मसौढ़ी में समाजसेवा और मानवता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, सगुनी गांव स्थित लाला बिगहा मोड़, एनएच-22 पर वृद्धजनों के लिए बनने वाले “घर संसार वृद्धाश्रम” का भूमि पूजन पूरे धार्मिक रीति-रिवाज और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण कार्य का शुभारंभ रविवार को वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ किया गया। कार्यक्रम में मसौढ़ी क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों, युवाओं और ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी। भूमि पूजन के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया और सामूहिक भोज का आयोजन हुआ, जिसमें सैकड़ों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। संस्था के अध्यक्ष मुकुल शर्मा ने बताया कि इस वृद्धाश्रम का मुख्य उद्देश्य उन बुजुर्गों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है, जिन्हें सहारे और देखभाल की अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यहां बुजुर्गों को भोजन, आवास, चिकित्सा, वस्त्र और मनोरंजन सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। संस्था के सचिव रामजन्म शर्मा ने समाज की जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा कि बुजुर्गों की सेवा और सुरक्षा वर्तमान समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि यह वृद्धाश्रम न केवल जरूरतमंद बुजुर्गों का सहारा बनेगा, बल्कि समाज को सेवा और संवेदना का महत्वपूर्ण संदेश भी देगा। इस अवसर पर सहयोगी नेहा शर्मा ने नाश्ता और भोजन व्यवस्था के लिए ₹50,000 की सहयोग राशि प्रदान की। कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष मधुकर आनंद, भाजपा नगर अध्यक्ष आशीष देव, बैजनाथ शर्मा, महेंद्र सिंह अशोक, नफीस आलम, छोटू शर्मा, अधिवक्ता अनिल कुमार, नीरज कुमार, धीरज कुमार और विश्वजीत कुमार उर्फ मृत्युंजय पेरियार समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने इस पहल को मसौढ़ी के इतिहास में एक नया अध्याय बताया और कहा कि यह वृद्धाश्रम बुजुर्गों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का केंद्र साबित होगा। सैकड़ों समाजसेवी युवाओं ने इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
मसौढ़ी में समाजसेवा और मानवता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, सगुनी गांव स्थित लाला बिगहा मोड़, एनएच-22 पर वृद्धजनों के लिए बनने वाले “घर संसार वृद्धाश्रम” का भूमि पूजन पूरे धार्मिक रीति-रिवाज और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण कार्य का शुभारंभ रविवार को वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ किया गया। कार्यक्रम में मसौढ़ी क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों, युवाओं और ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी। भूमि पूजन के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया और सामूहिक भोज का आयोजन हुआ, जिसमें सैकड़ों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। संस्था के अध्यक्ष मुकुल शर्मा ने बताया कि इस वृद्धाश्रम का मुख्य उद्देश्य उन बुजुर्गों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है, जिन्हें सहारे और देखभाल की अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यहां बुजुर्गों को भोजन, आवास, चिकित्सा, वस्त्र और मनोरंजन सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। संस्था के सचिव रामजन्म शर्मा ने समाज की जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा कि बुजुर्गों की सेवा और सुरक्षा वर्तमान समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि यह वृद्धाश्रम न केवल जरूरतमंद बुजुर्गों का सहारा बनेगा, बल्कि समाज को सेवा और संवेदना का महत्वपूर्ण संदेश भी देगा। इस अवसर पर सहयोगी नेहा शर्मा ने नाश्ता और भोजन व्यवस्था के लिए ₹50,000 की सहयोग राशि प्रदान की। कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष मधुकर आनंद, भाजपा नगर अध्यक्ष आशीष देव, बैजनाथ शर्मा, महेंद्र सिंह अशोक, नफीस आलम, छोटू शर्मा, अधिवक्ता अनिल कुमार, नीरज कुमार, धीरज कुमार और विश्वजीत कुमार उर्फ मृत्युंजय पेरियार समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने इस पहल को मसौढ़ी के इतिहास में एक नया अध्याय बताया और कहा कि यह वृद्धाश्रम बुजुर्गों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का केंद्र साबित होगा। सैकड़ों समाजसेवी युवाओं ने इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
- मसौढ़ी में समाजसेवा और मानवता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, सगुनी गांव स्थित लाला बिगहा मोड़, एनएच-22 पर वृद्धजनों के लिए बनने वाले “घर संसार वृद्धाश्रम” का भूमि पूजन पूरे धार्मिक रीति-रिवाज और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण कार्य का शुभारंभ रविवार को वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ किया गया। कार्यक्रम में मसौढ़ी क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों, युवाओं और ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी। भूमि पूजन के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया और सामूहिक भोज का आयोजन हुआ, जिसमें सैकड़ों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। संस्था के अध्यक्ष मुकुल शर्मा ने बताया कि इस वृद्धाश्रम का मुख्य उद्देश्य उन बुजुर्गों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है, जिन्हें सहारे और देखभाल की अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यहां बुजुर्गों को भोजन, आवास, चिकित्सा, वस्त्र और मनोरंजन सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। संस्था के सचिव रामजन्म शर्मा ने समाज की जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा कि बुजुर्गों की सेवा और सुरक्षा वर्तमान समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि यह वृद्धाश्रम न केवल जरूरतमंद बुजुर्गों का सहारा बनेगा, बल्कि समाज को सेवा और संवेदना का महत्वपूर्ण संदेश भी देगा। इस अवसर पर सहयोगी नेहा शर्मा ने नाश्ता और भोजन व्यवस्था के लिए ₹50,000 की सहयोग राशि प्रदान की। कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष मधुकर आनंद, भाजपा नगर अध्यक्ष आशीष देव, बैजनाथ शर्मा, महेंद्र सिंह अशोक, नफीस आलम, छोटू शर्मा, अधिवक्ता अनिल कुमार, नीरज कुमार, धीरज कुमार और विश्वजीत कुमार उर्फ मृत्युंजय पेरियार समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने इस पहल को मसौढ़ी के इतिहास में एक नया अध्याय बताया और कहा कि यह वृद्धाश्रम बुजुर्गों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का केंद्र साबित होगा। सैकड़ों समाजसेवी युवाओं ने इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।1
- कुम्हरार के विधायक संजय कुमार गुप्ता ने घोषणा की है कि वे बिक्रम के असपुरा में बंद पड़े रेफरल अस्पताल को दोबारा चालू करवाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री से बात करेंगे। इस पहल का उद्देश्य असपुरा में स्वास्थ्य सेवाओं को बहाल करना है।1
- जहानाबाद जिले में रविवार को केन्द्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) द्वारा आयोजित सिपाही भर्ती प्रतियोगिता परीक्षा कदाचारमुक्त एवं शांतिपूर्ण वातावरण में शुरू हुई। यह परीक्षा मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग में मद्य सिपाही के 1697 पदों, कारा एवं सुधार सेवाएं निरीक्षणालय, गृह विभाग में कक्षपाल के 2431 पदों तथा परिवहन विभाग में चलंत दस्ता सिपाही के 108 पदों सहित कुल 4236 रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए आयोजित की जा रही है। इस भर्ती परीक्षा के सफल एवं निष्पक्ष संचालन के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा, निगरानी एवं विधि-व्यवस्था की पुख्ता व्यवस्था की है। अधिकारियों ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और केंद्राधीक्षकों तथा प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिले के कुल 10 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा दो पालियों में संपन्न कराई जा रही है; पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली अपराह्न 3 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को सघन जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया, जबकि केंद्रों के बाहर एवं आसपास सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल एवं दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई। जिला प्रशासन ने परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष एवं कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए हैं, जिसके तहत परीक्षा केंद्रों के आसपास विशेष निगरानी रखी जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर है। अधिकारियों ने अभ्यर्थियों से परीक्षा संबंधी निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा अनुशासन बनाए रखने की अपील भी की है। प्रशासन के अनुसार, परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में संचालित हो रही है और सभी केंद्रों पर व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गई हैं।1
- पटना के जगजीवन राम संस्थान में त्रिवेणी संघ का स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर डुमरांव के पूर्व विधायक अजीत कुमार ने समारोह को संबोधित किया।1
- असम के जोरहाट एयरबेस में हुए भारतीय वायुसेना के एएन-32 परिवहन विमान हादसे में शहीद हुए बिहार के दो वीर सपूतों, अग्निवीर दानिश आलम और फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार का पार्थिव शरीर रविवार को एक विशेष वायुसेना विमान से बिहटा एयरफोर्स स्टेशन लाया गया। इस दौरान पूरा माहौल गमगीन हो गया और अपने वीर बेटों को अंतिम सम्मान देने के लिए लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। एयरफोर्स स्टेशन के मुख्य द्वार के बाहर सुबह से ही हजारों की संख्या में युवा, महिलाएं और बुजुर्ग हाथों में तिरंगा लिए एकत्रित थे। "भारत माता की जय", "वंदे मातरम्" और "अमर शहीद अमर रहें" के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा, जिससे देशभक्ति के माहौल में हर किसी की आंखें नम हो गईं। पार्थिव शरीर के बिहटा पहुंचते ही, एयरफोर्स स्टेशन के अंदर भारतीय वायुसेना ने दोनों शहीदों को सैन्य सम्मान के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की। वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला प्रशासन के पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर वीर जवानों को अंतिम सलाम किया। भोजपुर जिले के कोईलवर प्रखंड स्थित कमरियांव गांव निवासी अग्निवीर दानिश आलम और जहानाबाद जिले के हुलासगंज प्रखंड अंतर्गत बनवरिया गांव निवासी फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार की शहादत की खबर मिलते ही दोनों जिलों में शोक की लहर दौड़ गई थी। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद, अग्निवीर दानिश आलम का पार्थिव शरीर भोजपुर के कमरियांव गांव और फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार का पार्थिव शरीर जहानाबाद के बनवरिया गांव के लिए रवाना किया गया। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर और तिरंगा लहराकर अपने वीर सपूतों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी, जबकि सड़क किनारे खड़े लोगों ने नम आंखों से अंतिम यात्रा को नमन किया। शहीद अग्निवीर दानिश आलम के बचपन के मित्र विश्वजीत तिवारी ने बताया कि दानिश शुरू से ही मिलनसार, अनुशासित और देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत थे, तथा उनका सपना देश की सेवा करना था। उन्होंने कहा कि दानिश ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है, जिस पर पूरे क्षेत्र को गर्व है और उनकी वीरता एवं समर्पण हमेशा युवाओं के लिए प्रेरणा बने रहेंगे। उल्लेखनीय है कि जोरहाट एयरबेस पर हुए एएन-32 विमान हादसे में भारतीय वायुसेना के कुल पांच कर्मियों की जान चली गई थी। शहीदों की अंतिम यात्रा को लेकर पूरे क्षेत्र में शोक और गर्व का माहौल है, जहां हर आंख नम है, लेकिन देश के लिए दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान पर हर भारतीय को गर्व महसूस करता है।1
- राजधानी पटना के राम कृष्ण नगर स्थित एक स्कूल संचालक को जान से मारने की धमकी मिली है। इस घटना के बाद, स्कूल संचालक ने प्रशासन से इस मामले में विधिवत कार्यवाही करने का निवेदन किया है।1
- गयाजी के पत्थरकट्टी स्टोन क्राफ्ट को बहुप्रतीक्षित जीआई टैग मिल गया है, जिससे यहां के कारीगरों में भारी खुशी का माहौल है। अब वे अपने पत्थर से बनी भगवान बुद्ध सहित विभिन्न देवी-देवताओं की मूर्तियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भेज सकेंगे। गया जिले का पत्थरकट्टी गांव अपनी बेमिसाल पत्थर शिल्पकारी के लिए लगभग 300 साल से विश्व भर में जाना जाता है, जहां के हुनरमंद कारीगर स्थानीय काले ग्रेनाइट पत्थरों को तराशकर जीवंत मूर्तियां तैयार करते हैं। इस जीआई टैग से सदियों पुरानी इस कला का संरक्षण होगा और इन कलाकृतियों की मांग देश-विदेश के बाजारों में तेजी से बढ़ेगी। कारीगरों और स्थानीय लोगों की काफी सालों से यह मांग थी कि उनके शिल्प को जीआई टैग से जोड़ा जाए, जो अब पूरी हो गई है। ढाई सौ से 300 साल पहले इंदौर की महारानी अहिल्याबाई ने जयपुर से गौर समुदाय को यहां बुलाया था, जिन्होंने पत्थरकट्टी के ग्रेनाइट पत्थर से विष्णुपद मंदिर का निर्माण कराया था। उस समय कुछ गौर परिवार यहां से चले गए, लेकिन कुछ को जमीन देकर बसाया गया, जिनके वंशज आज भी पत्थरकट्टी गांव में विभिन्न मूर्तियां बनाने का काम कर रहे हैं। ये कारीगर गया सहित बिहार के अन्य जिलों में भी मूर्ति तराशने का कार्य करते हैं, और विष्णुपद मंदिर के आसपास भी बड़ी संख्या में मूर्तियों का निर्माण करते हैं, जिन्हें देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालु खरीदते हैं। गौर परिवार से जुड़े लोगों ने बताया कि जीआई टैग मिलने से अब उनकी मूर्तियां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जाएंगी, जिससे उनका कारोबार बढ़ेगा और वे अपनी मूर्तियों को अपने ब्रांड के नाम से बेच सकेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'लोकल फॉर वोकल' अभियान का भी जिक्र किया। हालांकि, कुछ कारीगरों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पत्थरों और मजदूरी के दाम बढ़ गए हैं, जिससे लागत के हिसाब से मुनाफा नहीं मिल पाता, क्योंकि लोग अब सस्ती मूर्तियां पसंद करते हैं। इन कारीगरों ने सरकार से अपील की कि उनके पूर्वजों ने ही विष्णुपद मंदिर का निर्माण कराया था, और अब फल्गु नदी में बनने वाली भव्य भगवान विष्णु की मूर्ति को भी उनके समाज के लोग ही बनाएं, न कि कोई और। स्थानीय समाजसेवी संतोष ठाकुर ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'लोकल फॉर वोकल' की सराहना करते हुए कहा कि जीआई टैग मिलने से ये कारीगर अपना खुद का ब्रांड बनाकर बाजार में बेच सकेंगे, जिससे ग्रामीणों और कारीगरों में खुशी की लहर है।1
- पटना के जगजीवन राम संस्थान में आयोजित त्रिवेणी संघ के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ कीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार के साथ-साथ समाज में भी बदलाव लाने की आवश्यकता है। चौधरी ने यह भी कहा कि समुदाय को जगाने की जरूरत है।1