चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर उपखंड क्षेत्र में, पंचायत समिति भदेसर के सभागार में मोहर्रम पर्व को लेकर शांति समिति और सीएलजी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता भदेसर उपखंड अधिकारी रंजनी मीणा ने की, जिसमें भदेसर डीवाईएसपी विनोद कुमार लखारा, भदेसर तहसीलदार शिव सिंह शेखावत, पंचायत समिति के विकास अधिकारी अभिषेक शर्मा, भदेसर थाना अधिकारी विनोद कुमार मेनारिया, और बिजली विभाग अधिकारी के आई. एन. प्रभुलाल प्रजापत सहित कई अधिकारी मौजूद थे। यह सीएलजी बैठक कस्बे के मुस्लिम समाज के सदस्यों की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक के उपरांत, अधिकारियों ने मोहर्रम के मद्देनजर कस्बे का दौरा कर गहन निरीक्षण किया। इस दौरान, नीचे लटके बिजली के तारों को देखते हुए, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को उन्हें ऊपर करवाने के निर्देश दिए, जिसका तत्काल पालन करते हुए तारों को ऊपर किया गया। इस पूरे दौरे में भदेसर कस्बे का उचित निरीक्षण सुनिश्चित किया गया।
चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर उपखंड क्षेत्र में, पंचायत समिति भदेसर के सभागार में मोहर्रम पर्व को लेकर शांति समिति और सीएलजी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता भदेसर उपखंड अधिकारी रंजनी मीणा ने की, जिसमें भदेसर डीवाईएसपी विनोद कुमार लखारा, भदेसर तहसीलदार शिव सिंह
शेखावत, पंचायत समिति के विकास अधिकारी अभिषेक शर्मा, भदेसर थाना अधिकारी विनोद कुमार मेनारिया, और बिजली विभाग अधिकारी के आई. एन. प्रभुलाल प्रजापत सहित कई अधिकारी मौजूद थे। यह सीएलजी बैठक कस्बे के मुस्लिम समाज के सदस्यों की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक के उपरांत, अधिकारियों ने मोहर्रम के मद्देनजर
कस्बे का दौरा कर गहन निरीक्षण किया। इस दौरान, नीचे लटके बिजली के तारों को देखते हुए, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को उन्हें ऊपर करवाने के निर्देश दिए, जिसका तत्काल पालन करते हुए तारों को ऊपर किया गया। इस पूरे दौरे में भदेसर कस्बे का उचित निरीक्षण सुनिश्चित किया गया।
- चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर उपखंड क्षेत्र में, पंचायत समिति भदेसर के सभागार में मोहर्रम पर्व को लेकर शांति समिति और सीएलजी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता भदेसर उपखंड अधिकारी रंजनी मीणा ने की, जिसमें भदेसर डीवाईएसपी विनोद कुमार लखारा, भदेसर तहसीलदार शिव सिंह शेखावत, पंचायत समिति के विकास अधिकारी अभिषेक शर्मा, भदेसर थाना अधिकारी विनोद कुमार मेनारिया, और बिजली विभाग अधिकारी के आई. एन. प्रभुलाल प्रजापत सहित कई अधिकारी मौजूद थे। यह सीएलजी बैठक कस्बे के मुस्लिम समाज के सदस्यों की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक के उपरांत, अधिकारियों ने मोहर्रम के मद्देनजर कस्बे का दौरा कर गहन निरीक्षण किया। इस दौरान, नीचे लटके बिजली के तारों को देखते हुए, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को उन्हें ऊपर करवाने के निर्देश दिए, जिसका तत्काल पालन करते हुए तारों को ऊपर किया गया। इस पूरे दौरे में भदेसर कस्बे का उचित निरीक्षण सुनिश्चित किया गया।3
- दौसा जिले के मंडावर उपखंड स्थित ग्राम ऊकरूंद में एक विशाल हरिकीर्तन दंगल समारोह का आयोजन किया गया, जिसके पहले दिन पूरा क्षेत्र धार्मिक कथाओं और भक्ति गीतों की अविरल धारा में सराबोर होकर भक्तिमय वातावरण में डूब गया। सुबह से देर शाम तक हजारों की संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे और विभिन्न हरिकीर्तन पार्टियों द्वारा प्रस्तुत धार्मिक कथाओं तथा भजनों का आनंद लिया, जिससे पूरा पंडाल भगवान के जयकारों और भक्ति संगीत से गूंज उठा। कार्यक्रम की शुरुआत मीना सीमला की हरिकीर्तन पार्टी की प्रस्तुति से हुई, जिन्होंने हरदौल भगत की कथा का मार्मिक वर्णन करते हुए त्याग, बलिदान, सत्यनिष्ठा और लोक कल्याण का संदेश दिया, जिससे श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। इसके बाद गुढा बरोली (धौलपुर) की हरिकीर्तन पार्टी ने महाभारत के प्रसंग कौरव-पांडव बंटवारे की कथा विस्तार से सुनाई, जिसमें अन्याय, अहंकार और सत्ता के मोह के परिणामों को दर्शाते हुए धर्म व न्याय के मार्ग पर चलने का आह्वान किया गया। श्रोताओं ने इस प्रस्तुति की खूब सराहना की। खानपुर (करौली) की हरिकीर्तन पार्टी ने भगवान शिव और माता पार्वती के भोला-पार्वती विवाह का सुंदर वर्णन किया, जिसके साथ प्रस्तुत भजनों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और पंडाल "हर-हर महादेव" के जयकारों से गूंज उठा। वहीं, नाहरखोहरा की हरिकीर्तन पार्टी ने महाभारत के योद्धा अभिमन्यु की वीरता और बलिदान की कथा सुनाकर युवाओं को साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया। दंगल में शामिल सभी पार्टियों ने अपनी मधुर वाणी, भक्ति गीतों और प्रभावशाली कथाओं से श्रद्धालुओं को देर तक बांधे रखा, जिसमें धार्मिक कथाओं के बीच प्रस्तुत भजन और संकीर्तन विशेष आकर्षण रहे। आयोजक रामफूल मीना (पूर्व सरपंच) ने बताया कि ऐसे आयोजन समाज में संस्कार, नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं और यह दंगल धार्मिक एकता व भाईचारे का प्रतीक बन गया है। कार्यक्रम को सफल बनाने में जगमोहन मीना (जे.ई.), खुशीराम मीना (ठेकेदार), काडूराम मीना (ठेकेदार) सहित समस्त ग्रामवासियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आयोजक समिति ने सभी कीर्तन पार्टियों, अतिथियों और श्रद्धालुओं का सम्मान किया, साथ ही शिकंजी, शुद्ध पेयजल, फल-फ्रूट और जलपान की विशेष व्यवस्था भी की गई, जिसमें सेवा कार्य में लगे ग्रामीण पूरे दिन सक्रिय रहे। देर रात तक चले इन भजन-कीर्तन और धार्मिक कथाओं के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।4
- अलवर के मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र में सार्वजनिक और सुलभ शौचालयों की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण यहाँ कार्यरत मजदूरों, कर्मचारियों, ड्राइवरों और आगंतुकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से महिलाओं और दूर-दराज से आने वाले वाहन चालकों के लिए यह समस्या गंभीर बनी हुई है। स्थानीय लोगों और श्रमिकों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता किसी भी क्षेत्र के विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होती है, लेकिन इस मामले में विकास के दावे खोखले साबित हुए हैं क्योंकि शौचालय तक की मूलभूत सुविधा नहीं है, जिससे ड्राइवर और श्रमिक परेशान हैं। संबंधित विभागों को इस ओर तत्काल ध्यान देकर शीघ्र समाधान करने की मांग की गई है।1
- अलवर जिले की आशा सहयोगिनियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों के समाधान की अपील करते हुए एक मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने बताया कि वे वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बनकर कार्य कर रही हैं और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसके बावजूद, उनकी समस्याओं का समाधान अब तक नहीं हो पाया है, और उन्हें अपेक्षित सुविधाएं व सामाजिक सुरक्षा नहीं मिल रही है। आशा सहयोगिनियों ने ज्ञापन में अपनी भूमिका को रेखांकित किया, जिसमें गर्भवती महिलाओं की देखभाल, नवजात शिशुओं की निगरानी, टीकाकरण अभियान, परिवार कल्याण कार्यक्रम, पोषण अभियान और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का सफल क्रियान्वयन शामिल है। उनकी प्रमुख मांगों में उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा देना, लंबित क्लेम एवं प्रोत्साहन राशि का एकमुश्त भुगतान करना, सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन सुविधा लागू करना और केवल स्वास्थ्य विभाग से संबंधित कार्य ही उनसे करवाना शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि विभिन्न विभागों के अतिरिक्त कार्यों का बोझ बढ़ने से उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। आशा सहयोगिनियों ने सरकार से इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए विवश होंगी। इस दौरान अध्यक्ष राजवती, सचिव अनिता, कोषाध्यक्ष अनीता, माया सैनी, सुनीता, संतोष, कविता, मनीषा, सोनू, राधा, नीलम, मीरा, ललिता, रविता, सीमा सहित बड़ी संख्या में आशा सहयोगिनियां मौजूद थीं, जिन्होंने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज़ उठाई और सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की।4
- दौसा जिले के कुंडल क्षेत्र में निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर श्याम भक्तों द्वारा सेवाभाव के साथ राहगीरों को ठंडा शर्बत पिलाया गया। मुख्यालय क्षेत्र के कुंडल, खड़का, सिंडोली, बडोली, खानभांकरी, कालोंता और काली पहाड़ी में यह सेवा कार्य किया गया, जिसका उद्देश्य भीषण गर्मी के बीच लोगों को राहत पहुँचाना था। अनिल सैनी खड़का ने बताया कि इस पहल से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और राहगीरों ने शर्बत ग्रहण कर राहत महसूस की। भक्तों ने यह सेवा निर्जला एकादशी के धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए की, क्योंकि इस दिन जल सेवा, शर्बत वितरण और दान-पुण्य को अत्यंत विशेष माना जाता है और इससे पुण्य की प्राप्ति होती है। इस कार्यक्रम में अनिल कुमार सैनी, महेश सैनी, विष्णु सैनी, रेवड़ बैरवा (भेडोली), नंद किशोर सैनी, ओम प्रकाश सैनी, रामफूल सैनी, जगदीश सैनी और विश्राम सैनी सहित कई श्याम भक्तों ने सक्रिय रूप से सहयोग दिया। सेवा कार्य के दौरान भक्तों ने भगवान श्री श्याम के जयकारे लगाए और समाज में सेवा, सद्भावना एवं धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। स्थानीय लोगों ने श्याम भक्तों की इस सराहनीय पहल की प्रशंसा की।2
- अलवर में एक पुलिस कर्मचारी को बिना हेलमेट के घूमते हुए देखा गया है, जिस पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जनता पूछ रही है कि जब प्रशासन स्वयं हेलमेट पहनने के नियमों का पालन नहीं कर रहा है, तो आम लोग इन नियमों का पालन कैसे करेंगे? साथ ही यह भी सवाल उठाया गया है कि बिना हेलमेट घूम रहे इन पुलिसकर्मियों का चालान कौन काटेगा।1
- दौसा स्थित पिलू वाले बालाजी मंदिर में निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर श्रद्धा और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस दौरान युवाओं ने कई स्थानों पर छबिलें लगाईं, जहाँ श्रद्धालुओं और राहगीरों को केसरिया ठंडाई, शरबत और शीतल आम रस पिलाया गया। मंदिर में दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय महिलाओं ने भी भगवान को मीठे पानी से भरे मिट्टी के कलश, हवा पंखी और आम अर्पित किए। इस धार्मिक आयोजन में बालाजी के दर्शन करने आए भक्तों ने भगवान के जयकारे लगाए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।3
- जयपुर शहर में गुरुवार को दोपहर करीब 3 बजे हुई पौन घंटे की तेज़ बारिश ने नगर निगम और प्रशासन की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी। बारिश के दौरान शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सड़कों पर पानी भर जाने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हुई और कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जगह-जगह जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, वहीं दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को भी काफी परेशानी हुई। हालांकि बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली, लेकिन शहर में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। मोहर्रम के मौके पर ताज़ियेदारों को भी बारिश के कारण ताज़ियों के रख-रखाव में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बारिश के बाद जल निकासी व्यवस्था की कमी एक बार फिर उजागर हो गई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और नगर निगम की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।3