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BAGHPAT DESK:- बागपत शहर कोतवाली क्षेत्र के सरूरपुर गांव में बीती रात एक कब्रिस्तान पर बुलडोजर चलाए जाने को लेकर तनाव उत्पन्न हो गया। आरोप है कि कुछ लोगों ने मुस्लिम समाज के कब्रिस्तान पर कब्जा करने का प्रयास किया। इस दौरान बुलडोजर से चार कब्रों को उखाड़ दिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों के हंगामे के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़ित पक्ष ने पुलिस को तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह कब्रिस्तान लगभग 200 साल पुराना है और गांव के भू-माफिया इस पर कब्जा करना चाहते हैं। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन और ग्राम प्रधान पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस जमीन को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। सूचना मिलने पर शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों ने पीड़ितों को निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। शहर कोतवाली प्रभारी बृजेश कुमार ने बताया कि उन्हें जिला पंचायत की भूमि पर मिट्टी डालने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि यदि कब्रिस्तान पर किसी व्यक्ति द्वारा छेड़छाड़ की गई है, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की छानबीन की जा रही है।

on 23 January
user_Instant News 24Hr
Instant News 24Hr
पत्रकार बागपत, बागपत, उत्तर प्रदेश•
on 23 January

BAGHPAT DESK:- बागपत शहर कोतवाली क्षेत्र के सरूरपुर गांव में बीती रात एक कब्रिस्तान पर बुलडोजर चलाए जाने को लेकर तनाव उत्पन्न हो गया। आरोप है कि कुछ लोगों ने मुस्लिम समाज के कब्रिस्तान पर कब्जा करने का प्रयास किया। इस दौरान बुलडोजर से चार कब्रों को उखाड़ दिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों के हंगामे के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़ित पक्ष ने पुलिस को तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह कब्रिस्तान लगभग 200 साल पुराना है और गांव के भू-माफिया इस पर कब्जा करना चाहते हैं। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन और ग्राम प्रधान पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस जमीन को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। सूचना मिलने पर शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों ने पीड़ितों को निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। शहर कोतवाली प्रभारी बृजेश कुमार ने बताया कि उन्हें जिला पंचायत की भूमि पर मिट्टी डालने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि यदि कब्रिस्तान पर किसी व्यक्ति द्वारा छेड़छाड़ की गई है, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की छानबीन की जा रही है।

More news from Baghpat and nearby areas
  • Post by Bawandr Bihari
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    Post by Bawandr Bihari
    user_Bawandr Bihari
    Bawandr Bihari
    Artist Khekada, Baghpat•
    10 hrs ago
  • गौशालाओं में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन और एक्सपायरी दवाइयों का इस्तेमाल गौवंश के लिए जान लेवा साबित हो रहा है *प्रशासन की लापरवाही* नोएडा प्रशासन की लापरवाही के कारण गौशालाओं की मानिट्रिग के कारण गाय के शरीर पर काफी असर पड़ रहा है जैसे पेट की समस्या और अन्य बीमारियां *जांच की मांग* प्रशासन जिम्मेदार व्यक्तियों पर सख्त कार्यवाही करें गौशाला में सफेद जहर का खेल दूध बढ़ाने के लालच में एक्सपायरी दवाइयां प्रशासन मूकदर्शक स्थान नोएडा सेक्टर 165 में बनी A 2 नोवल Prista foods pvt ltd के नाम से संचालित गौशाला में दूध की मात्रा बढ़ाने के लिए गयो को एक्सपायरी दवाइयां केमिकल देने का सन सनीखेज मामला सामने आया है यह खुलासा तब हुआ जब गौशाला का वीडियो बना कर किसी ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया स्थानीय लोगों ने क्रूरता का घिनौना रूप बताया और प्रशासन के ढुलमुल रवैया पर सवाल खड़े हुए हैं सेक्टर 165 में बनी A 2 नोवल Prista foods pvt ltd के नाम से बनी गौशाला में अवैध खटालों में प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का प्रयोग अभी भी हो रहा है जो पशुओं के लिए अभी भी हानिकारक हैं ये केवल मवेशियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है बल्कि उनके जीवन को भी खतरे में डाल रहा है स्थानीय लोगों ने मांग की है कि गौशाला में प्रयोग की जाने वाली चारे पानी दाना दवाइयों के गुणवत्ता की जांच हो दोषी संचालकों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाए अन्य गाय को सुरक्षा सुनिश्चित कराई जाए
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    गौशालाओं में  दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन और एक्सपायरी  दवाइयों  का  इस्तेमाल गौवंश के लिए जान लेवा साबित हो रहा है 
*प्रशासन की लापरवाही* नोएडा प्रशासन की लापरवाही के कारण  गौशालाओं की मानिट्रिग के कारण  गाय के शरीर पर काफी असर पड़ रहा है जैसे पेट की समस्या  और अन्य बीमारियां 
*जांच की मांग* 
प्रशासन जिम्मेदार व्यक्तियों पर  सख्त कार्यवाही करें 
गौशाला में सफेद जहर का खेल   दूध बढ़ाने के लालच में  एक्सपायरी दवाइयां  प्रशासन मूकदर्शक 
स्थान नोएडा सेक्टर 165 में बनी A 2 नोवल   Prista foods pvt ltd  के नाम से संचालित गौशाला में  दूध की मात्रा बढ़ाने के लिए गयो को एक्सपायरी दवाइयां केमिकल देने का सन सनीखेज  मामला सामने आया है  यह खुलासा तब  हुआ जब गौशाला  का वीडियो बना कर किसी ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया स्थानीय लोगों ने  क्रूरता का घिनौना रूप बताया और प्रशासन के ढुलमुल रवैया पर सवाल खड़े हुए हैं  सेक्टर 165 में बनी A 2 नोवल Prista foods pvt ltd  के नाम से बनी गौशाला में  अवैध खटालों  में प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का प्रयोग  अभी भी हो रहा है जो पशुओं के लिए अभी भी हानिकारक हैं ये केवल मवेशियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है बल्कि उनके जीवन को भी खतरे में डाल रहा है  स्थानीय लोगों ने  मांग की है कि गौशाला में प्रयोग की जाने वाली चारे पानी  दाना दवाइयों  के गुणवत्ता की जांच हो  दोषी संचालकों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम  के तहत मामला दर्ज किया जाए  अन्य गाय को सुरक्षा सुनिश्चित कराई जाए
    user_Crime 7 india news 📰📰📰📰📰
    Crime 7 india news 📰📰📰📰📰
    Newspaper advertising department सिविल लाइन्स, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
    7 hrs ago
  • कांधला ब्लॉक के गांव चढ़ाव निवासी नफे सिंह की बेटी काजल चौहान ने upsc परीक्षा में 401 रैंक हासिल कर जनपद शामली का नाम रोशन किया
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    कांधला ब्लॉक के गांव चढ़ाव निवासी नफे सिंह की बेटी काजल चौहान ने upsc परीक्षा में 401 रैंक हासिल कर जनपद शामली का नाम रोशन किया
    user_सनव्वर  सिद्दीकी
    सनव्वर सिद्दीकी
    Voice of people Civil Lines, Central Delhi•
    7 hrs ago
  • उत्तराखंड: चंपावत जिले के टनकपुर के उछोली गोठ में भूमि विवाद को लेकर ग्रामीणों व पुलिस के बीच जोरदार बहस वीडियो सोशल मीडिया में वायरल
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    उत्तराखंड: चंपावत जिले के टनकपुर के उछोली गोठ में भूमि विवाद को लेकर ग्रामीणों व पुलिस के बीच जोरदार बहस वीडियो सोशल मीडिया में वायरल
    user_Laxman bisht
    Laxman bisht
    Local News Reporter सरस्वती विहार, उत्तर पश्चिमी दिल्ली, दिल्ली•
    8 hrs ago
  • Post by न्यूज़ आइकॉन 24
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    Post by न्यूज़ आइकॉन 24
    user_न्यूज़ आइकॉन 24
    न्यूज़ आइकॉन 24
    Press advisory सीलमपुर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    8 hrs ago
  • नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अपने विधानसभा क्षेत्र, शालीमार बाग में इन दिनों माहौल काफी तनावपूर्ण है। शालीमार गांव के मैक्स हॉस्पिटल रोड (Max Hospital Road) और आसपास के इलाकों में 'घर बचाओ आंदोलन' के तहत सैकड़ों स्थानीय निवासी सड़कों पर हैं। विवाद की मुख्य जड़ सड़क चौड़ीकरण (Road Widening) परियोजना के तहत करीब 200 से 300 मकानों पर प्रशासन द्वारा लगाए गए 'पीले निशान' (Yellow Markings) हैं। ​क्या है पूरा मामला? ​लोक निर्माण विभाग (PWD) और एमसीडी (MCD) द्वारा शालीमार गांव और टीचर कॉलोनी के कई घरों को नोटिस दिए गए हैं, जिनमें इन निर्माणों को अवैध बताते हुए हटाने की चेतावनी दी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे यहाँ पिछले 50 से 70 वर्षों से रह रहे हैं और उनके पास बिजली, पानी के वैध कनेक्शन भी हैं। अचानक हुई इस कार्रवाई ने लोगों की रातों की नींद उड़ा दी है। ​आंदोलन की मुख्य बातें: ​लगातार विरोध: मैक्स हॉस्पिटल रोड पर लोग कड़ाके की ठंड और अनिश्चितता के बीच धरने पर बैठे हैं। हाल ही में आंदोलनकारियों द्वारा क्रमिक उपवास (Relay Fast) भी शुरू किया गया है। ​मुख्यमंत्री से नाराजगी: प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि चुनाव के समय मुख्यमंत्री ने उनसे वोट माँगे थे, लेकिन आज जब उनके आशियाने पर खतरा है, तो सरकार उनकी सुध नहीं ले रही है। निवासियों का दावा है कि कई बार कोशिशों के बावजूद मुख्यमंत्री ने उनसे मुलाकात नहीं की है। ​विपक्ष का हमला: आम आदमी पार्टी (AAP) और अन्य विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सरकार बिना किसी ठोस पुनर्वास नीति (Rehabilitation Policy) के गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को बेघर करने पर उतारू है। ​जनता का सवाल: विकास या विनाश? ​आंदोलन में शामिल बुजुर्ग महिलाओं और युवाओं का एक ही सवाल है—"अगर हमारे सालों पुराने घर तोड़ दिए गए, तो हम कहाँ जाएंगे?" लोगों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर उन्हें बेघर करना कतई मंजूर नहीं है। ​क्या सरकार लेगी खबर? ​फिलहाल सरकार और प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या राहत का आश्वासन नहीं आया है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार लिखित में उनके घरों को सुरक्षित रखने का आश्वासन नहीं देती, तब तक 'घर बचाओ आंदोलन' जारी रहेगा।
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    नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अपने विधानसभा क्षेत्र, शालीमार बाग में इन दिनों माहौल काफी तनावपूर्ण है। शालीमार गांव के मैक्स हॉस्पिटल रोड (Max Hospital Road) और आसपास के इलाकों में 'घर बचाओ आंदोलन' के तहत सैकड़ों स्थानीय निवासी सड़कों पर हैं। विवाद की मुख्य जड़ सड़क चौड़ीकरण (Road Widening) परियोजना के तहत करीब 200 से 300 मकानों पर प्रशासन द्वारा लगाए गए 'पीले निशान' (Yellow Markings) हैं।
​क्या है पूरा मामला?
​लोक निर्माण विभाग (PWD) और एमसीडी (MCD) द्वारा शालीमार गांव और टीचर कॉलोनी के कई घरों को नोटिस दिए गए हैं, जिनमें इन निर्माणों को अवैध बताते हुए हटाने की चेतावनी दी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे यहाँ पिछले 50 से 70 वर्षों से रह रहे हैं और उनके पास बिजली, पानी के वैध कनेक्शन भी हैं। अचानक हुई इस कार्रवाई ने लोगों की रातों की नींद उड़ा दी है।
​आंदोलन की मुख्य बातें:
​लगातार विरोध: मैक्स हॉस्पिटल रोड पर लोग कड़ाके की ठंड और अनिश्चितता के बीच धरने पर बैठे हैं। हाल ही में आंदोलनकारियों द्वारा क्रमिक उपवास (Relay Fast) भी शुरू किया गया है।
​मुख्यमंत्री से नाराजगी: प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि चुनाव के समय मुख्यमंत्री ने उनसे वोट माँगे थे, लेकिन आज जब उनके आशियाने पर खतरा है, तो सरकार उनकी सुध नहीं ले रही है। निवासियों का दावा है कि कई बार कोशिशों के बावजूद मुख्यमंत्री ने उनसे मुलाकात नहीं की है।
​विपक्ष का हमला: आम आदमी पार्टी (AAP) और अन्य विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सरकार बिना किसी ठोस पुनर्वास नीति (Rehabilitation Policy) के गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को बेघर करने पर उतारू है।
​जनता का सवाल: विकास या विनाश?
​आंदोलन में शामिल बुजुर्ग महिलाओं और युवाओं का एक ही सवाल है—"अगर हमारे सालों पुराने घर तोड़ दिए गए, तो हम कहाँ जाएंगे?" लोगों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर उन्हें बेघर करना कतई मंजूर नहीं है।
​क्या सरकार लेगी खबर?
​फिलहाल सरकार और प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या राहत का आश्वासन नहीं आया है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार लिखित में उनके घरों को सुरक्षित रखने का आश्वासन नहीं देती, तब तक 'घर बचाओ आंदोलन' जारी रहेगा।
    user_Vinay Upadhyay
    Vinay Upadhyay
    Fire protection consultant सिविल लाइन्स, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
    11 hrs ago
  • ईरान–इजराइल युद्ध से दिक्कत है तो जहाज में बैठकर चले जाओ” ◆ संभल के DSP कुलदीप कुमार ने ईद को लेकर मीटिंग में कहा
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    ईरान–इजराइल युद्ध से दिक्कत है तो जहाज में बैठकर चले जाओ” ◆ संभल के DSP कुलदीप कुमार ने ईद को लेकर मीटिंग में कहा
    user_VACC 24 News
    VACC 24 News
    Media company अलीपुर, उत्तरी दिल्ली, दिल्ली•
    11 hrs ago
  • Post by Bawandr Bihari
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    Post by Bawandr Bihari
    user_Bawandr Bihari
    Bawandr Bihari
    Artist Khekada, Baghpat•
    17 hrs ago
  • *अतिक्रमण से जूझ रहा बिलग्राम का मुख्य चौराहा, हादसे की आशंका* हरदोई/बिलग्राम। नगर के मुख्य चौराहे पर बढ़ते अतिक्रमण से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिलग्राम कोतवाली के गेट के सामने स्थित मुख्य चौराहा इन दिनों अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहा है। सड़क के दोनों ओर किए गए अवैध कब्जों के कारण रास्ता संकरा हो गया है, जिससे यातायात बाधित रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे दुकानों और ठेलों के लगने से अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। लोगों का आरोप है कि यह अतिक्रमण लंबे समय से हो रहा है, लेकिन नगर पालिका प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि मुख्य चौराहे से अतिक्रमण हटाकर यातायात व्यवस्था को सुचारु किया जाए, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
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    *अतिक्रमण से जूझ रहा बिलग्राम का मुख्य चौराहा, हादसे की आशंका*
हरदोई/बिलग्राम। नगर के मुख्य चौराहे पर बढ़ते अतिक्रमण से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिलग्राम कोतवाली के गेट के सामने स्थित मुख्य चौराहा इन दिनों अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहा है। सड़क के दोनों ओर किए गए अवैध कब्जों के कारण रास्ता संकरा हो गया है, जिससे यातायात बाधित रहता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे दुकानों और ठेलों के लगने से अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। लोगों का आरोप है कि यह अतिक्रमण लंबे समय से हो रहा है, लेकिन नगर पालिका प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि मुख्य चौराहे से अतिक्रमण हटाकर यातायात व्यवस्था को सुचारु किया जाए, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
    user_Crime 7 india news 📰📰📰📰📰
    Crime 7 india news 📰📰📰📰📰
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    9 hrs ago
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