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वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल *एसडीएम और कोतवाली में शिकायत करने के बाद भी झंडी पुलिस ने करा दिया कब्जा* *पीड़िता ने कहा इंतखाब पर दर्ज भूमि पर अवैध कब्जा करने वाले लोगों को संरक्षण देकर कराया कब्जा* निघासन खीरी कोतवाली क्षेत्र के मूड़ा बुजुर्ग की एक महिला की पुस्तैनी जमीन पर कुछ दबंगों ने छप्पर डालकर कब्जा कर लिया।आरोप है कि झंडी चौकी में बिठाए रखा उधर पुलिस की मिलीभगत से दबंगों ने इंतखाब में दर्ज भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया है।पीड़िता थाने से लेकर एसडीएम कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर।
Sanjay Kumar
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल *एसडीएम और कोतवाली में शिकायत करने के बाद भी झंडी पुलिस ने करा दिया कब्जा* *पीड़िता ने कहा इंतखाब पर दर्ज भूमि पर अवैध कब्जा करने वाले लोगों को संरक्षण देकर कराया कब्जा* निघासन खीरी कोतवाली क्षेत्र के मूड़ा बुजुर्ग की एक महिला की पुस्तैनी जमीन पर कुछ दबंगों ने छप्पर डालकर कब्जा कर लिया।आरोप है कि झंडी चौकी में बिठाए रखा उधर पुलिस की मिलीभगत से दबंगों ने इंतखाब में दर्ज भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया है।पीड़िता थाने से लेकर एसडीएम कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर।
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- Post by Sanjay Kumar1
- महा-खुलासा नगर मोहम्मदी तहसील क्षेत्र अंतर्गत: 'सफ़ेदपोश' यमराजों का नंगा नाच, गोमती की कोख और शारदा की पटरियों पर 'पीले पंजे' का खूनी प्रहार! नेशनल न्यूज़ ब्यूरो: संजय कुमार राठौर लोकेशन: मोहम्मदी, लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश) लखीमपुर खीरी/मोहम्मदी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले की मोहम्मदी तहसील इस वक्त भ्रष्टाचार के उस 'ज्वालामुखी' पर बैठी है, जो किसी भी दिन पूरे सिस्टम को स्वाहा कर सकता है। यहाँ 'सत्ता की हनक' और 'नोटों की चमक' ने कानून के इकबाल को बंधक बना लिया है। योगी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति का जनाजा निकालते हुए खनन माफियाओं ने आदि गंगा गोमती और शारदा नहर को अपनी जागीर समझ लिया है। यह केवल अवैध खनन नहीं है, बल्कि यह सट्टे की धमक और प्रशासनिक सरपरस्ती में चल रहा वो 'खूनी खेल' है, जिसमें आम आदमी की जान की कीमत कौड़ियों के भाव आंकी जा रही है। 1. नोटों की चमक ने किया 'खाकी' को अंधा! मोहम्मदी में बालू और मिट्टी का अवैध कारोबार किसी लुका-छिपी का खेल नहीं, बल्कि डंके की चोट पर होने वाली डकैती है। सूत्रों की मानें तो खनन माफियाओं ने स्थानीय प्रशासन की रग-रग में 'नोटों की चमक' भर दी है। * वसूली का 'कोड वर्ड': हर ट्रैक्टर-ट्राली और डंपर का एक 'कोड' तय है। जिसकी जेब में माफिया का सिक्का है, उसके लिए लाल बत्ती भी हरी हो जाती है। * राजस्व की सरेआम लूट: सरकारी खजाने में जाने वाली रॉयल्टी अब माफियाओं के आलीशान बंगलों और ऐशो-आराम पर खर्च हो रही है। 2. सत्ता की हनक: जब 'झंडा' बनता है गुंडागर्दी का लाइसेंस मोहम्मदी-गोला मार्ग और शाहजहांपुर रोड पर दौड़ रहे ओवरलोड डंपरों पर लगे 'विशेष दलों' के झंडे और रसूखदारों के नाम यह बताने के लिए काफी हैं कि माफियाओं को 'सत्ता की हनक' का पूरा कवच प्राप्त है। * पुलिस की मजबूरी या मिलीभगत?: मोहम्मदी कोतवाली पुलिस ने कुछ ट्रालियां पकड़कर हेडलाइन बटोरने की कोशिश तो की, लेकिन उन 'बड़े मगरमच्छों' पर हाथ डालने की हिम्मत आज तक नहीं जुटा पाई जो इस पूरे सिंडिकेट के आका हैं। 3. 'यमराज' बनकर दौड़ रहे ओवरहाइट डंपर: राहगीरों की आंखों में 'मौत का गुबार' सबसे खौफनाक मंजर मोहम्मदी की सड़कों पर देखने को मिलता है। माफियाओं की भूख का आलम यह है कि ट्रालियों को आवर हाइट (Over-height) यानी क्षमता से तीन गुना ऊपर तक भर दिया जाता है। * अंधा कर रही धूल: बिना तिरपाल के दौड़ रहे इन वाहनों से उड़ने वाली बालू और मिट्टी राहगीरों के लिए 'मौत का जाल' बन चुकी है। * पलक झपकते ही हादसा: तेज हवाओं के चलते मोटरसाइकिल सवारों की आंखों में जैसे ही यह मिट्टी गिरती है, वे अपना संतुलन खो देते हैं। मोहम्मदी की सड़कें अब सुरक्षित सफर के लिए नहीं, बल्कि माफियाओं की तिजोरियां भरने के लिए 'लाशों की मंडी' बनने की कगार पर हैं। 4. सट्टे की धमक: अपराध का नया पावर हाउस खबर के पीछे की कड़वी सच्चाई यह भी है कि खनन की काली कमाई का बड़ा हिस्सा मोहम्मदी के सट्टा बाजार में खपाया जा रहा है। * काले धन का चक्रव्यूह: अवैध खनन से मिलने वाले नोटों की गड्डियां रात के अंधेरे में सट्टे और जुए के अड्डों पर दांव पर लगाई जाती हैं। इसी 'सट्टे की धमक' ने क्षेत्र के युवाओं को अपराध की अंधी खाई में ढकेल दिया है। माफिया अब सिर्फ जमीन नहीं, बल्कि समाज की नींव भी खोद रहे हैं। 5. विनाश के मुहाने पर कुदरत: गोमती और शारदा की चीख माफियाओं ने अपनी हवस में आदि गंगा गोमती नदी का सीना छलनी कर दिया है। जेसीबी मशीनों से नदी की गहराई तक की जा रही खुदाई ने जलस्तर को पाताल में भेज दिया है। वहीं, शारदा नहर की पटरियों को इस कदर खोखला कर दिया गया है कि मानसून की एक बारिश पूरे मोहम्मदी को जलमग्न कर सकती है। निष्कर्ष: क्या 'महाराज' का बुलडोजर अब भी खामोश रहेगा? लखीमपुर खीरी का यह 'खनन कांड' अब राष्ट्रीय सुर्खी बन चुका है। संजय कुमार राठौर की यह रिपोर्ट सीधे तौर पर शासन और प्रशासन को खुली चुनौती है। * क्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 'हंटर' इन रसूखदार माफियाओं पर चलेगा? * क्या 'सत्ता की हनक' दिखाने वाले सफेदपोशों के चेहरों से नकाब उतरेगा? * क्या मोहम्मदी की जनता को धूल और मौत से आजादी मिलेगी? प्रशासन को चेतावनी: अगर इन 'सफेदपोश यमराजों' पर तत्काल गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं हुई, तो मोहम्मदी की जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी। अब फैसला 'लखनऊ' को करना है— न्याय होगा या माफिया का राज रहेगा?1
- यूपी – नेहा सिंह राठौर लखनऊ के थाना हजरतगंज पहुंची हैं। सुप्रीम कोर्ट से उन्हें अंतरिम बेल मिली थी। उसी मामले में बेल बॉन्ड भरने आई हैं। पहलगाम हमले में PM नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी को लेकर नेहा पर FIR हुई थी।*1
- Post by यूपी समाचार1
- राष्ट्र रक्षक, धर्म रक्षक, अवध सम्राट 52 किले के मालिक गांजर युद्ध विजेता उन्नाव नरेश महाराजा सातन पासी जी की जयंती पर लाखन आर्मी राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री सूरज पासी जी किले पर पहुंचकर उन्हें नमन किया! किले पर उपस्थित भव्य जनसभा को संबोधित करते हुए किले पर महाराजा सातन पासी जी की भव्य प्रतिमा एवं किले को संरक्षित व माता सुचैना देवी मंदिर का भी सौंदरीकरण हो: माननीय श्री सूरज पासी राष्ट्रीय अध्यक्ष लाखन आर्मी #highlight #pasi #UttarPradesh #Unnao #performance3
- हजारा,पीलीभीत।थाना हजारा क्षेत्र में बुधवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब नशे की हालत में एक ग्रामीण शारदा नदी में गिरकर डूबने लगा। मौके पर तैनात मुंशी और उनके सहयोगी की तत्परता से युवक की जान बच गई। घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता की जमकर सराहना हो रही है।जानकारी के अनुसार, गांव शास्त्री नगर निवासी बिल्लू उर्फ बलविंदर सिंह बुधवार रात करीब 11 बजे धनाराघाट पहुंचे थे।जानकारी के मुताबिक, वह नशे में थे और इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से अचानक शारदा नदी में जा गिरे। तेज बहाव के चलते वह कुछ ही पलों में डूबने लगे और मदद के लिए चीखने लगे।घटना की सूचना मिलते ही पेंटून पुल पर तैनात मुंशी बबलू माझी और उनके सहयोगी तुरंत हरकत में आए। बिना समय गंवाए दोनों नदी किनारे पहुंचे और जोखिम उठाते हुए पानी में उतर गए। कड़ी मशक्कत और साहस का परिचय देते हुए उन्होंने डूब रहे युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।इस दौरान आसपास के लोग भी मौके पर इकट्ठा हो गए और बचाव कार्य में सहयोग किया। सूचना मिलते ही युवक के परिजन भी धनाराघाट पहुंच गए, जहां उन्होंने पुलिस टीम का आभार जताया। प्राथमिक उपचार के बाद युवक की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मुंशी बबलू माझी पहले भी कई बार अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की मदद कर चुके हैं। उनकी तत्परता और बहादुरी के चलते एक और परिवार उजड़ने से बच गया। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि समय पर की गई कार्रवाई और सतर्कता से बड़ी से बड़ी दुर्घटना को टाला जा सकता है। वहीं, पुलिस प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि नशे की हालत में नदी या खतरनाक स्थानों के पास जाने से बचें, ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।1
- Post by Sanjay Kumar2
- *लखीमपुर खीरी: शौचालय के नाम पर 'सफाई' करने आए थे ठग, लुधौरी के ग्रामीणों ने बीच सड़क पर कर दिया 'सिस्टम' हैंग!* निघासन (लखीमपुर खीरी): कहते हैं कि 'बकरे की अम्मा कब तक खैर मनाएगी', और निघासन के लुधौरी इलाके में यही सच साबित हुआ। सरकारी योजना का चोला ओढ़कर मासूम ग्रामीणों की जेब पर डाका डालने वाले शातिर ठगों का 'खेला' उस वक्त फेल हो गया, जब ग्रामीणों ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। *लेडी डॉन के साथ आए थे ठगी का 'टेंडर' लेकर!* हैरानी की बात यह है कि इस ठगी के सिंडिकेट में एक महिला भी 'फुल फॉर्म' में शामिल थी। खुद को सरकारी नुमाइंदा बताकर ये तिकड़ी शौचालय दिलाने का झांसा दे रही थी और धड़ल्ले से वसूली कर रही थी। लेकिन ग्रामीणों को दाल में कुछ काला लगा और फिर क्या था... देखते ही देखते पूरे गांव में हड़कंप मच गया और ठगों की घेराबंदी शुरू हो गई। *वीडियो हुआ वायरल, गिड़गिड़ाने लगे ठग!* जैसे ही ग्रामीणों ने इन्हें घेरा, ठगों की सारी हेकड़ी हवा हो गई। ग्रामीणों का रौद्र रूप देख तीनों के चेहरे की हवाइयां उड़ने लगीं। पकड़े जाने के डर से ठगों ने तुरंत 'यू-टर्न' लिया और वसूली गई पाई-पाई मौके पर ही वापस कर दी। इस पूरे हाई-वोल्टेज ड्रामे का वीडियो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। *पैसा लौटाया और फिल्मी स्टाइल में हुए 'नौ दो ग्यारह'* पैसे वापस करने के बाद, जैसे ही ग्रामीणों का ध्यान थोड़ा भटका, ये तीनों शातिर मौका ताड़कर वहां से रफूचक्कर होने में कामयाब रहे। ग्रामीणों के मुताबिक, पकड़े गए लोगों में से महिला और एक पुरुष पास के ही ग्राम बौधिया खुर्द मजरा खैरहना गांव के 'लाल' बताए जा रहे हैं, जबकि तीसरे साथी की पहचान अभी भी एक रहस्य बनी हुई है। *अब पुलिस खंगालेगी इनकी 'कुंडली*' भले ही ये ठग मौके से भाग निकले हों, लेकिन ग्रामीणों ने इनकी पूर 'कुंडली' पुलिस और उच्च अधिकारियों की चौखट तक पहुंचा दी है। अब देखना यह है कि खाकी इन 'शौचालय ठगों' को कब तक सलाखों के पीछे पहुंचाती है ताकि भविष्य में कोई और 'चूना' न लगा सके। *इस ठगों के खिलाफ एप्लिकेशन BDO और निघासन पुलिस को भी दी गई थी लेकिन ठगों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई*1
- Post by यूपी समाचार1