मध्य प्रदेश के सिरोंज विधायक उमाकांत शर्मा ने सिरोंज-लटेरी हाइवे पर 1700 बीघा वन भूमि पर हो रहे अतिक्रमण और उस पर अवैध खेती को लेकर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने तल्ख लहजे में सवाल उठाया कि वन विभाग, राजस्व और पुलिस जैसे विभागों की मौजूदगी के बावजूद इतनी बड़ी वन भूमि पर आखिर ट्रैक्टर कैसे चले और उस पर खेती कैसे की जा रही है। विधायक शर्मा ने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसे अतिक्रमण वन विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से ही हुए हैं, जिससे वन विभाग के साथ-साथ सरकार की भी बदनामी होती है। उन्होंने लटेरी, मुरवास और बलरामपुर के जंगलों में सभी संबंधित विभागों की उपस्थिति में संयुक्त सीमांकन कराने की मांग की। यह अतिक्रमण सिरोंज-लटेरी हाइवे क्रमांक 752 बी पर बलरामपुर रूसिया ग्रामों में मेन रोड के किनारे स्थित कम्पार्टमेंट p 469-470 की 1700 बीघा वन भूमि पर किया गया है। इसे मध्य प्रदेश में एक साथ इतनी बड़ी वन भूमि पर अतिक्रमण कर खेती करने का संभवतः पहला मामला बताया गया है। विधायक उमाकांत शर्मा इस विषय पर हमेशा मुखर रहे हैं और विधानसभा में भी कई बार वनों से जुड़े मामले उठा चुके हैं। इस मामले पर वन विभाग के SDO प्रशांत शांकरे ने स्वीकार किया कि इतना बड़ा अतिक्रमण वन विभाग अकेले नहीं हटा सकता। उन्होंने कहा कि अन्य विभागों का सहयोग लेकर एक बड़ी रणनीति बनाई जाएगी ताकि इस बेदखली की कार्रवाई को प्रभावी ढंग से अंजाम दिया जा सके।
मध्य प्रदेश के सिरोंज विधायक उमाकांत शर्मा ने सिरोंज-लटेरी हाइवे पर 1700 बीघा वन भूमि पर हो रहे अतिक्रमण और उस पर अवैध खेती को लेकर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने तल्ख लहजे में सवाल उठाया कि वन विभाग, राजस्व और पुलिस जैसे विभागों की मौजूदगी के बावजूद इतनी बड़ी वन भूमि पर आखिर ट्रैक्टर कैसे चले और उस
पर खेती कैसे की जा रही है। विधायक शर्मा ने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसे अतिक्रमण वन विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से ही हुए हैं, जिससे वन विभाग के साथ-साथ सरकार की भी बदनामी होती है। उन्होंने लटेरी, मुरवास और बलरामपुर के जंगलों में सभी संबंधित विभागों की उपस्थिति में संयुक्त सीमांकन कराने की मांग की। यह अतिक्रमण सिरोंज-लटेरी
हाइवे क्रमांक 752 बी पर बलरामपुर रूसिया ग्रामों में मेन रोड के किनारे स्थित कम्पार्टमेंट p 469-470 की 1700 बीघा वन भूमि पर किया गया है। इसे मध्य प्रदेश में एक साथ इतनी बड़ी वन भूमि पर अतिक्रमण कर खेती करने का संभवतः पहला मामला बताया गया है। विधायक उमाकांत शर्मा इस विषय पर हमेशा मुखर रहे हैं और विधानसभा
में भी कई बार वनों से जुड़े मामले उठा चुके हैं। इस मामले पर वन विभाग के SDO प्रशांत शांकरे ने स्वीकार किया कि इतना बड़ा अतिक्रमण वन विभाग अकेले नहीं हटा सकता। उन्होंने कहा कि अन्य विभागों का सहयोग लेकर एक बड़ी रणनीति बनाई जाएगी ताकि इस बेदखली की कार्रवाई को प्रभावी ढंग से अंजाम दिया जा सके।
- बीना-खिमलासा मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य के बीच नियमों की धज्जियां उड़ाकर भारी वाहन नो-एंट्री वाले अस्थायी मार्ग से लगातार गुजर रहे हैं, जिससे आम जनता की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। रेलवे फाटक बंद होने के कारण न्यायालय, तहसील कार्यालय और कई स्कूलों तक पहुँचने के लिए छोटे वाहनों हेतु एक वैकल्पिक अंडरब्रिज मार्ग बनाया गया था, जिस पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है। प्रशासन ने इस मार्ग पर हार्ड गेट भी लगाए थे, लेकिन कथित तौर पर कुछ डंपर संचालकों ने अपने वाहनों के ऊपरी हिस्से में बदलाव कर इन गेटों के नीचे से निकलने का रास्ता निकाल लिया, जिसके बाद प्रतिबंधित मार्ग पर भी भारी वाहनों की आवाजाही जारी है। विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ डंपर कथित रूप से निर्माण सामग्री लेकर भी इसी प्रतिबंधित मार्ग से गुजरते देखे गए हैं। भारी वाहनों के निरंतर गुजरने से यह अस्थायी सड़क जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो रही है और बारिश के कारण सड़क पर कीचड़ व गड्ढों से स्कूली बच्चों, अधिवक्ताओं और न्यायालय व तहसील आने वाले लोगों समेत स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते कई बार भीषण जाम की स्थिति भी बन जाती है, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित होता है। स्थानीय नागरिकों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि प्रतिबंधित मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पर सख्ती से रोक नहीं लगाई गई, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर सड़क की मरम्मत कराने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने की मांग की है।1
- वैशाली के राजापाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ा एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक अस्पताल कर्मचारी पर एक्स-रे रूम में एक महिला के यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाया गया है। हालांकि, इस घटना की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।1
- आज मुंगावली में मल्हारगढ़ चौकी अंतर्गत मानस भवन में साईबर 2.0 अभियान का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अंतर सिंह कनेश ने उपस्थित लोगों को साईबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट और ओटीपी साझा न करने जैसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान कीं। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय के साथ एसडीओपी सनम बी खान, थाना प्रभारी अरविंद सिंह कछुवाह, साईबर सेल प्रभारी मसी खान और उनकी टीम, अन्य पुलिस स्टाफ, गणमान्य नागरिक और छात्र सहित लगभग 150 से 200 लोग मौजूद रहे।4
- विदिशा जिले के सिरोंज में किसानों ने आज ई-पोर्टल पर यूरिया खाद बुक करते समय डीएपी और एनपीके खाद खरीदने की अनिवार्यता के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी किसानों ने मौके पर पहुंचे सिरोंज एसडीम को विदिशा जिलाधीश के नाम एक ज्ञापन सौंपकर इस बाध्यता को तत्काल समाप्त करने की मांग की। किसान नेता सुरेंद्र रघुवंशी ने इस दौरान कहा कि जब किसानों को डीएपी और एनपीके की आवश्यकता थी, तब सरकारी अधिकारियों ने यूरिया की बजाय इन्हीं खादों को लेने की बात कही थी। लेकिन अब, जब किसानों की बोनी पूरी हो चुकी है और फसलों को केवल यूरिया की जरूरत है, तब ई-टोकन पोर्टल पर डीएपी या एनपीके जैसे फॉस्फेटिक उर्वरक पहले लेने की अनिवार्यता दिखाई जा रही है। उन्होंने इसे पूरी तरह से किसान विरोधी बताते हुए सवाल उठाया कि क्या अब किसान अपनी फसल की जरूरत भी ई-टोकन पोर्टल से पूछकर तय करेगा। रघुवंशी ने स्पष्ट किया कि किसानों को जिस खाद की आवश्यकता है, उन्हें वही खाद मिलनी चाहिए और अनावश्यक उर्वरक खरीदने का दबाव बनाना अनुचित है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने तत्काल इस "किसान विरोधी व्यवस्था" को समाप्त नहीं किया और ई-टोकन पोर्टल से यह अनिवार्यता नहीं हटाई, तो प्रदेशभर में किसानों के हित में एक व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने 'तुगलकी फरमान' चलने से इनकार करते हुए सरकार से मांग की कि किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार ही खाद उपलब्ध कराई जाए। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान बंधु उपस्थित थे।4
- विदिशा में आगामी मानोरा मेले को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में, पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने मेला क्षेत्र का गहन निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने मार्ग व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, पुलिस अधीक्षक ने मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर, उनके साथ थाना प्रभारी ग्यारसपुर और थाना प्रभारी यातायात भी मौजूद रहे। मेले में सुचारू यातायात प्रबंधन और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एक विशेष योजना पर भी चर्चा की गई।1
- ग्राम पंचायत कोलुआ के समस्त ग्रामीण रास्ते की खराब हालत से परेशान हैं। ग्रामीणों ने सरपंच साहब से निवेदन किया है कि रास्ते पर मुरम डाल दी जाए, ताकि उन्हें आने-जाने में हो रही परेशानी से राहत मिल सके।1
- मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के लटेरी में एक पीएम श्री स्कूल के प्राचार्य का तबादला उस समय कर दिया गया है, जब वे जनगणना ड्यूटी पर तैनात थे। इस तबादले को लेकर अब कई सवाल उठ रहे हैं। मामले में खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उन्होंने इस प्राचार्य के तबादले के लिए कोई अनुमति प्रदान नहीं की थी।1
- बुधवार सुबह विदिशा के सिविल लाइन क्षेत्र में, पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर के निवास के ठीक सामने, दो तेज रफ्तार मोपेड वाहनों की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। इस हादसे में एक मोपेड पर सवार दो युवक और दूसरी मोपेड पर सवार एक युवक घायल हो गए थे, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा जांच के बाद एक घायल युवक राजकुमार आदिवासी को मृत घोषित कर दिया गया, जिसकी पहचान सुभाष नगर निवासी के रूप में हुई है। मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है और इसके बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। घटना स्थल से दो घायल युवकों को पुलिस कर्मियों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया था।4
- मध्य प्रदेश के गुना जिले के चाचौड़ा में एक रास्ते की बेहद खराब स्थिति पर चिंता जताई गई है। नागरिकों ने संबंधित अधिकारियों से अनुरोध किया है कि इस मार्ग पर मुरम डालकर इसे ठीक किया जाए, ताकि लोगों को आने-जाने में हो रही असुविधा से मुक्ति मिल सके।2