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जालौन सिरसा दो गढ़ी मे कच्ची मिट्टी पर फर्श डालने का विडिओ वायरल पंचायत सहायक ने रुकवाया कार्य ठेकदार भाग गया JE ने किया बचाओ ग्रामीणो ने की जाँच की मांग सिरसा दो गढ़ी* में बन रहे मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय के उच्चीकरण कार्य में गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
Bheem rajawat 9628800458
जालौन सिरसा दो गढ़ी मे कच्ची मिट्टी पर फर्श डालने का विडिओ वायरल पंचायत सहायक ने रुकवाया कार्य ठेकदार भाग गया JE ने किया बचाओ ग्रामीणो ने की जाँच की मांग सिरसा दो गढ़ी* में बन रहे मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय के उच्चीकरण कार्य में गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
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- जालौन में नहीं थम रहा चोरियों का सिलसिला घर के बाहर खड़ी मोटरसाइकिल चोरी जालौन जिले के जालौन कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मुरलीमनोहर निवासी अभिजीत ने पुलिस को बताया कि बीती 15 अगस्त की दोपहर वह बाइक लेकर घर से बाजार गए थे। बाजार से वापस आकर उन्होंने बाइक को घर के बाहर खड़ा कर दिया और अंदर चले गए। कुछ देर बाद जब वह वापस आए तो बाइक गायब थी। काफी तलाश करने के बाद भी बाइक का कहीं पता नहीं चला। पीड़ित वाहन स्वामी की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात बाइक चोरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर बाइक की तलाश शुरू कर दी है।2
- *ऑपरेशन के बाद छड़ निकलवाने पहुंचे मरीज की मौत /मेडिकल कॉलेज में परिजनों का हंगामा* *इलाज के दौरान 50 वर्षीय मरीज की मौत /परिजनों ने डॉक्टरों पर लगाया लापरवाही का आरोप /मरीज की मौत पर मेडिकल कॉलेज में हंगामा परिजनों के आरोपों की जांच के लिए कमेटी गठित* सब दिखाते हैं खबर हम दिखाते हकीकत समीर मंसूरी की कलम से 🖋️ 🖋️ 🖋️ 🖋️ आजाद अहमद व यासीन मंसूरी व आशुतोष की रिपोट खबरों का सिलसिला जारी *ऑपरेशन के बाद छड़ निकलवाने पहुंचे मरीज की मौत /मेडिकल कॉलेज में परिजनों का हंगामा* *इलाज के दौरान 50 वर्षीय मरीज की मौत /परिजनों ने डॉक्टरों पर लगाया लापरवाही का आरोप /मरीज की मौत पर मेडिकल कॉलेज में हंगामा परिजनों के आरोपों की जांच के लिए कमेटी गठित* जनपद जालौन उरई राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में इलाज के दौरान 50 वर्षीय मरीज की मौत के बाद सोमवार देर रात परिजनों ने जमकर हंगामा किया परिजनों ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वाले चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की मामला सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी जांच शुरू कर दी है और पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए दो वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त समिति गठित की गई मामला कदौरा थाना क्षेत्र के ग्राम परोसा का है गांव निवासी संतराम कुशवाहा 50 करीब डेढ़ माह पूर्व एक हादसे में घायल हो गए थे हादसे में उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया था परिजनों के मुताबिक उन्हें उपचार के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में भर्ती कराया गया था जहां चिकित्सकों ने उनके पैर का ऑपरेशन कर उसमें छड़ डाली थी उपचार के बाद जब उनकी हालत में सुधार हुआ तो उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया था आप को बता दें छड़ निकलवाने दोबारा अस्पताल पहुंचे थे संतराम मृतक के बेटे आलोक सिंह के अनुसार 17 अगस्त को वह अपने पिता संतराम को पैर में पड़ी छड़ निकलवाने के लिए दोबारा मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे थे परिजनों का कहना है कि अस्पताल में चिकित्सकों ने छड़ निकालने का प्रयास किया, लेकिन उसे नहीं निकाला जा सका इसके बाद दोबारा पट्टी बांधकर उन्हें घर भेज दिया गया परिजनों के मुताबिक देर रात घर पहुंचने के बाद संतराम की अचानक तबीयत बिगड़ने लगी उनकी हालत लगातार खराब होती देख परिजन उन्हें आनन फानन में दोबारा मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे इंजेक्शन लगाने के बाद हालत बिगड़ने का आरोप आलोक सिंह का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद मरीज की गंभीर हालत के बावजूद चिकित्सकों ने समुचित ध्यान नहीं दिया परिजनों का दावा है कि इस दौरान एक इंजेक्शन लगाए जाने के बाद संतराम की हालत और बिगड़ गई कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई इसी के मद्देनजर रखते हुए हम आप को बता दें मरीज की मौत के बाद परिजन आक्रोशित हो उठे और उन्होंने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया परिजनों ने चिकित्सकों पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की। उनका आरोप है कि जब उन्होंने इस संबंध में चिकित्सकों से सवाल किए तो मौके पर मौजूद डॉक्टर वहां से चले गए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने लिया संज्ञान मामला बढ़ने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने घटना का संज्ञान लेते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी प्रशासन की ओर से तीन वरिष्ठ चिकित्सकों तथा उनके साथ कार्यरत कनिष्ठ चिकित्सकों से पूरे मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया इसके साथ ही घटनाक्रम की विस्तृत और निष्पक्ष जांच के लिए दो वरिष्ठ आचार्य स्तर के अधिकारियों की संयुक्त जांच समिति गठित की गई समिति में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संतोष वर्मा और फॉरेंसिक मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ.पुनीत अवस्थी को शामिल किया गया दो दिन में आएगी जांच रिपोर्ट मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार जांच समिति पूरे घटनाक्रम मरीज के उपचार चिकित्सकीय प्रक्रिया और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की जांच करेगी समिति को दो दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए रिपोर्ट में यदि किसी चिकित्सक या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके आधार पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्यवाही किए जाने की बात प्रशासन ने कही है बता दें फिलहाल संतराम की मौत को लेकर परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच जारी है जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मरीज की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसमें चिकित्सकीय लापरवाही की कोई भूमिका थी या नहीं4
- 🎤आगरा जेल से कड़ी सुरक्षा में औरैया कोर्ट लाये गए पूर्व MLC कमलेश पाठक व दो अन्य लोग🖥️ जनपद औरैया से बड़ी खबर अधिवक्ता और उसकी बहन की हत्या के मामले मे पूर्व MLC कमलेश पाठक आज आगरा जेल से कड़ी सुरक्षा में औरैया कोर्ट लाये गए पूर्व MLC कमलेश पाठक के साथ दो अन्य लोग भी उनके साथ औरैया कोर्ट लाये गये है अधिवक्ता मंजुल चौबे व उनकी बहन के हत्या के मामले में कोर्ट में आज आना है फैसला । भारी सुरक्षा के साथ औरैया न्यायालय में पहुंचे कमलेश पाठक। 15 मार्च 2020 को शहर के नारायणपुर स्थित पंचमुखी मंदिर में गोली मारकर की गई थी अधिवक्ता और उसकी बहन की हत्या । औरैया कोतवाली क्षेत्र के नारायणपुर स्थित पंचमुखी मंदिर का मामला रिपोर्ट -जनपद औरैया से soninews के लिये रामजी व्यास औरैया2
- यमुना के बढ़ते जलस्तर से कालपी में अलर्ट, 13 गांवों पर पैनी नजर प्रशासन ने कसी कमर: फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है नदी, एनडीआरएफ व एसडीआरएफ अलर्ट पर कालपी (जालौन)। यमुना नदी के जलस्तर में हो रही लगातार वृद्धि को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गया है। किसी भी संभावित आपदा से निपटने और तटीय इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए अधिकारियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। नदी के बहाव पर लगातार नजर रखी जा रही है, जबकि बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील 13 गांवों में विशेष चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।उपजिलाधिकारी विनय कुमार मौर्य ने बताया कि वर्तमान में यमुना का जलस्तर खतरे के बिंदु से नीचे है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। इसके बावजूद, जलस्तर में अचानक उछाल की संभावना को खारिज नहीं किया जा सकता, जिसे देखते हुए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, भोजन व राहत सामग्री वितरित करने तथा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के लिए खाका तैयार है। किसी भी आपात स्थिति के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को बैकअप पर रखा गया है। तटीय 13 गांवों में स्थिति, आवागमन और जलस्तर की पल-पल की रिपोर्ट ली जा रही है। एसडीएम ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे भ्रामक खबरों या अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल शासन-प्रशासन द्वारा जारी अधिकृत सूचनाओं पर ही विश्वास करें। उन्होंने कहा कि स्थिति फिलहाल सामान्य है, लेकिन प्रशासन किसी भी स्तर पर ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।1
- कोंच,जुलूस-ए-मोहम्मदी को लेकर पुलिस-प्रशासन सतर्क, पीस कमेटी की बैठक में दिए निर्देश कोंच ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर आगामी 26 अगस्त, बुधवार को प्रस्तावित जुलूस-ए-मोहम्मदी (बारावफात) को लेकर कोंच पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। जुलूस को शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और आपसी सौहार्द के साथ संपन्न कराने के उद्देश्य से बुधवार शाम 5:30 बजे कोतवाली परिसर में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में एसडीएम अभिनव कुमार, सीओ परमेश्वर प्रसाद और कोतवाल निगवेंद्र प्रताप सिंह ने मुस्लिम समाज एवं जुलूस कमेटी के पदाधिकारियों से जुलूस के मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था और तैयारियों की जानकारी ली। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जुलूस के दौरान कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसडीएम अभिनव कुमार ने सभी से आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ जुलूस निकालने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई कार्य न किया जाए, जिससे किसी व्यक्ति को परेशानी हो या शांति व्यवस्था प्रभावित हो। उन्होंने निर्धारित नियमों का पालन करने पर जोर दिया। सीओ परमेश्वर प्रसाद ने डीजे की ध्वनि और आकार को लेकर विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डीजे की आवाज निर्धारित मानकों के अनुरूप रखी जाए और उसकी लंबाई-चौड़ाई को लेकर प्रशासन के निर्देशों का पालन किया जाए। साथ ही लोहे के पोल पर झंडे आदि नहीं लगाने की हिदायत दी गई। कोतवाल निगवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि जुलूस के दौरान अराजकतत्वों और संदिग्ध गतिविधियों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा और पूरे जुलूस मार्ग पर निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने लोगों से संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की। बैठक में जुलूस कमेटी के सदर एवं सभासद शमशुद्दीन मंसूरी, आजादुद्दीन, काजी बशीरुद्दीन, मोहम्मद अहमद, हाफिज साबिर अली, एनुल आरफीन एडवोकेट, नन्नू कुरैशी, हामिद बरकाती, फहीमुद्दीन, अशफाक गौरी, विहिप जिला मंत्री साकेत शांडिल्य सहित मुस्लिम समाज एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। प्रशासन ने बैठक के माध्यम से स्पष्ट किया कि जुलूस के दौरान सुरक्षा, अनुशासन और सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। पुलिस-प्रशासन ने आयोजकों और आमजन से सहयोग की अपील की है।1
- यमुना के बढ़ते जलस्तर पर प्रशासन अलर्ट, NDRF-SDRF तैयार; 13 गांवों पर खास नजर खतरे के निशान से नीचे नदी का जलस्तर, संभावित बाढ़ को लेकर प्रशासन ने कसी कमर; ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील कालपी (जालौन) यमुना नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कालपी क्षेत्र में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, जबकि संभावित रूप से प्रभावित 13 गांवों पर विशेष नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम विनय कुमार मौर्य ने बताया कि फिलहाल यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है और स्थिति नियंत्रण में है। हालांकि, नदी के जलस्तर में किसी भी अचानक बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन के अनुसार, संभावित बाढ़ की स्थिति में ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, राहत सामग्री उपलब्ध कराने और जरूरत पड़ने पर बचाव अभियान चलाने की तैयारी की गई है। NDRF और SDRF की टीमें भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखी गई हैं। स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया जा रहा है। 13 गांवों पर विशेष निगरानी यमुना के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे और संभावित रूप से प्रभावित 13 गांवों को विशेष निगरानी में रखा है। इन क्षेत्रों में जलस्तर की स्थिति, आवागमन और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर लगातार जानकारी जुटाई जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि यदि जलस्तर अचानक बढ़ता है तो समय रहते प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। ग्रामीणों से अफवाहों से बचने की अपील प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। किसी भी आपात स्थिति में ग्रामीणों को प्रशासन द्वारा दिए जाने वाले निर्देशों का पालन करने तथा अधिकारियों को तत्काल सूचना देने को कहा गया है। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि फिलहाल स्थिति सामान्य है और यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है। बावजूद इसके प्रशासन संभावित बाढ़ को लेकर कोई लापरवाही नहीं बरतना चाहता। जलस्तर की लगातार निगरानी के साथ राहत एवं बचाव से जुड़ी व्यवस्थाओं को सक्रिय रखा गया है। प्रशासन की तैयारियों पर टिकी निगाहें यमुना नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के बीच प्रशासन की तैयारियां अब लगातार निगरानी में हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी तरह की परेशानी सामने आने पर तत्काल कार्रवाई करने की बात कही गई है। प्रशासन का कहना है कि जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव अभियान को तुरंत सक्रिय किया जाएगा। फिलहाल कालपी क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और ग्रामीण दोनों सतर्क हैं। आने वाले समय में जलस्तर में होने वाले बदलाव पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।3
- जालौन में सड़क पर कहासुनी के बाद दो पक्षों में मारपीट!! कोंच कोतवाली क्षेत्र के मारकंडेश्वर चौराहा स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर के सामने पैसों के लेनदेन को लेकर दो युवकों में कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। विवाद बढ़ने पर दोनों युवकों के बीच सड़क पर लात-घूसे चले और एक-दूसरे को जमीन पर पटककर पीटा गया। मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। घटना के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी है।1
- यमुना के बढ़ते जलस्तर पर प्रशासन अलर्ट, NDRF-SDRF तैयार—13 गांवों पर खास नजर कालपी (जालौन)। यमुना नदी के जलस्तर को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए NDRF और SDRF की टीमें मोर्चा संभालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। प्रशासन ने संभावित रूप से प्रभावित 13 गांवों को लेकर भी राहत और बचाव की तैयारियां पूरी कर ली हैं। एसडीएम विनय कुमार मौर्य ने बताया कि फिलहाल यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है और अभी किसी तरह की चिंता वाली स्थिति नहीं है। बावजूद इसके प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता और नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि अचानक जलस्तर बढ़ता है या बाढ़ की स्थिति बनती है, तो प्रशासन तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू करने के लिए तैयार है। NDRF और SDRF की टीमें, स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग आपात स्थिति में ग्रामीणों की मदद के लिए पूरी तरह तैयार हैं। 13 गांवों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को भी लगातार जागरूक किया जा रहा है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। फिलहाल यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे होने के चलते स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन प्रशासन की निगरानी लगातार जारी है। बाढ़ आए या हालात बिगड़ें—प्रशासन राहत और बचाव के लिए पूरी तरह तैयार है। बाइट __SDM विनय कुमार मौर्य कालपी (जालौन)4
- एक बार फिर गरमाया मृतक प्रदीप वर्मा का मामला दो दिन का आश्वासन, फिर भी गिरफ्तारी नहीं… प्रदीप के परिवार के आत्महत्या प्रयास किया खबर से मचा हड़कंप, कटघरे में पुलिस की कार्यशैली जालौन। प्रदीप वर्मा की मौत के मामले में एक बार फिर जालौन पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में खड़ी हो गई है। दो दिन में आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक कार्रवाई न होने से मृतक का परिवार बेहद आहत और आक्रोशित है। इसी बीच परिवार द्वारा आत्महत्या का प्रयास किए जाने की बात सामने आने से मामला और गंभीर हो गया है। प्रदीप की मौत से पहले सामने आए वीडियो में उसने कथित उत्पीड़न की बात कहते हुए कुछ लोगों के नाम बताए थे। पोस्टमार्टम के बाद शव जालौन पहुंचने पर परिजनों ने जालौन-औरैया मार्ग पर रिलायंस पेट्रोल पंप के सामने शव रखकर जाम लगा दिया था। उस दौरान पुलिस ने परिवार को दो दिन के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था। लेकिन दो दिन गुजर गए और गिरफ्तारी नहीं हुई। इसके बाद रात करीब 10 बजे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें मृतक की पत्नी और बच्चे रोते-बिलखते हुए दिखाई दे रहे हैं। परिवार पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी और न्याय की गुहार लगाता नजर आ रहा है। ‘अगर गिरफ्तारी नहीं करनी थी तो आश्वासन क्यों?’ अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर पुलिस को आरोपियों की गिरफ्तारी करनी ही नहीं थी तो परिजनों को दो दिन का आश्वासन क्यों दिया गया? क्या यह आश्वासन सिर्फ सड़क पर लगा जाम खुलवाने तक सीमित था? एक तरफ सरकार लगातार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अपराध पर जीरो टॉलरेंस की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ इस मामले में गिरफ्तारी न होने से पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। क्या आरोपी खुलेआम घूमते रहेंगे और पीड़ित परिवार न्याय के लिए दर-दर भटकता रहेगा? जालौन में सामने आए इस मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि पुलिस कथित आरोपियों तक कब पहुंचती है और परिवार को न्याय दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है। फिलहाल प्रदीप के परिवार का दर्द, रात में वायरल हुआ वीडियो और गिरफ्तारी को लेकर उठ रहे सवाल पूरे मामले को बेहद संवेदनशील बना रहे हैं। अब निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।1