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कोलायत में रक्षासूत्र बंधन कार्यक्रम स्कूल की छात्राओं ने पुलिसकर्मियों को बांधा रक्षा सूत्र पुलिसकर्मियों ने छात्राओं को सुरक्षा का दिलाया भरोसा सीएलजी सदस्य और युवा भी रहे मौजूद भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का दिया संदेश
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कोलायत में रक्षासूत्र बंधन कार्यक्रम स्कूल की छात्राओं ने पुलिसकर्मियों को बांधा रक्षा सूत्र पुलिसकर्मियों ने छात्राओं को सुरक्षा का दिलाया भरोसा सीएलजी सदस्य और युवा भी रहे मौजूद भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का दिया संदेश
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- कोलायत में रक्षासूत्र बंधन कार्यक्रम स्कूल की छात्राओं ने पुलिसकर्मियों को बांधा रक्षा सूत्र पुलिसकर्मियों ने छात्राओं को सुरक्षा का दिलाया भरोसा सीएलजी सदस्य और युवा भी रहे मौजूद भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का दिया संदेश1
- बीकानेर में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, 1439 किलो काजू किए सीज ~ रक्षाबंधन के मद्देनजर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बीकानेर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1439 किलो काजू सीज किए। बीछवाल स्थित ट्रांसपोर्ट नगर के एक गोदाम में लेबल में कमी मिलने पर काजू का सैंपल लिया गया। इसके अलावा गुलाबजामुन, खोया, मावा और काजू कतली के भी सैंपल लिए गए, जिन्हें जांच के लिए जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई होगी। #Rajasthannews #bikanernews #breakingNews #bikaner #foodreality1
- सोफिया स्कूल चौराहे पर दर्दनाक हादसा तेज रफ्तार वाहन ने एक को कुचला हादसे में मौके पर हुई मौत1
- खींवसर जिला अस्पताल की मोर्चरी को मिला नया डीप फ्रीजर दाता श्रवणराम पुत्र मूलाराम आईच ने डीप फ्रीजर किया भेंट नागौर/खींवसर,,अस्पताल में दुर्घटनाओं में मृतकों के शव सुरक्षित रखने में मिलेगी सुविधा पीएमओ डॉ. रामजीत टाक ने दानदाता का माला पहनाकर किया स्वागत नर्सिंग ऑफिसर ग्यारसी देवी व गोमती की प्रेरणा से किया गया डीप फ्रीजर भेंट खींवसर जिला अस्पताल की मोर्चरी में अब शवों को सुरक्षित रखने की सुविधा और बेहतर होगी। दानदाता श्रवणराम पुत्र मूलाराम आईच ने जिला अस्पताल को एक डीप फ्रीजर भेंट किया है। दरअसल, जिला अस्पताल हाईवे के नजदीक होने के कारण यहां सड़क हादसों में मृतकों के शव पहुंचते हैं। ऐसे में शवों को सुरक्षित रखने के लिए डीप फ्रीजर की आवश्यकता थी। इसी जरूरत को देखते हुए दानदाता श्रवणराम आईच ने यह डीप फ्रीजर अस्पताल को भेंट किया। इस अवसर पर प्रमुख चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. रामजीत टाक ने दानदाता का माला पहनाकर स्वागत किया और इस सहयोग के लिए आभार जताया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, डीप फ्रीजर मिलने से दुर्घटनाओं में मृतकों के शवों को सुरक्षित रखने में काफी सुविधा मिलेगी। इस दौरान अर्जुनराम मेघवाल, महेंद्रसिंह, बरवीलाल प्रजापत, दिनेश प्रजापत सहित अन्य लोग मौजूद रहे।2
- रक्षा बंधन पर बालिकाओं ने अधिकारियों-कर्मचारियों की कलाई पर बांधी राखी रक्षा बंधन के पावन पर्व पर बालिकाओं ने सरकारी कार्यालयों में पहुंचकर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कलाई पर राखी बांधी। बालिकाओं ने अधिकारियों-कर्मचारियों को तिलक लगाकर रक्षा सूत्र बांधा और मिठाई खिलाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उपखंड अधिकारी रजत कुमार, तहसील दार सुरेंद्र कुमार भास्कर, पुलिस वृराधिकारी धर्म पूनिया, थानाधिकारी राजेश मीणा, सहित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी बालिकाओं को स्नेह और आशीर्वाद देते हुए उनकी खुशहाली एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। रक्षा बंधन के इस आयोजन से सरकारी कार्यालयों में भी पर्व का उत्साह नजर आया। अधिकारियों ने बालिकाओं के प्रति सम्मान एवं स्नेह प्रकट किया। बालिकाओं ने कहा कि रक्षा बंधन भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और सुरक्षा का प्रतीक है। सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ यह पर्व मनाना उनके लिए विशेष अनुभव रहा।1
- 7 हाई-डेंसिटी रेल रूट होंगे फोर-लेन, बढ़ेगी रेल नेटवर्क की क्षमता, देश के व्यस्ततम रेल मार्गों पर ट्रेनों की बढ़ती संख्या और यातायात के दबाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने 7 हाई-डेंसिटी रेल रूट्स को फोर-लेन करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम करीब 11 हजार किलोमीटर में फैले ये सात हाई-डेंसिटी रूट देश के कुल रेल ट्रैफिक का लगभग 41 प्रतिशत संभालते हैं, जबकि इनकी हिस्सेदारी पूरे रेल नेटवर्क में करीब 16 प्रतिशत ऐसे में इन मार्गों पर अतिरिक्त ट्रैक विकसित होने से यात्री और मालगाड़ियों के संचालन की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। ये सात रूट होंगे फोर-लेन 1. दिल्ली–हावड़ा 2. हावड़ा–चेन्नई 3. चेन्नई–मुंबई 4. मुंबई–दिल्ली 5. दिल्ली–चेन्नई 6. मुंबई–हावड़ा 7. दिल्ली–गुवाहाटी1
- पहले ही चेताया था, फिर हुआ हादसा उदासर फांटा और सोफिया स्कूल चौराहा बना हादसों का खतरा पत्रकार इकबाल खान जयपुर रोड पर सोफिया स्कूल के ठीक सामने आज 26 अगस्त 2026 को हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक बार फिर शहर की यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे में एक व्यक्ति वाहन की चपेट में आ गया, जिसके बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई।खास बात यह है कि इन खतरनाक फांटों को लेकर पहले भी खबर प्रकाशित कर प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस का ध्यान आकर्षित किया जा चुका है। उदासर फांटा और सोफिया स्कूल चौराहा लगातार हादसों के लिहाज से संवेदनशील बने हुए हैं। इसके बावजूद समय रहते यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं किए गए, यह बड़ा सवाल है।अब सोफिया स्कूल के सामने बैरिकेड लगाए गए हैं। सवाल यह है कि अगर ट्रैफिक पुलिस को पता था कि यह स्थान इतना खतरनाक है तो बैरिकेड पहले क्यों नहीं लगाए गए। क्या प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही थी।वहीं उदासर फांटा पर अभी भी बैरिकेड और सुरक्षा व्यवस्था का अभाव है। कुछ दिन पहले इसी फांटे पर एक व्यक्ति की सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। इसके बाद भी वहां सुरक्षा इंतजाम नहीं किए जाना चिंता का विषय, है।खैर हादसे की सूचना मिलने पर जय नारायण व्यास कॉलोनी थाना पुलिस के साथ खिदमतगार खादिम सोसायटी और असहाय सेवा संस्थान की टीम मौके पर पहुंची और घायल व्यक्ति को तत्काल पीबीएम अस्पताल पहुंचाया। अब जरूरत है कि जिम्मेदार विभाग हादसे होने के बाद इंतजाम करने के बजाय पहले से चिन्हित खतरनाक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें। उदासर फांटा और सोफिया स्कूल चौराहे पर तत्काल बैरिकेड, उचित यातायात नियंत्रण और अन्य जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए जाने की जरूरत है।1
- तिब्बत की ओर से रसुवा में भोटेकोशी नदी में भीषण बाढ़ आ गई है। त्रिशुली नदी के किनारे, मुगलिन तक रहने वाले लोगों से अगली सूचना तक सतर्क रहने और सुरक्षित स्थान पर जाने का आग्रह किया जाता है। त्रिशुली नदी के किनारे रहने वाले सभी लोगों को तुरंत सुरक्षित और ऊंचे स्थान पर चले जाने की सलाह दी जाती है। पहाड़ की ओर से अनुमान से कहीं अधिक भीषण बाढ़ आ सकती है, इसलिए जलस्तर बढ़ने का इंतजार न करें। नदी से जितना संभव हो सके दूर चले जाएं और तुरंत अपने परिवार, दोस्तों और पड़ोसियों को सूचित करें। तिब्बत की ओर से रसुवा में भोटेकोशी नदी में भीषण बाढ़ आ गई है। त्रिशुली नदी के किनारे, मुगलिन तक रहने वाले लोगों से अगली सूचना तक सतर्क रहने और सुरक्षित स्थान पर जाने का आग्रह किया जाता है। त्रिशुली नदी के किनारे रहने वाले सभी लोगों को तुरंत सुरक्षित और ऊंचे स्थान पर चले जाने की सलाह दी जाती है। पहाड़ की ओर से अनुमान से कहीं अधिक भीषण बाढ़ आ सकती है, इसलिए जलस्तर बढ़ने का इंतजार न करें। नदी से जितना संभव हो सके दूर चले जाएं और तुरंत अपने परिवार, दोस्तों और पड़ोसियों को सूचित करें।1