दौसा जिले के मंडावर उपखंड स्थित ग्राम ऊकरूंद में एक विशाल हरिकीर्तन दंगल समारोह का आयोजन किया गया, जिसके पहले दिन पूरा क्षेत्र धार्मिक कथाओं और भक्ति गीतों की अविरल धारा में सराबोर होकर भक्तिमय वातावरण में डूब गया। सुबह से देर शाम तक हजारों की संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे और विभिन्न हरिकीर्तन पार्टियों द्वारा प्रस्तुत धार्मिक कथाओं तथा भजनों का आनंद लिया, जिससे पूरा पंडाल भगवान के जयकारों और भक्ति संगीत से गूंज उठा। कार्यक्रम की शुरुआत मीना सीमला की हरिकीर्तन पार्टी की प्रस्तुति से हुई, जिन्होंने हरदौल भगत की कथा का मार्मिक वर्णन करते हुए त्याग, बलिदान, सत्यनिष्ठा और लोक कल्याण का संदेश दिया, जिससे श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। इसके बाद गुढा बरोली (धौलपुर) की हरिकीर्तन पार्टी ने महाभारत के प्रसंग कौरव-पांडव बंटवारे की कथा विस्तार से सुनाई, जिसमें अन्याय, अहंकार और सत्ता के मोह के परिणामों को दर्शाते हुए धर्म व न्याय के मार्ग पर चलने का आह्वान किया गया। श्रोताओं ने इस प्रस्तुति की खूब सराहना की। खानपुर (करौली) की हरिकीर्तन पार्टी ने भगवान शिव और माता पार्वती के भोला-पार्वती विवाह का सुंदर वर्णन किया, जिसके साथ प्रस्तुत भजनों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और पंडाल "हर-हर महादेव" के जयकारों से गूंज उठा। वहीं, नाहरखोहरा की हरिकीर्तन पार्टी ने महाभारत के योद्धा अभिमन्यु की वीरता और बलिदान की कथा सुनाकर युवाओं को साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया। दंगल में शामिल सभी पार्टियों ने अपनी मधुर वाणी, भक्ति गीतों और प्रभावशाली कथाओं से श्रद्धालुओं को देर तक बांधे रखा, जिसमें धार्मिक कथाओं के बीच प्रस्तुत भजन और संकीर्तन विशेष आकर्षण रहे। आयोजक रामफूल मीना (पूर्व सरपंच) ने बताया कि ऐसे आयोजन समाज में संस्कार, नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं और यह दंगल धार्मिक एकता व भाईचारे का प्रतीक बन गया है। कार्यक्रम को सफल बनाने में जगमोहन मीना (जे.ई.), खुशीराम मीना (ठेकेदार), काडूराम मीना (ठेकेदार) सहित समस्त ग्रामवासियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आयोजक समिति ने सभी कीर्तन पार्टियों, अतिथियों और श्रद्धालुओं का सम्मान किया, साथ ही शिकंजी, शुद्ध पेयजल, फल-फ्रूट और जलपान की विशेष व्यवस्था भी की गई, जिसमें सेवा कार्य में लगे ग्रामीण पूरे दिन सक्रिय रहे। देर रात तक चले इन भजन-कीर्तन और धार्मिक कथाओं के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।
दौसा जिले के मंडावर उपखंड स्थित ग्राम ऊकरूंद में एक विशाल हरिकीर्तन दंगल समारोह का आयोजन किया गया, जिसके पहले दिन पूरा क्षेत्र धार्मिक कथाओं और भक्ति गीतों की अविरल धारा में सराबोर होकर भक्तिमय वातावरण में डूब गया। सुबह से देर शाम तक हजारों की संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे और विभिन्न हरिकीर्तन पार्टियों द्वारा प्रस्तुत धार्मिक कथाओं तथा भजनों का आनंद लिया, जिससे पूरा पंडाल भगवान के जयकारों और भक्ति संगीत से गूंज उठा। कार्यक्रम की शुरुआत मीना सीमला की हरिकीर्तन पार्टी की प्रस्तुति से हुई, जिन्होंने हरदौल भगत
की कथा का मार्मिक वर्णन करते हुए त्याग, बलिदान, सत्यनिष्ठा और लोक कल्याण का संदेश दिया, जिससे श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। इसके बाद गुढा बरोली (धौलपुर) की हरिकीर्तन पार्टी ने महाभारत के प्रसंग कौरव-पांडव बंटवारे की कथा विस्तार से सुनाई, जिसमें अन्याय, अहंकार और सत्ता के मोह के परिणामों को दर्शाते हुए धर्म व न्याय के मार्ग पर चलने का आह्वान किया गया। श्रोताओं ने इस प्रस्तुति की खूब सराहना की। खानपुर (करौली) की हरिकीर्तन पार्टी ने भगवान शिव और माता पार्वती के भोला-पार्वती विवाह का सुंदर वर्णन किया, जिसके साथ प्रस्तुत भजनों
ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और पंडाल "हर-हर महादेव" के जयकारों से गूंज उठा। वहीं, नाहरखोहरा की हरिकीर्तन पार्टी ने महाभारत के योद्धा अभिमन्यु की वीरता और बलिदान की कथा सुनाकर युवाओं को साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया। दंगल में शामिल सभी पार्टियों ने अपनी मधुर वाणी, भक्ति गीतों और प्रभावशाली कथाओं से श्रद्धालुओं को देर तक बांधे रखा, जिसमें धार्मिक कथाओं के बीच प्रस्तुत भजन और संकीर्तन विशेष आकर्षण रहे। आयोजक रामफूल मीना (पूर्व सरपंच) ने बताया कि ऐसे आयोजन समाज में संस्कार, नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत
करते हैं और यह दंगल धार्मिक एकता व भाईचारे का प्रतीक बन गया है। कार्यक्रम को सफल बनाने में जगमोहन मीना (जे.ई.), खुशीराम मीना (ठेकेदार), काडूराम मीना (ठेकेदार) सहित समस्त ग्रामवासियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आयोजक समिति ने सभी कीर्तन पार्टियों, अतिथियों और श्रद्धालुओं का सम्मान किया, साथ ही शिकंजी, शुद्ध पेयजल, फल-फ्रूट और जलपान की विशेष व्यवस्था भी की गई, जिसमें सेवा कार्य में लगे ग्रामीण पूरे दिन सक्रिय रहे। देर रात तक चले इन भजन-कीर्तन और धार्मिक कथाओं के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।
- दौसा जिले के मंडावर उपखंड स्थित ग्राम ऊकरूंद में एक विशाल हरिकीर्तन दंगल समारोह का आयोजन किया गया, जिसके पहले दिन पूरा क्षेत्र धार्मिक कथाओं और भक्ति गीतों की अविरल धारा में सराबोर होकर भक्तिमय वातावरण में डूब गया। सुबह से देर शाम तक हजारों की संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे और विभिन्न हरिकीर्तन पार्टियों द्वारा प्रस्तुत धार्मिक कथाओं तथा भजनों का आनंद लिया, जिससे पूरा पंडाल भगवान के जयकारों और भक्ति संगीत से गूंज उठा। कार्यक्रम की शुरुआत मीना सीमला की हरिकीर्तन पार्टी की प्रस्तुति से हुई, जिन्होंने हरदौल भगत की कथा का मार्मिक वर्णन करते हुए त्याग, बलिदान, सत्यनिष्ठा और लोक कल्याण का संदेश दिया, जिससे श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। इसके बाद गुढा बरोली (धौलपुर) की हरिकीर्तन पार्टी ने महाभारत के प्रसंग कौरव-पांडव बंटवारे की कथा विस्तार से सुनाई, जिसमें अन्याय, अहंकार और सत्ता के मोह के परिणामों को दर्शाते हुए धर्म व न्याय के मार्ग पर चलने का आह्वान किया गया। श्रोताओं ने इस प्रस्तुति की खूब सराहना की। खानपुर (करौली) की हरिकीर्तन पार्टी ने भगवान शिव और माता पार्वती के भोला-पार्वती विवाह का सुंदर वर्णन किया, जिसके साथ प्रस्तुत भजनों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और पंडाल "हर-हर महादेव" के जयकारों से गूंज उठा। वहीं, नाहरखोहरा की हरिकीर्तन पार्टी ने महाभारत के योद्धा अभिमन्यु की वीरता और बलिदान की कथा सुनाकर युवाओं को साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया। दंगल में शामिल सभी पार्टियों ने अपनी मधुर वाणी, भक्ति गीतों और प्रभावशाली कथाओं से श्रद्धालुओं को देर तक बांधे रखा, जिसमें धार्मिक कथाओं के बीच प्रस्तुत भजन और संकीर्तन विशेष आकर्षण रहे। आयोजक रामफूल मीना (पूर्व सरपंच) ने बताया कि ऐसे आयोजन समाज में संस्कार, नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं और यह दंगल धार्मिक एकता व भाईचारे का प्रतीक बन गया है। कार्यक्रम को सफल बनाने में जगमोहन मीना (जे.ई.), खुशीराम मीना (ठेकेदार), काडूराम मीना (ठेकेदार) सहित समस्त ग्रामवासियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आयोजक समिति ने सभी कीर्तन पार्टियों, अतिथियों और श्रद्धालुओं का सम्मान किया, साथ ही शिकंजी, शुद्ध पेयजल, फल-फ्रूट और जलपान की विशेष व्यवस्था भी की गई, जिसमें सेवा कार्य में लगे ग्रामीण पूरे दिन सक्रिय रहे। देर रात तक चले इन भजन-कीर्तन और धार्मिक कथाओं के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।4
- चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर उपखंड क्षेत्र में, पंचायत समिति भदेसर के सभागार में मोहर्रम पर्व को लेकर शांति समिति और सीएलजी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता भदेसर उपखंड अधिकारी रंजनी मीणा ने की, जिसमें भदेसर डीवाईएसपी विनोद कुमार लखारा, भदेसर तहसीलदार शिव सिंह शेखावत, पंचायत समिति के विकास अधिकारी अभिषेक शर्मा, भदेसर थाना अधिकारी विनोद कुमार मेनारिया, और बिजली विभाग अधिकारी के आई. एन. प्रभुलाल प्रजापत सहित कई अधिकारी मौजूद थे। यह सीएलजी बैठक कस्बे के मुस्लिम समाज के सदस्यों की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक के उपरांत, अधिकारियों ने मोहर्रम के मद्देनजर कस्बे का दौरा कर गहन निरीक्षण किया। इस दौरान, नीचे लटके बिजली के तारों को देखते हुए, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को उन्हें ऊपर करवाने के निर्देश दिए, जिसका तत्काल पालन करते हुए तारों को ऊपर किया गया। इस पूरे दौरे में भदेसर कस्बे का उचित निरीक्षण सुनिश्चित किया गया।3
- नौगांवा तहसील की ग्राम पंचायत पाटा में 25 जून 2026 को सरकारी स्कूल के प्रांगण में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में राजस्व, बिजली, पानी, चिकित्सा सहित 22 प्रमुख विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। शिविर के दौरान जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, पेंशन, बीमा सहित अन्य समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। नौगांवा के तहसीलदार ने बताया कि इस शिविर का आयोजन "ग्रामीण सेवा" के उद्देश्य से किया गया था।1
- अलवर के मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र में सार्वजनिक और सुलभ शौचालयों की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण यहाँ कार्यरत मजदूरों, कर्मचारियों, ड्राइवरों और आगंतुकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से महिलाओं और दूर-दराज से आने वाले वाहन चालकों के लिए यह समस्या गंभीर बनी हुई है। स्थानीय लोगों और श्रमिकों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता किसी भी क्षेत्र के विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होती है, लेकिन इस मामले में विकास के दावे खोखले साबित हुए हैं क्योंकि शौचालय तक की मूलभूत सुविधा नहीं है, जिससे ड्राइवर और श्रमिक परेशान हैं। संबंधित विभागों को इस ओर तत्काल ध्यान देकर शीघ्र समाधान करने की मांग की गई है।1
- अलवर जिले की आशा सहयोगिनियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों के समाधान की अपील करते हुए एक मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने बताया कि वे वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बनकर कार्य कर रही हैं और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसके बावजूद, उनकी समस्याओं का समाधान अब तक नहीं हो पाया है, और उन्हें अपेक्षित सुविधाएं व सामाजिक सुरक्षा नहीं मिल रही है। आशा सहयोगिनियों ने ज्ञापन में अपनी भूमिका को रेखांकित किया, जिसमें गर्भवती महिलाओं की देखभाल, नवजात शिशुओं की निगरानी, टीकाकरण अभियान, परिवार कल्याण कार्यक्रम, पोषण अभियान और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का सफल क्रियान्वयन शामिल है। उनकी प्रमुख मांगों में उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा देना, लंबित क्लेम एवं प्रोत्साहन राशि का एकमुश्त भुगतान करना, सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन सुविधा लागू करना और केवल स्वास्थ्य विभाग से संबंधित कार्य ही उनसे करवाना शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि विभिन्न विभागों के अतिरिक्त कार्यों का बोझ बढ़ने से उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। आशा सहयोगिनियों ने सरकार से इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए विवश होंगी। इस दौरान अध्यक्ष राजवती, सचिव अनिता, कोषाध्यक्ष अनीता, माया सैनी, सुनीता, संतोष, कविता, मनीषा, सोनू, राधा, नीलम, मीरा, ललिता, रविता, सीमा सहित बड़ी संख्या में आशा सहयोगिनियां मौजूद थीं, जिन्होंने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज़ उठाई और सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की।4
- अलवर में एक पुलिस कर्मचारी को बिना हेलमेट के घूमते हुए देखा गया है, जिस पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जनता पूछ रही है कि जब प्रशासन स्वयं हेलमेट पहनने के नियमों का पालन नहीं कर रहा है, तो आम लोग इन नियमों का पालन कैसे करेंगे? साथ ही यह भी सवाल उठाया गया है कि बिना हेलमेट घूम रहे इन पुलिसकर्मियों का चालान कौन काटेगा।1
- 25 जून को डीग में हुई समीक्षा बैठक में जारी आंकड़ों के अनुसार, एचपीवी टीकाकरण रिपोर्ट में डीग जिला 86.24% कवरेज के साथ पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है। जिला कलेक्टर मयंक मनीष की अध्यक्षता में गुरुवार को पंचायत समिति सभागार डीग में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें उन्होंने मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और राजकीय विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए, ताकि आगामी जुलाई माह में सभी विभागीय योजनाओं के लक्ष्यों को शत-प्रतिशत प्राप्त किया जा सके। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के तहत, जिला कलेक्टर मयंक मनीष के नेतृत्व में स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग की सजगता से जिले में अनुमानित 13,855 बालिकाओं के लक्ष्य के मुकाबले रिकॉर्ड 11,949 बालिकाओं का सफलतापूर्वक एचपीवी टीकाकरण पूरा किया गया है। यह उपलब्धि राजस्थान के कुल औसत कवरेज 27.87% से लगभग तीन गुना अधिक है। बैठक के दौरान, जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को एचपीवी टीका लगवाने से वंचित रह गई बालिकाओं की स्कूलवार नामवार सूची तत्काल तैयार कर इस कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के भी निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने अनीमिया मुक्त राजस्थान कार्यक्रम के तहत विद्यालयों में वितरित की जा रही पिंक और ब्लू आयरन टैबलेट का कवरेज किसी भी स्थिति में 95 प्रतिशत से कम न होने देने का निर्देश दिया। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा करते हुए, जिला कलेक्टर ने पालनहार योजना के तहत सभी पात्र बच्चों को त्वरित प्रक्रिया अपनाकर योजना से जोड़ने और किसी भी पात्र बच्चे को लाभ से वंचित न रखने का निर्देश दिया। उन्होंने विद्यालयों में मूलभूत ढांचागत सुविधाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया, जिसके तहत सभी स्कूलों में शौचालयों की वर्तमान स्थिति पर रिपोर्ट मांगी और आवश्यक शौचालयों की सूची तुरंत उपलब्ध कराने को कहा ताकि संबंधित विकास अधिकारियों के माध्यम से कार्य स्वीकृत कराए जा सकें। इसके अतिरिक्त, खेल मैदानों के विकास, पोषण वाटिकाओं की क्रियाशीलता की स्थिति और विभिन्न नियमों के अंतर्गत अनुमत कार्यों की स्पष्ट जानकारी संस्था प्रधानों को देने के निर्देश दिए गए, ताकि स्कूलों का विकास पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित हो सके।1
- जयपुर शहर में गुरुवार को दोपहर करीब 3 बजे हुई पौन घंटे की तेज़ बारिश ने नगर निगम और प्रशासन की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी। बारिश के दौरान शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सड़कों पर पानी भर जाने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हुई और कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जगह-जगह जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, वहीं दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को भी काफी परेशानी हुई। हालांकि बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली, लेकिन शहर में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। मोहर्रम के मौके पर ताज़ियेदारों को भी बारिश के कारण ताज़ियों के रख-रखाव में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बारिश के बाद जल निकासी व्यवस्था की कमी एक बार फिर उजागर हो गई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और नगर निगम की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।3