Shuru
Apke Nagar Ki App…
पुलिया से उछलकर खाई में गिरी कार 7 लोक पूरी तरह से जख्मी पुलिया से उछलकर खाई में गिरी कार 7 लोक पूरी तरह से जख्मी
Nikhil Yeutakar
पुलिया से उछलकर खाई में गिरी कार 7 लोक पूरी तरह से जख्मी पुलिया से उछलकर खाई में गिरी कार 7 लोक पूरी तरह से जख्मी
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- किसानों को ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के भूअर्जन पर मिलेगा बाजार दर का 4 गुना मुआवजा सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसे अधोसंरचना निर्माण तथा विकास के लिए 33 हजार 985 करोड़ रूपये की स्वीकृति इन्दौख-रुदाहेड़ा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 157 करोड़ 14 लाख रूपये की स्वीकृति छिन्दवाडा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना में पुनर्वास के लिए 969 करोड़ रूपये के विशेष पुनर्वास पैकेज की स्वीकृति लोक निर्माण अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 25,164 करोड़ रूपये की स्वीकृति निःशुल्क साइकिल प्रदाय योजना और शैक्षणिक संस्थानों के उन्नयन के लिए 2,190 करोड़ 44 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदेश में उन्नत चिकित्सा सेवाओं के लिए 5,479 करोड़ रूपये की स्वीकृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में परिजन आवास की स्थापना की स्वीकृति छठवें राज्य वित्त आयोग के कार्यों के संपादन के लिए 15 पदों के सृजन की स्वीकृति "मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम" के लिए 24 करोड़ रूपये की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ.यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय2
- पांढुर्णा:- जिले के सौंसर में आशा कार्यकर्ताओं का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। 9 महीनों से वेतन न मिलने से नाराज कार्यकर्ताओं ने रेवनाथ चौरे पार्क में बैठक कर प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद की। लघु वेतन कर्मचारी संघ के जिला उपाध्यक्ष राजू खंडाइत ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द भुगतान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे हर परिस्थिति में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं संभालती हैं, लेकिन उन्हें उनका हक नहीं मिल रहा।1
- पुलिया से उछलकर खाई में गिरी कार 7 लोक पूरी तरह से जख्मी5
- पवित्र नगरी मुलतापी पहुंचे नवागत कलेक्टर डॉ सौरभ संजय सोनवणे माँ ताप्ती के दर्शन कर की पूजा अर्चना बैतूल जिले के नवागत कलेक्टर डॉ सौरभ संजय सोनवणे बुधवार शाम पवित्र नगरी मुलतापी पहुंचे जहाँ उन्होंने माँ ताप्ती के दर्शन कर पूजा अर्चना की एवं पवित्र ताप्ती सरोवर की परिक्रमा करते हुए ताप्ती भक्तो से ताप्ती उदगम और प्रभाव की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर उन्होंने माँ ताप्ती के अन्य कुंडो का निरिक्षण भी किया वही कलेक्टर डॉ सोनवणे ने तहसीलदार डॉ संजय बरैया से माँ ताप्ती से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी ली । इस अवसर पर नगर पालिका सीएमओ वीरेंद्र तिवारी और इंजिनियर महेश शर्मा सहित योगेश अणेराव भी मौजूद थे जिनसे कलेक्टर ने चर्चा करते हुए उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिए वही ताप्ती भक्तो द्वारा ताप्ती प्रभाव क्षेत्र मे हुए अतिक्रमण से कलेक्टर कों अवगत कराया गया।1
- Post by Kashinath Sahu1
- बैतूल। जिले के थाना आठनेर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम धामोरी में हुए सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में 7 नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है, जिन्होंने मिलकर एक व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। घटना 21 अप्रैल 2026 की है, जब ग्राम धामोरी निवासी कमलेश सोभनाते ने सूचना दी कि उसके भाई उमेश शोभनाते उर्फ गोलू (उम्र 40 वर्ष) की अज्ञात लोगों द्वारा मारपीट एवं धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई है। सूचना मिलते ही थाना आठनेर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच प्रारंभ की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वीरेन्द्र जैन (पुलिस अधीक्षक, बैतूल) के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी एवं एसडीओपी भैंसदेही भूपेंद्र सिंह मौर्य के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। सीन ऑफ क्राइम मोबाइल यूनिट द्वारा वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए गए और घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए। पेट और गले पर धारदार हथियार से कई गहरे वार किए गए थे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि हत्या अत्यंत क्रूर तरीके से की गई। इसके आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के आधार पर संदेहियों की पहचान की। लगातार दबिश और सघन जांच के बाद पुलिस ने 22 अप्रैल को सभी 7 नाबालिग आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ में सामने आया कि घटना के पीछे एक पारिवारिक विवाद कारण बना। मृतक और आरोपियों के बीच उसकी मां को लेकर विवाद हुआ था, जो बाद में इतना बढ़ गया कि नाबालिगों ने मिलकर इस जघन्य वारदात को अंजाम दे दिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त चाकू एवं एक मोटरसाइकिल (हीरो होंडा) भी बरामद की है। सभी आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई जारी है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी आठनेर निरीक्षक विजय सिंह ठाकुर, निरीक्षक आबिद अंसारी, उपनिरीक्षक मांगीलाल ठाकरे, सउनि दिनेश धुर्वे सहित पुलिस टीम के कई जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की अपील पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने आमजन से अपील की है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें सही मार्गदर्शन दें। उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून को अपने हाथ में न लें और समस्याओं का समाधान वैधानिक तरीके से करें। — “समाज में शांति बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है, हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है।”2
- न्यूज़ ऐसीपी भारत.. ••• दमुआ थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत पूरेना खालसा से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यशैली पर सीधे सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव में खुलेआम चल रहे अवैध कोयला खनन और ईटा भट्टा संचालक को उसकी सप्लाई करने का खेल अब ग्रामीणों मे गुस्से का कारण बन चुका है। •• ग्रामीणों का आरोप है कि दिन-दहाड़े कोयले की अवैध खुदाई थाना दमुआ अंतर्गत स्थानीय क्षेत्रो मे करी जा रही है जिसे बिना किसी डर के ये बेखौफ माफिया ईंट भट्ठों मे पिकअप वाहनों, साईकिलो के जरिए बाहर तक सप्लाई किया जा रहा है। सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी गतिविधि प्रशासन की नजरों से कैसे बच रही है, या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही है? अवैध गतिविधियों का खेल सब जानते हैं फिर भी चुप्पी क्यों? •• गांव के लोगों का कहना है कि इस अवैध धंधे में स्थानीय स्तर पर कुछ प्रचलित रेतमाफ़ियायों के नाम लगातार सामने आ रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकताएं हो रही हैं। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि कहीं न कहीं मिलीभगत की बू भी उठ रही है। बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ करते कोलमाफिया सबसे गंभीर पहलू यह है कि यह ईंट भट्ठा स्कूल के बिल्कुल पास संचालित हो रहा है। जहरीला धुआं सीधे बच्चों की सांसों में जा रहा है। अभिभावकों का कहना है कि कई बच्चे बीमार पड़ चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अब तक सिर्फ जांच का राग अलाप रहे हैं। जनता का सीधा सवाल – कार्रवाई कब ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों तक शिकायत पहुंचाई है, लेकिन अब सवाल यह उठता है कि क्या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा, या फिर प्रशासन वाकई एक्शन मोड में आएगा? अगर यही हाल रहा तो जनता का गुस्सा सड़कों पर फूटना तय है। अब देखना होगा कि प्रशासन मूकदर्शक बना रहता है या फिर अवैध खनन माफिया पर कठोर प्रहार करता है।1
- पांढुर्णा:- जिले के सौंसर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ आशा कार्यकर्ताओं की समस्याओं को लेकर अब विरोध के सुर तेज होने लगे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली आशा कार्यकर्ताओं को पिछले 9 महीनों से उनका पूरा वेतन नहीं मिला है। आज रेवनाथ चौरे पार्क में आयोजित एक बैठक के दौरान लघु वेतन कर्मचारी संघ के जिला पदाधिकारी राजू खंडाइत ने प्रशासन को जमकर घेरा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो आने वाले समय में एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। सौंसर के रेवनाथ चौरे पार्क में आज बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर एकत्रित हुईं। इन कार्यकर्ताओं का आरोप है कि शासन की हर जन-कल्याणकारी योजना को जन-जन तक पहुँचाने के बावजूद, उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। चाहे कड़ी धूप हो, बरसात हो या फिर नदी-नाले उफान पर हों, ये आशा बहनें जच्चा-बच्चा की सुरक्षा और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर काम करती हैं। लेकिन पिछले 9 महीनों से वेतन न मिलने के कारण अब इनके सब्र का बांध टूट रहा है। राजू खंडाइत (जिला उपाध्यक्ष, लघु वेतन कर्मचारी संघ) ने कहा कि "हमारी आशा बहनों को 9 माह से पूर्ण वेतन नहीं मिल रहा है। ये बहनें ग्रामीण क्षेत्रों में शासन का पूरा काम करती हैं, लेकिन उन्हें सम्मानजनक वेतन नहीं दिया जा रहा। मैं प्रशासन और उच्च अधिकारियों से नम्र निवेदन करता हूँ कि इनका रुका हुआ वेतन तत्काल दिया जाए, अन्यथा स्वास्थ्य विभाग सौंसर और जिला पांढुर्णा में उग्र आंदोलन होगा।" अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन इन कार्यकर्ताओं की जायज मांगों पर कब तक संज्ञान लेता है, या फिर सौंसर में स्वास्थ्य सेवाएं ठप होने का इंतजार किया जाएगा।1