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#गंगा में #अवैध_खनन NGT के आदेशों की खुलेआम अवहेलना #आजाद_अधिकार_सेना ने की #सख्त_कार्रवाई की #मांग प्रेस नोट आजाद अधिकार सेना दिनांक: 04 अप्रैल 2026 स्थान: बुलंदशहर (उ.प्र.) बुलंदशहर में गंगा में अवैध खनन का खेल, एनजीटी के आदेशों की खुलेआम अवहेलना -आजाद अधिकार सेना ने की सख्त कार्रवाई की मांग बुलंदशहर जनपद के थाना रामघाट क्षेत्र स्थित गंगा नदी में खनन माफिया के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। प्राप्त जानकारी एवं सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के अनुसार, रामघाट गंगा के बीचों-बीच पोकलेन मशीन चलाकर अवैध रूप से रास्ता बनाया जा रहा है तथा गंगा की जलधारा को मोड़ने का गंभीर प्रयास किया जा रहा है। यह घटना न केवल पर्यावरण के लिए अत्यंत घातक है, बल्कि धार्मिक आस्था के साथ भी खुला खिलवाड़ है। सबसे गंभीर तथ्य यह है कि इस पूरे प्रकरण में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के स्पष्ट निर्देशों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है, इसके बावजूद संबंधित खनन विभाग एवं प्रशासन द्वारा अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। इस संबंध में आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री देवेन्द्र सिंह राणा ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही इस अवैध गतिविधि पर रोक नहीं लगाई गई, तो संगठन इस मुद्दे को लेकर व्यापक जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने अवगत कराया कि इस गंभीर प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए उनके द्वारा मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश, पुलिस महानिदेशक (DGP) उत्तर प्रदेश, जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बुलंदशहर सहित अन्य सभी संबंधित उच्च अधिकारियों को शिकायती पत्र प्रेषित कर दिया गया है। आजाद अधिकार सेना की मांग है कि: पूरे मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए अवैध खनन में संलिप्त माफिया एवं जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए गंगा नदी में चल रहे सभी अवैध कार्यों को तत्काल प्रभाव से रोका जाए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की जाए आजाद अधिकार सेना ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन जनहित में व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। संपर्क: देवेन्द्र सिंह राणा राष्ट्रीय संगठन मंत्री, आजाद अधिकार सेना मो. 9759632359

2 hrs ago
user_News 22 India
News 22 India
TV News Anchor करावल नगर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
2 hrs ago

#गंगा में #अवैध_खनन NGT के आदेशों की खुलेआम अवहेलना #आजाद_अधिकार_सेना ने की #सख्त_कार्रवाई की #मांग प्रेस नोट आजाद अधिकार सेना दिनांक: 04 अप्रैल 2026 स्थान: बुलंदशहर (उ.प्र.) बुलंदशहर में गंगा में अवैध खनन का खेल, एनजीटी के आदेशों की खुलेआम अवहेलना -आजाद अधिकार सेना ने की सख्त कार्रवाई की मांग बुलंदशहर जनपद के थाना रामघाट क्षेत्र स्थित गंगा नदी में खनन माफिया के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। प्राप्त जानकारी एवं सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के अनुसार, रामघाट गंगा के बीचों-बीच पोकलेन मशीन चलाकर अवैध रूप से रास्ता बनाया जा रहा है तथा गंगा की जलधारा को मोड़ने का गंभीर प्रयास किया जा रहा है। यह घटना न केवल पर्यावरण के लिए अत्यंत घातक है, बल्कि धार्मिक आस्था के साथ भी खुला खिलवाड़ है। सबसे गंभीर तथ्य यह है कि इस पूरे प्रकरण में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के स्पष्ट निर्देशों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है, इसके बावजूद संबंधित खनन विभाग एवं प्रशासन द्वारा अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। इस संबंध में आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री देवेन्द्र सिंह राणा ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही इस अवैध गतिविधि पर रोक नहीं लगाई गई, तो संगठन इस मुद्दे को लेकर व्यापक जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने अवगत कराया कि इस गंभीर प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए उनके द्वारा मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश, पुलिस महानिदेशक (DGP) उत्तर प्रदेश, जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बुलंदशहर सहित अन्य सभी संबंधित उच्च अधिकारियों को शिकायती पत्र प्रेषित कर दिया गया है। आजाद अधिकार सेना की मांग है कि: पूरे मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए अवैध खनन में संलिप्त माफिया एवं जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए गंगा नदी में चल रहे सभी अवैध कार्यों को तत्काल प्रभाव से रोका जाए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की जाए आजाद अधिकार सेना ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन जनहित में व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। संपर्क: देवेन्द्र सिंह राणा राष्ट्रीय संगठन मंत्री, आजाद अधिकार सेना मो. 9759632359

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  • नरेंद्र मोदी जी 😁😄👈
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    नरेंद्र मोदी जी 😁😄👈
    user_Shivkumar kushwaha
    Shivkumar kushwaha
    Gandhi Nagar, East Delhi•
    40 min ago
  • प्रेस नोट आजाद अधिकार सेना दिनांक: 04 अप्रैल 2026 स्थान: बुलंदशहर (उ.प्र.) बुलंदशहर में गंगा में अवैध खनन का खेल, एनजीटी के आदेशों की खुलेआम अवहेलना -आजाद अधिकार सेना ने की सख्त कार्रवाई की मांग बुलंदशहर जनपद के थाना रामघाट क्षेत्र स्थित गंगा नदी में खनन माफिया के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। प्राप्त जानकारी एवं सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के अनुसार, रामघाट गंगा के बीचों-बीच पोकलेन मशीन चलाकर अवैध रूप से रास्ता बनाया जा रहा है तथा गंगा की जलधारा को मोड़ने का गंभीर प्रयास किया जा रहा है। यह घटना न केवल पर्यावरण के लिए अत्यंत घातक है, बल्कि धार्मिक आस्था के साथ भी खुला खिलवाड़ है। सबसे गंभीर तथ्य यह है कि इस पूरे प्रकरण में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के स्पष्ट निर्देशों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है, इसके बावजूद संबंधित खनन विभाग एवं प्रशासन द्वारा अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। इस संबंध में आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री देवेन्द्र सिंह राणा ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही इस अवैध गतिविधि पर रोक नहीं लगाई गई, तो संगठन इस मुद्दे को लेकर व्यापक जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने अवगत कराया कि इस गंभीर प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए उनके द्वारा मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश, पुलिस महानिदेशक (DGP) उत्तर प्रदेश, जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बुलंदशहर सहित अन्य सभी संबंधित उच्च अधिकारियों को शिकायती पत्र प्रेषित कर दिया गया है। आजाद अधिकार सेना की मांग है कि: पूरे मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए अवैध खनन में संलिप्त माफिया एवं जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए गंगा नदी में चल रहे सभी अवैध कार्यों को तत्काल प्रभाव से रोका जाए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की जाए आजाद अधिकार सेना ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन जनहित में व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। संपर्क: देवेन्द्र सिंह राणा राष्ट्रीय संगठन मंत्री, आजाद अधिकार सेना मो. 9759632359
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    प्रेस नोट
आजाद अधिकार सेना
दिनांक: 04 अप्रैल 2026
स्थान: बुलंदशहर (उ.प्र.)
बुलंदशहर में गंगा में अवैध खनन का खेल, एनजीटी के आदेशों की खुलेआम अवहेलना -आजाद अधिकार सेना ने की सख्त कार्रवाई की मांग
बुलंदशहर जनपद के थाना रामघाट क्षेत्र स्थित गंगा नदी में खनन माफिया के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। प्राप्त जानकारी एवं सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के अनुसार, रामघाट गंगा के बीचों-बीच पोकलेन मशीन चलाकर अवैध रूप से रास्ता बनाया जा रहा है तथा गंगा की जलधारा को मोड़ने का गंभीर प्रयास किया जा रहा है।
यह घटना न केवल पर्यावरण के लिए अत्यंत घातक है, बल्कि धार्मिक आस्था के साथ भी खुला खिलवाड़ है। सबसे गंभीर तथ्य यह है कि इस पूरे प्रकरण में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के स्पष्ट निर्देशों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है, इसके बावजूद संबंधित खनन विभाग एवं प्रशासन द्वारा अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।
इस संबंध में आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री देवेन्द्र सिंह राणा ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही इस अवैध गतिविधि पर रोक नहीं लगाई गई, तो संगठन इस मुद्दे को लेकर व्यापक जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
उन्होंने अवगत कराया कि इस गंभीर प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए उनके द्वारा मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश, पुलिस महानिदेशक (DGP) उत्तर प्रदेश, जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बुलंदशहर सहित अन्य सभी संबंधित उच्च अधिकारियों को शिकायती पत्र प्रेषित कर दिया गया है।
आजाद अधिकार सेना की मांग है कि:
पूरे मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए
अवैध खनन में संलिप्त माफिया एवं जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए
गंगा नदी में चल रहे सभी अवैध कार्यों को तत्काल प्रभाव से रोका जाए
भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की जाए
आजाद अधिकार सेना ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन जनहित में व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
संपर्क:
देवेन्द्र सिंह राणा
राष्ट्रीय संगठन मंत्री, 
आजाद अधिकार सेना
मो. 9759632359
    user_News 22 India
    News 22 India
    TV News Anchor करावल नगर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    2 hrs ago
  • Post by न्यूज़ आइकॉन 24
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    user_न्यूज़ आइकॉन 24
    न्यूज़ आइकॉन 24
    Press advisory सीलमपुर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    3 hrs ago
  • Post by राष्ट्रीय स्वयं सेवक
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    Post by राष्ट्रीय स्वयं सेवक
    user_राष्ट्रीय स्वयं सेवक
    राष्ट्रीय स्वयं सेवक
    Farmer सीलमपुर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    3 hrs ago
  • Post by Sadhna news mp.Cg.rj.Naajim
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    user_Sadhna news mp.Cg.rj.Naajim
    Sadhna news mp.Cg.rj.Naajim
    Local News Reporter सीलमपुर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    6 hrs ago
  • हवाई यात्रियों को झटका, फ्लाइट में 60% फ्री सीट देने का फैसला टला, सरकार ने आदेश पर लगाई रोक हवाई यात्रियों को सस्ती और आरामदायक सीटों का तोहफा देने की योजना पर फिलहाल ब्रेक लग गया है. केंद्र सरकार ने एयरलाइनों को दिए गए उस निर्देश को फिलहाल स्थगित कर दिया है, जिसमें हर फ्लाइट की कम से कम 60 प्रतिशत सीटों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध कराने की बात कही गई थी. यह नियम 20 अप्रैल, 2026 से लागू होने वाला था, लेकिन अब इसे अगले आदेश तक ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है. क्यों लिया गया यह फैसला? नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यह कदम फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) और आकासा एयर जैसे प्रमुख एयरलाइन ऑपरेटरों की आपत्तियों के बाद उठाया है. एयरलाइनों ने सरकार को बताया कि अगर 60% सीटें फ्री कर दी गईं, तो उनके राजस्व पर भारी असर पड़ेगा. कंपनियों का तर्क है कि सीट सिलेक्शन से मिलने वाली 'अनसुलझी सेवाओं' की आय कम होने पर उन्हें विमान के मूल किराए में बढ़ोतरी करनी पड़ेगी. इससे आम यात्रियों के लिए हवाई सफर और महंगा हो जाएगा. साथ ही, कंपनियों ने इसे मौजूदा 'डीरेगुलेटेड टैरिफ व्यवस्था' (जहाँ किराया बाजार तय करता है) के खिलाफ बताया. फिलहाल क्या है स्थिति? वर्तमान में, अधिकांश एयरलाइनें अपनी फ्लाइट की केवल 20% सीटें ही फ्री में उपलब्ध कराती हैं. बाकी 80% सीटों के लिए यात्रियों को अपनी पसंद (जैसे- विंडो सीट या एक्स्ट्रा लेगरूम) के हिसाब से 200 रुपये से लेकर 2,100 रुपये तक अतिरिक्त चुकाने होते हैं. सरकार के इस नए फैसले का मतलब है कि फिलहाल यही पुरानी व्यवस्था जारी रहेगी. यात्रियों के लिए अभी भी क्या राहत है? भले ही 60% फ्री सीटों का नियम रुक गया हो, लेकिन मंत्रालय द्वारा 17 मार्च को जारी अन्य दिशा-निर्देश अभी भी लागू हैं: साथ बैठने की प्राथमिकता:एयरलाइनों को यह सुनिश्चित करना होगा कि एक ही PNR पर टिकट बुक करने वाले यात्रियों (जैसे परिवार या दोस्त) को एक साथ या आसपास की सीटें दी जाएं. पारदर्शिता: पालतू जानवरों, वाद्य यंत्रों या खेल के सामान जैसे अतिरिक्त सामान के लिए लिए जाने वाले शुल्क के बारे में एयरलाइनों को पूरी जानकारी स्पष्ट रूप से देनी होगी. भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन चुका है, जहाँ हर दिन 5 लाख से अधिक लोग सफर करते हैं. सरकार का कहना है कि वह यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के साथ-साथ एयरलाइन उद्योग की आर्थिक स्थिरता के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए इस मामले की "विस्तृत समीक्षा" करेगी.
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    हवाई यात्रियों को झटका, फ्लाइट में 60% फ्री सीट देने का फैसला टला, सरकार ने आदेश पर लगाई रोक
हवाई यात्रियों को सस्ती और आरामदायक सीटों का तोहफा देने की योजना पर फिलहाल ब्रेक लग गया है. केंद्र सरकार ने एयरलाइनों को दिए गए उस निर्देश को फिलहाल स्थगित कर दिया है, जिसमें हर फ्लाइट की कम से कम 60 प्रतिशत सीटों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध कराने की बात कही गई थी. यह नियम 20 अप्रैल, 2026 से लागू होने वाला था, लेकिन अब इसे अगले आदेश तक ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है.
क्यों लिया गया यह फैसला?
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यह कदम फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) और आकासा एयर जैसे प्रमुख एयरलाइन ऑपरेटरों की आपत्तियों के बाद उठाया है. एयरलाइनों ने सरकार को बताया कि अगर 60% सीटें फ्री कर दी गईं, तो उनके राजस्व पर भारी असर पड़ेगा.
कंपनियों का तर्क है कि सीट सिलेक्शन से मिलने वाली 'अनसुलझी सेवाओं' की आय कम होने पर उन्हें विमान के मूल किराए में बढ़ोतरी करनी पड़ेगी. इससे आम यात्रियों के लिए हवाई सफर और महंगा हो जाएगा. साथ ही, कंपनियों ने इसे मौजूदा 'डीरेगुलेटेड टैरिफ व्यवस्था' (जहाँ किराया बाजार तय करता है) के खिलाफ बताया.
फिलहाल क्या है स्थिति?
वर्तमान में, अधिकांश एयरलाइनें अपनी फ्लाइट की केवल 20% सीटें ही फ्री में उपलब्ध कराती हैं. बाकी 80% सीटों के लिए यात्रियों को अपनी पसंद (जैसे- विंडो सीट या एक्स्ट्रा लेगरूम) के हिसाब से 200 रुपये से लेकर 2,100 रुपये तक अतिरिक्त चुकाने होते हैं. सरकार के इस नए फैसले का मतलब है कि फिलहाल यही पुरानी व्यवस्था जारी रहेगी.
यात्रियों के लिए अभी भी क्या राहत है?
भले ही 60% फ्री सीटों का नियम रुक गया हो, लेकिन मंत्रालय द्वारा 17 मार्च को जारी अन्य दिशा-निर्देश अभी भी लागू हैं:
साथ बैठने की प्राथमिकता:एयरलाइनों को यह सुनिश्चित करना होगा कि एक ही PNR पर टिकट बुक करने वाले यात्रियों (जैसे परिवार या दोस्त) को एक साथ या आसपास की सीटें दी जाएं.
पारदर्शिता: पालतू जानवरों, वाद्य यंत्रों या खेल के सामान जैसे अतिरिक्त सामान के लिए लिए जाने वाले शुल्क के बारे में एयरलाइनों को पूरी जानकारी स्पष्ट रूप से देनी होगी.
भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन चुका है, जहाँ हर दिन 5 लाख से अधिक लोग सफर करते हैं. सरकार का कहना है कि वह यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के साथ-साथ एयरलाइन उद्योग की आर्थिक स्थिरता के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए इस मामले की "विस्तृत समीक्षा" करेगी.
    user_Mohit Badtiya
    Mohit Badtiya
    Shahdara, New Delhi•
    7 hrs ago
  • राजधानी दिल्ली रोहिणी सेक्टर 16 में सिख समुदाय के साथ मारपीट सिख समुदाय में आक्रोश
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    राजधानी दिल्ली रोहिणी सेक्टर 16 में सिख समुदाय के साथ मारपीट सिख समुदाय में आक्रोश
    user_भारत हिंदी खबर
    भारत हिंदी खबर
    Local News Reporter सीलमपुर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    7 hrs ago
  • Post by न्यूज़ आइकॉन 24
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    Post by न्यूज़ आइकॉन 24
    user_न्यूज़ आइकॉन 24
    न्यूज़ आइकॉन 24
    Press advisory सीलमपुर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    4 hrs ago
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