रायपुर क्षेत्र की चवली सिंचाई परियोजना की बाईं मुख्य नहर की मरम्मत के लिए वित्तीय बजट में ₹9 करोड़ की राशि स्वीकृत होने के बावजूद, सिंचाई विभाग के अधिकारी अभी तक केवल कागजी कार्रवाई में ही उलझे हुए हैं। इस कारण नहर की मरम्मत को लेकर अब तक कोई ठोस कार्य योजना नहीं बन पाई है। भारतीय किसान संघ के रायपुर तहसील अध्यक्ष रामगोपाल पाटीदार ने बताया कि चवली सिंचाई परियोजना के टेल क्षेत्र में पानी केवल कागजों में ही पहुँचा है, जबकि वास्तव में इस क्षेत्र के किसानों को सिंचाई का पानी नहीं मिल पा रहा है। इस वर्ष के बजट से टेल क्षेत्र के किसानों को उम्मीद थी कि आगामी रबी के सीजन में उन्हें सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा, लेकिन विभाग ने केवल कागजी कार्रवाई में ही समय गुजार दिया है। विभाग की इस लेटलतीफी और कागजी लीपापोती के चलते नहर कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो रही है। इस स्थिति को लेकर क्षेत्र के किसानों में गहरा रोष व्याप्त है।
रायपुर क्षेत्र की चवली सिंचाई परियोजना की बाईं मुख्य नहर की मरम्मत के लिए वित्तीय बजट में ₹9 करोड़ की राशि स्वीकृत होने के बावजूद, सिंचाई विभाग के अधिकारी अभी तक केवल कागजी कार्रवाई में ही उलझे हुए हैं। इस कारण नहर की मरम्मत को लेकर अब तक कोई ठोस कार्य योजना नहीं बन पाई है। भारतीय किसान संघ के रायपुर तहसील अध्यक्ष रामगोपाल पाटीदार ने बताया कि चवली सिंचाई परियोजना के टेल क्षेत्र में पानी केवल कागजों में ही पहुँचा है,
जबकि वास्तव में इस क्षेत्र के किसानों को सिंचाई का पानी नहीं मिल पा रहा है। इस वर्ष के बजट से टेल क्षेत्र के किसानों को उम्मीद थी कि आगामी रबी के सीजन में उन्हें सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा, लेकिन विभाग ने केवल कागजी कार्रवाई में ही समय गुजार दिया है। विभाग की इस लेटलतीफी और कागजी लीपापोती के चलते नहर कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो रही है। इस स्थिति को लेकर क्षेत्र के किसानों में गहरा रोष व्याप्त है।
- मध्य प्रदेश के राजगढ़ में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर सुझाव और विचार प्राप्त करने के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति की बैठक रविवार को जिला पंचायत सभागृह में आयोजित हुई। इस दौरान माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों को साझा किया गया, जिसमें उन्होंने समान नागरिक संहिता का समर्थन करते हुए कहा कि देश में अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के बजाय सभी नागरिकों के लिए एक समान नागरिक कानून होना चाहिए। उनके अनुसार, यूसीसी का उद्देश्य कानून के समक्ष समानता, महिलाओं को समान अधिकार और लैंगिक न्याय सुनिश्चित करना है। प्रधानमंत्री मोदी का मानना है कि एक धर्मनिरपेक्ष और समान नागरिक संहिता से विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे मामलों में सभी नागरिकों के साथ समान व्यवहार होगा, जिससे संविधान में निहित समानता के सिद्धांत को मजबूती मिलेगी। बैठक को संबोधित करते हुए प्रोफेसर गोपाल शर्मा ने जोर देकर कहा कि समान नागरिक संहिता जैसे महत्वपूर्ण विषय पर समाज के सभी वर्गों और आमजन की राय लेना तथा उसे विधिवत दर्ज करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य विभिन्न समुदायों के विचारों, सुझावों और मतों को संकलित कर उन्हें नीति निर्माण की प्रक्रिया में शामिल करना है। प्रोफेसर शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि यूसीसी की अवधारणा कोई नई नहीं है, बल्कि इसका उल्लेख भारतीय संविधान के नीति निदेशक तत्वों के अंतर्गत अनुच्छेद 44 में किया गया है। संविधान निर्माताओं ने पहले ही यह परिकल्पना की थी कि देश की सामाजिक परिस्थितियों और विकास के अनुरूप समय आने पर समान नागरिक संहिता को लागू किया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग नारायण सिंह पंवार, राजगढ़ विधायक अमर सिंह यादव, खिलचीपुर विधायक हजारीलाल दांगी, भाजपा जिला अध्यक्ष ज्ञान सिंह गुर्जर, कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा, पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डॉ. इच्छित गढ़पाले, अपर कलेक्टर प्रताप सिंह चौहान, और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के.एल. बंजारे सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि व अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित रहे। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और प्रतिभागियों ने सुझाव दिया कि समान नागरिक संहिता का मूल उद्देश्य एवं भावना वही बनी रहनी चाहिए, जिसकी परिकल्पना संविधान निर्माताओं ने की थी।1
- मध्य प्रदेश के अगर मालवा जिले में हुई एक जिला स्तरीय नशा मुक्ति रैली के आकर्षण का पर्दाफाश हुआ है।1
- रविवार को खानपुर उपखंड क्षेत्र के गांवों के आसमान में एक अद्भुत नज़ारा देखा गया, जिसे विज्ञान की भाषा में ‘सन हेलो’ या 22-डिग्री हेलो कहते हैं। यह रोज़-रोज़ देखने को नहीं मिलता, इसलिए ग्रामीणों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं का इसे देखकर हैरान होना स्वाभाविक था। इस घटना के पीछे का असली वैज्ञानिक रहस्य यह है कि यह तब होता है जब आसमान में बहुत ऊंचाई पर पतले 'सिरस' बादल छा जाते हैं। इन बादलों में पानी की बूंदों के बजाय लाखों छोटे-छोटे बर्फ के षट्कोणीय क्रिस्टल होते हैं। जब सूर्य की किरणें इन बर्फ के क्रिस्टलों से होकर गुज़रती हैं, तो वे एक प्रिज्म की तरह काम करते हुए रोशनी को मोड़ देती हैं, जिससे सूर्य के चारों ओर एक सटीक गोलाकार चमकीला घेरा बन जाता है, जिसमें अक्सर इंद्रधनुष की तरह हल्के रंग भी दिखाई देते हैं। हालांकि स्थानीय पुरानी परंपराओं में ऐसी घटनाओं को अक्सर किसी दैवीय संकेत या मौसम के बड़े बदलाव से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन यह पूरी तरह से एक सामान्य प्रकाशिक भ्रम (ऑप्टिकल इल्यूजन) और प्राकृतिक घटना है। इस खूबसूरत नज़ारे का आनंद लेते समय एक बात का ध्यान रखना ज़रूरी है कि नग्न आंखों से सीधे सूर्य की तरफ लगातार देखने से आंखों की रोशनी को नुकसान पहुँच सकता है, इसलिए इसे चश्मा लगाकर या मोबाइल कैमरे के ज़रिए देखना सबसे सुरक्षित रहता है।1
- सुसनेर: देहरिया में युवक को मिली जान से मारने की धमकी, मांगी अवैध फिरौती; पुलिस जांच में जुटी1
- आज आसमान में सूरज के चारों ओर एक अद्भुत इंद्रधनुषी घेरा देखा गया। इस अनोखे और मनमोहक प्राकृतिक नज़ारे ने लोगों में काफी कौतूहल पैदा कर दिया, जो इसे उत्सुकता से निहारते रहे।1
- जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आवाज़ बुलंद की है। उनकी प्रमुख मांगों में मानदेय में वृद्धि शामिल है, जिसके साथ ही वे अन्य कई मुद्दों पर भी अपनी बात रख रही हैं।1
- कोटा जिले के दरा क्षेत्र में कल देर रात तक एक लंबा यातायात जाम लगा रहा। यह जाम एक ट्रक के खराब हो जाने के कारण उत्पन्न हुआ, जिससे सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और पूरी रात आवागमन बाधित रहा। इस दौरान, खराब मौसम के चलते वाहन चालकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।1