Shuru
Apke Nagar Ki App…
बिहार में गरीब बच्चे ताड़ के फल बेचकर अपना गुजारा करने को मजबूर हैं। यह स्थिति राज्य के वर्तमान और भविष्य को लेकर एक गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।
Himanshu Kumar
बिहार में गरीब बच्चे ताड़ के फल बेचकर अपना गुजारा करने को मजबूर हैं। यह स्थिति राज्य के वर्तमान और भविष्य को लेकर एक गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।
More news from बिहार and nearby areas
- बिहार में गरीब बच्चे ताड़ के फल बेचकर अपना गुजारा करने को मजबूर हैं। यह स्थिति राज्य के वर्तमान और भविष्य को लेकर एक गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।1
- जमुई जिले में साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) को एक बड़ी सफलता मिली है। साइबर थाना जमुई के नेतृत्व में सिकंदरा और चंद्रदीप थाना पुलिस के सहयोग से चलाए गए संयुक्त छापेमारी अभियान के दौरान एक साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई लगभग एक करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले से जुड़ी है। पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, साइबर अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष रणनीति के तहत एसआईटी का गठन किया गया था। इस टीम में पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर थाना अध्यक्ष अभिषेक कुमार, पुलिस निरीक्षक अभय कान्त चंदा समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी शामिल थे। गुप्त सूचना और तकनीकी अनुसंधान के आधार पर की गई कार्रवाई में आलोक कुमार (23 वर्ष), पिता राम विलास यादव, निवासी शाहपुर, थाना चंद्रदीप, जिला जमुई को गिरफ्तार किया गया। जांच में उसके साइबर वित्तीय धोखाधड़ी में शामिल होने के पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ साइबर थाना जमुई में कांड संख्या 29/26, दिनांक 14 जून 2026 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 111(4), 318(2), 319, 336(3), 338, 61(2), 3(5) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66B, 66C एवं 66D के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह से जुड़े दो अन्य आरोपियों की पहचान हो चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। बरामद साक्ष्यों की गहन जांच और मामले में आगे की कानूनी व वैज्ञानिक अनुसंधान प्रक्रिया जारी है। पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। जमुई पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या निकटतम साइबर थाना में सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।3
- शेखपुरा शहर के कैपिटल होटल में गणपत यूनिवर्सिटी और सुनैना ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूट द्वारा एक भव्य शिक्षा सेमिनार कार्यक्रम का आयोजन किया गया।1
- शेखपुरा सदर अस्पताल परिसर में बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के तत्वावधान में एक विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस पुनीत कार्य का शुभारंभ जिले के जिलाधिकारी श्री शेखर आनंद और पुलिस अधीक्षक श्री बलिराम कुमार चौधरी की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस शिविर की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि जिला प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों ने न केवल मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्था का जायजा लिया, बल्कि स्वयं रक्तदान कर जन-जागरूकता फैलाने का भी कार्य किया। जिलाधिकारी श्री शेखर आनंद और पुलिस अधीक्षक बलिराम कुमार चौधरी ने जिले के नागरिकों से भावुक अपील करते हुए रक्तदान को 'महादान' बताया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान किसी की जीवन रक्षा में मील का पत्थर साबित हो सकता है और आमजन से नियमित रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का आग्रह किया। शिविर के दौरान उन रक्तदाताओं का विशेष उत्साहवर्धन किया गया जिन्होंने निस्वार्थ भाव से अपना रक्त दान कर मानवता की सेवा की। कार्यक्रम में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक द्वारा नीरज कुमार और पत्रकार रंजीत कुमार सहित अन्य चयनित रक्तदाताओं को मेडल, स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस सम्मान से अन्य रक्तदाताओं का भी मनोबल बढ़ा और शिविर में उत्साह का माहौल बना रहा। बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति द्वारा आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य न केवल रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना था, बल्कि लोगों को रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियों से दूर करना भी था। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित रक्तदान न केवल जरूरतमंदों की जान बचाता है, बल्कि यह रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है। इस अवसर पर सदर अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी, स्वास्थ्य कर्मी, बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे। शिविर में आए लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों के इस प्रयास की जमकर सराहना की और इसे एक प्रेरणादायक कदम बताया।3
- एक व्यक्ति ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए बताया है कि वह एक ऐसी राह पर चल रहा है जहाँ उसे व्यक्तिगत संघर्ष और दर्द का सामना करना पड़ रहा है। यह भावनात्मक कठिनाई संभवतः उसकी पढ़ाई या प्रेरणा से जुड़े लक्ष्यों के मार्ग से संबंधित है।1
- लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड स्थित शरमा पंचायत के बरतरा गाँव में रविवार को ज़मीन विवाद को लेकर गोलीबारी की घटना सामने आई, जिसके बाद गाँव में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। बरतरा गाँव निवासी स्व. अशोक कुमार भारद्वाज की पत्नी किरण सिन्हा ने आरोप लगाया है कि उनके दूर के गोतिया सुनील सिंह उर्फ पप्पू सिंह और अनिल सिंह ने तीन अन्य लोगों के साथ मिलकर उनके पक्ष के पनघरा गाँव निवासी ट्रैक्टर चालक अरविंद सिंह पर गोली चला दी। यह घटना उनके घर से लगभग 500 मीटर उत्तर दिशा में स्थित खेत में हुई, लेकिन किसी को चोट नहीं आई। किरण सिन्हा ने बताया कि उनके बाबा ससुर स्व. लाली प्रसाद सिंह के नाम पर लगभग 15 बीघा ज़मीन थी। उन्होंने यह भी बताया कि उनके ससुर स्व. सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह पेशे से अधिवक्ता थे। किरण सिन्हा के अनुसार, उनके पति अशोक कुमार भारद्वाज का वर्ष 1994 में अपहरण हो गया था और तब से उनका कोई पता नहीं चल सका है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके दो पुत्रों की भी मृत्यु हो चुकी है और वर्तमान में उनकी एकमात्र विवाहित पुत्री नेहा कुमारी ही हैं। इस मामले में रामगढ़ चौक थाना अध्यक्ष चुत्रू कुमार ने पुष्टि की है कि किरण सिन्हा से ज़मीन विवाद संबंधी एक आवेदन प्राप्त हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, और जांच के आधार पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन भी दिया गया है।1
- केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) द्वारा आयोजित मद्य निषेध सिपाही, कक्षपाल एवं चलंत दस्ता सिपाही पदों की लिखित परीक्षा रविवार को लखीसराय जिले में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की गई। जिला प्रशासन इस परीक्षा को लेकर पूरी तरह अलर्ट था और उसने कदाचारमुक्त एवं शांतिपूर्ण परीक्षा संचालन सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली थीं। जिले में कुल 11 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए थे, जहाँ 19,968 अभ्यर्थी शामिल हुए। रविवार सुबह सात बजे से ही परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की भीड़ देखी गई। नया बाजार सहित विभिन्न केंद्रों पर परीक्षार्थियों को सघन जाँच के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी गई, जिसमें उनके पहचान पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की पड़ताल की गई। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई थी। परीक्षा के दौरान कदाचार पर अंकुश लगाने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की व्यवस्था की गई थी। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक केंद्र पर एक दंडाधिकारी, एक पुलिस पदाधिकारी एवं पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया और पूरी प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखी। प्रशासन ने अभ्यर्थियों से परीक्षा संबंधी सभी निर्देशों का पालन करने और अफवाहों से दूर रहने की अपील भी की।1
- शेखपुरा में विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) उपस्थित थे। हालांकि, इस मौके पर उनके द्वारा दिए गए बयानों या संबोधनों की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।1