राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने 7 जून 2026 को होने वाली "युवाओं की संवाद यात्रा" को व्यापक जनसमर्थन दिलाने के उद्देश्य से मंगलवार को लातेहार स्थित जिला कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। इस कवायद का मुख्य लक्ष्य आगामी "युवा राजद सम्पर्क यात्रा" को सफल बनाना है। जिला युवा राजद अध्यक्ष दीपक यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिले के सभी प्रखंडों से पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि पार्टी कार्यकर्ता प्रखंड और बूथ स्तर पर सक्रिय होकर राजद के विचारों से सहमत लोगों व आम जनता को इस यात्रा में शामिल होने के लिए प्रेरित करेंगे। यात्रा की सफलता के लिए जनसमर्थन जुटाने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही, युवा संगठन के सुचारू संचालन हेतु विभिन्न प्रखंडों के लिए प्रखंड अध्यक्षों की घोषणा भी की गई। मनोनीत प्रखंड अध्यक्षों में चंदवा से विपिन यादव, बालूमाथ से मोहम्मद इमरान आलम, हेरहंज से तुलेश गंजू, बरियातू से मोहम्मद आरिफ अंसारी, मनिका से रुपेश यादव, बरवाडीह से धीरेंद्र गोस्वामी और लातेहार से मोहम्मद सुहैल आलम शामिल हैं। जिला अध्यक्ष दीपक यादव ने नए मनोनीत अध्यक्षों को उनकी जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने उनसे आग्रह किया कि वे अपने-अपने प्रखंडों में युवाओं को जोड़कर यात्रा की तैयारियों में सक्रिय भूमिका निभाएँ। बैठक में आगे की रणनीति और विभिन्न कार्यकर्ताओं के बीच जिम्मेवारी वितरण पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने 7 जून 2026 को होने वाली "युवाओं की संवाद यात्रा" को व्यापक जनसमर्थन दिलाने के उद्देश्य से मंगलवार को लातेहार स्थित जिला कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। इस कवायद का मुख्य लक्ष्य आगामी "युवा राजद सम्पर्क यात्रा" को सफल बनाना है। जिला युवा राजद अध्यक्ष दीपक यादव की अध्यक्षता में
हुई इस बैठक में जिले के सभी प्रखंडों से पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि पार्टी कार्यकर्ता प्रखंड और बूथ स्तर पर सक्रिय होकर राजद के विचारों से सहमत लोगों व आम जनता को इस यात्रा में शामिल होने के लिए प्रेरित करेंगे। यात्रा की सफलता के लिए जनसमर्थन जुटाने
पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही, युवा संगठन के सुचारू संचालन हेतु विभिन्न प्रखंडों के लिए प्रखंड अध्यक्षों की घोषणा भी की गई। मनोनीत प्रखंड अध्यक्षों में चंदवा से विपिन यादव, बालूमाथ से मोहम्मद इमरान आलम, हेरहंज से तुलेश गंजू, बरियातू से मोहम्मद आरिफ अंसारी, मनिका से रुपेश यादव, बरवाडीह से धीरेंद्र गोस्वामी और लातेहार से
मोहम्मद सुहैल आलम शामिल हैं। जिला अध्यक्ष दीपक यादव ने नए मनोनीत अध्यक्षों को उनकी जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने उनसे आग्रह किया कि वे अपने-अपने प्रखंडों में युवाओं को जोड़कर यात्रा की तैयारियों में सक्रिय भूमिका निभाएँ। बैठक में आगे की रणनीति और विभिन्न कार्यकर्ताओं के बीच जिम्मेवारी वितरण पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
- Deepak Yadavबालूमाथ, लातेहार, झारखंडgh5 hrs ago
- बिशुनपुर प्रखंड के पूर्व प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सुलेमान मुंडरी ने महुआडांड में नए अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) के रूप में अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। प्रशासनिक सेवा में यह उनकी पहली एसडीएम नियुक्ति है, जिसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। अपने सरल स्वभाव, मृदुभाषी व्यक्तित्व और कर्मठ कार्यशैली के लिए लोकप्रिय रहे मुंडरी की इस नई नियुक्ति से क्षेत्रवासियों में भारी उत्साह और खुशी का माहौल है। पदभार ग्रहण करने के बाद एक विशेष इंटरव्यू में, नए एसडीएम सुलेमान मुंडरी ने महुआडांड की जनता को 'जोहार' कहकर अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता क्षेत्र में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना है, जिसे महुआडांड के शांतिपूर्ण माहौल में पूरी तरह से कायम रखा जाएगा। दूसरी बड़ी प्राथमिकता विकास कार्यों को गति देना है, जिसके लिए ब्लॉक, अंचल और अनुमंडल प्रशासन मिलकर, जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अधिकतम प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि आम लोगों की समस्याओं और मुख्य मुद्दों को गंभीरता से सुना जाएगा तथा जनता के सक्रिय सहयोग से ही विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। एसडीएम मुंडरी ने क्षेत्र की जनता को बेझिझक होकर अपनी बात रखने का संदेश दिया है। उन्होंने महुआडांड की आम जनता से बिना किसी संकोच के उनसे मिलने, अपनी समस्याएं रखने और क्षेत्र की बेहतरी के लिए सुझाव साझा करने का आग्रह किया है, जिससे स्थानीय समस्याओं को करीब से जानने और उनके त्वरित व उचित समाधान निकालने में मदद मिलेगी। सुलेमान मुंडरी के पदभार ग्रहण करने पर महुआडांड अनुमंडल सांसद प्रतिनिधी संजय जायसवाल, भाजपा मंडल के पश्चिमी अध्यक्ष अमित कुमार जायसवाल, पूर्वी मंडल अध्यक्ष प्रशांत सिंह, नेतरहाट होटल संघ के सर्वेश प्रसाद, विनय प्रसाद, हेमंत प्रसाद और बिट्टू प्रसाद सहित कई गणमान्य लोगों ने खुशी जाहिर की। नेतरहाट के मुखिया राम विष्णु नगेसिया, गजेंद्र किसान, तेज नारायण किसान सहित दर्जनों स्थानीय नागरिकों ने उन्हें बुके देकर बधाई दी और सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं भी दीं। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि उनके पिछले प्रशासनिक अनुभवों और कार्यकुशलता का लाभ इस पूरे अनुमंडल को मिलेगा।1
- सोशल मीडिया पर लोहरदगा से एक हैरान कर देने वाला सवाल वायरल हो रहा है, जिसमें सीधे तौर पर पूछा गया है कि क्या ईसाई और आदिवासी 'एक ही मां के औलाद' हैं। यह पोस्ट ईसाई और आदिवासी पहचान के बीच के संबंध पर एक तीव्र और विवादास्पद प्रश्न उठाता है, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।1
- दिल्ली के लाल किला में आयोजित जनजाति संस्कृति महा संगम कार्यक्रम में झारखंड के लातेहार जिले के पोचरा, माजर गांव निवासी सत्येंद्र सिंह खेरवार ने जनजाति हित, संस्कृति और समाज के उत्थान पर एक प्रभावशाली उद्बोधन दिया। इस कार्यक्रम में देश के गृहमंत्री अमित शाह भी मंच पर उपस्थित थे, जिन्होंने सत्येंद्र सिंह की बातों को गंभीरता से सुना। अपने संबोधन के दौरान, अमित शाह ने कई बार सत्येंद्र सिंह का नाम लेकर उनके कार्यों की सराहना की, जिससे लातेहार का नाम राष्ट्रीय मंच पर गूंज उठा। सत्येंद्र सिंह ने लातेहार जैसे छोटे जिले के माजर गांव से निकलकर एक संगठन के माध्यम से अपनी राष्ट्रीय पहचान बनाई है। उनका प्रारंभिक जीवन वनवासी कल्याण केंद्र में प्रखंड संगठन मंत्री के रूप में शुरू हुआ था। इस दौरान उन्हें स्व. डॉ. आर.पी. गुप्ता और उनकी धर्मपत्नी स्व. कुंती देवी का हर कदम पर मार्गदर्शन और सहयोग मिला। आज वे राष्ट्रीय स्तर पर जनजाति समाज की एक प्रमुख आवाज बन चुके हैं। नई दिल्ली में देशभर से आए लाखों जनजाति समाज के लोगों के बीच मंच से मार्गदर्शन देना लातेहार के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है। एक छोटे गांव से निकलकर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाना युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। माजर भले ही एक अविकसित गांव है, लेकिन इसके निवासी आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए वर्षों जेल में रहे थे। राष्ट्र और धर्म के लिए माजर गांव सदैव आगे रहा है।1
- चतरा लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री कालीचरण सिंह ने भीषण गर्मी और तपती धूप के बीच मनिका प्रखंड क्षेत्र का दौरा किया। अपने इस दौरे के दौरान, सांसद सिंह ने कुई निवासी स्वर्गीय श्री चंदन कुमार के परिजनों से मुलाकात की, जो लैंपस प्रबंधक थे। उन्होंने शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया।1
- राजधानी रांची में लगातार गहराते पेयजल संकट को लेकर लोगों का गुस्सा सड़क पर उतर आया है। पानी की किल्लत से परेशान सैकड़ों की संख्या में महिलाएं, बच्चे और युवा हाथों में बाल्टी, जार और पानी के बर्तन लेकर कर्बला चौक पहुंच गए और सड़क जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। कई इलाकों में नियमित जलापूर्ति नहीं होने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच हालात और भी कठिन हो गए हैं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। आक्रोशित लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जल्द से जल्द समस्या के समाधान की मांग की। इस प्रदर्शन के कारण कुछ समय तक यातायात भी प्रभावित रहा और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि पानी की समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।1
- रातु के गुडू गांव में महान स्वतंत्रता सेनानी ठेबले उराँव की 68वीं पुण्यतिथि मनाने की तैयारी को लेकर एक बैठक आयोजित की गई। कुरमाली भाषा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजाराम महतो ने इस दौरान गुडू गांव का भ्रमण किया, जहाँ उन्होंने ठेबले उराँव के परिवारों से मुलाकात की और जनसंपर्क अभियान चलाया। डॉ. महतो ने 1 जून को होने वाले पुण्यतिथि समारोह की तैयारियों का जायजा लिया और बताया कि गुडू गांव में ठेबले उराँव की आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाएगी। प्रतिमा स्थापना और ठेबले उराँव के पैतृक गांव गुडू के सर्वांगीण विकास की मांग को लेकर उनके वंशजों ने झारखंड के राज्यपाल को एक आवेदन सौंपा है। डॉ. राजाराम महतो ने अपने पत्र में यह भी बताया कि स्वतंत्रता सेनानी ठेबले उराँव स्वतंत्र भारत के प्रथम नामित सांसद थे। उन्होंने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि झारखंड सरकार के निर्णय के अनुरूप ठेबले उराँव के पैतृक गांव गुडू रातू का सर्वांगीण विकास किया जाए और उनकी आदमकद प्रतिमा लगाई जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके योगदान से प्रेरणा प्राप्त कर सकें। पत्र में यह भी जानकारी दी गई है कि रातु अंचल के मौजा गुडू में खाता संख्या 79, प्लॉट संख्या 1, रकबा 21 डिसमिल गैर-मजरूआ जमीन को जिला प्रशासन द्वारा इस कार्य के लिए चिन्हित किया गया है। डॉ. महतो के पत्र में ठेबले उराँव के महत्वपूर्ण योगदानों का भी उल्लेख है; उन्होंने शिक्षक के रूप में अपना जीवन शुरू किया और बाद में समाज व देश सेवा में खुद को समर्पित कर दिया। उन्होंने वर्ष 1900 में छोटानागपुर उन्नति समाज की स्थापना की और उसके अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। 1908 में उन्होंने शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए लंबे समय तक प्रयास किए, 1916 में गो-रक्षा के लिए आंदोलन चलाया और 1928 में साइमन कमीशन के समक्ष झारखंड को अलग प्रांत बनाने की मांग रखी। इसके अतिरिक्त, 1931 में उन्होंने छोटानागपुर किसान सभा का गठन कर किसानों को संगठित किया और रांची विश्वविद्यालय की स्थापना में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस अवसर पर डॉ. राजाराम महतो के साथ शिवशंकर नीलकंठ महतो, नरेश महतो, भावेश मिश्रा, जीतराम लोहारा, सोहराय उरांव, टूना उरांव, बसंती उरांव और अन्य ग्रामवासी उपस्थित थे।1
- सोमवार को बरवाडीह प्रखंड मुख्यालय के मस्जिद मोहल्ला में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब झामुमो नेता गुलाम अशगर के घर के ऊपर से गुजर रहा 11 हजार वोल्ट का हाईटेंशन बिजली तार अचानक टूटकर छत पर गिर पड़ा। गनीमत रही कि घटना के वक्त परिवार के सदस्य बाल-बाल बच गए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तार तेज आवाज के साथ टूटा, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई और आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह हाईटेंशन तार लंबे समय से घरों के ऊपर से गुजर रहा है और इसे हटाने की मांग कई बार बिजली विभाग से की जा चुकी है, लेकिन विभाग ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। परिजनों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी अनदेखी के कारण कभी भी बड़ी जनहानि हो सकती थी, क्योंकि तार काफी नीचे झूल रहा था जिससे हमेशा खतरा बना रहता था। इस घटना के बाद मोहल्ले में लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। स्थानीय नागरिकों ने बिजली विभाग से तत्काल जर्जर तार हटाने, वैकल्पिक लाइन की व्यवस्था करने और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा जांच अभियान चलाने की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे विभाग के खिलाफ आंदोलन करेंगे।1
- आदिवासी महिलाएँ अपने अधिकारों की रक्षा के लिए दिल्ली पहुँची हैं।1
- गुमला के सिसई थाना परिसर में बकरीद पर्व के शांतिपूर्ण आयोजन हेतु एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुरेश प्रसाद यादव और अंचल पुलिस निरीक्षक गुलशन भेंगरा ने की, जिसमें पर्व को आपसी भाईचारे और शांतिपूर्ण ढंग से मनाने की अपील की गई। पुलिस प्रशासन ने लोगों से किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचने का आग्रह किया। साथ ही, सोशल मीडिया पर गलत अफवाह फैलाने वालों की पहचान कर तत्काल थाना प्रभारी को सूचना देने के निर्देश दिए गए, ताकि ऐसे व्यक्तियों पर उचित कार्रवाई की जा सके। बैठक के दौरान अंजुमन फलाहुल मुस्लेमिन संगठन सिसई ने बकरीद की नमाज़ के निर्धारित समय की जानकारी दी। बताया गया कि सिसई के आठ अलग-अलग मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह 6:30 बजे से 8:00 बजे तक नमाज़ अदा की जाएगी। संगठन ने पशु बलि की तस्वीरें या वीडियो लेने और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करने पर सख्त प्रतिबंध लगाने की बात भी कही। प्रशासन ने आगामी 28 मई को मनाए जाने वाले बकरीद पर्व के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने का आश्वासन दिया। विशेष रूप से, 28 मई को बृहस्पतिवार होने के कारण सिसई प्रखंड में लगने वाले साप्ताहिक बाजार में भारी भीड़ की आशंका के मद्देनजर सड़कों पर वाहनों के आवागमन को वन-वे (एक तरफा) रखा जाएगा, ताकि जाम की स्थिति न बने और आम जनता को असुविधा न हो। इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य सिसई उत्तरी विजयलक्ष्मी कुमारी, पंसस रेखा देवी, जाकिर अली, थाना प्रभारी नीरज कुमार, एसआई अजय कुमार, जनप्रतिनिधि सुनीता कुमारी, शकुंतला देवी, बंदीराम उरांव, शांति समिति के सदस्य अंजुमन सदर सलमान अली, बैबूल अंसारी, निरंजन सिंह, तेजमोहन साहु, विपिन बिहारी झा, कैप्टन लोहरा उरांव, मनोज वर्मा, सूरज सिंह, नवल महतो, सुप्रदीप साहु सहित कई अन्य प्रबुद्ध गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।4