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जिले में आंगनबाड़ी भवन निर्माण की ताज़ा स्थिति सामने आई है.. 2026 तक की रिपोर्ट के मुताबिक कुल 2376 आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत हैं, जिनमें से 2075 भवन पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 113 भवन अपूर्ण और 188 भवनों का निर्माण अभी शेष है.. बलरामपुर जिले में आंगनबाड़ी भवन निर्माण की ताज़ा स्थिति सामने आई है 2026 तक की रिपोर्ट के मुताबिक कुल 2376 आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत हैं, जिनमें से 2075 भवन पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 113 भवन अपूर्ण और 188 भवनों का निर्माण अभी शेष है कुल मिलाकर 2075 भवन पूर्ण हो चुके हैं, लेकिन 188 भवनों का निर्माण कार्य अभी बाकी है। 113 भवन अपूर्ण स्थिति में हैं, जिनका कार्य जल्द पूरा करने की की बात जिला परियोजना अधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए बताया है
Vijay Singh
जिले में आंगनबाड़ी भवन निर्माण की ताज़ा स्थिति सामने आई है.. 2026 तक की रिपोर्ट के मुताबिक कुल 2376 आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत हैं, जिनमें से 2075 भवन पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 113 भवन अपूर्ण और 188 भवनों का निर्माण अभी शेष है.. बलरामपुर जिले में आंगनबाड़ी भवन निर्माण की ताज़ा स्थिति सामने आई है 2026 तक की रिपोर्ट के मुताबिक कुल 2376 आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत हैं, जिनमें से 2075 भवन पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 113 भवन अपूर्ण और 188 भवनों का निर्माण अभी शेष है कुल मिलाकर 2075 भवन पूर्ण हो चुके हैं, लेकिन 188 भवनों का निर्माण कार्य अभी बाकी है। 113 भवन अपूर्ण स्थिति में हैं, जिनका कार्य जल्द पूरा करने की की बात जिला परियोजना अधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए बताया है
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- रामानुजगंज, 21 फरवरी 2026। जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के रामानुजगंज में एक विचाराधीन बंदी की उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतक बंदी की पहचान बिशुन राम देव कोड़ाकू (48 वर्ष) के रूप में हुई है। वह थाना पस्ता क्षेत्र के ग्राम सीतारामपुर पाठ दामरपारा का निवासी था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिशुन राम देव कोड़ाकू थाना पस्ता के अपराध क्रमांक 74/2023 के तहत विभिन्न धाराओं में आरोपित था। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 294, 506, 323, 147, 148, 149, 450, 302 तथा टोनही प्रताड़ना अधिनियम की धारा 4 और 5 के अंतर्गत मामला दर्ज था। वह 15 नवंबर 2023 से न्यायिक अभिरक्षा में था और प्रकरण माननीय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश, रामानुजगंज की अदालत में विचाराधीन था। बताया गया है कि 20 फरवरी 2026 की शाम लगभग 6 बजे अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई। इसके बाद उसे जांच एवं उपचार के लिए 100 बिस्तर अस्पताल, रामानुजगंज भेजा गया। वहां चिकित्सकों द्वारा उपचार किया गया। देर रात करीब 9:22 बजे चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उसे वापस जेल भेज दिया गया। अगले दिन 21 फरवरी 2026 की सुबह उसकी तबीयत फिर से बिगड़ गई। सुबह 10:05 बजे जेल प्रहरी उसे दोबारा 100 बिस्तर अस्पताल ले गए। अस्पताल में जांच और उपचार के दौरान सुबह लगभग 10:30 बजे उसकी मृत्यु हो गई। मृत्यु की सूचना थाना पस्ता के माध्यम से मृतक के परिजनों को दी गई। इसके बाद 21 फरवरी 2026 को तहसीलदार रामानुजगंज की उपस्थिति में पंचनामा की कार्यवाही की जाएगी। चिकित्सकों की टीम द्वारा 100 बिस्तर अस्पताल में शव परीक्षण (पोस्टमार्टम) कार्यजाएगा। फिलहाल नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।1
- दो नाबालिक से दुष्कर्म मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, एक कार भी जब्त। एक मुख्य आरोपी सहित दो सहयोगियों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया, जिसमें एक तहसील कार्यालय बलरामपुर का ड्राइवर भी शामिल। 4 फरवरी को घटना के बाद पीड़िता खुद घर लौटी और परिजनों को आपबीती बताई, परिजनों की शिकायत पर तत्काल मामला दर्ज किया गया, पुलिस ने दुष्कर्म और पोक्सो एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई करते हुए तीनों को भेजा जेल । पूरा मामला कोतवाली बलरामपुर क्षेत्र का।1
- बलरामपुर रामानुजगंज1
- Post by Sunil singh1
- डोल गांव में शिव महापुराण ज्ञान महायज्ञ का भव्य समापन, हवन-पूजन के बाद विशाल भंडारे में उमड़ा जनसैलाब । चिनियां से हेमंत कुमार की रिपोर्ट चिनियां प्रखंड के डोल गांव में चल रहे सात दिवसीय शिव महापुराण कथा ज्ञान महायज्ञ का आज सातवें दिन विधि-विधान से समापन हो गया। अंतिम दिन प्रातःकाल वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भव्य हवन-पूजन संपन्न हुआ, जिसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। हवन के दौरान पूरा मंदिर परिसर "हर हर महादेव" के जयघोष से गूंज उठा।श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ आहुति अर्पित कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। आयोजन समिति के अनुसार समापन दिवस पर आयोजित भव्य भंडारे में लगभग 5000 श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया। सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं और पूरे गांव का माहौल भक्तिमय बना रहा। कार्यक्रम के अंतिम दिन अंचल अधिकारी उमेश्वर यादव, राजस्व कर्मचारी विनोद कुमार दुबे सहित कई अंचल कर्मी भी निरीक्षण हेतु पहुंचे। उन्होंने आयोजन व्यवस्था की सराहना की तथा भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। इसके उपरांत अधिकारियों ने बालेश्वर नाथ मंदिर में मां दुर्गा के दर्शन कर क्षेत्र की उन्नति एवं समृद्धि की कामना की। गौरतलब है कि 13 फरवरी से आरंभ हुए इस महायज्ञ में प्रतिदिन संध्या वृंदावन से पधारे आचार्य श्री गौरीश पांडे जी महाराज द्वारा संगीतमय शिव महापुराण कथा का वाचन किया जा रहा था। सात दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन ने पूरे अंचल को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। आज शुक्रवार देर शाम 5:00 बजे समापन के साथ ही डोल गांव का यह महायज्ञ क्षेत्र में आस्था और एकता का प्रतीक बन गया। श्रद्धालुओं के उत्साह और अनुशासन ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।1
- Post by दैनिक भास्कर डंडई1
- लस्थानीय लोगों की देखने के लिए उमड़ी भीड़,उस मार्ग से गुजरने वाले सभी लोगों रूके हुए हैं सड़क हुई जाम,,, कुटमू- सरईडीह मुख्य मार्ग पर क्षतिग्रस्त पुलिया के पास सभी वाहन चालक सावधानी से अपने वाहन को करें पार,, नहीं तो हो सकती है बड़ी हादसा,,,, क्यों की क्षतिग्रस्त हैं पुलिया ,, मिट्टी का भरावट भी भहर गया है। बरवाडीह (लातेहार): बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र के कुटमू–सरईडीह मुख्य मार्ग स्थित कुटमू के समीप बड़का पुल पर शनिवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जानकारी के अनुसार सरईडीह गांव से अपने घर लौट रहे कार सवार पुल पार करने के दौरान दुर्घटना का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। पुल की जर्जर स्थिति के कारण वाहन अनियंत्रित होकर पलटने की स्थिति में पहुंच गया, लेकिन चालक की सूझबूझ से सभी यात्रियों की जान बच गई। बताया जाता है कि पोखरी कलां–सरईडीह मार्ग पर शिव मंदिर के समीप स्थित यह पुल पिछले वर्ष 28 जून को हुई भारी बारिश में क्षतिग्रस्त हो गया था। करीब आठ माह बीत जाने के बावजूद पुल की मरम्मत नहीं कराई गई है। बीच-बीच में मिट्टी भरकर आवागमन चालू रखने का प्रयास किया गया, लेकिन हाल की बारिश में वह भी बह गया, जिससे रास्ता और अधिक खतरनाक हो गया है।स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह पुल क्षेत्र के लोगों के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग है,जो घनी आबादी वाले इस मुख्य मार्ग है जहां से प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन, स्कूल वाहन और बाइक सवार गुजरते हैं। पुल में दरारें और धंसाव बढ़ने से हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। कई बार विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को सूचना देने के बावजूद अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।ग्रामीणों ने प्रशासन से अविलंब पुल की मरम्मत या पुनर्निर्माण कराने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।1
- एक मुख्य आरोपी सहित दो सहयोगियों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया, जिसमें एक तहसील कार्यालय बलरामपुर का ड्राइवर भी शामिल। 4 फरवरी को घटना के बाद पीड़िता खुद घर लौटी और परिजनों को आपबीती बताई, परिजनों की शिकायत पर तत्काल मामला दर्ज किया गया, पुलिस ने दुष्कर्म और पोक्सो एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई करते हुए तीनों को भेजा जेल । पूरा मामला कोतवाली बलरामपुर क्षेत्र का।1