अंतर्राष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस की पूर्व संध्या पर कोटा में एक नशा मुक्ति जागरूकता संगोष्ठी और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड स्थानीय संघ कोटा दक्षिण और शिक्षा विभाग कर्मचारीगण सहकारी सभा 696 आर कोटा-बारां के संयुक्त तत्वावधान में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आवासन मंडल, केशवपुरा में हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर उन्हें स्वस्थ, सुरक्षित एवं सकारात्मक जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम प्रभारी एड. दिनेश नायक के अनुसार, डी ओ सी रेलवे प्रवीण कुमार शर्मा मुख्य अतिथि रहे, जबकि शिक्षा सहकारी सभा के अध्यक्ष एवं स्काउट-गाइड जिला प्रधान प्रकाश जायसवाल ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार रखे। आर्केडिया एकैडमी की यूनिट लीडर मीनाक्षी महावर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, इस दौरान अंतिमा मेहरा, नीलम पारेता एवं छाया भारती भी मंच पर उपस्थित थीं। मुख्य अतिथि प्रवीण कुमार शर्मा ने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है, और युवाओं को नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल, सामाजिक सेवा तथा राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। उन्होंने जागरूकता को नशे के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार बताया। मुख्य वक्ता प्रकाश जायसवाल ने नशे को युवाओं के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि मादक पदार्थ न केवल स्वास्थ्य बल्कि आर्थिक, सामाजिक और पारिवारिक स्थिति को भी प्रभावित करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। अध्यक्षा मीनाक्षी महावर ने समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। संगोष्ठी के बाद नशा मुक्ति विषय पर एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागियों की नशे से संबंधित जानकारी और समझ का मूल्यांकन किया गया। सही उत्तर देने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया गया और सभी प्रतिभागियों को नशा मुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अतिथियों ने नशे से दूर रहने तथा समाज में नशा मुक्ति का संदेश फैलाने का संकल्प लिया। इस पहल ने विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें स्वस्थ एवं जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा प्रदान की।
अंतर्राष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस की पूर्व संध्या पर कोटा में एक नशा मुक्ति जागरूकता संगोष्ठी और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड स्थानीय संघ कोटा दक्षिण और शिक्षा विभाग कर्मचारीगण सहकारी सभा 696 आर कोटा-बारां के संयुक्त तत्वावधान में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आवासन मंडल, केशवपुरा में हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर उन्हें स्वस्थ, सुरक्षित एवं सकारात्मक जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम प्रभारी एड. दिनेश नायक के अनुसार, डी ओ सी रेलवे प्रवीण कुमार शर्मा मुख्य अतिथि रहे, जबकि शिक्षा सहकारी सभा के अध्यक्ष एवं स्काउट-गाइड जिला प्रधान प्रकाश जायसवाल ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार रखे। आर्केडिया एकैडमी की यूनिट लीडर मीनाक्षी महावर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, इस दौरान अंतिमा मेहरा, नीलम पारेता एवं छाया भारती भी मंच पर उपस्थित थीं। मुख्य अतिथि प्रवीण कुमार शर्मा ने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है, और युवाओं को नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल, सामाजिक सेवा तथा राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। उन्होंने
जागरूकता को नशे के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार बताया। मुख्य वक्ता प्रकाश जायसवाल ने नशे को युवाओं के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि मादक पदार्थ न केवल स्वास्थ्य बल्कि आर्थिक, सामाजिक और पारिवारिक स्थिति को भी प्रभावित करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। अध्यक्षा मीनाक्षी महावर ने समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। संगोष्ठी के बाद नशा मुक्ति विषय पर एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागियों की नशे से संबंधित जानकारी और समझ का मूल्यांकन किया गया। सही उत्तर देने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया गया और सभी प्रतिभागियों को नशा मुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अतिथियों ने नशे से दूर रहने तथा समाज में नशा मुक्ति का संदेश फैलाने का संकल्प लिया। इस पहल ने विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें स्वस्थ एवं जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा प्रदान की।
- एक संन्यासी ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों को वापस लौटने का आग्रह करते हुए एक बड़ा बयान दिया है। संन्यासी का कहना है कि सब कुछ लुट चुका है और अब सभी की भलाई इसी में है कि मोदी को अपना राजा मान लिया जाए। इस बयान के साथ ही, संन्यासी ने यह सवाल भी उठाया है कि क्या वह एक बड़ी सच्चाई बयान कर रहे हैं, और लोगों से इस पर अपनी राय कमेंट्स में बताने को कहा है।1
- राजस्थान के बूंदी जिले के केशवरायपाटन उपखण्ड क्षेत्र की ग्राम पंचायत चडी में एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है, जहाँ 25 जून को जनता की समस्याओं को सुनने के लिए आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में लोकतंत्र की सरेआम धज्जियां उड़ाई गईं। अधिकारियों की मौजूदगी में ही, सरपंच पिता महावीर मीणा ने ग्रामीणों को खुलेआम धमकाया और खुद को पंचायत का ‘मालिक’ तथा सरकारी कर्मचारियों को अपना ‘नौकर’ तक बता डाला। इस दौरान मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारी मूकदर्शक बने रहे। यह घटना तब हुई जब ग्रामीण कन्हैया लाल मीणा और विनोद गौतम ने सरपंच द्वारा अपने एक चहेते के घर तक नियम ताक पर रखकर सड़क बनाने की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत सुनते ही सरपंच प्रतिनिधि और सरपंच पिता महावीर मीणा अपना आपा खो बैठे और उन्होंने ग्रामीणों को धमकाते हुए कहा कि “पंचायत हमारी है, हमारी ही चलेगी। चाहे कलेक्टर के पास जाओ या राष्ट्रपति के पास, तुम्हारा काम नहीं होगा!” शिविर में तहसीलदार रवि शर्मा समेत कई आला अधिकारी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने इस पूरी दादागिरी को चुपचाप देखा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। नाराज ग्रामीणों ने तहसीलदार से मिलकर सरपंच के कार्यकाल में हुए सभी विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इस घटना ने प्रशासन की मुस्तैदी और पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि वीडियो वायरल होने के बाद, बूंदी जिला कलेक्टर और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला इस निरंकुश तंत्र और दबंगई पर क्या कड़ा एक्शन लेते हैं, और क्या ग्रामीणों को न्याय मिलेगा या प्रशासन रसूखदारों के आगे झुकता रहेगा।1
- बूंदी के केशवराय पाटन क्षेत्र के चडी गांव में सरपंच के पिता द्वारा गांव वालों को खुलेआम धमकाने का एक मामला सामने आया है। सरपंच के पिता ने ग्रामीणों से स्पष्ट कहा कि उनका कोई भी काम नहीं होगा, चाहे वे कलेक्टर से लेकर राष्ट्रपति तक भी क्यों न चले जाएं। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सरपंच के पिता गांव वालों से काम न करने की बात कहते हुए धमकाते हुए दिखाई दे रहे हैं।1
- रामगंजमंडी शहर में पेयजल पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत में हो रही देरी से नाराज़ वार्ड नंबर 28 के निवासियों ने शनिवार को करीब दो घंटे तक सड़क पर धरना देकर चक्काजाम किया। प्रदर्शनकारी जल्द से जल्द सड़कों को दुरुस्त कराने की मांग कर रहे थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए कई स्थानों पर सड़कों को खोदा गया था, लेकिन कार्य पूरा होने के बावजूद गड्ढों को नहीं भरा गया। शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे प्रदर्शनकारियों ने बताया कि बरसात शुरू होने के कारण इन गड्ढों में पानी भर गया है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा लगातार बढ़ रहा है। शहर में लगभग 11 करोड़ रुपये की लागत से 23 किलोमीटर लंबी पेयजल पाइपलाइन बिछाने का कार्य चल रहा है, जिसके चलते वार्ड नंबर 28 के अलावा आनंद विहार और पुलिस थाना चौराहा-गायत्री मंदिर मार्ग सहित कई अन्य इलाकों में भी सड़कें खोदने के बाद मरम्मत न होने से आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद संबंधित जिम्मेदार विभाग ने इस समस्या को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिसके विरोध में उन्हें सड़क जाम कर प्रदर्शन करना पड़ा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों से बातचीत की। अधिकारियों ने जल्द ही सड़कों की मरम्मत कराने का आश्वासन दिया।1
- राजस्थान सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार, राजस्थान राज्य पात्रता परीक्षा (सेट-2026) के आयोजन की जिम्मेदारी इस वर्ष कोटा विश्वविद्यालय को सौंपी गई है। कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत के मार्गदर्शन में, विश्वविद्यालय प्रशासन ने सीटेट परीक्षा को ध्यान में रखते हुए सेट-2026 की पूर्व निर्धारित 6 सितंबर की तारीख को बदलकर अब 13 सितंबर 2026 को आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस वर्ष सेट-2026 में पहली बार जनसंचार एवं पत्रकारिता तथा संस्कृत (पारंपरिक) विषयों को शामिल किया गया है, जिसके साथ अब कोटा विश्वविद्यालय कुल 37 विषयों में यह परीक्षा आयोजित करेगा। कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत ने बताया कि यह निर्णय यूजीसी-नेट के विषयों के अनुरूप लिया गया है, और विश्वविद्यालय को इन दोनों विषयों को शामिल करने के लिए कई आवेदन एवं मांग-पत्र प्राप्त हुए थे। विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इन विषयों को जोड़ा गया है, जिससे प्रदेशभर के अभ्यर्थियों को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अधिक अवसर प्राप्त होंगे। परीक्षा के लिए आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से लिए जाएंगे, जिसके लिए अभ्यर्थी कोटा विश्वविद्यालय की वेबसाइट और एसएसओ पोर्टल का उपयोग कर सकेंगे। आवेदन शुल्क सामान्य एवं ओबीसी क्रीमीलेयर वर्ग के लिए 1500 रुपये, ओबीसी नॉन-क्रीमीलेयर एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए 1200 रुपये तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं दिव्यांग वर्ग के लिए 750 रुपये निर्धारित किया गया है। सेट-2026 का आयोजन यूजीसी-नेट के नवीनतम मानकों के अनुरूप ऑफलाइन (ओएमआर आधारित) पद्धति से होगा। परीक्षा में दो प्रश्नपत्र होंगे, जिनमें कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रथम प्रश्नपत्र में शिक्षण एवं शोध अभिक्षमता, तार्किक क्षमता तथा सामान्य बौद्धिक दक्षता से संबंधित 50 प्रश्न होंगे, जबकि द्वितीय प्रश्नपत्र में अभ्यर्थी द्वारा चयनित विषय से संबंधित 100 प्रश्न शामिल होंगे। दोनों प्रश्नपत्रों के लिए कुल 300 अंक निर्धारित किए गए हैं और परीक्षा की अवधि तीन घंटे होगी। परीक्षा में किसी भी प्रकार का नकारात्मक अंकन नहीं किया जाएगा और प्रत्येक सही उत्तर के लिए दो अंक प्रदान किए जाएंगे।1
- कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अयोध्या राम मंदिर में हुई करोड़ों रुपए नकदी और सोने-चांदी के आभूषणों की चोरी के पूरे मामले की पारदर्शी जांच की मांग की है। गुंजल ने स्पष्ट कहा कि यह देश की धार्मिक आस्था पर गहरी चोट है, जिसमें दोषियों को बेनकाब कर सजा दी जानी चाहिए। गुंजल ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और संस्थापक ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों को अपराध को ढंकने का प्रयास और दोषियों को बचाने की रणनीति बताया। उन्होंने तर्क दिया कि चंपत राय मंदिर प्रबंधन के सर्वेसर्वा थे और डॉ. अनिल मिश्रा चढ़ावे के हिसाब-किताब की पूरी जिम्मेदारी संभालते थे, ऐसे में उनकी जानकारी या संलिप्तता के बिना करोड़ों की चोरी संभव नहीं। गुंजल ने आरोप लगाया कि "डबल इंजन की सरकार" चंपत राय और अनिल मिश्रा समेत बड़े लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है। पूर्व विधायक ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि राम का नाम लेकर सत्ता में आई भाजपा अब राम मंदिर का चंदा चोरी कर रही है, जो लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि केवल छोटे कर्मचारियों को दोषी ठहराना अन्याय है, क्योंकि "बिना मगरमच्छों के मछलियां अपराध कर सकती हैं क्या?" गुंजल के अनुसार, भाजपा का मकसद सिर्फ सत्ता और पैसा है, और "जो राम को लाए, हम उन्हें लाएंगे" कहने वाली भाजपा आज राम मंदिर चोरी पर चुप है। प्रहलाद गुंजल ने चेतावनी दी कि यह चोरी करोड़ों लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ है और सनातन धर्म की बात करने वालों के लिए इससे शर्मनाक स्थिति नहीं हो सकती; समय आने पर जनता इन सबका जवाब देगी।1
- रावां फीडर से जुड़े रांई झरनिया रावां गाँव के ग्रामीणों ने 24 घंटे बिजली आपूर्ति की मांग उठाई है। वर्तमान में, थ्री-फेस लाइन से जुड़े होने के कारण गाँव को प्रतिदिन मात्र छह घंटे ही बिजली मिल पाती है। इस कारण ग्रामीणों को भीषण गर्मी और कीड़े-मकोड़ों का सामना करना पड़ता है, और उन्हें अधिकांश समय अंधेरे में रहना पड़ता है। समस्त ग्रामीणों ने पूर्व उप सरपंच भरत राज मीणा के नेतृत्व में शिविर प्रभारी को एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें बिजली विभाग से मांग की गई है कि रावां फीडर से रांई झरनिया रावां गाँव को थ्री-फेस लाइन से अलग करके सिंगल-फेस लाइन से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें पूरे दिन बिजली मिल सके।4
- कोटा जिले के अंता थाना क्षेत्र के देवपुरा गांव में दहेज की मांग को लेकर एक पति ने अपनी पत्नी के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिसके बाद महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। पीड़िता को पहले अंता स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन उसकी गंभीर हालत को देखते हुए कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़िता प्रियंका के पिता मदनलाल बैरवा ने शनिवार दोपहर जानकारी दी कि उनके दामाद ने दहेज की मांग को लेकर उनकी बेटी को क्रूरता से पीटा। परिवार का आरोप है कि प्रियंका को ससुराल में दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। शनिवार को हुई मारपीट इतनी भयंकर थी कि प्रियंका की हालत बिगड़ गई और उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाना पड़ा। परिवार ने अंता थाना पुलिस से मामले में तत्काल कार्रवाई करने और दोषी पति सहित अन्य लोगों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना व मारपीट का मामला दर्ज करने की मांग की है।4