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बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय सवालों के घेरे में जनता को जवाब देने में असमर्थ भाजपा नेता घृणाथ भाषा का प्रयोग
Arun Lodhi
बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय सवालों के घेरे में जनता को जवाब देने में असमर्थ भाजपा नेता घृणाथ भाषा का प्रयोग
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- भावपूर्ण तरीके के साथ दी नंदपाल सिंह को विदाई,लोगो ने साझा किये अपने अनुभव अजयगढ़:-अजयगढ़ के शिक्षा विभाग मे खंड शिक्षा अधिकारी के रूप मे अपनी सेवाएं देने वाले नंदपाल सिंह का विदाई व सम्मान समारोह बड़े ही उत्साह के साथ मनाया गया।इस दौरान कार्यक्रम के मुख्य अथिति नगर परिषद अध्यक्ष सीता गुप्ता व अध्यक्ष सयुक्त संचालक बी डी रजक ने कार्यक्रम का प्रारम्भ माता सरस्वती की प्रतिमा मे माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन के साथ किया।इसके बाद आये हुए शिक्षको व अन्य अथितियों द्वारा माला,रोली व शाल श्रीफल से उनका सम्मान किया। नंदपाल सिंह के साथ कार्य करने वाले कई सहकार्मियों ने अपने अनुभवों को लोगो के साथ बांटा।अपने सेवाकाल के दौरान श्री नंदपाल सिंह लोधी जी ने शिक्षा विभाग में अनुशासन,समर्पण एवं मार्गदर्शन की एक सशक्त मिसाल प्रस्तुत की। उनके कुशल नेतृत्व और अनुभव से शिक्षक समुदाय को निरंतर सीखने का अवसर प्राप्त हुआ। उपस्थित शिक्षकों ने अपने उद्बोधन में कहा कि सर का मार्गदर्शन उनके लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहा है और सेवानिवृत्ति के पश्चात भी वे समय-समय पर शिक्षकों को मार्गदर्शन प्रदान करते रहेंगे।इस दौरान श्री नंदपाल ने बताया की मेरा जन्म 13 दिसम्बर 1963 को खोरा के एक छोटे से गाँव मे हुआ था जहाँ उस समय कोई पहुँच मार्ग नहीं था मेरी सुरुवाती शिक्षा निज़ामपुर व खोरा हायर सेकेंडरी मे संपन्न हुई इसके बाद 10 व 11 वी की पढ़ाई अजयगढ़ मे संपन्न हुई। बी एस सी की पढ़ाई पन्ना के छत्रसाल कॉलेज जबकि डिप्लोमा इन सिविल इंजिनियरिंग पोलक्टिनिंग कॉलेज बालाघाट से संपन्न की।मेरे पूरे जीवन मे शैक्षिक गुरुयों का बहुत योगदान रहा।1986 से निरंतर शिक्षा विभाग मे अपनी सेवाएं दे रहा हूँ।इस दौरान 1993 मे माध्यमिक प्रधानाध्यापक पद पर मा. शा. कीरतपुर मे पदोंन्नत हुआ। इसके 6माह बाद व्याख्याता पद पर पदोंन्नत हुआ इसके बाद लगातार 30वर्षो तक कन्या शाला अजयगढ़ मे अपनी सेवाएं दी और 2003 मे बी आर सीसी के पद पर रहा और 2022 से 2025 तक बी ई ओ के पद पर अतिरिक्त प्रभार पर रहा। मेरे सम्पूर्ण कार्यकाल के दौरान मुझे निरंतर मेरे साथियो का सहयोग Asked रहा।विदाई समारोह में नगर परिषद अध्यक्ष सीता गुप्ता,पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी महेंद्र द्विवेदी,पूर्व जिला पंचायत सदस्य धर्मदास लंबरदार, गिरधारी लोधी,गुनौर बीईओ रामकुमार प्रजापति सहित जिले व तहसील के शिक्षा विभाग के अधिकारी व शिक्षक गण उपस्थित रहे।कार्यक्रम का सफल संचालन हरदी से शिक्षक अफजल खान ने किया।4
- कलेक्टर पहुंचे हटा एसडीएम कार्यालय विधायक से विभिन्न मुद्दों पर हुई चर्चा हटा रिपोर्ट - पुष्पेंद्र रैकवार1
- नौगांव थाने पुलिस की लोकल क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था । ड्रोन एवं गोपनीय तरीके से की जा रही है निगरानी । नौगांव थाना प्रभारी बाल्मीक चौबे ने व्यवस्थाओं को लेकर क्या बताया सुनिए ।1
- आदिवासियों की जमीन पर कब्जा, सरकारी भूमि भी हड़पी! फूलाबाई को संरक्षण दे रहा सिस्टम? पटवारी से लेकर उच्च अधिकारियों तक पर गंभीर आरोप भोपाल। समाजवादी पार्टी के आदिवासी समाज प्रकोष्ठ के नेताओं ने राजधानी भोपाल पहुँचकर प्रदेश अध्यक्ष श्री मनोज यादव जी से मुलाकात कर ग्राम टेढ़ी की भयावह स्थिति से अवगत कराया। नेताओं ने बताया कि गांव में फूलाबाई नामक महिला का आतंक इस कदर बढ़ चुका है कि आदिवासी समाज का जीना दूभर हो गया है। आदिवासियों की जमीन पर अवैध कब्जा आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि फूलाबाई न केवल आदिवासियों की निजी जमीनों पर जबरन कब्जा कर रही है, बल्कि सरकारी जमीन पर भी अवैध अतिक्रमण कर चुकी है। जब ग्रामीण विरोध करते हैं तो उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज और धमकी दी जाती है। प्रशासन की भूमिका सवालों के घेरे में ग्रामीणों ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस पूरे मामले में स्थानीय पुलिस, पटवारी और कुछ उच्च अधिकारी फूलाबाई का खुला संरक्षण कर रहे हैं। कई बार शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होना, प्रशासन की भूमिका पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। अवैध शराब और जंगल कटाई का नेटवर्क फूलाबाई पर अवैध शराब सप्लाई, अवेदा जंगल से लकड़ी कटवाकर बेचने और गांव में अराजकता फैलाने के आरोप भी लगाए गए हैं। इन गतिविधियों से गांव का माहौल पूरी तरह भयभीत हो चुका है। गांव छोड़ने को मजबूर आदिवासी परिवार लगातार हो रहे अत्याचारों से परेशान होकर कई आदिवासी परिवार गांव छोड़ने की तैयारी में हैं। ग्रामीणों का कहना है— “प्रशासन अगर साथ न दे तो हम कहां जाएं? हमारा जीना मुश्किल हो गया है।” भोपाल पहुँची आदिवासी समाज की आवाज इन्हीं तमाम मुद्दों को लेकर आदिवासी समाज के लोग भोपाल पहुँचे और समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव जी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की कि फूलाबाई के खिलाफ तत्काल एफआईआर, जमीन कब्जा हटाने की कार्रवाई और प्रशासनिक संरक्षण की जांच कराई जाए। समाजवादी पार्टी ने उठाया मुद्दा प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव जी ने पूरे मामले को गंभीर और चिंताजनक बताते हुए कहा कि यदि आदिवासियों को न्याय नहीं मिला तो समाजवादी पार्टी सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी।3
- महाराजपुर में अनोखा नजारा पहले कभी नहीं देखा गया1
- भारत का नया साल कब होता है? हर भारतीय को ये सच पता होना चाहिए। #HinduNewYear #IndianHistory #SanatanDharma1
- लो देख लो मप्र की लाडली बहनाओं आप का भी यही हाल होगा आने वाले समय में #वायरल1
- सूरज तिवारी की 74 रनों की परी से नौगांव वॉरियर्स ने जीता 70 वे लोकल क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला । फाइनल मुकाबले में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक कामाख्या प्रताप सिंह मौजूद रहे ।1
- *लोकेसन कटनी* *एमजीएम हॉस्पिटल के मलिक और मैनेजर के द्वारा कर्मचारी को बंधक बनाने गंभीर आरोप* कटनी। शहर से एक सनसनीखेज और गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एमजीएम हॉस्पिटल प्रबंधन पर अपने ही कर्मचारियों को घंटों बंधक बनाकर रखने के आरोप लगे हैं। 15 लाख रुपये की कथित हेराफेरी के शक के आधार पर अस्पताल प्रबंधन द्वारा की गई इस कथित गैरकानूनी कार्रवाई से पूरे शहर में हड़कंप मच गया है। पीड़ित युवक के परिजन न्याय की गुहार लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुँचे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एमजीएम हॉस्पिटल के संचालक दीपक गुप्ता और मैनेजर संजय तिवारी पर आरोप है कि उन्होंने अस्पताल के मेडिकल स्टोर में कार्यरत कर्मचारियों को एक कमरे में बंद कर घंटों तक मानसिक दबाव में रखा। पीड़ित पक्ष का कहना है कि यदि किसी प्रकार का संदेह था तो उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत सुलझाया जा सकता था, लेकिन इसके बजाय कर्मचारियों को डराया-धमकाया गया और जबरन स्वीकारोक्ति का दबाव बनाया गया। *23 दिसंबर से 24 दिसंबर तक अवैध रूप से कैद रखने का आरोप* बरही थाना क्षेत्र के ग्राम मोहनी निवासी बालकिशन पटेल ने पुलिस अधीक्षक को सौंपे शिकायती आवेदन में बताया कि वे पिछले आठ वर्षों से एमजीएम अस्पताल के मेडिकल स्टोर में कार्यरत हैं। बालकिशन के अनुसार, 23 दिसंबर की दोपहर से 24 दिसंबर की रात करीब 11 बजे तक उन्हें और उनके तीन अन्य साथियों—यशवंत पटेल, राहुल पटेल और राहुल रजक—को अस्पताल प्रबंधन द्वारा अवैध रूप से बंधक बनाकर रखा गया। शिकायत में कहा गया है कि चारों कर्मचारियों पर 60 लाख रुपये की चोरी का झूठा आरोप लगाया गया और प्रत्येक से 15-15 लाख रुपये देने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि डर के माहौल में परिजनों ने अपनी जमीन की रजिस्ट्री अस्पताल प्रबंधन को सौंप दी, जिसके बाद कर्मचारियों को छोड़ा गया। *मेडिकल स्टोर में फर्जी बिलिंग के भी आरोप* बालकिशन पटेल ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मेडिकल स्टोर में एक रुपये के सामान का फर्जी बिल 25 हजार रुपये तक बनाया जाता था। जब उन्होंने इस कथित गड़बड़ी का विरोध किया, तो उन्हें झूठे चोरी के मामले में फंसाने की धमकी दी गई। पीड़ित बालकिशन ने कहा, "मुझ पर और मेरे साथियों पर 15-15 लाख रुपये देने का दबाव बनाया जा रहा है। मेरी जमीन की रजिस्ट्री भी अस्पताल प्रबंधन के कब्जे में है। मैं पूरी तरह निर्दोष हूँ और मुझे साजिश के तहत फंसाया जा रहा है।" *पुलिस ने शुरू की जांच* मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत प्राप्त हो चुकी है और इसकी गंभीरता से जांच की जा रही है। सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।4