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राजस्थान की राजधानी जयपुर के चाकसू में हजारों महिलाओं की मेहनत की कमाई वापस दिलाने की मांग को लेकर पूर्व विधायक वेदप्रकाश सोलंकी अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। जयपुर के अंबेडकर सर्किल, चाकसू में चल रहे इस आंदोलन में बड़ी संख्या में पीड़ित परिवार और महिलाएं जुटी हुई हैं। आंदोलनकारियों का आरोप है कि लंबे समय से न्याय नहीं मिलने के कारण उन्हें सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, राजस्थानानी महिला सेवा सहकारी समिति में जमा उनकी जीवनभर की कमाई आज तक वापस नहीं मिली है। पूर्व विधायक वेदप्रकाश सोलंकी ने कहा कि जब तक सरकार पीड़ितों का पैसा लौटाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए ठोस कदम नहीं उठाती, तब तक उनका आमरण अनशन जारी रहेगा। इस मामले में कथित तौर पर 10 करोड़ रुपये के घोटाले का दावा किया जा रहा है, जिसकी अभी तक कोई स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और इस संबंध में सरकारी कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। महिलाओं की जमा पूंजी और न्याय की मांग को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब सामाजिक और राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि क्या सरकार पीड़ित परिवारों को राहत दिला पाएगी और क्या इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।

1 hr ago
user_Chief editor Rajasthan
Chief editor Rajasthan
Media company बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
1 hr ago

राजस्थान की राजधानी जयपुर के चाकसू में हजारों महिलाओं की मेहनत की कमाई वापस दिलाने की मांग को लेकर पूर्व विधायक वेदप्रकाश सोलंकी अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। जयपुर के अंबेडकर सर्किल, चाकसू में चल रहे इस आंदोलन में बड़ी संख्या में पीड़ित परिवार और महिलाएं जुटी हुई हैं। आंदोलनकारियों का आरोप है कि लंबे समय से न्याय नहीं मिलने के कारण उन्हें सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, राजस्थानानी महिला सेवा सहकारी समिति में जमा उनकी जीवनभर की कमाई आज तक वापस नहीं मिली है। पूर्व विधायक वेदप्रकाश सोलंकी ने कहा कि जब तक सरकार पीड़ितों का पैसा लौटाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए ठोस कदम नहीं उठाती, तब तक उनका आमरण अनशन जारी रहेगा। इस मामले में कथित तौर पर 10 करोड़ रुपये के घोटाले का दावा किया जा रहा है, जिसकी अभी तक कोई स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और इस संबंध में सरकारी कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। महिलाओं की जमा पूंजी और न्याय की मांग को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब सामाजिक और राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि क्या सरकार पीड़ित परिवारों को राहत दिला पाएगी और क्या इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।

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  • बांसवाड़ा में भक्ति और श्रद्धा के साथ भव्य रथ यात्रा निकाली गई। इस दौरान पूरा बांसवाड़ा 'जय जगन्नाथ' के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालु अत्यंत भक्ति और श्रद्धा के साथ इस भव्य रथ यात्रा में शामिल हुए।
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    बांसवाड़ा में भक्ति और श्रद्धा के साथ भव्य रथ यात्रा निकाली गई। इस दौरान पूरा बांसवाड़ा 'जय जगन्नाथ' के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालु अत्यंत भक्ति और श्रद्धा के साथ इस भव्य रथ यात्रा में शामिल हुए।
    user_Chief editor Rajasthan
    Chief editor Rajasthan
    Media company बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    59 min ago
  • डूंगरपुर के सीमलवाड़ा स्थित कार्यालय पर कलाल समाज के वटवृक्ष स्वर्गीय धनजी भाई कलाल के पौत्र एवं समाजसेवी कांतिलाल कलाल के पुत्र समाजसेवी सुनील कलाल का जन्मदिन गुरुवार को हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। अपनी सरलता, मिलनसार व्यक्तित्व और समाजहित के कार्यों के लिए युवाओं के बीच विशेष पहचान रखने वाले सुनील कलाल को जन्मदिन पर बधाई देने वालों का दिनभर सोशल मीडिया, रूबरू और फोन पर तांता लगा रहा। आमतौर पर सादगी से अपना जन्मदिन मनाने वाले सुनील कलाल का इस बार उनके समर्थकों, मित्रों और शुभचिंतकों ने विशेष अंदाज में जन्मोत्सव मनाया, जहां कार्यालय पर रंग-बिरंगे केक काटे गए और पुष्पमालाएं पहनाकर उनका आदर-सत्कार किया गया। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने सुनील कलाल के हमेशा सामाजिक सरोकारों से जुड़े रहने, जरूरतमंदों की सहायता के लिए तत्पर रहने और उनके विनम्र स्वभाव की सराहना की। इस भव्य जन्मदिन समारोह में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के जिला अध्यक्ष रूपचंद भागोरा, डॉ. गौरव, रघुराज सिंह सोलंकी, विभीषण भगोरा, मुकेश पंड्या, यूसुफ दलाल, पिंटू कलाल, जीशान फुमती, उस्मान फुमती, जिगर कलाल, अरुण कलाल, हितेश दर्जी, रोहित कलाल, विनोद सिंह, ललित दर्जी, कमलेश सुथार और रमाकांत पडियार सहित अनेक जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, ग्रामीण एवं युवा उपस्थित रहे। सभी ने सुनील कलाल को शुभकामनाएं देते हुए उनके दीर्घायु, स्वस्थ, सुखद और सफल जीवन की कामना की।
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    डूंगरपुर के सीमलवाड़ा स्थित कार्यालय पर कलाल समाज के वटवृक्ष स्वर्गीय धनजी भाई कलाल के पौत्र एवं समाजसेवी कांतिलाल कलाल के पुत्र समाजसेवी सुनील कलाल का जन्मदिन गुरुवार को हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। अपनी सरलता, मिलनसार व्यक्तित्व और समाजहित के कार्यों के लिए युवाओं के बीच विशेष पहचान रखने वाले सुनील कलाल को जन्मदिन पर बधाई देने वालों का दिनभर सोशल मीडिया, रूबरू और फोन पर तांता लगा रहा। आमतौर पर सादगी से अपना जन्मदिन मनाने वाले सुनील कलाल का इस बार उनके समर्थकों, मित्रों और शुभचिंतकों ने विशेष अंदाज में जन्मोत्सव मनाया, जहां कार्यालय पर रंग-बिरंगे केक काटे गए और पुष्पमालाएं पहनाकर उनका आदर-सत्कार किया गया।

इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने सुनील कलाल के हमेशा सामाजिक सरोकारों से जुड़े रहने, जरूरतमंदों की सहायता के लिए तत्पर रहने और उनके विनम्र स्वभाव की सराहना की। इस भव्य जन्मदिन समारोह में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के जिला अध्यक्ष रूपचंद भागोरा, डॉ. गौरव, रघुराज सिंह सोलंकी, विभीषण भगोरा, मुकेश पंड्या, यूसुफ दलाल, पिंटू कलाल, जीशान फुमती, उस्मान फुमती, जिगर कलाल, अरुण कलाल, हितेश दर्जी, रोहित कलाल, विनोद सिंह, ललित दर्जी, कमलेश सुथार और रमाकांत पडियार सहित अनेक जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, ग्रामीण एवं युवा उपस्थित रहे। सभी ने सुनील कलाल को शुभकामनाएं देते हुए उनके दीर्घायु, स्वस्थ, सुखद और सफल जीवन की कामना की।
    user_मुकेश कुमार आर. पंड्या
    मुकेश कुमार आर. पंड्या
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    9 min ago
  • डूंगरपुर बांसवाड़ा सांसद ने स्विजरलैंड के जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के मंच से भारत सहित विश्व के आदिवासी समुदायों की आवाज बुलंद की है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से आग्रह किया कि आदिवासी प्रतिनिधियों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित की जाए, उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से सुना जाए और संबंधित सरकारों के साथ सार्थक संवाद के माध्यम से उनका समाधान किया जाए। सांसद ने भारत सरकार से भी विशेष मांगें की हैं। उन्होंने सरकार से ILO Convention No. 169 पर हस्ताक्षर करने का आग्रह किया है, ताकि आदिवासी समाज के जल, जंगल, जमीन और पारंपरिक अधिकारों को उचित संरक्षण मिल सके। इसके साथ ही, उन्होंने आदिवासी समाज की पुरखाई धार्मिक परंपरा को संरक्षित करने के लिए भारत सरकार से उसे संवैधानिक मान्यता देने की मांग की है, जिससे उनकी सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान सुरक्षित रह सके। आदिवासी समाज के अधिकार, सम्मान और पहचान की यह लड़ाई हर मंच पर मजबूती से जारी रहेगी।
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    डूंगरपुर बांसवाड़ा सांसद ने स्विजरलैंड के जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के मंच से भारत सहित विश्व के आदिवासी समुदायों की आवाज बुलंद की है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से आग्रह किया कि आदिवासी प्रतिनिधियों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित की जाए, उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से सुना जाए और संबंधित सरकारों के साथ सार्थक संवाद के माध्यम से उनका समाधान किया जाए।

सांसद ने भारत सरकार से भी विशेष मांगें की हैं। उन्होंने सरकार से ILO Convention No. 169 पर हस्ताक्षर करने का आग्रह किया है, ताकि आदिवासी समाज के जल, जंगल, जमीन और पारंपरिक अधिकारों को उचित संरक्षण मिल सके। इसके साथ ही, उन्होंने आदिवासी समाज की पुरखाई धार्मिक परंपरा को संरक्षित करने के लिए भारत सरकार से उसे संवैधानिक मान्यता देने की मांग की है, जिससे उनकी सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान सुरक्षित रह सके। आदिवासी समाज के अधिकार, सम्मान और पहचान की यह लड़ाई हर मंच पर मजबूती से जारी रहेगी।
    user_Mohan khant 84
    Mohan khant 84
    Farmer सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    16 hrs ago
  • राजस्थान के आसपुर विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी का कार्यालय खुलने से कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई है। इस कार्यालय का उद्घाटन पूर्व विधायक महोदय गोपीचंद जी मीणा ने छोटी बच्चियों के साथ मिलकर करवाया। इस गरिमामयी अवसर पर क्षेत्र के कई प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिले के महामंत्री सुरमल जी परमार, पूर्व महामंत्री शांतिलाल जी पांडे, जिला उपाध्यक्ष सुरेश जी और सभापति महोदय अमित जी कलासुआ मुख्य रूप से मौजूद रहे। इनके साथ ही आसपुर के नेताजी जोरावर सिंह जी राय, सभी मंडलों के मंडल अध्यक्ष, मंडलों के महामंत्री और पार्टी के समस्त कार्यकर्ता भी इस उद्घाटन समारोह का हिस्सा बने।
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    राजस्थान के आसपुर विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी का कार्यालय खुलने से कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई है। इस कार्यालय का उद्घाटन पूर्व विधायक महोदय गोपीचंद जी मीणा ने छोटी बच्चियों के साथ मिलकर करवाया।

इस गरिमामयी अवसर पर क्षेत्र के कई प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिले के महामंत्री सुरमल जी परमार, पूर्व महामंत्री शांतिलाल जी पांडे, जिला उपाध्यक्ष सुरेश जी और सभापति महोदय अमित जी कलासुआ मुख्य रूप से मौजूद रहे। इनके साथ ही आसपुर के नेताजी जोरावर सिंह जी राय, सभी मंडलों के मंडल अध्यक्ष, मंडलों के महामंत्री और पार्टी के समस्त कार्यकर्ता भी इस उद्घाटन समारोह का हिस्सा बने।
    user_Yashwant Joshi
    Yashwant Joshi
    डौडा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • aadivasi news ........................................
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    aadivasi news ........................................
    user_Suraj. sadana. toda
    Suraj. sadana. toda
    Farmer सलूंबर, उदयपुर, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के दतिया में चुनाव प्रचार के दौरान नरोत्तम मिश्रा ने एसपी को संबोधित करते हुए कहा है कि "एसपी साहब मैं भूलने वाला प्राणी नहीं..."।
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    मध्य प्रदेश के दतिया में चुनाव प्रचार के दौरान नरोत्तम मिश्रा ने एसपी को संबोधित करते हुए कहा है कि "एसपी साहब मैं भूलने वाला प्राणी नहीं..."।
    user_Mangal Dev Rathore
    Mangal Dev Rathore
    मंदसौर नगर, मंदसौर, मध्य प्रदेश•
    8 min ago
  • डूंगरपुर जिले के वरदा थाना क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय मारगिया महूड़ा में स्कूल के ऑफिस की छत का प्लास्टर अचानक गिरने से दो शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए। गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे जब शिक्षिका शिल्पा कुमारी रोत और शिक्षक राजकुमार बुनकर कार्यालय में बैठकर शैक्षणिक व प्रशासनिक कार्य कर रहे थे, तभी अचानक छत का प्लास्टर टूटकर उनके ऊपर आ गिरा। इस हादसे में शिक्षिका शिल्पा कुमारी के पैर और कंधे पर गंभीर चोटें आईं, जबकि शिक्षक राजकुमार बुनकर के सिर और गर्दन पर गंभीर चोट लगने से दोनों लहूलुहान हो गए। घटना के बाद विद्यालय में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद कुक कम हेल्पर कमला रोत, पड़ोसी लता रोत और महिपाल रोत ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत मलबा हटाया और दोनों घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय आंतरी के पीईईओ प्रभारी सुमेर सिंह राठौड़ और प्रवेश जैन को घटना की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही दोनों अधिकारी मौके पर पहुंचे और घायल शिक्षकों को तत्काल आंतरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें डूंगरपुर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, जहां उनका इलाज चल रहा है। इस सरकारी स्कूल में कुल दो ही कमरे हैं, जिसमें से एक कमरे में ऑफिस संचालित हो रहा है। वहीं, स्कूल का दूसरा कमरा पहले से ही जर्जर अवस्था में है, जिसके कारण बच्चों को बरामदे में बैठाकर पढ़ाई करवाई जाती है।
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    डूंगरपुर जिले के वरदा थाना क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय मारगिया महूड़ा में स्कूल के ऑफिस की छत का प्लास्टर अचानक गिरने से दो शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए। गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे जब शिक्षिका शिल्पा कुमारी रोत और शिक्षक राजकुमार बुनकर कार्यालय में बैठकर शैक्षणिक व प्रशासनिक कार्य कर रहे थे, तभी अचानक छत का प्लास्टर टूटकर उनके ऊपर आ गिरा। इस हादसे में शिक्षिका शिल्पा कुमारी के पैर और कंधे पर गंभीर चोटें आईं, जबकि शिक्षक राजकुमार बुनकर के सिर और गर्दन पर गंभीर चोट लगने से दोनों लहूलुहान हो गए।

घटना के बाद विद्यालय में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद कुक कम हेल्पर कमला रोत, पड़ोसी लता रोत और महिपाल रोत ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत मलबा हटाया और दोनों घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय आंतरी के पीईईओ प्रभारी सुमेर सिंह राठौड़ और प्रवेश जैन को घटना की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही दोनों अधिकारी मौके पर पहुंचे और घायल शिक्षकों को तत्काल आंतरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें डूंगरपुर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

इस सरकारी स्कूल में कुल दो ही कमरे हैं, जिसमें से एक कमरे में ऑफिस संचालित हो रहा है। वहीं, स्कूल का दूसरा कमरा पहले से ही जर्जर अवस्था में है, जिसके कारण बच्चों को बरामदे में बैठाकर पढ़ाई करवाई जाती है।
    user_Naresh Bhoi
    Naresh Bhoi
    पत्रकार डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • संयुक्त राष्ट्र (UN) जिनेवा के मंच पर भारत के आदिवासी समाज के अधिकारों और पहचान की गूंज सुनाई दी है। मूकनायक न्यूज़ के रामलाल यादव के अनुसार, बांसवाड़ा-डूंगरपुर के सांसद राजकुमार रोत ने अंतरराष्ट्रीय मंच से आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन और पहचान की मांगों को पुरजोर तरीके से उठाया। सांसद ने संयुक्त राष्ट्र से मांग की है कि दुनिया भर के आदिवासी प्रतिनिधियों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित की जाए, उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और संबंधित सरकारों के साथ सार्थक संवाद स्थापित कर उनका समाधान निकाला जाए। सांसद राजकुमार रोत ने विशेष रूप से भारत सरकार से आईएलओ कन्वेंशन संख्या 169 (ILO Convention No. 169) पर हस्ताक्षर करने का आग्रह किया है। उनका मानना है कि इससे आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन, प्राकृतिक संसाधनों और पारंपरिक अधिकारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत संरक्षण मिलेगा। इसके अलावा, उन्होंने आदिवासी समाज की पुरखाई धार्मिक परंपरा को संवैधानिक मान्यता देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई, जिससे उनकी सांस्कृतिक व धार्मिक पहचान सुरक्षित रह सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह लड़ाई केवल एक समुदाय की नहीं, बल्कि दुनिया के तमाम मूल निवासियों के अस्तित्व और सम्मान की है। जिनेवा से उठी यह आवाज अब देश में एक बड़ी बहस का रूप ले चुकी है। अब सबसे बड़े सवाल यह उठ रहे हैं कि क्या भारत सरकार आईएलओ कन्वेंशन 169 पर हस्ताक्षर करेगी और क्या आदिवासियों की पारंपरिक धार्मिक पहचान को संवैधानिक मान्यता मिल पाएगी।
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    संयुक्त राष्ट्र (UN) जिनेवा के मंच पर भारत के आदिवासी समाज के अधिकारों और पहचान की गूंज सुनाई दी है। मूकनायक न्यूज़ के रामलाल यादव के अनुसार, बांसवाड़ा-डूंगरपुर के सांसद राजकुमार रोत ने अंतरराष्ट्रीय मंच से आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन और पहचान की मांगों को पुरजोर तरीके से उठाया। सांसद ने संयुक्त राष्ट्र से मांग की है कि दुनिया भर के आदिवासी प्रतिनिधियों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित की जाए, उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और संबंधित सरकारों के साथ सार्थक संवाद स्थापित कर उनका समाधान निकाला जाए।

सांसद राजकुमार रोत ने विशेष रूप से भारत सरकार से आईएलओ कन्वेंशन संख्या 169 (ILO Convention No. 169) पर हस्ताक्षर करने का आग्रह किया है। उनका मानना है कि इससे आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन, प्राकृतिक संसाधनों और पारंपरिक अधिकारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत संरक्षण मिलेगा। इसके अलावा, उन्होंने आदिवासी समाज की पुरखाई धार्मिक परंपरा को संवैधानिक मान्यता देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई, जिससे उनकी सांस्कृतिक व धार्मिक पहचान सुरक्षित रह सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह लड़ाई केवल एक समुदाय की नहीं, बल्कि दुनिया के तमाम मूल निवासियों के अस्तित्व और सम्मान की है।

जिनेवा से उठी यह आवाज अब देश में एक बड़ी बहस का रूप ले चुकी है। अब सबसे बड़े सवाल यह उठ रहे हैं कि क्या भारत सरकार आईएलओ कन्वेंशन 169 पर हस्ताक्षर करेगी और क्या आदिवासियों की पारंपरिक धार्मिक पहचान को संवैधानिक मान्यता मिल पाएगी।
    user_Chief editor Rajasthan
    Chief editor Rajasthan
    Media company बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    1 hr ago
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