बुधनी के सतपुड़ा के जंगलों से घिरे मिडघाट क्षेत्र में वन्यजीवों की लगातार हलचल के बीच, रेलवे ट्रैक के पास एक रेलवे पुलिया के नीचे एक बाघ सुकून से आराम करता हुआ देखा गया। इस दुर्लभ नज़ारे को वहां गश्त कर रहे रेलवे कर्मचारियों ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया, जिसका वीडियो अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। वायरल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाघ पुलिया के नीचे पूरी तरह शांत और आराम की मुद्रा में बैठा हुआ था। हैरान करने वाली बात यह रही कि पास से गुजरते रेलवे वाहन के तेज़ हॉर्न की आवाज़ सुनकर भी बाघ ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी; वह अपनी जगह से बिल्कुल नहीं हिला और काफी देर तक वहीं सुस्ताता रहा। गौरतलब है कि मिडघाट का यह सघन जंगली इलाका बाघों की सक्रिय मौजूदगी के लिए जाना जाता है, जहां पहले भी कई बार इन्हें रेलवे ट्रैक के आसपास और जंगल की सीमाओं पर स्वच्छंद विचरण करते देखा गया है, क्योंकि यह क्षेत्र वन्यजीवों का प्राकृतिक रहवास है। पुलिया के नीचे बाघ की इस स्पष्ट मौजूदगी और वीडियो के सामने आने के बाद, वन विभाग तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया है। सुरक्षा के मद्देनज़र, वन विभाग ने स्थानीय नागरिकों और आसपास के ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी है कि वे मवेशी चराने या लकड़ी बीनने के लिए जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों की ओर बिल्कुल न जाएं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
बुधनी के सतपुड़ा के जंगलों से घिरे मिडघाट क्षेत्र में वन्यजीवों की लगातार हलचल के बीच, रेलवे ट्रैक के पास एक रेलवे पुलिया के नीचे एक बाघ सुकून से आराम करता हुआ देखा गया। इस दुर्लभ नज़ारे को वहां गश्त कर रहे रेलवे कर्मचारियों ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया, जिसका वीडियो अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। वायरल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाघ पुलिया के नीचे पूरी तरह शांत और आराम की मुद्रा में बैठा हुआ था। हैरान करने वाली बात यह रही कि पास से गुजरते रेलवे वाहन के तेज़ हॉर्न की आवाज़ सुनकर भी बाघ ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी; वह अपनी जगह से बिल्कुल नहीं हिला और काफी देर तक वहीं सुस्ताता रहा। गौरतलब है कि मिडघाट का यह सघन जंगली इलाका बाघों की सक्रिय मौजूदगी के लिए जाना जाता है, जहां पहले भी कई बार इन्हें रेलवे ट्रैक के आसपास और जंगल की सीमाओं पर स्वच्छंद विचरण करते देखा गया है, क्योंकि यह क्षेत्र वन्यजीवों का प्राकृतिक रहवास है। पुलिया के नीचे बाघ की इस स्पष्ट मौजूदगी और वीडियो के सामने आने के बाद, वन विभाग तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया है। सुरक्षा के मद्देनज़र, वन विभाग ने स्थानीय नागरिकों और आसपास के ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी है कि वे मवेशी चराने या लकड़ी बीनने के लिए जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों की ओर बिल्कुल न जाएं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
- Shuru UserHolipura😤14 hrs ago
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- नर्मदापुरम पुलिस ने जिले में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और नागरिकों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान की शुरुआत की है। इस पहल के तहत, पुलिस अधीक्षक कार्यालय से पुलिस अधीक्षक साईं कृष्णा ने एक साइबर जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसका मुख्य लक्ष्य लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचाव के तरीके बताना है। डिजिटल तकनीक के व्यापक उपयोग के साथ-साथ ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, बैंक फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग और ओटीपी धोखाधड़ी जैसे साइबर अपराधों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे हर उम्र के लोग इसका शिकार बन रहे हैं। इसी गंभीर समस्या को देखते हुए, लोगों को जागरूक करना अत्यंत आवश्यक माना जा रहा है। 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के तहत यह जागरूकता रथ प्रतिदिन जिले के सभी अनुभागों, थाना क्षेत्रों, शहरों और ग्रामीण इलाकों में भ्रमण करेगा। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचाना है। पुलिस द्वारा सार्वजनिक सभाओं, बाजारों, स्कूल-कॉलेजों, बैंक शाखाओं और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों, बुजुर्गों, व्यापारियों और डिजिटल बैंकिंग का उपयोग करने वाले नागरिकों को सुरक्षित इंटरनेट इस्तेमाल करने के तरीके और ऑनलाइन धोखाधड़ी की नई तकनीकों से बचने के आसान और प्रभावी उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।1
- पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश और पुलिस अधीक्षक, नर्मदापुरम के नेतृत्व में जिले में चलाए जा रहे समग्र साइबर जागरूकता अभियान "सेफ क्लिक 2.0" के तहत आज दिनांक 30 जून 2026 को साइबर जागरूकता रथ का शुभारंभ किया गया। पुलिस अधीक्षक, नर्मदापुरम श्री साई कृष्णा (भापुसे) ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय से इस जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर जिले के सभी अनुभागों और थाना क्षेत्रों में साइबर जागरूकता के प्रचार-प्रसार हेतु रवाना किया। यह जागरूकता रथ आम नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रकारों और उनसे बचने के प्रभावी उपायों के प्रति जागरूक करेगा। विशेष रूप से बुजुर्गों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और बैंकिंग लेन-देन करने वाले नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति प्रशिक्षित किया जाएगा। रथ प्रतिदिन जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों एवं अनुभागों में भ्रमण करेगा, जहां थाना स्टाफ द्वारा सार्वजनिक सभाओं, बाजारों, शैक्षणिक संस्थानों, बैंक शाखाओं और अन्य संवेदनशील स्थानों पर साइबर सुरक्षा से संबंधित सत्र आयोजित किए जाएंगे। नागरिक किसी भी साइबर संबंधित घटना या संदेह की सूचना अपने नजदीकी थाना में दे सकते हैं, पुलिस कंट्रोल रूम के मोबाइल/हॉटलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं, या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम श्री अभिषेक राजन, रक्षित निरीक्षक श्रीमती स्नेहा चंदेल, सायबर सेल प्रभारी प्रवीण मालवीय सहित साइबर सेल टीम व पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समस्त अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। अभियान का उद्देश्य है कि "डिजिटल दुनिया में सतर्क रहना आज हर नागरिक की ज़रूरत है" और "समय पर रिपोर्टिंग से अपराधियों को रोका जा सकता है"।2
- बुधनी के सतपुड़ा के जंगलों से घिरे मिडघाट क्षेत्र में वन्यजीवों की लगातार हलचल के बीच, रेलवे ट्रैक के पास एक रेलवे पुलिया के नीचे एक बाघ सुकून से आराम करता हुआ देखा गया। इस दुर्लभ नज़ारे को वहां गश्त कर रहे रेलवे कर्मचारियों ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया, जिसका वीडियो अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। वायरल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाघ पुलिया के नीचे पूरी तरह शांत और आराम की मुद्रा में बैठा हुआ था। हैरान करने वाली बात यह रही कि पास से गुजरते रेलवे वाहन के तेज़ हॉर्न की आवाज़ सुनकर भी बाघ ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी; वह अपनी जगह से बिल्कुल नहीं हिला और काफी देर तक वहीं सुस्ताता रहा। गौरतलब है कि मिडघाट का यह सघन जंगली इलाका बाघों की सक्रिय मौजूदगी के लिए जाना जाता है, जहां पहले भी कई बार इन्हें रेलवे ट्रैक के आसपास और जंगल की सीमाओं पर स्वच्छंद विचरण करते देखा गया है, क्योंकि यह क्षेत्र वन्यजीवों का प्राकृतिक रहवास है। पुलिया के नीचे बाघ की इस स्पष्ट मौजूदगी और वीडियो के सामने आने के बाद, वन विभाग तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया है। सुरक्षा के मद्देनज़र, वन विभाग ने स्थानीय नागरिकों और आसपास के ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी है कि वे मवेशी चराने या लकड़ी बीनने के लिए जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों की ओर बिल्कुल न जाएं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।1
- इटारसी नगर पालिका की नवनियुक्त सीएमओ सुश्री सुरेखा जाटव जी ने पदभार ग्रहण करते ही शहर हित में कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। उन्होंने तत्काल प्रभाव से शहर की सफाई व्यवस्था का जमीनी स्तर पर अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान, सीएमओ ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को सफाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक एवं उचित दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम जनता को साफ-सुथरा माहौल प्रदान करना उनकी पहली प्राथमिकता है। सुश्री सुरेखा जाटव ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि "शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है। सफाई कार्य में किसी भी स्तर पर ढिलाई मिलने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।" नवागत सीएमओ के इस एक्शन से नगर पालिका अमले में हड़कंप का माहौल है, जबकि नागरिकों ने उनकी इस तत्परता और कठोरता की सराहना की है।1
- डिजिटल सुरक्षा के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से एक साइबर जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, OTP धोखाधड़ी, KYC फ्रॉड और अन्य प्रकार के साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताना है, ताकि वे इन खतरों से सुरक्षित रह सकें।1
- इटारसी की न्यास कॉलोनी में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली को लेकर नागरिकों का गुस्सा प्रशासन के खिलाफ फूट पड़ा है, जहाँ लोगों ने "पहले रोड, फिर वोट!" का बैनर लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया है। यह आक्रोश मुख्य रूप से सड़कों, पानी और सफाई की खस्ताहाल व्यवस्था के कारण उपजा है। विशेष रूप से, जल आवर्धन योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कें, करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद, आज तक सुधारी नहीं गई हैं। सामाजिक कार्यकर्ता एडवोकेट सिद्धार्थ महेश आर्य के नेतृत्व में कॉलोनी के निवासियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि "जनता की एक ही पुकार, सड़क, पानी और नाली का हो तत्काल सुधार!" बदहाल व्यवस्था से परेशान होकर जनता अब आर-पार के मूड में आ गई है।1
- उत्तर प्रदेश के रायबरेली स्थित जिला अस्पताल से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में एक महिला एक मानसिक रोगी को लात मारती हुई दिख रही है।1