शाहजहांपुर: तिलहर चीनी मिल में दलित मजदूरों के साथ बर्बरता, अधिकारियों पर मारपीट और जातिसूचक गालियां देने का आरोप तिलहर (शाहजहांपुर): जनपद की 'दि किसान सहकारी चीनी मिल' एक बार फिर विवादों के घेरे में है। इस बार मामला किसी तकनीकी खराबी का नहीं, बल्कि मानवता को शर्मसार करने वाले अत्याचार का है। मिल के उच्च अधिकारियों पर दलित मजदूरों के साथ बेरहमी से मारपीट करने और उन्हें जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने के गंभीर आरोप लगे हैं। घटना का विवरण: दफ्तर बना प्रताड़ना का केंद्र पीड़ित मजदूरों द्वारा थानाअध्यक्ष को दी गई तहरीर के अनुसार, मुख्य गन्ना अधिकारी दमिनेश कुमार राय, सुरक्षा अधिकारी हरेन्द्र सिंह, शेयर लिपिक गोविन्द सिंह और तीन अन्य अधिकारियों ने मिलकर दलित मजदूरों को पकड़ा और जमीन पर गिराकर लात-घूसों से उनकी पिटाई की। बताया जा रहा है कि जब अन्य साथी कर्मचारी बचाव के लिए दौड़े, तो आरोपियों ने उन्हें भी नहीं बख्शा। उन्हें न केवल जातिसूचक गालियां दी गईं, बल्कि शिकायत करने पर जान से मारने और नौकरी से निकालने की धमकी भी दी गई। दबंगई और शोषण की पुरानी दास्तान पीड़ितों का कहना है कि यह कोई इकलौता वाकया नहीं है। मिल परिसर में दलितों और कमजोर वर्ग के मजदूरों का शोषण लंबे समय से जारी है। लगातार उत्पीड़न: मजदूरों का आरोप है कि प्रशासन की ढिलाई के कारण अधिकारियों के हौसले बुलंद हैं। काम का दबाव: पिछले कई महीनों से मजदूरों को प्रतिकूल परिस्थितियों में काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा था। न्याय की मांग: जब मजदूरों ने अपने हक और बुनियादी मांगों के लिए आवाज उठाई, तो बदले में उन्हें अपमान और हिंसा मिली। "अगर प्रशासन ने पिछली शिकायतों पर संज्ञान लिया होता, तो आज हमारे साथ यह बर्बरता नहीं होती। हमें न्याय चाहिए और इन दबंग अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।" — पीड़ित मजदूर मजदूर संगठनों में भारी आक्रोश इस घटना की खबर फैलते ही स्थानीय मजदूर संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। संगठनों का कहना है कि वे चुप नहीं बैठेंगे और इस अन्याय के खिलाफ बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। मुख्य मांगें: नामजद अधिकारियों के खिलाफ तत्काल SC/ST एक्ट और सुसंगत धाराओं में FIR दर्ज हो। आरोपियों को तुरंत पद से निलंबित किया जाए ताकि वे जांच को प्रभावित न कर सकें। पीड़ित मजदूरों और उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।
शाहजहांपुर: तिलहर चीनी मिल में दलित मजदूरों के साथ बर्बरता, अधिकारियों पर मारपीट और जातिसूचक गालियां देने का आरोप तिलहर (शाहजहांपुर): जनपद की 'दि किसान सहकारी चीनी मिल' एक बार फिर विवादों के घेरे में है। इस बार मामला किसी तकनीकी खराबी का नहीं, बल्कि मानवता को शर्मसार करने वाले अत्याचार का है। मिल के उच्च अधिकारियों पर दलित मजदूरों के साथ बेरहमी से मारपीट करने और उन्हें जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने के गंभीर आरोप लगे हैं। घटना का विवरण: दफ्तर बना प्रताड़ना का केंद्र पीड़ित मजदूरों द्वारा थानाअध्यक्ष को दी गई तहरीर के अनुसार, मुख्य गन्ना अधिकारी दमिनेश कुमार राय, सुरक्षा अधिकारी हरेन्द्र सिंह, शेयर लिपिक गोविन्द सिंह और तीन अन्य अधिकारियों ने मिलकर दलित मजदूरों को पकड़ा और जमीन पर गिराकर लात-घूसों से
उनकी पिटाई की। बताया जा रहा है कि जब अन्य साथी कर्मचारी बचाव के लिए दौड़े, तो आरोपियों ने उन्हें भी नहीं बख्शा। उन्हें न केवल जातिसूचक गालियां दी गईं, बल्कि शिकायत करने पर जान से मारने और नौकरी से निकालने की धमकी भी दी गई। दबंगई और शोषण की पुरानी दास्तान पीड़ितों का कहना है कि यह कोई इकलौता वाकया नहीं है। मिल परिसर में दलितों और कमजोर वर्ग के मजदूरों का शोषण लंबे समय से जारी है। लगातार उत्पीड़न: मजदूरों का आरोप है कि प्रशासन की ढिलाई के कारण अधिकारियों के हौसले बुलंद हैं। काम का दबाव: पिछले कई महीनों से मजदूरों को प्रतिकूल परिस्थितियों में काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा था। न्याय की मांग: जब मजदूरों ने अपने हक और बुनियादी मांगों के
लिए आवाज उठाई, तो बदले में उन्हें अपमान और हिंसा मिली। "अगर प्रशासन ने पिछली शिकायतों पर संज्ञान लिया होता, तो आज हमारे साथ यह बर्बरता नहीं होती। हमें न्याय चाहिए और इन दबंग अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।" — पीड़ित मजदूर मजदूर संगठनों में भारी आक्रोश इस घटना की खबर फैलते ही स्थानीय मजदूर संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। संगठनों का कहना है कि वे चुप नहीं बैठेंगे और इस अन्याय के खिलाफ बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। मुख्य मांगें: नामजद अधिकारियों के खिलाफ तत्काल SC/ST एक्ट और सुसंगत धाराओं में FIR दर्ज हो। आरोपियों को तुरंत पद से निलंबित किया जाए ताकि वे जांच को प्रभावित न कर सकें। पीड़ित मजदूरों और उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।
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- बिल और टैंकर में भरे तरल पदार्थ में गड़बड़ी, प्रशासन का शिकंजा कसा शाहजहांपुर। जिलाधिकारी के निर्देश पर अवैध रूप से तरल पदार्थ के परिवहन और कर चोरी की आशंका को लेकर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए तीन टैंकरों को पकड़ा है। यह कार्रवाई अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के नेतृत्व में की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार मिश्रीपुर क्षेत्र में दो तथा कटरा क्षेत्र के अंतर्गत खैरपुर में एक टैंकर को रोका गया। प्रारंभिक जांच में टैंकरों में भरे तरल पदार्थ और संबंधित बिलों में अंतर पाए जाने की आशंका जताई गई है। इस पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए टैंकरों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला पूर्ति अधिकारी को भी टीम गठित कर मामले की गहन जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं सेल टैक्स विभाग के उपायुक्त राज्यकर प्रवेश तोमर द्वारा भी मौके पर पहुंचकर छापामारी की गई और दस्तावेजों का परीक्षण किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि टैंकरों में भरे तरल पदार्थ और बिलों का मिलान कराया जा रहा है। यदि जांच में बिल और तरल पदार्थ एक समान पाए जाते हैं तो टैंकरों को छोड़ दिया जाएगा, लेकिन यदि किसी प्रकार की भिन्नता या अनियमितता पाई गई तो संबंधित के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध परिवहन और कर चोरी करने वालों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनपद में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।1
- पीलीभीत। उत्तर प्रदेश की पीलीभीत पुलिस ने साइबर अपराध के विरुद्ध एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक हाई-टेक अंतरराज्यीय ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना घुंघचाई पुलिस ने गिरोह के उन दो मुख्य मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है, जो विदेश में बैठकर ठगी के गुर सीखकर आए थे और भारत में मासूम लोगों की गाढ़ी कमाई लूट रहे थे। भोपाल और दिल्ली से दबोचे गए सरगना थाना अध्यक्ष जयशंकर सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने तकनीकी सर्विलांस और NCRP (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) की शिकायतों का पीछा करते हुए दो राज्यों में छापेमारी की: हर्षित उर्फ तनिश (मुख्य संचालक): इसे मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से गिरफ्तार किया गया। आशुतोष कुमार उर्फ आशु: इसे दिल्ली के मालवीय नगर से दबोचा गया। ये दोनों आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे, जबकि इनके गिरोह के कुछ सदस्य पहले ही पीलीभीत और उत्तराखंड के रुद्रपुर से जेल भेजे जा चुके हैं। दुबई कनेक्शन और ठगी का 'गेमिंग' मॉडल पुलिस पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने दुबई में रहकर फर्जी गेमिंग ऐप के जरिए लोगों को चूना लगाने का विशेष प्रशिक्षण लिया था। भारत लौटने के बाद उन्होंने: अवैध कॉल सेंटर स्थापित किए। ऑनलाइन गेमिंग के जरिए रातों-रात पैसा दोगुना करने का लालच दिया। जैसे ही यूजर ऐप डाउनलोड करता, आरोपी उसके बैंक खातों की गोपनीय जानकारी हैक कर लेते और खाता साफ कर देते। बरामदगी और पुलिस की कार्रवाई पुलिस ने इन आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाला भारी मात्रा में डिजिटल सामान बरामद किया है: 07 हाई-टेक स्मार्टफोन। 01 लैपटॉप (जिसमें हजारों लोगों का डेटा होने की आशंका है)। 01 पासपोर्ट और कई संदिग्ध दस्तावेज। "यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था। फिलहाल हम इनके बैंक खातों और लैपटॉप के डेटा को खंगाल रहे हैं ताकि ठगी की कुल रकम और पीड़ितों की सही संख्या का पता लगाया जा सके।" — जयशंकर सिंह, थाना अध्यक्ष, घुंघचाई। सावधान रहें: किसी भी अनजान गेमिंग ऐप को डाउनलोड न करें और न ही भारी मुनाफे के लालच में अपनी बैंकिंग जानकारी साझा करें।1
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- प्रेस विज्ञप्ति *लाट साहब जुलूस को लेकर जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक सहित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के साथ जुलूस मार्ग का पैदल भ्रमण कर किया निरीक्षण* शाहजहांपुर | दिनांक: 09.02.2026।आगामी होली पर्व एवं को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी के साथ नगर क्षेत्र में होली पर निकाले जाने वाले बड़े लाट साहब के जुलूस के मार्ग का पैदल भ्रमण कर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने शहर कोतवाली से चार खंबा चौराहा होते हुए केरूगंज चौराहा तक जुलूस मार्ग का पैदल मार्च कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस अवसर पर नगर आयुक्त डॉ. विपिन कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रजनीश कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अरविंद कुमार, नगर मजिस्ट्रेट पर्वेंद्र कुमार, पुलिस अधीक्षक नगर एवं ग्रामीण, संबंधित पुलिस क्षेत्राधिकारी, लाट साहब जुलूस के आयोजकगण तथा क्षेत्र के संभ्रांत नागरिक भी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने जुलूस मार्ग पर विद्युत विभाग से संबंधित समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए ढीले एवं लटके हुए तारों को तत्काल ठीक कराने, ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित रूप से ढकने, मार्ग में अवरोध उत्पन्न कर रही अस्थायी, स्थायी बाधाओं को हटाने तथा सड़क पर मौजूद गड्ढों को भरने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। साथ ही उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के दृष्टिगत संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग सुनिश्चित करने, वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था, यातायात प्रबंधन तथा जुलूस मार्ग पर समुचित प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध कराने के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्थानीय नागरिकों एवं जुलूस आयोजकों से संवाद स्थापित कर उनसे शांति, सौहार्द एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी त्योहारों को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना है, जिसके लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समय से व्यवस्थाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा की स्थिति उत्पन्न न हो। _______4
- उत्तर प्रदेश के जनपद पीलीभीत से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला पर अपने ही पति की हत्या की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि महिला ने अपने दो प्रेमियों को घर बुलाकर सो रहे पति पर जानलेवा हमला कराया।2
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- इंटरनेट पर जरा सी लापरवाही पड़ेगी भारी: 👉साइबर ठगी से बचने को डीएम ने जारी की सख्त चेतावनी शाहजहांपुर, 10 फरवरी। कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में सुरक्षित इंटरनेट दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग और बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में जिला सूचना विज्ञान अधिकारी जॉय शुक्ला ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से इंटरनेट सुरक्षा, सुरक्षित ब्राउजिंग तथा ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डिजिटल युग में इंटरनेट का उपयोग जितना जरूरी है, उतना ही सतर्क रहना भी आवश्यक है। जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि मुफ्त सेवाओं और अनजाने लिंक के झांसे में आने से बचें तथा किसी भी संदेश को फॉरवर्ड करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधियों से बचने के लिए लोगों को किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने या निजी जानकारी साझा करने से पहले अत्यधिक सतर्कता बरतनी चाहिए। सार्वजनिक वाई-फाई के माध्यम से किसी भी प्रकार का बैंकिंग या आर्थिक लेन-देन करने से बचने की सलाह भी दी गई। उन्होंने कहा कि बैंकिंग से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए सीधे बैंक शाखा से संपर्क करना ही सुरक्षित तरीका है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी परिस्थिति में ओटीपी किसी के साथ साझा न करें और केवाईसी अपडेट के नाम पर आने वाली फर्जी कॉल से सतर्क रहें। उन्होंने लोगों को लॉटरी, इनाम या मुफ्त उपहार के लालच में न आने की भी सलाह दी, क्योंकि ऐसे मामलों में लोग अक्सर साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है तो उसे घबराने के बजाय तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए या cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। जिलाधिकारी ने मजबूत पासवर्ड बनाने, अलग-अलग ऐप्स के लिए अलग पासवर्ड रखने और सोशल मीडिया पर निजी जानकारी सोच-समझकर साझा करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता और सतर्कता ही है। कार्यक्रम का संचालन जिला सूचना विज्ञान अधिकारी जॉय शुक्ला द्वारा किया गया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रजनीश कुमार मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) राशिद अली खान, कलेक्ट्रेट के अधिकारी एवं कर्मचारी, सीएससी संचालक तथा एनआईसी के कर्मचारी मौजूद रहे।2