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नाबालिक से दुष्कर्म मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, एक कार भी जब्त। एक मुख्य आरोपी सहित दो सहयोगियों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया, जिसमें एक तहसील कार्यालय बलरामपुर का ड्राइवर भी शामिल। 4 फरवरी को घटना के बाद पीड़िता खुद घर लौटी और परिजनों को आपबीती बताई, परिजनों की शिकायत पर तत्काल मामला दर्ज किया गया, पुलिस ने दुष्कर्म और पोक्सो एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई करते हुए तीनों को भेजा जेल । पूरा मामला कोतवाली बलरामपुर क्षेत्र का।
Vijay Singh
नाबालिक से दुष्कर्म मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, एक कार भी जब्त। एक मुख्य आरोपी सहित दो सहयोगियों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया, जिसमें एक तहसील कार्यालय बलरामपुर का ड्राइवर भी शामिल। 4 फरवरी को घटना के बाद पीड़िता खुद घर लौटी और परिजनों को आपबीती बताई, परिजनों की शिकायत पर तत्काल मामला दर्ज किया गया, पुलिस ने दुष्कर्म और पोक्सो एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई करते हुए तीनों को भेजा जेल । पूरा मामला कोतवाली बलरामपुर क्षेत्र का।
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- Post by Sunil singh1
- Post by Sonu Ram1
- इंसानी तस्करी का एक भयावह मामला सामने आया है जिसने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। बिहार के सीवान जिले के रहने वाले एक व्यक्ति को ऊंची तनख्वाह और नौकरी का लालच देकर उत्तर प्रदेश लाया गया। आरोप है कि यहां उसे एक होटल मालिक को बेच दिया गया और उससे जबरन काम कराया जा रहा था। पीड़ित ने किसी तरह अपनी जान बचाकर अपनी आपबीती सोशल मीडिया और प्रशासन के सामने रखी है। यह घटना हमें सतर्क करती है कि नौकरी के नाम पर अनजान लोगों पर भरोसा करना कितना खतरनाक हो सकता है। इस वीडियो/खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि कोई और इसका शिकार न बने। 📢 #HumanTrafficking #Siwan #UttarPradesh #CrimeNews #Alert #JusticeForVictim #SocialAwareness #BreakingNews1
- गढ़वा। वार्ड नंबर 10 में काम किए है काम करेंगे वादा नहीं विश्वास दिलाते हैं?1
- न्यूज़ स्क्रिप्ट, जिसमें सुपोषण चौपाल कार्यक्रम और ईसीसी दिवस की 🎤 एंकर इंट्रो: सरगुजा जिले के अंबिकापुर जनपद पंचायत अंतर्गत थोर आंगनबाड़ी केंद्र की तस्वीरें सरकारी दावों की पोल खोल रही हैं। सुपोषण और बाल विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच जमीनी हकीकत क्या है — यह रिपोर्ट देखिए। 🎥 रिपोर्ट: अंबिकापुर जनपद पंचायत क्षेत्र के थोर आंगनबाड़ी केंद्र में सुपोषण चौपाल कार्यक्रम के अंतर्गत पंचायत स्तर पर दो बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। गुरुवार को आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता का संदेश दिया गया। साथ ही बताया गया कि प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय गुरुवार को ईसीसी (Early Childhood Care) दिवस मनाया जाता है, जिसमें बच्चों के समग्र विकास पर विशेष गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि — 👉 जिस केंद्र में सुपोषण की बात हो रही है, वहीं पास लगे हैंडपंप से लाल रंग का गंदा पानी निकल रहा है। 👉 क्या गंदे पानी के बीच सुपोषण का सपना पूरा होगा? 👉 क्या जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ कार्यक्रमों की औपचारिकता निभा रहे हैं? आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका ने बताया कि पानी और बिजली की समस्या को लेकर कई बार सरपंच और सचिव से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बिजली व्यवस्था भी बाधित है, जिससे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है। अब सवाल यह भी उठता है — 👉 जब शासन की प्राथमिकता सुपोषण है, तो मूलभूत सुविधाएं क्यों नहीं? 👉 क्या किसी बड़ी अनहोनी के बाद ही प्रशासन जागेगा? इसके साथ ही कार्यकर्ताओं ने वेतन विसंगतियों और मानदेय बढ़ाए जाने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि सीमित संसाधनों और कम मानदेय के बावजूद वे जिम्मेदारी निभा रही हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। एमडी न्यूज के माध्यम से उन्होंने शासन-प्रशासन से तत्काल जांच और समाधान की मांग की है। 🎤 आउट्रो: सुपोषण चौपाल और ईसीसी दिवस जैसे कार्यक्रमों की सार्थकता तभी साबित होगी, जब आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छ पानी, बिजली और बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित होंगी। कैमरामैन के साथ ___himanshu raj chhtisgarh vice buero ambikapur c.g.7805838076._____, एमडी न्यूज, अंबिकापुर।3
- ग्रामीणों ने अतिरिक्त प्रभार रद्द कर पूर्व रेंजर को पुनः जिम्मेदारी देने की मांग की* गारु : पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के महत्वपूर्ण बारेसांड़ वन क्षेत्र में नए रेंजर तरुण कुमार सिंह को अतिरिक्त प्रभार दिए जाने के बाद स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। विरोध के चौथे दिन डेढ़ गांव में ग्रामीणों और ग्राम प्रधान मिठू सिंह की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर सर्वसम्मति से नए रेंजर के पदस्थापन का विरोध जताया गया और इसे तत्काल रद्द करने की मांग की गई।बैठक में दौना, लाटु सहित कई गांवों के ग्रामीण शामिल हुए। ग्रामीणों ने कहा कि तरुण कुमार सिंह की नियमित पोस्टिंग चाईबासा वन प्रमंडल के आनंदपुर में है, जो बारेसांड़ से लगभग 300 किलोमीटर दूर है। इतनी दूरी से अतिरिक्त प्रभार संभालने के कारण वन क्षेत्र के कार्यों एवं वन्यजीवों की सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका है। ग्रामीणों का कहना है कि बारेसांढ़ रेंजअत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है,जहां हाथियों सहित कई दुर्लभ वन्यजीव निवास करते हैं। ऐसे क्षेत्र में रेंजर की नियमित उपस्थिति अत्यंत आवश्यक है।ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि तरुण कुमार सिंह पूर्व में भी बारेसांड़ रेंज में पदस्थापित रह चुके हैं और उस दौरान उनका कार्यकाल संतोषजनक नहीं रहा। ग्राम प्रधान मिठू सिंह ने आरोप लगाया कि उनके पूर्व कार्यकाल में बिचौलियों को संरक्षण दिया गया और कई कार्य टेकरगार्ड के माध्यम से कराकर फर्जी तरीके से राशि निकाली गई, जिससे ग्रामीणों में असंतोष व्याप्त है।इससे पूर्व दुरुप के प्रधान दानियल ब्रिजिया लाटु के प्रधान प्रकाश मुंडा तथा कुजरूम के प्रधान उपेन्द्र उरांव सहित कई जनप्रतिनिधियों ने स्थानीय विधायक रामचंद्र सिंह से मुलाकात कर तरुण कुमार सिंह का अतिरिक्त प्रभार रद्द करने की मांग की है। ग्रामीणों ने ग्राम सभा के माध्यम से मुख्य वन संरक्षक को लिखित आवेदन भी भेजा है।ग्रामीणों ने पूर्व रेंजर नंदकुमार मेहता को पुनः बारेसांड़ रेंज का प्रभार सौंपने की मांग करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में वन क्षेत्र का संचालन बेहतर तरीके से हुआ था और उनका व्यवहार भी ग्रामीणों के प्रति सहयोगात्मक था।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया तो वे व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगे। साथ ही उन्होंने वन विभाग से इस महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्र में नियमित रेंजर की नियुक्ति सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा और वन प्रबंधन सुचारू रूप से संचालित हो सके।1
- बलरामपुर जिले में आंगनबाड़ी भवन निर्माण की ताज़ा स्थिति सामने आई है 2026 तक की रिपोर्ट के मुताबिक कुल 2376 आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत हैं, जिनमें से 2075 भवन पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 113 भवन अपूर्ण और 188 भवनों का निर्माण अभी शेष है कुल मिलाकर 2075 भवन पूर्ण हो चुके हैं, लेकिन 188 भवनों का निर्माण कार्य अभी बाकी है। 113 भवन अपूर्ण स्थिति में हैं, जिनका कार्य जल्द पूरा करने की की बात जिला परियोजना अधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए बताया है1
- Post by Sunil singh1
- गिरिडीह जिले से एक बड़ी और दुखद खबर सामने आ रही है। पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष राकेश महतो की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। उनका शव एक सुनसान जंगल में अधजली हालत में पाया गया है। घटना का विवरण: शव की स्थिति: शव को देखने से ऐसा प्रतीत होता है कि हत्यारों ने साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शरीर को जलाने का प्रयास किया था। इलाके में तनाव: जैसे ही यह खबर फैली, सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और समर्थक मौके पर जमा हो गए। लोगों में प्रशासन के खिलाफ भारी रोष देखा जा रहा है। जांच: पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और डॉग स्क्वायड व फॉरेंसिक टीम की मदद ली जा रही है। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं? क्या राज्य में कानून व्यवस्था चरमरा गई है? ऐसी ही और अपडेट्स के लिए हमारे पेज को फॉलो करें। #Jharkhand #GiridihPolice #PoliticalMurder #CrimeInJharkhand #LawAndOrder #BreakingUpdates1