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ईरान–इजराइल युद्ध से दिक्कत है तो जहाज में बैठकर चले जाओ” ◆ संभल के DSP कुलदीप कुमार ने ईद को लेकर मीटिंग में कहा ईरान–इजराइल युद्ध से दिक्कत है तो जहाज में बैठकर चले जाओ” ◆ संभल के DSP कुलदीप कुमार ने ईद को लेकर मीटिंग में कहा
VACC 24 News
ईरान–इजराइल युद्ध से दिक्कत है तो जहाज में बैठकर चले जाओ” ◆ संभल के DSP कुलदीप कुमार ने ईद को लेकर मीटिंग में कहा ईरान–इजराइल युद्ध से दिक्कत है तो जहाज में बैठकर चले जाओ” ◆ संभल के DSP कुलदीप कुमार ने ईद को लेकर मीटिंग में कहा
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- न्यूज़: दिल्ली के नॉर्थ-वेस्ट जिले की फॉरेनर सेल ने लगातार निगरानी के दौरान जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन के पास से दो अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी पहले भी भारत से डिपोर्ट किए जा चुके थे, लेकिन इसके बावजूद वे दोबारा अवैध तरीके से भारत में प्रवेश कर गए। पुलिस जांच में आरोपियों के पास से 2 स्मार्टफोन बरामद किए गए हैं, जिनमें प्रतिबंधित IMO ऐप इंस्टॉल पाया गया। इसके अलावा उनके कब्जे से 6 बांग्लादेशी पहचान से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, दोनों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वे भारत में किस नेटवर्क के जरिए दोबारा दाखिल हुए। पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।1
- दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में होली के दिन हुई तरुण की हत्या का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. इस घटना को लेकर लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है. इसी कड़ी में मंगलवार को दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में बड़ी संख्या में लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर तरुण को श्रद्धांजलि दी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. मंगोलपुरी के भगवा चौक से शुरू हुआ यह कैंडल मार्च इलाके के कई चौक-चौराहों से होता हुआ मंगोलपुरी थाने तक पहुंचा. इस दौरान हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता, स्थानीय लोग और समाज के कई प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे. हाथों में मोमबत्तियां लेकर लोगों ने तरुण को श्रद्धांजलि दी और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा की मांग उठाई. कैंडल मार्च में शामिल लोगों का कहना था कि होली जैसे त्योहार के दिन हुई इस हत्या ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है. लोगों ने प्रशासन से मांग की कि मामले में शामिल सभी आरोपियों को सख्त से सख्त सजा मिले ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके. फिलहाल इस मामले को लेकर लोगों में आक्रोश लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है. कैंडल मार्च के जरिए लोगों ने साफ संदेश दिया है कि जब तक तरुण के हत्यारों को कड़ी सजा नहीं मिलती, तब तक उनकी आवाज उठती रहेगी.1
- सजन से सड़क तक सत्ता से सवाल पूछती आवाज1
- Post by Bawandr Bihari1
- Post by Bharatiya Jan KRANTI SENA1
- नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अपने विधानसभा क्षेत्र, शालीमार बाग में इन दिनों माहौल काफी तनावपूर्ण है। शालीमार गांव के मैक्स हॉस्पिटल रोड (Max Hospital Road) और आसपास के इलाकों में 'घर बचाओ आंदोलन' के तहत सैकड़ों स्थानीय निवासी सड़कों पर हैं। विवाद की मुख्य जड़ सड़क चौड़ीकरण (Road Widening) परियोजना के तहत करीब 200 से 300 मकानों पर प्रशासन द्वारा लगाए गए 'पीले निशान' (Yellow Markings) हैं। क्या है पूरा मामला? लोक निर्माण विभाग (PWD) और एमसीडी (MCD) द्वारा शालीमार गांव और टीचर कॉलोनी के कई घरों को नोटिस दिए गए हैं, जिनमें इन निर्माणों को अवैध बताते हुए हटाने की चेतावनी दी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे यहाँ पिछले 50 से 70 वर्षों से रह रहे हैं और उनके पास बिजली, पानी के वैध कनेक्शन भी हैं। अचानक हुई इस कार्रवाई ने लोगों की रातों की नींद उड़ा दी है। आंदोलन की मुख्य बातें: लगातार विरोध: मैक्स हॉस्पिटल रोड पर लोग कड़ाके की ठंड और अनिश्चितता के बीच धरने पर बैठे हैं। हाल ही में आंदोलनकारियों द्वारा क्रमिक उपवास (Relay Fast) भी शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री से नाराजगी: प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि चुनाव के समय मुख्यमंत्री ने उनसे वोट माँगे थे, लेकिन आज जब उनके आशियाने पर खतरा है, तो सरकार उनकी सुध नहीं ले रही है। निवासियों का दावा है कि कई बार कोशिशों के बावजूद मुख्यमंत्री ने उनसे मुलाकात नहीं की है। विपक्ष का हमला: आम आदमी पार्टी (AAP) और अन्य विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सरकार बिना किसी ठोस पुनर्वास नीति (Rehabilitation Policy) के गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को बेघर करने पर उतारू है। जनता का सवाल: विकास या विनाश? आंदोलन में शामिल बुजुर्ग महिलाओं और युवाओं का एक ही सवाल है—"अगर हमारे सालों पुराने घर तोड़ दिए गए, तो हम कहाँ जाएंगे?" लोगों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर उन्हें बेघर करना कतई मंजूर नहीं है। क्या सरकार लेगी खबर? फिलहाल सरकार और प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या राहत का आश्वासन नहीं आया है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार लिखित में उनके घरों को सुरक्षित रखने का आश्वासन नहीं देती, तब तक 'घर बचाओ आंदोलन' जारी रहेगा।1
- ईरान–इजराइल युद्ध से दिक्कत है तो जहाज में बैठकर चले जाओ” ◆ संभल के DSP कुलदीप कुमार ने ईद को लेकर मीटिंग में कहा1
- हरदोई/हरियावां थाना क्षेत्र के ग्राम बेलहिया निवासी विजय,आदि और ग्राम नेदुरा निवासी पंचायत मित्र बिनय छोटक्के पंडित आदि लोगों ने सरकारी नाली पर किया अवैध कब्जा,पहले धीरे धीरे काट ली सरकारी नाली की पटरी और अब बची हुई पटरी पर लगा दिए पेड़1
- yah Delhi jal board ka hai ismein logon ke yahan Pani nahin pahunch raha hai yahan Pani West ja raha hai yahan log nahate Hain gadiyan dhote Hain is tarah ke time per aap dekho Aakar to aapko sab kuchh dikhega1