाज के वरिष्ठजन, मातृशक्ति, युवा शक्ति और विद्यार्थी सहित हजारों ग्रामवासी शामिल हुए। फौजी पूरण बैरवा ने इस सम्मान के लिए सभी उपस्थित साथियों का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।
    user_(ND NEWS CHITTORGARH)Laxman Si
    (ND NEWS CHITTORGARH)Laxman Si
    Local News Reporter चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • चित्तौड़गढ़ जिले के एक गांव में ग्रामीणों ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव में अभी तक न तो पट्टे बनाए गए हैं और न ही गांव की सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ है। वे शिकायत करते हुए कहते हैं कि सरकार उनके गांव से संबंधित जानकारी पर कोई ध्यान नहीं देती है और उनकी समस्याओं पर बिलकुल भी गौर नहीं किया जा रहा है।
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    चित्तौड़गढ़ जिले के एक गांव में ग्रामीणों ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव में अभी तक न तो पट्टे बनाए गए हैं और न ही गांव की सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ है। वे शिकायत करते हुए कहते हैं कि सरकार उनके गांव से संबंधित जानकारी पर कोई ध्यान नहीं देती है और उनकी समस्याओं पर बिलकुल भी गौर नहीं किया जा रहा है।
    user_Raju ram banjara
    Raju ram banjara
    चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • इंग्लैंड ने हाल ही में खेले गए एक फुटबॉल मुकाबले में पनामा को 2-0 से हराकर एक शानदार जीत दर्ज की है। इस मैच में इंग्लैंड की टीम ने बेहद प्रभावी खेल का प्रदर्शन किया, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने ग्रुप L में अपनी स्थिति को और भी मजबूत कर लिया है।
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    इंग्लैंड ने हाल ही में खेले गए एक फुटबॉल मुकाबले में पनामा को 2-0 से हराकर एक शानदार जीत दर्ज की है। इस मैच में इंग्लैंड की टीम ने बेहद प्रभावी खेल का प्रदर्शन किया, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने ग्रुप L में अपनी स्थिति को और भी मजबूत कर लिया है।
    user_Neeraj Sharma
    Neeraj Sharma
    Content Creator (YouTuber) चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • चित्तौड़गढ़ में भाजपा शासन के 12 वर्ष पूरे होने पर सांसद सीपी जोशी ने एक प्रेसवार्ता आयोजित कर केंद्र सरकार की उपलब्धियों, विकास कार्यों और योजनाओं का ब्यौरा प्रस्तुत किया। भाजपा इन वर्षों को विकास, सुशासन और राष्ट्र निर्माण का कालखंड बता रही है। हालांकि, इसी समय चित्तौड़गढ़ जिले में आमजन के जीवन, किसानों की जमीन, पर्यावरण, जल स्रोतों, रोजगार और भविष्य की पीढ़ियों से जुड़े कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जो अब जिले की राजनीति का प्रमुख विमर्श बन गए हैं। इस विरोधाभास के केंद्र में यह प्रश्न है कि विकास का मॉडल कैसा हो – क्या यह केवल उद्योगों और परियोजनाओं की संख्या से मापा जाएगा या जनता की सुरक्षित जिंदगी, स्वच्छ हवा, पानी और रोजगार से भी। बड़ीसादड़ी क्षेत्र में जेरोफिक्स अपशिष्ट को लेकर उपजा विवाद अब केवल गंदगी हटाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह प्रशासनिक निगरानी, पर्यावरण सुरक्षा और जिम्मेदारी तय करने का मुद्दा बन चुका है। ग्रामीणों और संघर्ष समिति का आरोप है कि बड़े पैमाने पर अपशिष्ट डाले जाने से जनस्वास्थ्य को खतरा है और वे इस मामले की पारदर्शी जांच तथा भविष्य में ऐसी स्थिति को रोकने के लिए व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, क्योंकि यह मामला अब जनता के विश्वास की परीक्षा बन चुका है। इसी तरह, चंदेरिया में हिन्दुस्तान जिंक के फर्टिलाइजर प्लांट और बेगूं, निंबाहेड़ा सहित अन्य क्षेत्रों में खनन परियोजनाओं को लेकर भी विकास और पर्यावरण के बीच बहस तेज है। जहां परियोजना समर्थक निवेश, रोजगार और आर्थिक मजबूती का तर्क देते हैं, वहीं ग्रामीण और पर्यावरण से जुड़े लोग जल, हवा, मिट्टी और स्थानीय स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों के अध्ययन की मांग करते हैं। जनता का सवाल है कि क्या कागजों पर पर्यावरणीय सुरक्षा पर्याप्त है या इसका असर जमीन पर भी दिखेगा, क्योंकि हवा और पानी रिपोर्टों में नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी में महसूस होते हैं। ग्रामीणों का मानना है कि उद्योग जरूरी हैं, लेकिन विकास ऐसा होना चाहिए जिसमें आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधन सुरक्षित रहें। चित्तौड़गढ़ के अफीम किसान वर्षों से लाइसेंस व्यवस्था, उत्पादन नीति, लागत, मौसम की मार और गुणवत्ता मानकों से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान चाहते हैं, विशेषकर जब सरकार किसान सम्मान और कृषि विकास की बात करती है। उनकी चिंता केवल फसल तक सीमित नहीं, बल्कि परिवार, भविष्य और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी है। वहीं, जिले में उद्योग और बड़े प्रोजेक्ट होने के बावजूद स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता न मिलने का सवाल उठ रहा है। ग्रामीण युवा कौशल विकास और स्थायी रोजगार के ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं ताकि विकास केवल जमीन लेने तक सीमित न रहे, बल्कि स्थानीय समाज को उसका हिस्सा भी मिले। इसके अतिरिक्त, विश्व धरोहर चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को जहां विरासत संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण माना गया, वहीं यह सवाल भी उठा कि वर्षों तक अतिक्रमण होने पर निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी रही, और अब जनता केवल कार्रवाई तक सीमित न रहकर स्थायी व्यवस्था चाहती है। इन 12 सालों की उपलब्धियों के दावों के बीच, चित्तौड़गढ़ में उठ रहे ये जनमुद्दे संकेत देते हैं कि जनता अब केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि ठोस परिणाम चाहती है। जनता सवाल कर रही है कि क्या किसान मजबूत हुए, क्या अफीम किसान सुरक्षित हैं, युवाओं को पर्याप्त रोजगार मिला और उद्योगों के साथ पर्यावरण सुरक्षित रहेगा? चित्तौड़गढ़ आज ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार की संभावनाओं के साथ-साथ पर्यावरण, किसान और स्थानीय समुदाय के अधिकारों की चुनौती है। लोकतंत्र में सरकारों की सफलता केवल परियोजनाओं की संख्या से नहीं बल्कि जनता के विश्वास से तय होती है। विकास आवश्यक है, लेकिन ऐसा विकास जो इंसान, प्रकृति और भविष्य तीनों को साथ लेकर चले। आने वाले समय में जिले की सियासत इसी मूल प्रश्न से तय होगी: 'विकास किसका, कीमत किसकी और लाभ किस तक?'।
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    चित्तौड़गढ़ में भाजपा शासन के 12 वर्ष पूरे होने पर सांसद सीपी जोशी ने एक प्रेसवार्ता आयोजित कर केंद्र सरकार की उपलब्धियों, विकास कार्यों और योजनाओं का ब्यौरा प्रस्तुत किया। भाजपा इन वर्षों को विकास, सुशासन और राष्ट्र निर्माण का कालखंड बता रही है। हालांकि, इसी समय चित्तौड़गढ़ जिले में आमजन के जीवन, किसानों की जमीन, पर्यावरण, जल स्रोतों, रोजगार और भविष्य की पीढ़ियों से जुड़े कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जो अब जिले की राजनीति का प्रमुख विमर्श बन गए हैं। इस विरोधाभास के केंद्र में यह प्रश्न है कि विकास का मॉडल कैसा हो – क्या यह केवल उद्योगों और परियोजनाओं की संख्या से मापा जाएगा या जनता की सुरक्षित जिंदगी, स्वच्छ हवा, पानी और रोजगार से भी।

बड़ीसादड़ी क्षेत्र में जेरोफिक्स अपशिष्ट को लेकर उपजा विवाद अब केवल गंदगी हटाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह प्रशासनिक निगरानी, पर्यावरण सुरक्षा और जिम्मेदारी तय करने का मुद्दा बन चुका है। ग्रामीणों और संघर्ष समिति का आरोप है कि बड़े पैमाने पर अपशिष्ट डाले जाने से जनस्वास्थ्य को खतरा है और वे इस मामले की पारदर्शी जांच तथा भविष्य में ऐसी स्थिति को रोकने के लिए व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, क्योंकि यह मामला अब जनता के विश्वास की परीक्षा बन चुका है। इसी तरह, चंदेरिया में हिन्दुस्तान जिंक के फर्टिलाइजर प्लांट और बेगूं, निंबाहेड़ा सहित अन्य क्षेत्रों में खनन परियोजनाओं को लेकर भी विकास और पर्यावरण के बीच बहस तेज है। जहां परियोजना समर्थक निवेश, रोजगार और आर्थिक मजबूती का तर्क देते हैं, वहीं ग्रामीण और पर्यावरण से जुड़े लोग जल, हवा, मिट्टी और स्थानीय स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों के अध्ययन की मांग करते हैं। जनता का सवाल है कि क्या कागजों पर पर्यावरणीय सुरक्षा पर्याप्त है या इसका असर जमीन पर भी दिखेगा, क्योंकि हवा और पानी रिपोर्टों में नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी में महसूस होते हैं। ग्रामीणों का मानना है कि उद्योग जरूरी हैं, लेकिन विकास ऐसा होना चाहिए जिसमें आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधन सुरक्षित रहें।

चित्तौड़गढ़ के अफीम किसान वर्षों से लाइसेंस व्यवस्था, उत्पादन नीति, लागत, मौसम की मार और गुणवत्ता मानकों से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान चाहते हैं, विशेषकर जब सरकार किसान सम्मान और कृषि विकास की बात करती है। उनकी चिंता केवल फसल तक सीमित नहीं, बल्कि परिवार, भविष्य और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी है। वहीं, जिले में उद्योग और बड़े प्रोजेक्ट होने के बावजूद स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता न मिलने का सवाल उठ रहा है। ग्रामीण युवा कौशल विकास और स्थायी रोजगार के ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं ताकि विकास केवल जमीन लेने तक सीमित न रहे, बल्कि स्थानीय समाज को उसका हिस्सा भी मिले। इसके अतिरिक्त, विश्व धरोहर चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को जहां विरासत संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण माना गया, वहीं यह सवाल भी उठा कि वर्षों तक अतिक्रमण होने पर निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी रही, और अब जनता केवल कार्रवाई तक सीमित न रहकर स्थायी व्यवस्था चाहती है।

इन 12 सालों की उपलब्धियों के दावों के बीच, चित्तौड़गढ़ में उठ रहे ये जनमुद्दे संकेत देते हैं कि जनता अब केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि ठोस परिणाम चाहती है। जनता सवाल कर रही है कि क्या किसान मजबूत हुए, क्या अफीम किसान सुरक्षित हैं, युवाओं को पर्याप्त रोजगार मिला और उद्योगों के साथ पर्यावरण सुरक्षित रहेगा? चित्तौड़गढ़ आज ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार की संभावनाओं के साथ-साथ पर्यावरण, किसान और स्थानीय समुदाय के अधिकारों की चुनौती है। लोकतंत्र में सरकारों की सफलता केवल परियोजनाओं की संख्या से नहीं बल्कि जनता के विश्वास से तय होती है। विकास आवश्यक है, लेकिन ऐसा विकास जो इंसान, प्रकृति और भविष्य तीनों को साथ लेकर चले। आने वाले समय में जिले की सियासत इसी मूल प्रश्न से तय होगी: 'विकास किसका, कीमत किसकी और लाभ किस तक?'।
    user_Alert Nation News
    Alert Nation News
    Local News Reporter चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • श्री सांवलियाजी मंदिर के भीतर एक गेट खोला जाएगा। हालांकि, यह सवाल उठाया जा रहा है कि रथयात्रा मार्ग और डेयरी गेट सहित मंदिर के बाहर के गेट पहले की तरह कब खुलेंगे।
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    श्री सांवलियाजी मंदिर के भीतर एक गेट खोला जाएगा। हालांकि, यह सवाल उठाया जा रहा है कि रथयात्रा मार्ग और डेयरी गेट सहित मंदिर के बाहर के गेट पहले की तरह कब खुलेंगे।
    user_Lucky sukhwal
    Lucky sukhwal
    Priest चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • चित्तौड़गढ़-निंबाहेड़ा क्षेत्र में आध्यात्मिक साधना, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और हज सेवा का माहौल देखने को मिला। पूरे क्षेत्र में इन आयोजनों की गूंज सुनाई दी।
    1
    चित्तौड़गढ़-निंबाहेड़ा क्षेत्र में आध्यात्मिक साधना, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और हज सेवा का माहौल देखने को मिला। पूरे क्षेत्र में इन आयोजनों की गूंज सुनाई दी।
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    Hello Chittorgarh News
    Local News Reporter चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    1 hr ago
  • राशमी पंचायत समिति के ग्राम आरनी में सड़कों और नालियों की बदहाल स्थिति से ग्रामीण भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं, जिसे लेकर "डबल इंजन सरकार का उभरता विकास" सवालों के घेरे में है। गांव में नियमित सफाई न होने के कारण नालियों में गंदगी का अंबार लगा है, जिससे आमजनों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण और पाइपलाइन डालने के कार्य के दौरान सड़कों को खोदा गया था, लेकिन लंबे समय बीत जाने के बाद भी मरम्मत का काम पूरा नहीं किया गया है। ठेकेदार की लापरवाही के कारण सड़कें खराब हालत में हैं, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही, कई जगहों पर पाइपलाइन का काम अधूरा पड़ा है, जिसने सड़कों को उबड़-खाबड़ बना दिया है, और यह समस्या बारिश के मौसम में और भी विकट हो जाती है। इस गंभीर स्थिति से आक्रोशित ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत और संबंधित विभाग से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा है कि गांव में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और अधूरे पड़े पाइपलाइन व सड़क मरम्मत के कार्य को शीघ्रता से पूरा करवाकर आमजन को राहत प्रदान की जाए।
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    राशमी पंचायत समिति के ग्राम आरनी में सड़कों और नालियों की बदहाल स्थिति से ग्रामीण भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं, जिसे लेकर "डबल इंजन सरकार का उभरता विकास" सवालों के घेरे में है। गांव में नियमित सफाई न होने के कारण नालियों में गंदगी का अंबार लगा है, जिससे आमजनों को काफी दिक्कतें हो रही हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण और पाइपलाइन डालने के कार्य के दौरान सड़कों को खोदा गया था, लेकिन लंबे समय बीत जाने के बाद भी मरम्मत का काम पूरा नहीं किया गया है। ठेकेदार की लापरवाही के कारण सड़कें खराब हालत में हैं, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही, कई जगहों पर पाइपलाइन का काम अधूरा पड़ा है, जिसने सड़कों को उबड़-खाबड़ बना दिया है, और यह समस्या बारिश के मौसम में और भी विकट हो जाती है।

इस गंभीर स्थिति से आक्रोशित ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत और संबंधित विभाग से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा है कि गांव में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और अधूरे पड़े पाइपलाइन व सड़क मरम्मत के कार्य को शीघ्रता से पूरा करवाकर आमजन को राहत प्रदान की जाए।
    user_ओम जैन शंभूपुरा
    ओम जैन शंभूपुरा
    Salesperson चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    3 hrs ago
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