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सफाई कर्मियों की हड़ताल के बीच वार्ड पार्षदों ने संभाला मोर्चा, चलाया विशेष सफाई अभियान सहरसा जिले के नवहट्टा नगर पंचायत में इन दिनों सफाई कर्मियों की हड़ताल के कारण उत्पन्न हुए सफाई संकट से निपटने के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने कड़ा रुख अपनाया है। एक तरफ जहां सफाई कर्मी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं, वहीं दूसरी तरफ शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बनाए रखने के लिए नगर पंचायत प्रशासन और वार्ड पार्षदों ने खुद मोर्चा संभाल लिया है।नवहट्टा नगर पंचायत क्षेत्र में साफ-सफाई व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए एक विशेष सफाई अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान शहर के विभिन्न वार्डों में जगह-जगह लगे कचरे के ढेरों का उठाव कराया गया। ​इस विशेष अभियान में नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी, चेयरमैन, सभी वार्ड पार्षद और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर नवहट्टा थाना की पुलिस बल की टीम सक्रिय रूप से मौजूद रही। अधिकारियों और पार्षदों की देखरेख में शहर के अलग-अलग इलाकों में युद्धस्तर पर सफाई कार्य पूरा किया गया।हड़ताल के बीच वार्ड पार्षदों ने कुछ लोगों पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। पार्षदों का कहना है कि सफाई कर्मियों को कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा बरगलाया जा रहा है और बेवजह विरोध प्रदर्शन कराया जा रहा है। ​वार्ड पार्षदों ने स्पष्ट किया कि जिन न्यायसंगत समस्याओं को लेकर सफाई कर्मियों ने हड़ताल शुरू की थी, नगर पंचायत प्रशासन द्वारा उन सभी समस्याओं का समाधान पहले ही किया जा चुका है। ऐसी स्थिति में सफाई कर्मियों का लगातार हड़ताल पर रहना पूरी तरह से अनुचित है। पार्षदों ने हड़ताली कर्मियों से अपील की है कि वे जनहित को ध्यान में रखते हुए अपनी हड़ताल समाप्त करें और तुरंत वापस काम पर लौटें।फिलहाल नगर पंचायत प्रशासन और पार्षदों की इस त्वरित कार्रवाई से शहर की सड़कों पर कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन मुख्य समस्या तब तक बनी रहेगी जब तक सफाई कर्मी काम पर नहीं लौटते। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन की इस पहल और अपील के बाद सफाई कर्मियों की हड़ताल पर क्या विराम लगता है और नगर की सफाई व्यवस्था कब तक पूरी तरह पटरी पर लौटती है।

19 hrs ago
user_पत्रकार सरफराज खान
पत्रकार सरफराज खान
Teacher नौहट्टा, सहरसा, बिहार•
19 hrs ago

सफाई कर्मियों की हड़ताल के बीच वार्ड पार्षदों ने संभाला मोर्चा, चलाया विशेष सफाई अभियान सहरसा जिले के नवहट्टा नगर पंचायत में इन दिनों सफाई कर्मियों की हड़ताल के कारण उत्पन्न हुए सफाई संकट से निपटने के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने कड़ा रुख अपनाया है। एक तरफ जहां सफाई कर्मी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं, वहीं दूसरी तरफ शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बनाए रखने के लिए नगर पंचायत प्रशासन और वार्ड पार्षदों ने खुद मोर्चा संभाल लिया है।नवहट्टा नगर पंचायत क्षेत्र में साफ-सफाई व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए एक विशेष सफाई अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान शहर के विभिन्न वार्डों में जगह-जगह लगे कचरे के ढेरों का उठाव कराया गया। ​इस विशेष अभियान में नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी, चेयरमैन, सभी वार्ड पार्षद और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर नवहट्टा थाना की पुलिस बल की टीम सक्रिय रूप से मौजूद रही। अधिकारियों और पार्षदों की देखरेख में शहर के अलग-अलग इलाकों में युद्धस्तर पर सफाई कार्य पूरा किया गया।हड़ताल के बीच वार्ड पार्षदों ने कुछ लोगों पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। पार्षदों का कहना है कि सफाई कर्मियों को कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा बरगलाया जा रहा है और बेवजह विरोध प्रदर्शन कराया जा रहा है। ​वार्ड पार्षदों ने स्पष्ट किया कि जिन न्यायसंगत समस्याओं को लेकर सफाई कर्मियों ने हड़ताल शुरू की थी, नगर पंचायत प्रशासन द्वारा उन सभी समस्याओं का समाधान पहले ही किया जा चुका है। ऐसी स्थिति में सफाई कर्मियों का लगातार हड़ताल पर रहना पूरी तरह से अनुचित है। पार्षदों ने हड़ताली कर्मियों से अपील की है कि वे जनहित को ध्यान में रखते हुए अपनी हड़ताल समाप्त करें और तुरंत वापस काम पर लौटें।फिलहाल नगर पंचायत प्रशासन और पार्षदों की इस त्वरित कार्रवाई से शहर की सड़कों पर कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन मुख्य समस्या तब तक बनी रहेगी जब तक सफाई कर्मी काम पर नहीं लौटते। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन की इस पहल और अपील के बाद सफाई कर्मियों की हड़ताल पर क्या विराम लगता है और नगर की सफाई व्यवस्था कब तक पूरी तरह पटरी पर लौटती है।

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    कोसी का जलस्तर बढ़ा तो मचा हड़कंप, प्रशासन की अपील—अफवाहों पर ध्यान न दें
    user_Mukesh kr mandal
    Mukesh kr mandal
    Voice of people Nauhatta, Saharsa•
    10 hrs ago
  • सफाई कर्मियों की हड़ताल के बीच वार्ड पार्षदों ने संभाला मोर्चा, चलाया विशेष सफाई अभियान सहरसा जिले के नवहट्टा नगर पंचायत में इन दिनों सफाई कर्मियों की हड़ताल के कारण उत्पन्न हुए सफाई संकट से निपटने के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने कड़ा रुख अपनाया है। एक तरफ जहां सफाई कर्मी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं, वहीं दूसरी तरफ शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बनाए रखने के लिए नगर पंचायत प्रशासन और वार्ड पार्षदों ने खुद मोर्चा संभाल लिया है।नवहट्टा नगर पंचायत क्षेत्र में साफ-सफाई व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए एक विशेष सफाई अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान शहर के विभिन्न वार्डों में जगह-जगह लगे कचरे के ढेरों का उठाव कराया गया। ​इस विशेष अभियान में नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी, चेयरमैन, सभी वार्ड पार्षद और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर नवहट्टा थाना की पुलिस बल की टीम सक्रिय रूप से मौजूद रही। अधिकारियों और पार्षदों की देखरेख में शहर के अलग-अलग इलाकों में युद्धस्तर पर सफाई कार्य पूरा किया गया।हड़ताल के बीच वार्ड पार्षदों ने कुछ लोगों पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। पार्षदों का कहना है कि सफाई कर्मियों को कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा बरगलाया जा रहा है और बेवजह विरोध प्रदर्शन कराया जा रहा है। ​वार्ड पार्षदों ने स्पष्ट किया कि जिन न्यायसंगत समस्याओं को लेकर सफाई कर्मियों ने हड़ताल शुरू की थी, नगर पंचायत प्रशासन द्वारा उन सभी समस्याओं का समाधान पहले ही किया जा चुका है। ऐसी स्थिति में सफाई कर्मियों का लगातार हड़ताल पर रहना पूरी तरह से अनुचित है। पार्षदों ने हड़ताली कर्मियों से अपील की है कि वे जनहित को ध्यान में रखते हुए अपनी हड़ताल समाप्त करें और तुरंत वापस काम पर लौटें।फिलहाल नगर पंचायत प्रशासन और पार्षदों की इस त्वरित कार्रवाई से शहर की सड़कों पर कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन मुख्य समस्या तब तक बनी रहेगी जब तक सफाई कर्मी काम पर नहीं लौटते। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन की इस पहल और अपील के बाद सफाई कर्मियों की हड़ताल पर क्या विराम लगता है और नगर की सफाई व्यवस्था कब तक पूरी तरह पटरी पर लौटती है।
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    सफाई कर्मियों की हड़ताल के बीच वार्ड पार्षदों ने संभाला मोर्चा, चलाया विशेष सफाई अभियान
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    user_पत्रकार सरफराज खान
    पत्रकार सरफराज खान
    Teacher नौहट्टा, सहरसा, बिहार•
    19 hrs ago
  • मात्र 18 घंटा में डाकबम पहुंची देवघर बिहार की रहने वाली है
    1
    मात्र 18 घंटा में डाकबम पहुंची देवघर बिहार की रहने वाली है
    user_पत्रकार हेमंत चौधरी
    पत्रकार हेमंत चौधरी
    महिषी, सहरसा, बिहार•
    19 hrs ago
  • किसानों को हुए फ़सल क्षति मुआवजे राशि में गरबरी को लेकर जिला प्रशासन से जांच की उठाया मांग सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के चंदौर पुर्वी पंचायत के जन प्रतिनिधि ने आपसी बैठक आयोजित कर बीते दिनों हुए फसल क्षति मुआवजे की मांग को लेकर जिला प्रशासन से जांच कर कार्रवाई की मांग किया है। इसको लेकर पंचायत के जन प्रतिनिधि का कहना है की जिस भी किसान का मक्का एवं गेहूं का फसल बीते कुछ माह पहले आंधी तूफान आने से बर्बाद हो गया था जिसमें सरकार द्वारा कुछ किसानों के खाते में फसल क्षति मुआवजे को लेकर राशि भी भेजी जा चुकी है मगर दर्जनों ऐसे किसान है जिसका सही मायने में फसल का नुकसान हुआ है लेकिन ऐसे किसान को फसल क्षति मुआवजे की राशि नहीं मिली है जो घोर चिन्ता का विषय है। ऐसे स्थिति में जांच कर वैसे किसान को फसल क्षति मुआवजे की राशि मिलनी चाहिए जिसका नुकसान हुआ है। बताया जा रहा है की किसान कॉर्डिनेटर के मनमानी रवैया से वैसे किसान को फसल क्षति मुआवजे की राशि नहीं मिली है जिसका सही मायने में नुकसान हुआ है।किसानो को हुए फ़सल
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    किसानों को हुए फ़सल क्षति मुआवजे राशि में गरबरी को लेकर जिला प्रशासन से जांच की उठाया मांग 
सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के चंदौर पुर्वी पंचायत के जन प्रतिनिधि ने आपसी बैठक आयोजित कर बीते दिनों हुए फसल क्षति मुआवजे की मांग को लेकर जिला प्रशासन से जांच कर कार्रवाई की मांग किया है। इसको लेकर पंचायत के जन प्रतिनिधि का कहना है की जिस भी किसान का मक्का एवं गेहूं का फसल बीते कुछ माह पहले आंधी तूफान आने से बर्बाद हो गया था जिसमें सरकार द्वारा कुछ किसानों के खाते में फसल क्षति मुआवजे को लेकर राशि भी भेजी जा चुकी है मगर दर्जनों ऐसे किसान है जिसका सही मायने में फसल का नुकसान हुआ है लेकिन ऐसे किसान को फसल क्षति मुआवजे की राशि नहीं मिली है जो घोर चिन्ता का विषय है। ऐसे स्थिति में जांच कर वैसे किसान को फसल क्षति मुआवजे की राशि मिलनी चाहिए जिसका नुकसान हुआ है। बताया जा रहा है की किसान कॉर्डिनेटर के मनमानी रवैया से वैसे किसान को फसल क्षति मुआवजे की राशि नहीं मिली है जिसका सही मायने में नुकसान हुआ है।किसानो को हुए फ़सल
    user_मिथिलेश कुमार
    मिथिलेश कुमार
    Teacher सौर बाजार, सहरसा, बिहार•
    7 hrs ago
  • 🚨 बहेड़ी थाना पर गंभीर आरोप! SC समुदाय से आने वाले राजा सदा का आरोप है कि थाना में उनके साथ जाति को लेकर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया और उनकी गाड़ी ले जाकर थाना परिसर में रख ली गई, जिसे वापस नहीं दिया जा रहा है। मामला मेरे पास आया है। मैंने इस संबंध में पुलिस अधिकारी से बात की है। अब आगे क्या कार्रवाई होती है और पूरे मामले की सच्चाई क्या है, इसकी जानकारी जल्द आप सभी के बीच रखूंगा। आप बताइए—अगर आरोप सही हैं तो क्या कार्रवाई होनी चाहिए? #Bahedi #Darbhanga #SCST #Police #GroundReport
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    🚨 बहेड़ी थाना पर गंभीर आरोप!

SC समुदाय से आने वाले राजा सदा का आरोप है कि थाना में उनके साथ जाति को लेकर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया और उनकी गाड़ी ले जाकर थाना परिसर में रख ली गई, जिसे वापस नहीं दिया जा रहा है।

मामला मेरे पास आया है। मैंने इस संबंध में पुलिस अधिकारी से बात की है। अब आगे क्या कार्रवाई होती है और पूरे मामले की सच्चाई क्या है, इसकी जानकारी जल्द आप सभी के बीच रखूंगा।

आप बताइए—अगर आरोप सही हैं तो क्या कार्रवाई होनी चाहिए?

#Bahedi #Darbhanga #SCST #Police #GroundReport
    user_Kishore Mahendra Paswan
    Kishore Mahendra Paswan
    Social Media Manager तरडीह, दरभंगा, बिहार•
    10 hrs ago
  • मंत्री का एक्शन अस्पताल का ऑपरेशन: मधेपुरा मॉडल अस्पताल में बदली व्यवस्था, अब ‘रेफर’ नहीं इलाज पर जोर अस्पताल वही है लेकिन तस्वीर बदल रही है।जहां कभी बेहतर इलाज के लिए मरीजों को दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था, वहां अब इलाज की सुविधाओं का दायरा बढ़ाने की कोशिश तेज हो गई है। दरअसल मधेपुरा के मॉडल अस्पताल यानी सदर अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के एक्शन के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था में बदलाव का दावा किया जा रहा है। अब अस्पताल में महिलाओं की सर्जरी हो रही है।डेंटल सर्जरी की सुविधा मिल रही है। सामान्य चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हैं और हड्डियों से जुड़ी गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा भी बढ़ाई जा रही है।इतना ही नहीं इमरजेंसी में सर्जरी की व्यवस्था और रेफरल मामलों के बेहतर मैनेजमेंट पर जोर दिया जा रहा है।और आने वाले दिनों में आंख और कान की सर्जरी शुरू करने की तैयारी है। यानी कोशिश साफ है ।मरीज को इलाज के लिए बाहर भेजने से पहले अस्पताल में ही इलाज की पूरी संभावना तलाश की जाए।ये मधेपुरा का मॉडल अस्पताल है,सरकारी अस्पताल की वही पहचान, वही व्यवस्था लेकिन अब स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर नई तस्वीर बनाने की कोशिश हो रही है।मरीजों को स्थानीय स्तर पर ज्यादा से ज्यादा चिकित्सा सुविधा मिले, इसके लिए अस्पताल में सर्जरी और उपचार की सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। महिलाओं की सर्जरी डेंटल सर्जरी,सामान्य चिकित्सा और हड्डियों से जुड़ी गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा।इन सेवाओं का विस्तार उन मरीजों के लिए बड़ी राहत बन सकता है, जिन्हें पहले इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था। किसी अस्पताल की असली परीक्षा तब होती है जब मरीज गंभीर हालत में इमरजेंसी में पहुंचता है।ऐसे समय में रेफर की पर्ची नहीं तुरंत इलाज की जरूरत होती है।मधेपुरा मॉडल अस्पताल में इमरजेंसी के दौरान जरूरत पड़ने पर सर्जरी की व्यवस्था उपलब्ध होने की बात अस्पताल प्रशासन ने कही है। कोशिश यही है कि उपलब्ध संसाधनों और डॉक्टरों की मदद से मरीज को तत्काल उपचार दिया जाए।और अगर अस्पताल में इलाज संभव है तो उसे अनावश्यक रूप से दूसरे अस्पताल भेजने की जरूरत न पड़े। बाइट — डॉ. सचिन कुमार | अस्पताल उपाधीक्षक मॉडल अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर लगातार काम किया जा रहा है। प्रयास है कि अधिक से अधिक मरीजों का इलाज यहीं किया जाए और अनावश्यक रेफरल को कम किया जाए। अब उस व्यवस्था की बात जिसका सबसे ज्यादा असर मरीज और उसके परिवार पर पड़ता है।गंभीर मरीज को बड़े अस्पताल भेजना कई बार जरूरी होता है।लेकिन उपलब्ध सुविधाओं का इस्तेमाल करके अगर मरीज का इलाज स्थानीय स्तर पर हो सकता है, तो उसे बाहर भेजने से बचाना अस्पताल की बड़ी जिम्मेदारी है। मधेपुरा मॉडल अस्पताल में अब इसी सोच के साथ रेफरल मामलों को बेहतर तरीके से मैनेज करने का दावा किया जा रहा है। डीपीएम प्रिंस कुमार के मुताबिक पहले की तुलना में मरीजों को बाहर रेफर करने की दर में धीरे-धीरे कमी आ रही है। यानी अस्पताल में आने वाले मरीजों के लिए पहले उपलब्ध संसाधनों के आधार पर इलाज की संभावना तलाशने पर जोर है। बाइट — प्रिंस कुमार | डीपीएम रेफरल मामलों को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा रहा है। उपलब्ध संसाधनों और स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर इस्तेमाल कर मरीजों को मॉडल अस्पताल में ही इलाज उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। अब आंख और कान की बारी मधेपुरा मॉडल अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का सिलसिला आगे भी जारी रखने की तैयारी है। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक जल्द ही आंख और कान की सर्जरी की सुविधा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इन दोनों सेवाओं के शुरू होने के बाद जिले के मरीजों को इनसे जुड़ी सर्जरी के लिए बाहर जाने की जरूरत कम हो सकती है। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सरकारी अस्पताल में स्थानीय स्तर पर ऐसी सुविधाएं उपलब्ध होना बड़ी राहत साबित हो सकता है। क्योंकि बाहर का इलाज सिर्फ महंगा नहीं होता बल्कि मरीज के साथ पूरे परिवार की परेशानी भी बढ़ाता है। असली बदलाव की कसौटी लेकिन सवाल सिर्फ सुविधाएं बढ़ाने का नहीं है।सवाल है क्या इन सुविधाओं का लाभ मरीज को समय पर मिलेगा? क्या जरूरत के वक्त डॉक्टर उपलब्ध होंगे? क्या जरूरी सर्जरी अस्पताल में ही हो पाएगी? क्या रेफरल वास्तव में जरूरत के आधार पर होगा? इन सवालों के जवाब आने वाले समय में मरीजों के अनुभव से मिलेंगे। फिलहाल अस्पताल प्रशासन का दावा है कि व्यवस्था को बेहतर करने और मरीजों को ज्यादा से ज्यादा इलाज स्थानीय स्तर पर देने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। कहते हैं नाम से नहीं, काम से पहचान बनती है। मधेपुरा मॉडल अस्पताल भी अब इसी कसौटी पर है। स्वास्थ्य मंत्री का एक्शन,अस्पताल प्रबंधन की सक्रियता सर्जरी की सुविधा ,हड्डियों के इलाज का विस्तार रेफरल मैनेजमेंट में सुधार और आंख-कान की सर्जरी शुरू करने की तैयारी ये सब मिलकर एक नई तस्वीर बनाने की कोशिश जरूर दिखा रहे हैं। अब जरूरत है कि ये बदलाव सिर्फ दावों और फाइलों तक सीमित न रहें, बल्कि अस्पताल पहुंचने वाले हर मरीज को जमीन पर महसूस हों। क्योंकि गरीब मरीज के लिए सरकारी अस्पताल सिर्फ एक इमारत नहीं होता वही उसका सबसे बड़ा सहारा होता है। और जब उस सहारे में इलाज की सुविधा बढ़ती है तो सिर्फ अस्पताल की तस्वीर नहीं बदलती बल्कि हजारों परिवारों की उम्मीद बदलती है। मधेपुरा मॉडल अस्पताल की बदलती तस्वीर फिलहाल इसी उम्मीद की कहानी कह रही है।
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    मंत्री का एक्शन अस्पताल का ऑपरेशन: मधेपुरा मॉडल अस्पताल में बदली व्यवस्था, अब ‘रेफर’ नहीं इलाज पर जोर
अस्पताल वही है लेकिन तस्वीर बदल रही है।जहां कभी बेहतर इलाज के लिए मरीजों को दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था, वहां अब इलाज की सुविधाओं का दायरा बढ़ाने की कोशिश तेज हो गई है। दरअसल मधेपुरा के मॉडल अस्पताल यानी सदर अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के एक्शन के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था में बदलाव का दावा किया जा रहा है।
अब अस्पताल में महिलाओं की सर्जरी हो रही है।डेंटल सर्जरी की सुविधा मिल रही है। सामान्य चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हैं और हड्डियों से जुड़ी गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा भी बढ़ाई जा रही है।इतना ही नहीं इमरजेंसी में सर्जरी की व्यवस्था और रेफरल मामलों के बेहतर मैनेजमेंट पर जोर दिया जा रहा है।और आने वाले दिनों में आंख और कान की सर्जरी शुरू करने की तैयारी है।
यानी कोशिश साफ है ।मरीज को इलाज के लिए बाहर भेजने से पहले अस्पताल में ही इलाज की पूरी संभावना तलाश की जाए।ये मधेपुरा का मॉडल अस्पताल है,सरकारी अस्पताल की वही पहचान, वही व्यवस्था लेकिन अब स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर नई तस्वीर बनाने की कोशिश हो रही है।मरीजों को स्थानीय स्तर पर ज्यादा से ज्यादा चिकित्सा सुविधा मिले, इसके लिए अस्पताल में सर्जरी और उपचार की सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।
महिलाओं की सर्जरी
डेंटल सर्जरी,सामान्य चिकित्सा और हड्डियों से जुड़ी गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा।इन सेवाओं का विस्तार उन मरीजों के लिए बड़ी राहत बन सकता है, जिन्हें पहले इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था।
किसी अस्पताल की असली परीक्षा तब होती है जब मरीज गंभीर हालत में इमरजेंसी में पहुंचता है।ऐसे समय में रेफर की पर्ची नहीं तुरंत इलाज की जरूरत होती है।मधेपुरा मॉडल अस्पताल में इमरजेंसी के दौरान जरूरत पड़ने पर सर्जरी की व्यवस्था उपलब्ध होने की बात अस्पताल प्रशासन ने कही है।
कोशिश यही है कि उपलब्ध संसाधनों और डॉक्टरों की मदद से मरीज को तत्काल उपचार दिया जाए।और अगर अस्पताल में इलाज संभव है तो उसे अनावश्यक रूप से दूसरे अस्पताल भेजने की जरूरत न पड़े।
बाइट — डॉ. सचिन कुमार | अस्पताल उपाधीक्षक
मॉडल अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर लगातार काम किया जा रहा है। प्रयास है कि अधिक से अधिक मरीजों का इलाज यहीं किया जाए और अनावश्यक रेफरल को कम किया जाए।
अब उस व्यवस्था की बात जिसका सबसे ज्यादा असर मरीज और उसके परिवार पर पड़ता है।गंभीर मरीज को बड़े अस्पताल भेजना कई बार जरूरी होता है।लेकिन उपलब्ध सुविधाओं का इस्तेमाल करके अगर मरीज का इलाज स्थानीय स्तर पर हो सकता है, तो उसे बाहर भेजने से बचाना अस्पताल की बड़ी जिम्मेदारी है।
मधेपुरा मॉडल अस्पताल में अब इसी सोच के साथ रेफरल मामलों को बेहतर तरीके से मैनेज करने का दावा किया जा रहा है।
डीपीएम प्रिंस कुमार के मुताबिक पहले की तुलना में मरीजों को बाहर रेफर करने की दर में धीरे-धीरे कमी आ रही है।
यानी अस्पताल में आने वाले मरीजों के लिए पहले उपलब्ध संसाधनों के आधार पर इलाज की संभावना तलाशने पर जोर है।
बाइट — प्रिंस कुमार | डीपीएम
रेफरल मामलों को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा रहा है। उपलब्ध संसाधनों और स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर इस्तेमाल कर मरीजों को मॉडल अस्पताल में ही इलाज उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
अब आंख और कान की बारी
मधेपुरा मॉडल अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का सिलसिला आगे भी जारी रखने की तैयारी है।
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक जल्द ही आंख और कान की सर्जरी की सुविधा शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
इन दोनों सेवाओं के शुरू होने के बाद जिले के मरीजों को इनसे जुड़ी सर्जरी के लिए बाहर जाने की जरूरत कम हो सकती है।
खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सरकारी अस्पताल में स्थानीय स्तर पर ऐसी सुविधाएं उपलब्ध होना बड़ी राहत साबित हो सकता है।
क्योंकि बाहर का इलाज सिर्फ महंगा नहीं होता बल्कि मरीज के साथ पूरे परिवार की परेशानी भी बढ़ाता है।
असली बदलाव की कसौटी
लेकिन सवाल सिर्फ सुविधाएं बढ़ाने का नहीं है।सवाल है क्या इन सुविधाओं का लाभ मरीज को समय पर मिलेगा?
क्या जरूरत के वक्त डॉक्टर उपलब्ध होंगे?
क्या जरूरी सर्जरी अस्पताल में ही हो पाएगी?
क्या रेफरल वास्तव में जरूरत के आधार पर होगा?
इन सवालों के जवाब आने वाले समय में मरीजों के अनुभव से मिलेंगे।
फिलहाल अस्पताल प्रशासन का दावा है कि व्यवस्था को बेहतर करने और मरीजों को ज्यादा से ज्यादा इलाज स्थानीय स्तर पर देने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
कहते हैं नाम से नहीं, काम से पहचान बनती है।
मधेपुरा मॉडल अस्पताल भी अब इसी कसौटी पर है।
स्वास्थ्य मंत्री का एक्शन,अस्पताल प्रबंधन की सक्रियता सर्जरी की सुविधा ,हड्डियों के इलाज का विस्तार रेफरल मैनेजमेंट में सुधार और आंख-कान की सर्जरी शुरू करने की तैयारी ये सब मिलकर एक नई तस्वीर बनाने की कोशिश जरूर दिखा रहे हैं।
अब जरूरत है कि ये बदलाव सिर्फ दावों और फाइलों तक सीमित न रहें, बल्कि अस्पताल पहुंचने वाले हर मरीज को जमीन पर महसूस हों।
क्योंकि गरीब मरीज के लिए सरकारी अस्पताल सिर्फ एक इमारत नहीं होता वही उसका सबसे बड़ा सहारा होता है।
और जब उस सहारे में इलाज की सुविधा बढ़ती है तो सिर्फ अस्पताल की तस्वीर नहीं बदलती बल्कि हजारों परिवारों की उम्मीद बदलती है।
मधेपुरा मॉडल अस्पताल की बदलती तस्वीर फिलहाल इसी उम्मीद की कहानी कह रही है।
    user_RAMAN KUMAR
    RAMAN KUMAR
    REPORTER मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
    33 min ago
  • सिंघिया में सहयोग शिविर के माध्यम से जनसमस्याओं का समाधान! समस्तीपुर में सहयोग शिविर के माध्यम से जनसमस्याओं का समाधान! बिहार समस्तीपुर से ब्यूरो चीफ पंकज बाबा की रिपोर्ट: समस्तीपुर DM रोशन कुशवाहा के निर्देश के आलोक में आज दिनांक- 01.09.2026 को सिंघिया प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत जहांगीरपुर पंचायत में सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान पंचायत के विभिन्न क्षेत्रों से लोग अपनी अपनी समस्याओं को लेकर सहयोग शिविर में पहुंचे, वरीय अधिकारियों के निर्देश पर सभी समस्याओं को सहयोग पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने का निर्देश दिया गया। इस दौरान आज तक शिविर के लिए कुल 124 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें 122 आवेदनों को निष्पादित किया गया, जबकि 2 आवेदन लंबित बताएं गए हैं। वहीं शिविर में आमजनों से प्राप्त आवेदनों एवं उनकी समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना गया तथा संबंधित पदाधिकारियों को यथाशीघ्र आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। शिविर में सिंघिया प्रखंड के शिविर प्रभारी वरीय उप समाहर्ता संदीप झा, प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) विवेक रंजन, अंचलाधिकारी मोनी कुमारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी निभा कुमारी, PHC प्रभारी डॉ M M अंसारी, MO उत्कर्ष दुबे, बिजली विभाग के जेई शशि शेखर सिंह, BCO ललन कुमार सिंह, प्रखंड कृषि पदाधिकारी सत्यम कुमार, मनरेगा PO जितेंद्र कुमार सहित अन्य प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, पंचायत सचिव, राजस्व कर्मचारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी विभागों से प्राप्त आवेदन का निष्पादित भी किए गए।
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    सिंघिया में सहयोग शिविर के माध्यम से जनसमस्याओं का समाधान!

समस्तीपुर में सहयोग शिविर के माध्यम से जनसमस्याओं का समाधान!
बिहार समस्तीपुर से ब्यूरो चीफ पंकज बाबा की रिपोर्ट:  समस्तीपुर DM  रोशन कुशवाहा के निर्देश के आलोक में आज दिनांक- 01.09.2026 को सिंघिया प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत जहांगीरपुर पंचायत में सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान पंचायत के विभिन्न क्षेत्रों से लोग अपनी अपनी समस्याओं को लेकर सहयोग शिविर में पहुंचे, वरीय अधिकारियों के निर्देश पर सभी समस्याओं को सहयोग पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने का निर्देश दिया गया। इस दौरान आज तक शिविर के लिए कुल 124 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें 122 आवेदनों को निष्पादित किया गया, जबकि 2 आवेदन लंबित बताएं गए हैं।
वहीं शिविर में आमजनों से प्राप्त आवेदनों एवं उनकी समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना गया तथा संबंधित पदाधिकारियों को यथाशीघ्र आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
शिविर में सिंघिया प्रखंड के शिविर प्रभारी वरीय उप समाहर्ता संदीप झा, प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) विवेक रंजन, अंचलाधिकारी मोनी कुमारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी निभा कुमारी, PHC प्रभारी डॉ M M अंसारी, MO उत्कर्ष दुबे, बिजली विभाग के जेई शशि शेखर सिंह, BCO ललन कुमार सिंह, प्रखंड कृषि पदाधिकारी सत्यम कुमार, मनरेगा PO जितेंद्र कुमार सहित अन्य प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, पंचायत सचिव, राजस्व कर्मचारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी विभागों से प्राप्त आवेदन का निष्पादित भी किए गए।
    user_Pankaj Baba
    Pankaj Baba
    सिंघिया, समस्तीपुर, बिहार•
    44 min ago
  • सफाई कर्मियों की हड़ताल के बीच वार्ड पार्षदों ने संभाली सफाई की कमान हड़ताल पर सफाई कर्मी, सड़क पर उतरे वार्ड पार्षद; नगर में चला सफाई अभियान
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    सफाई कर्मियों की हड़ताल के बीच वार्ड पार्षदों ने संभाली सफाई की कमान
हड़ताल पर सफाई कर्मी, सड़क पर उतरे वार्ड पार्षद; नगर में चला सफाई अभियान
    user_Mukesh kr mandal
    Mukesh kr mandal
    Voice of people Nauhatta, Saharsa•
    20 hrs ago
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