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यह एक बेहद भावुक संदेश है जो दर्शाता है कि कुछ लोग इंसान के दिल में इस कदर बस जाते हैं कि दूरी बढ़ जाने के बाद भी उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। ऐसे लोग हमेशा यादों में जीवित रहते हैं।
Sandeep Raj Thakur
यह एक बेहद भावुक संदेश है जो दर्शाता है कि कुछ लोग इंसान के दिल में इस कदर बस जाते हैं कि दूरी बढ़ जाने के बाद भी उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। ऐसे लोग हमेशा यादों में जीवित रहते हैं।
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- रीवा के होटल सेलिब्रेशन में जिला कांग्रेस कमेटी रीवा ग्रामीण के अध्यक्ष इंजी. राजेंद्र शर्मा जी की अध्यक्षता में ग्रामीण एवं शहर कांग्रेस की संगठनात्मक बैठक संपन्न हुई। बैठक का शुभारंभ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया, जिसके बाद संगठन को मजबूत करने तथा आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए जिला महामंत्री एवं जवा विधानसभा प्रभारी सिद्धनाथ पांडे जी ने कहा कि प्रदेश में किसान, खाद और नहर की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। समय पर नहरों में पानी न मिलने से फसलें सूख रही हैं और खाद की कालाबाजारी चरम पर पहुंच चुकी है। उन्होंने ऐलान किया कि कांग्रेस पार्टी इन जनसमस्याओं को लेकर सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेगी और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करेगी। इस बैठक में सिमरिया के लोकप्रिय विधायक श्री अभय मिश्रा जी, रीवा महापौर अजय मिश्रा "बाबा" जी, संगठन महासचिव एड. रवि तिवारी जी, शहर अध्यक्ष अशोक पटेल जी, शहर संगठन महासचिव सज्जन पटेल जी सहित सिरमौर ब्लॉक संगठन प्रभारी राजेंद्र शुक्ला, ब्लॉक अध्यक्ष विष्णु शुक्ला, मझियार प्रभारी दीपू पंडित, नगर अध्यक्ष बृजेश पांडे, डभौरा प्रभारी शत्रुघ्न सिंह, जिला सचिव लक्ष्मण कुशवाहा, डभौरा कार्यवाहक ब्लॉक अध्यक्ष विश्वनाथ प्रताप "भड़काऊ" सिंह, जिला महामंत्री अरुण सिंह "पिंटू" एवं जवा ब्लॉक के तमाम पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में यह तय किया गया कि कांग्रेस कार्यकर्ता जनसमस्याओं को लेकर जनता के बीच जाएंगे और संगठन को बूथ स्तर तक बेहद मजबूत करेंगे।1
- रीवा के सेमरिया से मनोरंजन के उद्देश्य से एक विशेष शायरी वीडियो साझा किया गया है। इस वीडियो पोस्ट के माध्यम से एक गहरी शायरी प्रस्तुत की गई है, जिसमें कहा गया है कि उम्र अभी बाकी है और अभी जीवन में कई हादसे होने शेष हैं। यह पूरी तरह से एक मनोरंजक शायरी वीडियो है।1
- सतना जिले के खुतहा रेलवे स्टेशन से निकलकर हिराउँदि जाने वाले मार्ग पर पड़ने वाला 'हांथी दरवाजा' रेलवे पुल राहगीरों के लिए दुर्घटना का घर बन चुका है। पूरी बरसात के दौरान इस सड़क पर करीब 4 फीट तक पानी भरा रहता है, जिससे यहाँ से आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। खुतहा रेलवे पुल सीधे तौर पर लोगों को मौत की दावत दे रहा है। दूसरी तरफ, धरकुंडि-जैतवार मार्ग पर नहर का काम कछुआ चाल से चलने के कारण पूरी सड़क तहस-नहस हो चुकी है। इस वजह से पूरी सड़क पर लगातार फिसलन बनी रहती है और लोग आए दिन दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। नहर के इस कछुआ चाल काम ने आने-जाने वाली सड़क को धान लगाने वाले खेत में तब्दील कर दिया है। क्षेत्र में ऐसा जंगल राज चल रहा है जिसमें सरकार पूरी तरह से गूंगी और बहरी बनी हुई है। यहाँ के स्थानीय नेता बाहरी हैं, जो आँखों पर काला चश्मा लगाकर निकल जाते हैं और मंच पर चढ़कर केवल लंबी-लंबी फेंकते रहते हैं।2
- जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के दौरान विभिन्न गतिविधियों और नारों के बीच भीड़ की कमी को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। इस आंदोलन के बहाने सोशल मीडिया और जमीनी हकीकत के अंतर पर गहरी चिंता जताई गई है। विशेष रूप से यह सवाल उठाया गया है कि जिन लोगों के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाखों और करोड़ों की संख्या में फॉलोअर्स हैं, वे असल में ऐसे महत्वपूर्ण आंदोलनों में जमीन पर कितने सक्रिय दिखाई देते हैं। यह पूरी चर्चा प्रकाश पाठक की व्यक्तिगत टिप्पणी और विश्लेषण पर आधारित है। उनका कहना है कि इस विमर्श का उद्देश्य किसी भी धर्म, समुदाय या व्यक्ति का अपमान करना बिल्कुल नहीं है, बल्कि सिर्फ सार्वजनिक मुद्दों पर एक खुली चर्चा को बढ़ावा देना है।1
- वोटबैंक की राजनीति के लिए कांग्रेस पर अदालतों का अपमान करने और तुष्टिकरण के लिए कातिलों को भी मासूम साबित करने में जुटने का सीधा आरोप लगा है। दिल्ली दंगों के दोषी ताहिर हुसैन के पक्ष में कांग्रेस नेताओं द्वारा की जा रही बयानबाजी को न सिर्फ न्यायपालिका का अपमान बताया गया है, बल्कि बिना सबूत के अदालतों पर सांप्रदायिक होने का आरोप लगाना कांग्रेस की पुरानी राजनीति करार दिया गया है। इस मामले में आम आदमी पार्टी पर भी हमला बोला गया है, जिसने ताहिर हुसैन को टिकट देकर अपना रुख दिखा दिया है। 'पाप-गठबंधन' करने वालों को साफ चेतावनी दी गई है कि देश की जनता वोटबैंक की राजनीति करने वालों के बजाय पूरी तरह से न्याय, कानून और संविधान के साथ खड़ी है।1
- मध्य प्रदेश में पूर्व विधायक कल्पना वर्मा ने राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के लिखित बयान और वीडियो में स्पष्ट विरोधाभास होने की बात कही है। कल्पना वर्मा का कहना है कि जनप्रतिनिधियों का मूल कर्तव्य समाज को जोड़ना और आपसी समरसता बनाए रखना होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि किसी बयान से जनभावनाएं आहत हुई हैं, तो लोकतांत्रिक मर्यादा के तहत स्पष्टीकरण देना या सार्वजनिक रूप से माफी मांगना ही जिम्मेदारीपूर्ण राजनीति है। उनका मानना है कि समाज को जोड़ना ही सच्ची सेवा है।1
- मध्य प्रदेश के मैहर में प्रभारी मंत्री राधा सिंह ने नगर पालिका अध्यक्ष गीता सोनी के पति संतोष सोनी को सार्वजनिक मंच से सीधे निशाने पर लिया है। पत्नी के नगर पालिका अध्यक्ष होने के बावजूद उनकी जगह खुद आगे-आगे रहने और उनके लिए आरक्षित जगहों पर खुद विराजमान होने को लेकर प्रभारी मंत्री ने उन पर तीखा तंज कसा है। कार्यक्रम के दौरान संतोष सोनी की ओर इशारा करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि सरकार तो महिलाओं को आगे लाना चाहती है, लेकिन पुरुष उन्हें फिर से पीछे धकेल देते हैं, जो कि पूरी तरह गड़बड़ है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए खुद का उदाहरण दिया और कहा कि अगर हम भी मंत्री बने हैं, तो क्या अपने पतिदेव को यहां प्रभार के जिले में यह कहकर भेज दें कि जाइए वहां के प्रभारी हम हैं लेकिन सब कुछ आप ही संभालिए। प्रभारी मंत्री ने संतोष सोनी को नसीहत देते हुए कहा कि वह अपनी पत्नी के साथ ऐसा बर्ताव न करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब सरकार ने महिलाओं को घर से बाहर निकाला है, तो उन्हें सम्मान के साथ बाहर आने देना चाहिए और काम करने का पूरा अवसर मिलना चाहिए।1
- केन बेतवा लिंक परियोजना को लेकर चल रहे आंदोलन का नेतृत्व अमित भटनागर कर रहे हैं।1