बारिश का मौसम शुरू होते ही बुरहानपुर शहर में 84 जर्जर निजी मकान और भवन लोगों की जान के लिए खुला खतरा बन गए हैं। नगर निगम ने ऐसे भवनों की पहचान कर उनके मालिकों को नोटिस जारी किए हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई न होने पर प्रशासन की ढिलाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं, जो किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता दे सकती है। नगर निगम के अनुसार, दो भवनों को हटाने का दावा किया गया है, लेकिन बाकी जर्जर इमारतों पर कार्रवाई की धीमी रफ्तार से निगम और जिला प्रशासन की गंभीरता पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं। वर्षा के दौरान इन जर्जर भवनों के गिरने का खतरा और भी बढ़ जाता है, जिससे इनके आसपास रहने वाले लोगों और राहगीरों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता है। कलेक्टर हर्ष सिंह ने बताया कि उनके पास जर्जर भवनों की सूची है और कुछ को नोटिस दिया जा चुका है, जबकि बाकी को भी नोटिस देकर गिराने की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का दावा है कि नोटिस के बाद भी कार्रवाई न करने वाले भवन मालिकों के विरुद्ध नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, शहरवासियों का कहना है कि केवल चेतावनियों और कागजी कार्रवाई से काम नहीं चलेगा, बल्कि तत्काल सख्त कदम उठाने होंगे। उधर, कांग्रेस जिलाध्यक्ष रिंकू टाक ने नगर निगम और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर में कई जर्जर भवन बड़े हादसों का कारण बन सकते हैं और यदि समय रहते इन्हें नहीं हटाया गया तो जनहानि की आशंका बनी रहेगी। उन्होंने कलेक्टर से मिलकर सभी खतरनाक जर्जर भवनों को तुरंत गिराने की मांग करने की बात कही है। लोगों की अपील है कि नगर निगम और जिला प्रशासन तुरंत कार्रवाई करे ताकि बारिश के मौसम में कोई जनहानि न हो और जर्जर भवन किसी की जान न ले सकें।
बारिश का मौसम शुरू होते ही बुरहानपुर शहर में 84 जर्जर निजी मकान और भवन लोगों की जान के लिए खुला खतरा बन गए हैं। नगर निगम ने ऐसे भवनों की पहचान कर उनके मालिकों को नोटिस जारी किए हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई न होने पर प्रशासन की ढिलाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं, जो किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता दे सकती है। नगर निगम के अनुसार, दो भवनों को हटाने का दावा किया गया है, लेकिन बाकी जर्जर इमारतों पर कार्रवाई की धीमी रफ्तार से निगम और जिला प्रशासन की गंभीरता पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं। वर्षा के दौरान इन जर्जर भवनों के गिरने का खतरा और भी बढ़ जाता है, जिससे इनके आसपास रहने वाले लोगों और राहगीरों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता है। कलेक्टर हर्ष सिंह ने बताया कि उनके पास जर्जर भवनों की सूची है और कुछ को नोटिस दिया जा चुका है, जबकि बाकी को भी नोटिस देकर गिराने की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का दावा है कि नोटिस के बाद भी कार्रवाई न करने वाले भवन मालिकों के विरुद्ध नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, शहरवासियों का कहना है कि केवल चेतावनियों और कागजी कार्रवाई से काम नहीं चलेगा, बल्कि तत्काल सख्त कदम उठाने होंगे। उधर, कांग्रेस जिलाध्यक्ष रिंकू टाक ने नगर निगम और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर में कई जर्जर भवन बड़े हादसों का कारण बन सकते हैं और यदि समय रहते इन्हें नहीं हटाया गया तो जनहानि की आशंका बनी रहेगी। उन्होंने कलेक्टर से मिलकर सभी खतरनाक जर्जर भवनों को तुरंत गिराने की मांग करने की बात कही है। लोगों की अपील है कि नगर निगम और जिला प्रशासन तुरंत कार्रवाई करे ताकि बारिश के मौसम में कोई जनहानि न हो और जर्जर भवन किसी की जान न ले सकें।
- बारिश का मौसम शुरू होते ही बुरहानपुर शहर में 84 जर्जर निजी मकान और भवन लोगों की जान के लिए खुला खतरा बन गए हैं। नगर निगम ने ऐसे भवनों की पहचान कर उनके मालिकों को नोटिस जारी किए हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई न होने पर प्रशासन की ढिलाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं, जो किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता दे सकती है। नगर निगम के अनुसार, दो भवनों को हटाने का दावा किया गया है, लेकिन बाकी जर्जर इमारतों पर कार्रवाई की धीमी रफ्तार से निगम और जिला प्रशासन की गंभीरता पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं। वर्षा के दौरान इन जर्जर भवनों के गिरने का खतरा और भी बढ़ जाता है, जिससे इनके आसपास रहने वाले लोगों और राहगीरों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता है। कलेक्टर हर्ष सिंह ने बताया कि उनके पास जर्जर भवनों की सूची है और कुछ को नोटिस दिया जा चुका है, जबकि बाकी को भी नोटिस देकर गिराने की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का दावा है कि नोटिस के बाद भी कार्रवाई न करने वाले भवन मालिकों के विरुद्ध नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, शहरवासियों का कहना है कि केवल चेतावनियों और कागजी कार्रवाई से काम नहीं चलेगा, बल्कि तत्काल सख्त कदम उठाने होंगे। उधर, कांग्रेस जिलाध्यक्ष रिंकू टाक ने नगर निगम और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर में कई जर्जर भवन बड़े हादसों का कारण बन सकते हैं और यदि समय रहते इन्हें नहीं हटाया गया तो जनहानि की आशंका बनी रहेगी। उन्होंने कलेक्टर से मिलकर सभी खतरनाक जर्जर भवनों को तुरंत गिराने की मांग करने की बात कही है। लोगों की अपील है कि नगर निगम और जिला प्रशासन तुरंत कार्रवाई करे ताकि बारिश के मौसम में कोई जनहानि न हो और जर्जर भवन किसी की जान न ले सकें।1
- एक कार्यक्रम के दौरान, महापौर अमृता अमर यादव ने होनहार छात्रा खुशी पटेल को उनकी शिक्षा के लिए साइकिल भेंट कर सम्मानित किया। इसी कार्यक्रम में, पीएम स्वनिधि योजना के तहत आने वाले हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए।1
- बारिश के कारण एक गली में बहुत अधिक कीचड़ हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर लोगों ने पंचायत में शिकायत दर्ज कराई थी और गली में कीचड़ की समस्या के समाधान के लिए कंक्रीट सड़क बनाने की मांग की थी। हालांकि, पंचायत के मंत्री सचिव ने उनकी समस्या सुनने के बजाय एक असामान्य सलाह दी। मंत्री सचिव ने लोगों से अपने मकान बेचकर किसी बेहतर जगह घर ले लेने की सलाह दी और उनकी कंक्रीट की मांग को पूरी तरह नकार दिया।2
- पुलिस ने निर्मल विद्यापीठ में 'सेफ क्लिक 2.0' नामक अभियान का संचालन किया। इस अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के महत्व और उससे जुड़ी जानकारी के प्रति जागरूक किया गया।1
- मानसून के मद्देनजर, हरदा कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन ने शुक्रवार, 3 जुलाई 2026 को जिले के वन क्षेत्रों का व्यापक भ्रमण किया और प्रमुख पुल-पुलियाओं का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलियों और ब्रिजों की स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक सुरक्षा इंतजामों को सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए। अपने निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर ने हरदा की बंगाली कॉलोनी में रन्हाई रोड़ की पुलिया, सोहागपुर में सोहागपुर-मनियाखेड़ी की पुलिया, दूधकच्छ में रहटगांव रोड़ की पुलिया, रहटगांव में नजरपुरा-रहटगांव ब्रिज, ग्राम बड़वानी में गांव की पुलिया और ग्राम सोडलपुर में हंसावती नदी की पुलिया का दौरा किया। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए सभी पुल-पुलियाओं पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने को कहा कि पुल-पुलियाओं के जलमग्न होने की स्थिति में यात्रियों और वाहनों का आवागमन पूरी तरह से रोक दिया जाए। इसके लिए, उन्होंने अधिकारियों को जलमग्न होने वाली पुल-पुलियाओं पर बेरिकेड और आवश्यक सूचना पटल लगाने के साथ-साथ आवागमन रोकने के लिए कर्मचारी तैनात करने के भी निर्देश दिए। इस निरीक्षण के समय एसडीएम हरदा श्री अशोक डहेरिया, एसडीएम टिमरनी श्री संजीव नागू और पुल निर्माण से संबंधित अन्य अधिकारी मौजूद थे।2
- खंडवा के पहलवानों ने कुश्ती में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिले और प्रदेश का मान बढ़ाया है। बोरगांव खुर्द के नीरज पटेल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एशिया में तिरंगा लहराते हुए भारत के लिए कांस्य पदक जीता है। इसी के साथ, माधुरी और छाया का भी चयन राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए किया गया है। इन तीनों खिलाड़ियों की उपलब्धियों से कुश्ती के क्षेत्र में खंडवा का जलवा कायम रहा है।1
- सनावद में इंदौर-इच्छापुर मार्ग पर अमृत योजना 2.0 के तहत पाइपलाइन बिछाने के बाद पेवर ब्लॉक के कार्य में भारी लापरवाही का आरोप लगा है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। पहले नगर की सीमा में सुरक्षा और सौंदर्यीकरण के लिए सड़क के दोनों किनारों पर 10-10 पेवर ब्लॉक की लाइनें बिछाई गई थीं। बाद में नगर की पानी की आपूर्ति और टंकियों तक पानी पहुँचाने के लिए पाइपलाइन डालने हेतु एक तरफ के पेवर ब्लॉक उखाड़ दिए गए थे। आरोप है कि पाइपलाइन का कार्य पूरा होने के बाद ठेकेदार धर्मेंद्र करोड़ा ने सड़क किनारे की स्थिति को पूर्ववत नहीं किया। नगर के जागरूक नागरिकों और जनप्रतिनिधियों द्वारा मामला उठाए जाने के बाद भी, ठेकेदार ने तकनीकी मापदंडों के विपरीत केवल पांच से सात लाइनों में पेवर ब्लॉक लगाकर औपचारिकता पूरी की। ये लगाए गए पेवर ब्लॉक जगह-जगह धंस गए हैं, जिससे बड़ी दुर्घटना होने की आशंका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस अधूरे और गुणवत्ताहीन कार्य के कारण मार्ग का सौंदर्यीकरण प्रभावित हुआ है, और बारिश के मौसम में कीचड़ तथा धंसे पेवर ब्लॉक दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं। नागरिकों ने संबंधित विभाग से मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने और विधिवत कार्य पूरा कराने की मांग की है, साथ ही अधिकारियों द्वारा कार्य के अवलोकन न किए जाने पर नाराजगी भी व्यक्त की है। इस संबंध में, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि इंदर बिरला ने बताया कि ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि जितने पेवर ब्लॉक निकाले गए हैं, उन्हें उसी स्थिति में पुनः लगाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कार्य में गुणवत्ता की कमी पाई जाती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और ठेकेदार का भुगतान भी रोका जा सकता है। बिरला ने यह भी बताया कि रोड मेंटेनेंस का कार्य 'रुद्रा' कंपनी द्वारा किया जा रहा है और उनसे भी संपर्क किया जाएगा। अब सवाल उठता है कि क्या संबंधित ठेकेदार अपनी जिम्मेदारियां निभाते हुए पेवर ब्लॉक को पुनः उचित अवस्था में लगाएगा, या यह मार्ग, जिसे दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए और नगर के सौंदर्यीकरण के लिए बनाया गया था, राजनीति की भेंट चढ़ जाएगा।4