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More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
- Post by Prayas kaiwart1
- Post by Manoj Gupta Driver1
- चिरमिरी पुलिस ने 20 लीटर कच्ची महुआ शराब के साथ युवक को पकड़ा2
- सुरेश आयाम जिला पंचायत सदस्य सूरजपुर राजू सिंह BDC जबरदस्त सुरेश भईया के द्वारा किसानों के हक की लड़ाई में धान मंडी टुकुडाड समिति प्रतापपुर1
- चीन ने बिना पटरी चलने वाली ट्रेन तकनीक ART (Autonomous Rail Rapid Transit) विकसित की है। यह ट्रेन सामान्य सड़कों पर चलती है और सेंसर, कैमरा व GPS की मदद से सड़क पर बनी वर्चुअल लाइनों को फॉलो करती है। पारंपरिक ट्राम के मुकाबले यह सस्ती, तेज़ और आसान है। ART बस की लचीलापन और मेट्रो जैसी क्षमता को एक साथ जोड़ती है। #FutureTech #ChinaInnovation #SmartTransport #NextGenTransit #ViralNews #TechExplained #PublicTransport1
- स्कूल जाने को निकली 17 वर्ष 3 दिन की नाबालिक बालिका बिन बताएं हुई लापता परिजनों ने थाना चकरभाठा में दर्ज कराई रिपोर्ट आज शनिवार की रात 10:00 बजे चकरभाठा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आज शनिवार की दोपहर 1:00 बजे चकरभाठा थाना क्षेत्र में रहने वाले एक 48 वर्षीय पिता ने थाना चकरभाठा में उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराई है की में चकरभाठा थाना छेत्र में रहता हूँ ई रिक्शा चलाता हूँ कि मेरी 17 साल 03 दिन मेरी छोटी लडकी है जो चकरभाठा केम्प के एक स्कूल में कक्षा 12 वी में पढ़ाई करती है जो दिनांक 09/01/2026 के सुबह करीबन 11:00 बजे अपने स्कूल जाने के लिये निकली थी साम को 5 बजे छुट्टी होने के बाद घर नहीं पहुंची तो उसके स्कूल जा कर पता किये वहा बताये की ओ सुबह स्कूल ही नहीं आई है जिसकी आसपास एवं रिस्तेदारों मे पता तलाश किया पता नहीं चली है सुरु मे लगा कही चली गई होंगी लेकिन वापस नहीं आई तो आज रिपोर्ट करने आया हु मुझे सक है की मेरी नाबालिक लड़की को कोई अज्ञात व्यक्ति के द्वारा बहला फुसला कर अपहरण कर ले गया है मुझे शंका है कि मेरी लड़की को इस मोबाईल नंबर के चालक लड़के द्वारा अपहरण कर ले गया होगा क्योंकि इस मोबाइल नंबर वाले से मेरी लड़की मोबाइल मे बात करती थी प्रॉर्थी की रिपोर्ट पर चकरभाठा पुलिस ने अपराध धारा धारा 137(2) BNS के तहत मामला दर्ज कर लिया है और मामले की विवेचना जारी है इस घटना से एक चीज तो साफ है कि आज कल की कई नाबालिक बालिकाय लड़को के मीठी मीठी बातों के बहकावे में आकर अपने परिवार को छोड़कर कहीं चली जाती है जिससे परिवार वालों को काफी दुख और परेशानियों का सामना करना पड़ता है लड़कियों के ज्यादातर घर से भगाने के मामलों में देखा गया है कि जिन लड़कियों के घर की आर्थिक स्थिति खराब रहती है या जिनके माता-पिता नहीं रहते या फिर माता-पिता में हमेशा लड़ाई झगडा घर मे अशांति रहती हैं ऐसी घर की बालिकाये जल्दी से किसी लड़के के बातों के बहकावे में आकर घर परिवार को छोड़कर चली जाती है जिसका परिणाम है यह होता है की बालिका की उम्र नाबालिक होने के कारण पुलिस उन्हें ढूंढ ही निकलती है चाहे ओ नाबालिक बालिका किसी से शादी भी कर ले या फिर बच्चे हो जाए तो भी जिस दिन पुलिस के हत्या चढ़ते हैं तो युवक को जेल की हवा खानी पड़ती है एवं इस घटना में भी एक हस्ते खेलते परिवार की खुशियों को तबाह करने में मुख्य कारण मोबाइल को ही दोसी ठहराया गया है इस लिए बोला बोला भी जाता है की बेटों को बाइक और बेटियों को मोबाइल बहुत सोचा समझ कर देना चाहिए1
- जिले की चार विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत अनमैपड मतदाताओं को नोटिस जारी किया गया है। इनकी 2003 की सूची मे मैपिंग नहीं हुई है । इन मतदाताओं के माता-पिता या दादा-दादी का नाम ही नहीं था। प्रारंभिक प्रकाशन में बचे मतदाताओं के हिसाब से जिले में विभिन्न वोटर्स को नोटिस जारी किया गया है। अब इन मतदाताओं को मान्य 11 में से कोई भी एक दस्तावेज देना होगा। तहसीलों में एआरओ सुनवाई भी कर रहे हैं। दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर नाम मतदाता सूची से कटने का डर है। एसआईआर की प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन 23 दिसंबर को हो चुका है।1
- भोजपुरी टोल प्लाजा मे 37वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 का आयोजन आज शनिवार की सुबह 11 बजे से साम 5 बजे तक बिल्हा :भोजपुरी टोल प्लाजा मे 37वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के उपलक्ष्य में, सड़क दुर्घटनाओं के वास्तविक और भयावह परिणामों को दर्शाने के लिए नकली दुर्घटनाओं के साथ वास्तविक प्रदर्शन आयोजित की जा रही है संदेश स्पष्ट और सशक्त है — “यातायात नियमों की अनदेखी करने पर यह किसी के साथ भी हो सकता है।” इस गतिविधि के माध्यम से, हमारा उद्देश्य जनता में यह जागरूकता पैदा करना है कि सड़क सुरक्षा कोई विकल्प नहीं है — यह एक ऐसी जिम्मेदारी है जो जीवन बचाती है। सड़क सुरक्षा पर हालिया खबरें बताती हैं कि जनवरी 2026 में भारत भर में 'राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह' मनाया जा रहा है, जिसमें जागरूकता अभियान, डिजिटल प्रवर्तन (जैसे 'नो हेलमेट, नो फ्यूल'), और खराब सड़कों की मरम्मत पर जोर दिया जा रहा है; वहीं, दिल्ली जैसे राज्य 2030 तक दुर्घटनाएं 50% कम करने के लक्ष्य के साथ नई कार्ययोजनाएं बना रहे हैं, लेकिन हर साल हजारों मौतें (खासकर युवा दोपहिया सवारों की) एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं, जिससे नियमों का पालन और जागरूकता बढ़ाना ज़रूरी है।1