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ब्रेकिंग कैलारस-आज सोमवार दिनांक 10/08/2026 को किसानों को खाद टोकन की व्यवस्था थाना परिसर कैलारस में वितरण किये। कैलारस-किसानों को खाद लेने के लिए टोकन व्यवस्था थाना परिसर कैलारस में रखी गई है। थाना परिषद कैलारस में मौके पर स्वंय राजस्व पटवारी राम भजन शाक्य, पटवारी सतीश त्यागी की देखरेख में वितरण किये जा रहे हैं। जिससे किसानों को खाद आसानी से मिल सके। और कैलारस पुलिस प्रशासन ने किसानों को क्रमबद्ध तरीके से लाइन में लगाकर, सहयोग किया जा रहा है।

11 hrs ago
user_Lokesh shukla
Lokesh shukla
कैलारस, मुरैना, मध्य प्रदेश•
11 hrs ago

ब्रेकिंग कैलारस-आज सोमवार दिनांक 10/08/2026 को किसानों को खाद टोकन की व्यवस्था थाना परिसर कैलारस में वितरण किये। कैलारस-किसानों को खाद लेने के लिए टोकन व्यवस्था थाना परिसर कैलारस में रखी गई है। थाना परिषद कैलारस में मौके पर स्वंय राजस्व पटवारी राम भजन शाक्य, पटवारी सतीश त्यागी की देखरेख में वितरण किये जा रहे हैं। जिससे किसानों को खाद आसानी से मिल सके। और कैलारस पुलिस प्रशासन ने किसानों को क्रमबद्ध तरीके से लाइन में लगाकर, सहयोग किया जा रहा है।

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  • ब्रेकिंग कैलारस-आज सोमवार दिनांक 10/08/2026 को किसानों को खाद टोकन की व्यवस्था थाना परिसर कैलारस में वितरण किये। कैलारस-किसानों को खाद लेने के लिए टोकन व्यवस्था थाना परिसर कैलारस में रखी गई है। थाना परिषद कैलारस में मौके पर स्वंय राजस्व पटवारी राम भजन शाक्य, पटवारी सतीश त्यागी की देखरेख में वितरण किये जा रहे हैं। जिससे किसानों को खाद आसानी से मिल सके। और कैलारस पुलिस प्रशासन ने किसानों को क्रमबद्ध तरीके से लाइन में लगाकर, सहयोग किया जा रहा है।
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    ब्रेकिंग कैलारस-आज सोमवार दिनांक 10/08/2026 को किसानों को खाद टोकन की व्यवस्था थाना परिसर कैलारस में वितरण किये।
कैलारस-किसानों को खाद लेने के लिए टोकन व्यवस्था थाना परिसर कैलारस में रखी गई है। थाना परिषद कैलारस में मौके पर स्वंय राजस्व पटवारी राम भजन शाक्य, पटवारी सतीश त्यागी की देखरेख में वितरण किये जा रहे हैं। जिससे किसानों को खाद आसानी से मिल सके। और कैलारस पुलिस प्रशासन ने किसानों को क्रमबद्ध तरीके से लाइन में लगाकर, सहयोग किया जा रहा है।
    user_Lokesh shukla
    Lokesh shukla
    कैलारस, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • 95 दिन से जनहित सत्याग्रह जारी — आखिर कब होगी जांच? सबलगढ़ नगर पालिका में सवाल गंभीर, जनता जवाब मांग रही है। नगर पालिका परिषद सबलगढ़ में जनहित के मुद्दों को लेकर 95 दिनों से 95 दिन से जनहित सत्याग्रह जारी — आखिर कब होगी जांच? सबलगढ़ नगर पालिका में सवाल गंभीर, जनता जवाब मांग रही है। नगर पालिका परिषद सबलगढ़ में जनहित के मुद्दों को लेकर 95 दिनों से लगातार जनहित सत्याग्रह जारी है। बावजूद इसके प्रशासन द्वारा मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराने और लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने में लगातार देरी किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। 50 करोड़ के कथित ऑफलाइन भुगतानों की जांच की मांग पार्षद द्वारा लगभग ₹50 करोड़ के कथित ऑफलाइन भुगतानों की जांच कराने हेतु संबंधित अधिकारियों को पत्र सौंपा गया है। मांग है कि नगर पालिका के बैंक खातों, भुगतान रजिस्टर, बिल-वाउचर, कैशबुक एवं अन्य वित्तीय अभिलेखों की उच्चस्तरीय जांच कर वास्तविक स्थिति जनता के सामने रखी जाए। अपूर्ण योजनाओं के नाम पर निकली राशि की जांच और रिकवरी शासन की विभिन्न योजनाओं की भी जांच की मांग की गई है। यदि किसी अपूर्ण योजना या अधूरे कार्य के नाम पर शासकीय राशि का भुगतान/आहरण हुआ है तो उसकी जांच कर जिम्मेदार लोगों से नियमानुसार राशि की रिकवरी की जाए। जनता को चाहिए मूलभूत सुविधाएं नगर में सफाई व्यवस्था, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति सुधारने की भी मांग की जा रही है। जनता अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए नगर पालिका के चक्कर लगाने को मजबूर है और सुनवाई नहीं होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। सत्याग्रह में शामिल पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी, पार्षद कैलाश चंद भगत, पार्षद रचना अशरफ एवं समाजसेवी लगातार जनहित की आवाज उठा रहे हैं।
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    95 दिन से जनहित सत्याग्रह जारी — आखिर कब होगी जांच?
सबलगढ़ नगर पालिका में सवाल गंभीर, जनता जवाब मांग रही है।
नगर पालिका परिषद सबलगढ़ में जनहित के मुद्दों को लेकर 95 दिनों से
95 दिन से जनहित सत्याग्रह जारी — आखिर कब होगी जांच?
सबलगढ़ नगर पालिका में सवाल गंभीर, जनता जवाब मांग रही है।
नगर पालिका परिषद सबलगढ़ में जनहित के मुद्दों को लेकर 95 दिनों से लगातार जनहित सत्याग्रह जारी है। बावजूद इसके प्रशासन द्वारा मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराने और लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने में लगातार देरी किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।
50 करोड़ के कथित ऑफलाइन भुगतानों की जांच की मांग
पार्षद द्वारा लगभग ₹50 करोड़ के कथित ऑफलाइन भुगतानों की जांच कराने हेतु संबंधित अधिकारियों को पत्र सौंपा गया है। मांग है कि नगर पालिका के बैंक खातों, भुगतान रजिस्टर, बिल-वाउचर, कैशबुक एवं अन्य वित्तीय अभिलेखों की उच्चस्तरीय जांच कर वास्तविक स्थिति जनता के सामने रखी जाए। अपूर्ण योजनाओं के नाम पर निकली राशि की जांच और रिकवरी
शासन की विभिन्न योजनाओं की भी जांच की मांग की गई है। यदि किसी अपूर्ण योजना या अधूरे कार्य के नाम पर शासकीय राशि का भुगतान/आहरण हुआ है तो उसकी जांच कर जिम्मेदार लोगों से नियमानुसार राशि की रिकवरी की जाए।
जनता को चाहिए मूलभूत सुविधाएं
नगर में सफाई व्यवस्था, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति सुधारने की भी मांग की जा रही है। जनता अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए नगर पालिका के चक्कर लगाने को मजबूर है और सुनवाई नहीं होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
सत्याग्रह में शामिल पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी, पार्षद कैलाश चंद भगत, पार्षद रचना अशरफ एवं समाजसेवी लगातार जनहित की आवाज उठा रहे हैं।
    user_धर्मेद्र गौड़
    धर्मेद्र गौड़
    सबलगढ़, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    12 min ago
  • माननीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी छात्रों से जुड़े हर विषय पर संवाद और सवालों के जवाब के लिए सदैव तैयार हैं। दूसरी ओर, विपक्ष सवाल उठाकर जवाब सुनने के बजाय मैदान छोड़ने और संसद को नहीं चलने देने के रवैये पर विश्वास रखता है। कांग्रेस और विपक्ष को जवाब के समय सदन से भागने के बजाय पूरी बात सुनने का साहस करना चाहिए। माननीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी छात्रों से जुड़े हर विषय पर संवाद और सवालों के जवाब के लिए सदैव तैयार हैं। दूसरी ओर, विपक्ष सवाल उठाकर जवाब सुनने के बजाय मैदान छोड़ने और संसद को नहीं चलने देने के रवैये पर विश्वास रखता है। कांग्रेस और विपक्ष को जवाब के समय सदन से भागने के बजाय पूरी बात सुनने का साहस करना चाहिए। #राहुल_भागना_नहीं
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    माननीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी छात्रों से जुड़े हर विषय पर संवाद और सवालों के जवाब के लिए सदैव तैयार हैं।

दूसरी ओर, विपक्ष सवाल उठाकर जवाब सुनने के बजाय मैदान छोड़ने और संसद को नहीं चलने देने के रवैये पर विश्वास रखता है। कांग्रेस और विपक्ष को जवाब के समय सदन से भागने के बजाय पूरी बात सुनने का साहस करना चाहिए।


माननीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी छात्रों से जुड़े हर विषय पर संवाद और सवालों के जवाब के लिए सदैव तैयार हैं।
दूसरी ओर, विपक्ष सवाल उठाकर जवाब सुनने के बजाय मैदान छोड़ने और संसद को नहीं चलने देने के रवैये पर विश्वास रखता है। कांग्रेस और विपक्ष को जवाब के समय सदन से भागने के बजाय पूरी बात सुनने का साहस करना चाहिए।
#राहुल_भागना_नहीं
    user_भरत सिंह मीणा सरमथुरा
    भरत सिंह मीणा सरमथुरा
    Voice of people सरमथुरा, धौलपुर, राजस्थान•
    35 min ago
  • श्योपुर भाजपा पदाधिकारीयों एवं जनप्रतिनिधियों ने जनपद पंचायत विजयपुर सीईओ दीपक धाकड़ के खिलाफ कलेक्टर एवं एसपी को की शिकायत सीईओ पर कार्रवाई की मांग की।
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    श्योपुर भाजपा पदाधिकारीयों एवं जनप्रतिनिधियों ने जनपद पंचायत विजयपुर सीईओ दीपक धाकड़ के खिलाफ कलेक्टर एवं एसपी को की शिकायत सीईओ पर कार्रवाई की मांग की।
    user_बलवीर धाकड़
    बलवीर धाकड़
    Court reporter विजयपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • बाड़ी में स्कूली बच्चों ने निकाली तिरंगा यात्रा:9 दिवसीय हर घर तिरंगा अभियान शुरू, मंगलवार को लगेगी तिरंगा प्रदर्शनी और मेला बाड़ी में स्कूली बच्चों ने निकाली तिरंगा यात्रा:9 दिवसीय हर घर तिरंगा अभियान शुरू, मंगलवार को लगेगी तिरंगा प्रदर्शनी और मेला
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    बाड़ी में स्कूली बच्चों ने निकाली तिरंगा यात्रा:9 दिवसीय हर घर तिरंगा अभियान शुरू, मंगलवार को लगेगी तिरंगा प्रदर्शनी और मेला
बाड़ी में स्कूली बच्चों ने निकाली तिरंगा यात्रा:9 दिवसीय हर घर तिरंगा अभियान शुरू, मंगलवार को लगेगी तिरंगा प्रदर्शनी और मेला
    user_रोहित वर्मा
    रोहित वर्मा
    Farmer बारी, धौलपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • मूंझरी बांध निर्माण को लेकर किसानों से सार्थक चर्चा, कलेक्टर ने दिलाया भरोसा स्टेज-2 की स्वीकृति प्रक्रिया जल्द पूरी कराने के निर्देश, 11,575 हेक्टेयर में पहुंचेगा सिंचाई का पानी श्योपुर, में मूंझरी बांध निर्माण को लेकर कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा की अध्यक्षता में सोमवार को एनआईसी कक्ष में किसानों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बांध निर्माण, भूमि अधिग्रहण और परियोजना की आगामी प्रक्रिया को लेकर किसानों से विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर ने बताया कि मूंझरी बांध निर्माण के लिए स्टेज-1 की स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि स्टेज-2 के तहत वाइल्डलाइफ मैनेजमेंट की तकनीकी स्वीकृति की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बैठक के दौरान ही प्रमुख सचिव वन विभाग से दूरभाष पर चर्चा कर प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कराने का आग्रह किया। बैठक में मूंझरी बांध के लिए करीब 99 हेक्टेयर निजी भूमि के अधिग्रहण का मुद्दा भी उठा। कलेक्टर ने किसानों को आश्वस्त किया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। कार्यपालन यंत्री जल संसाधन चैतन्य चौहान ने बताया कि केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 22 जुलाई 2026 को परियोजना के लिए स्वीकृति जारी की है। परियोजना के तहत आने वाली 740.159 हेक्टेयर वन भूमि के लिए स्टेज-1 की सैद्धांतिक स्वीकृति 15 अप्रैल 2026 को जारी हो चुकी है। स्टेज-2 की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अनुबंधित निर्माण एजेंसी द्वारा बांध निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा। 414.79 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा बांध मूंझरी के पास अहेली नदी पर करीब 414.79 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस बांध से बड़ौदा और कराहल तहसील क्षेत्र के 11,575 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। परियोजना में 4.56 मिलियन घन मीटर पानी पेयजल के लिए आरक्षित रहेगा, जिससे करीब एक लाख लोगों को पेयजल सुविधा मिलने का दावा किया गया है।बैठक में डीएफओ सामान्य केएस रंधा सहित भाजपा जिला अध्यक्ष शशांक भूषण, पूर्व विधायक दुर्गालाल विजय, महावीर सिंह सिसोदिया, सुरेन्द्र जाट, संजय अकोदिया, गौरीशंकर मीणा, महावीर मीणा, गिर्राज चौधरी सहित मूंझरी क्षेत्र के किसान एवं अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
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    मूंझरी बांध निर्माण को लेकर किसानों से सार्थक चर्चा, कलेक्टर ने दिलाया भरोसा

स्टेज-2 की स्वीकृति प्रक्रिया जल्द पूरी कराने के निर्देश, 11,575 हेक्टेयर में पहुंचेगा सिंचाई का पानी
श्योपुर, में मूंझरी बांध निर्माण को लेकर कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा की अध्यक्षता में सोमवार को एनआईसी कक्ष में किसानों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बांध निर्माण, भूमि अधिग्रहण और परियोजना की आगामी प्रक्रिया को लेकर किसानों से विस्तार से चर्चा हुई।
कलेक्टर ने बताया कि मूंझरी बांध निर्माण के लिए स्टेज-1 की स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि स्टेज-2 के तहत वाइल्डलाइफ मैनेजमेंट की तकनीकी स्वीकृति की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बैठक के दौरान ही प्रमुख सचिव वन विभाग से दूरभाष पर चर्चा कर प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कराने का आग्रह किया।
बैठक में मूंझरी बांध के लिए करीब 99 हेक्टेयर निजी भूमि के अधिग्रहण का मुद्दा भी उठा। कलेक्टर ने किसानों को आश्वस्त किया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
कार्यपालन यंत्री जल संसाधन चैतन्य चौहान ने बताया कि केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 22 जुलाई 2026 को परियोजना के लिए स्वीकृति जारी की है। परियोजना के तहत आने वाली 740.159 हेक्टेयर वन भूमि के लिए स्टेज-1 की सैद्धांतिक स्वीकृति 15 अप्रैल 2026 को जारी हो चुकी है। स्टेज-2 की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अनुबंधित निर्माण एजेंसी द्वारा बांध निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा।
414.79 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा बांध
मूंझरी के पास अहेली नदी पर करीब 414.79 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस बांध से बड़ौदा और कराहल तहसील क्षेत्र के 11,575 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। परियोजना में 4.56 मिलियन घन मीटर पानी पेयजल के लिए आरक्षित रहेगा, जिससे करीब एक लाख लोगों को पेयजल सुविधा मिलने का दावा किया गया है।बैठक में डीएफओ सामान्य केएस रंधा सहित भाजपा जिला अध्यक्ष शशांक भूषण, पूर्व विधायक दुर्गालाल विजय, महावीर सिंह सिसोदिया, सुरेन्द्र जाट, संजय अकोदिया, गौरीशंकर मीणा, महावीर मीणा, गिर्राज चौधरी सहित मूंझरी क्षेत्र के किसान एवं अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
    user_Dileep kushwah
    Dileep kushwah
    Court reporter विजयपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • 100 से ज्यादा बच्चों पर एक शिक्षक की जिम्मेदारी! अटैचमेंट ने बिगाड़ी सरकारी स्कूल की पढ़ाई व्यवस्था मुरैना के मुड़ियाखेड़ा प्राथमिक विद्यालय का मामला, एक शिक्षक जिला पंचायत में अटैच, एक प्राचार्य—BLO और प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त 100 से ज्यादा बच्चों पर एक शिक्षक की जिम्मेदारी! अटैचमेंट ने बिगाड़ी सरकारी स्कूल की पढ़ाई व्यवस्था मुरैना के मुड़ियाखेड़ा प्राथमिक विद्यालय का मामला, एक शिक्षक जिला पंचायत में अटैच, एक प्राचार्य—BLO और प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त मुरैना। मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी लंबे समय से चर्चा का विषय बनी हुई है। शासन स्तर से कई बार शिक्षकों के अटैचमेंट समाप्त कर उन्हें उनके मूल पदस्थापना वाले स्कूलों में भेजने के निर्देश जारी किए गए हैं। विधानसभा में भी इस मुद्दे को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर हालात पूरी तरह बदलते नजर नहीं आ रहे हैं। मुरैना जिले के मुड़ियाखेड़ा ग्राम स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय का मामला सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक अटैचमेंट की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। विद्यालय में 100 से अधिक बच्चे अध्ययनरत बताए जा रहे हैं, जबकि स्कूल में कुल तीन शिक्षक हैं। इनमें से एक शिक्षिका प्रियंका शर्मा को जिला पंचायत में अटैच किया गया है। वहीं विद्यालय की एक शिक्षिका प्राचार्य के दायित्व के साथ-साथ अन्य प्रशासनिक कार्यों में भी लगी रहती हैं। कभी किताबें लेने जाना पड़ता है, तो कभी BLO की ड्यूटी स्कूल में पदस्थ प्राचार्य के सामने भी केवल बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी नहीं है। शासन की ओर से बच्चों के लिए किताबें और अन्य शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराए जाने पर उन्हें लेने के लिए भी स्कूल से बाहर जाना पड़ता है। इसके अलावा उनकी BLO ड्यूटी भी लगी हुई है। ऐसे में जब प्राचार्य प्रशासनिक या अन्य सरकारी कार्यों से स्कूल से बाहर होती हैं और एक शिक्षक पहले ही अटैचमेंट के कारण विद्यालय में उपलब्ध नहीं है, तब 100 से अधिक बच्चों की जिम्मेदारी एक शिक्षक के भरोसे रह जाती है। कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को एक शिक्षक कैसे पढ़ाए? प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक के बच्चे अध्ययनरत हैं। ऐसे में एक शिक्षक के सामने अलग-अलग कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाने की चुनौती रहती है। शिक्षक के अनुसार उन्हें जरूरत के हिसाब से कभी एक कक्षा में तो कभी दूसरी कक्षा में जाना पड़ता है। सवाल यह है कि एक शिक्षक एक ही समय में पांच अलग-अलग कक्षाओं के बच्चों को किस तरह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे सकता है? इस व्यवस्था का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ने की आशंका है। ग्रामीण क्षेत्र के इन बच्चों के लिए सरकारी स्कूल ही शिक्षा का प्रमुख माध्यम है, ऐसे में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं होना उनके शैक्षणिक भविष्य के लिए गंभीर विषय है। पत्र लिखे, आश्वासन मिला, लेकिन समस्या जस की तस विद्यालय की प्राचार्य के अनुसार उन्होंने शिक्षक की कमी को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पत्र लिखकर अटैच शिक्षक को वापस मूल विद्यालय में भेजने की मांग की है। बताया गया कि अधिकारियों की ओर से स्कूल के लिए एक अतिरिक्त शिक्षक की व्यवस्था करने की बात कही गई थी। लेकिन सवाल यह है कि न तो अटैच शिक्षक को अब तक मूल विद्यालय में वापस भेजा गया और न ही अतिरिक्त शिक्षक की व्यवस्था होती दिखाई दे रही है। सरकारी स्कूलों के भविष्य पर भी सवाल एक ओर सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, स्कूलों को बेहतर बनाने और नए मॉडल स्कूल विकसित करने की बात कर रही है। वहीं दूसरी ओर पुराने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता ही चुनौती बनी हुई है। बीते समय में कई सरकारी स्कूलों को एकीकृत विद्यालयों में मर्ज किया गया है। वहीं सीएम राइज स्कूल और बाद में सांदीपनि विद्यालय जैसी योजनाओं के माध्यम से सरकारी शिक्षा व्यवस्था को नया स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन सवाल यह है कि जब मौजूदा सरकारी स्कूलों में ही पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, तो नई व्यवस्थाओं का लाभ बच्चों तक कैसे पहुंचेगा? आखिर जिम्मेदार कौन? मुड़ियाखेड़ा के इस विद्यालय की स्थिति केवल एक स्कूल की समस्या नहीं, बल्कि उस व्यवस्था पर सवाल है जिसमें शिक्षक स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के बजाय दूसरे विभागों में अटैच होकर काम कर रहे हैं। यदि शासन ने अटैचमेंट समाप्त कर शिक्षकों को उनके मूल स्कूलों में वापस भेजने के निर्देश दिए हैं, तो फिर ऐसे मामलों में कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? 100 से अधिक बच्चों के लिए पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराना किसकी जिम्मेदारी है? अटैच शिक्षक को मूल स्कूल में वापस क्यों नहीं भेजा गया? अतिरिक्त शिक्षक की व्यवस्था के आश्वासन के बाद भी व्यवस्था क्यों नहीं हुई? इन सवालों के जवाब अब शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन को देना होंगे, क्योंकि मामला सीधे तौर पर बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य से जुड़ा हुआ है।
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    100 से ज्यादा बच्चों पर एक शिक्षक की जिम्मेदारी! अटैचमेंट ने बिगाड़ी सरकारी स्कूल की पढ़ाई व्यवस्था

मुरैना के मुड़ियाखेड़ा प्राथमिक विद्यालय का मामला, एक शिक्षक जिला पंचायत में अटैच, एक प्राचार्य—BLO और प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त
100 से ज्यादा बच्चों पर एक शिक्षक की जिम्मेदारी! अटैचमेंट ने बिगाड़ी सरकारी स्कूल की पढ़ाई व्यवस्था
मुरैना के मुड़ियाखेड़ा प्राथमिक विद्यालय का मामला, एक शिक्षक जिला पंचायत में अटैच, एक प्राचार्य—BLO और प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त
मुरैना। मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी लंबे समय से चर्चा का विषय बनी हुई है। शासन स्तर से कई बार शिक्षकों के अटैचमेंट समाप्त कर उन्हें उनके मूल पदस्थापना वाले स्कूलों में भेजने के निर्देश जारी किए गए हैं। विधानसभा में भी इस मुद्दे को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर हालात पूरी तरह बदलते नजर नहीं आ रहे हैं।
मुरैना जिले के मुड़ियाखेड़ा ग्राम स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय का मामला सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक अटैचमेंट की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। विद्यालय में 100 से अधिक बच्चे अध्ययनरत बताए जा रहे हैं, जबकि स्कूल में कुल तीन शिक्षक हैं। इनमें से एक शिक्षिका प्रियंका शर्मा को जिला पंचायत में अटैच किया गया है। वहीं विद्यालय की एक शिक्षिका प्राचार्य के दायित्व के साथ-साथ अन्य प्रशासनिक कार्यों में भी लगी रहती हैं।
कभी किताबें लेने जाना पड़ता है, तो कभी BLO की ड्यूटी
स्कूल में पदस्थ प्राचार्य के सामने भी केवल बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी नहीं है। शासन की ओर से बच्चों के लिए किताबें और अन्य शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराए जाने पर उन्हें लेने के लिए भी स्कूल से बाहर जाना पड़ता है। इसके अलावा उनकी BLO ड्यूटी भी लगी हुई है।
ऐसे में जब प्राचार्य प्रशासनिक या अन्य सरकारी कार्यों से स्कूल से बाहर होती हैं और एक शिक्षक पहले ही अटैचमेंट के कारण विद्यालय में उपलब्ध नहीं है, तब 100 से अधिक बच्चों की जिम्मेदारी एक शिक्षक के भरोसे रह जाती है।
कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को एक शिक्षक कैसे पढ़ाए?
प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक के बच्चे अध्ययनरत हैं। ऐसे में एक शिक्षक के सामने अलग-अलग कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाने की चुनौती रहती है। शिक्षक के अनुसार उन्हें जरूरत के हिसाब से कभी एक कक्षा में तो कभी दूसरी कक्षा में जाना पड़ता है।
सवाल यह है कि एक शिक्षक एक ही समय में पांच अलग-अलग कक्षाओं के बच्चों को किस तरह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे सकता है?
इस व्यवस्था का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ने की आशंका है। ग्रामीण क्षेत्र के इन बच्चों के लिए सरकारी स्कूल ही शिक्षा का प्रमुख माध्यम है, ऐसे में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं होना उनके शैक्षणिक भविष्य के लिए गंभीर विषय है।
पत्र लिखे, आश्वासन मिला, लेकिन समस्या जस की तस
विद्यालय की प्राचार्य के अनुसार उन्होंने शिक्षक की कमी को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पत्र लिखकर अटैच शिक्षक को वापस मूल विद्यालय में भेजने की मांग की है।
बताया गया कि अधिकारियों की ओर से स्कूल के लिए एक अतिरिक्त शिक्षक की व्यवस्था करने की बात कही गई थी। लेकिन सवाल यह है कि न तो अटैच शिक्षक को अब तक मूल विद्यालय में वापस भेजा गया और न ही अतिरिक्त शिक्षक की व्यवस्था होती दिखाई दे रही है।
सरकारी स्कूलों के भविष्य पर भी सवाल
एक ओर सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, स्कूलों को बेहतर बनाने और नए मॉडल स्कूल विकसित करने की बात कर रही है। वहीं दूसरी ओर पुराने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता ही चुनौती बनी हुई है।
बीते समय में कई सरकारी स्कूलों को एकीकृत विद्यालयों में मर्ज किया गया है। वहीं सीएम राइज स्कूल और बाद में सांदीपनि विद्यालय जैसी योजनाओं के माध्यम से सरकारी शिक्षा व्यवस्था को नया स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन सवाल यह है कि जब मौजूदा सरकारी स्कूलों में ही पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, तो नई व्यवस्थाओं का लाभ बच्चों तक कैसे पहुंचेगा?
आखिर जिम्मेदार कौन?
मुड़ियाखेड़ा के इस विद्यालय की स्थिति केवल एक स्कूल की समस्या नहीं, बल्कि उस व्यवस्था पर सवाल है जिसमें शिक्षक स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के बजाय दूसरे विभागों में अटैच होकर काम कर रहे हैं।
यदि शासन ने अटैचमेंट समाप्त कर शिक्षकों को उनके मूल स्कूलों में वापस भेजने के निर्देश दिए हैं, तो फिर ऐसे मामलों में कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
100 से अधिक बच्चों के लिए पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराना किसकी जिम्मेदारी है?
अटैच शिक्षक को मूल स्कूल में वापस क्यों नहीं भेजा गया?
अतिरिक्त शिक्षक की व्यवस्था के आश्वासन के बाद भी व्यवस्था क्यों नहीं हुई?
इन सवालों के जवाब अब शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन को देना होंगे, क्योंकि मामला सीधे तौर पर बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य से जुड़ा हुआ है।
    user_JP NEWS झोलाछाप पत्रकार /Rohit bajouriya
    JP NEWS झोलाछाप पत्रकार /Rohit bajouriya
    मीडिया Morena, Madhya Pradesh•
    10 hrs ago
  • ब्रेकिंग कैलारस-आज सोमवार दिनांक 10/08/2026 को किसानों को खाद टोकन की व्यवस्था थाना परिसर कैलारस में वितरण किये। कैलारस-किसानों को खाद लेने के लिए टोकन व्यवस्था थाना परिसर कैलारस में रखी गई है। थाना परिषद कैलारस में मौके पर स्वंय राजस्व पटवारी राम भजन शाक्य, पटवारी सतीश त्यागी की देखरेख में वितरण किये जा रहे हैं। जिससे किसानों को खाद आसानी से मिल सके। और कैलारस पुलिस प्रशासन ने किसानों को क्रमबद्ध तरीके से लाइन में लगाकर, सहयोग किया जा रहा है।
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    ब्रेकिंग कैलारस-आज सोमवार दिनांक 10/08/2026 को किसानों को खाद टोकन की व्यवस्था थाना परिसर कैलारस में वितरण किये।
कैलारस-किसानों को खाद लेने के लिए टोकन व्यवस्था थाना परिसर कैलारस में रखी गई है। थाना परिषद कैलारस में मौके पर स्वंय राजस्व पटवारी राम भजन शाक्य, पटवारी सतीश त्यागी की देखरेख में वितरण किये जा रहे हैं। जिससे किसानों को खाद आसानी से मिल सके। और कैलारस पुलिस प्रशासन ने किसानों को क्रमबद्ध तरीके से लाइन में लगाकर, सहयोग किया जा रहा है।
    user_Lokesh shukla
    Lokesh shukla
    कैलारस, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
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