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थाना क्षेत्र के करल गांव में करीब ढाई वर्ष पूर्व नरसिंह मंदिर में हुई चोरी की वारदात का अब तक पुलिस खुलासा नहीं कर पाई थी। लंबे समय से ग्रामीण चोरी का खुलासा करने की मांग कर रहे थे। इसी बीच बुधवार को मंदिर में चोरी हुआ चांदी का सामान टुकड़ों के रूप में वापस मिलने से गांव में चर्चा का माहौल बन गया। थाना क्षेत्र के करल गांव में करीब ढाई वर्ष पूर्व नरसिंह मंदिर में हुई चोरी की वारदात का अब तक पुलिस खुलासा नहीं कर पाई थी। लंबे समय से ग्रामीण चोरी का खुलासा करने की मांग कर रहे थे। इसी बीच बुधवार को मंदिर में चोरी हुआ चांदी का सामान टुकड़ों के रूप में वापस मिलने से गांव में चर्चा का माहौल बन गया। ग्रामीण इसे भगवान का चमत्कार मान रहे हैं। जानकारी के अनुसार करीब ढाई वर्ष पूर्व गांव के बीच स्थित नरसिंह मंदिर में अज्ञात चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। चोर मंदिर से चांदी के तीन मुकुट, एक छत्र, करीब 400 ग्राम चांदी के आभूषण सहित पीतल का सिंहासन और आरती का सामान चोरी कर ले गए थे। घटना के बाद ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से चोरी का जल्द खुलासा करने की मांग की थी, लेकिन करीब ढाई वर्ष बीत जाने के बावजूद मामले का खुलासा नहीं हो सका। मंदिर के पुजारी मोहनलाल बैरागी ने बताया कि गांव में मंदिर पर कथा का आयोजन चल रहा था। मंगलवार रात भजन संध्या के बाद बुधवार सुबह देव-देवी का विमान लेकर ग्रामीण बाहर गए थे। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर की सफाई की। इस दौरान उन्हें मंदिर परिसर में एक थैली पड़ी दिखाई दी। उन्होंने उसे प्रसादी समझकर एक तरफ रख दिया। बुधवार शाम करीब 5 बजे जब पुजारी मंदिर में पूजा-अर्चना की तैयारी कर रहे थे, तब उनकी नजर दोबारा उस थैली पर पड़ी। थैली खोलकर देखने पर उसमें मंदिर से चोरी किए गए मुकुट सहित अन्य चांदी के आभूषणों के टुकड़े मिले। साथ ही थैली में ₹2000 नकद और एक पत्र भी रखा हुआ था। बताया जा रहा है कि पत्र में चोरी करने वाले व्यक्ति ने शराब के नशे में चोरी करने की बात स्वीकार करते हुए माफी मांगी है। साथ ही मंदिर के सामान की मरम्मत के लिए ₹2000 भी छोड़ने की बात सामने आई है।

10 hrs ago
user_Giriraj regar reporter
Giriraj regar reporter
Reporter बकानी, झालावाड़, राजस्थान•
10 hrs ago

थाना क्षेत्र के करल गांव में करीब ढाई वर्ष पूर्व नरसिंह मंदिर में हुई चोरी की वारदात का अब तक पुलिस खुलासा नहीं कर पाई थी। लंबे समय से ग्रामीण चोरी का खुलासा करने की मांग कर रहे थे। इसी बीच बुधवार को मंदिर में चोरी हुआ चांदी का सामान टुकड़ों के रूप में वापस मिलने से गांव में चर्चा का माहौल बन गया। थाना क्षेत्र के करल गांव में करीब ढाई वर्ष पूर्व नरसिंह मंदिर में हुई चोरी की वारदात का अब तक पुलिस खुलासा नहीं कर पाई थी। लंबे समय से ग्रामीण चोरी का खुलासा करने की मांग कर रहे थे। इसी बीच बुधवार को मंदिर में चोरी हुआ चांदी का सामान टुकड़ों के रूप में वापस मिलने से गांव में चर्चा का माहौल बन गया। ग्रामीण इसे भगवान का चमत्कार मान रहे हैं। जानकारी के अनुसार करीब ढाई वर्ष पूर्व गांव के बीच स्थित नरसिंह मंदिर में अज्ञात चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। चोर मंदिर से चांदी के तीन मुकुट, एक छत्र, करीब 400 ग्राम चांदी के आभूषण सहित पीतल का सिंहासन और आरती का सामान चोरी कर ले गए थे। घटना के बाद ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से चोरी का जल्द खुलासा करने की मांग की थी, लेकिन करीब ढाई वर्ष बीत जाने के बावजूद मामले का खुलासा नहीं हो सका। मंदिर के पुजारी मोहनलाल बैरागी ने बताया कि गांव में मंदिर पर कथा का आयोजन चल रहा था। मंगलवार रात भजन संध्या के बाद बुधवार सुबह देव-देवी का विमान लेकर ग्रामीण बाहर गए थे। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर की सफाई की। इस दौरान उन्हें मंदिर परिसर में एक थैली पड़ी दिखाई दी। उन्होंने उसे प्रसादी समझकर एक तरफ रख दिया। बुधवार शाम करीब 5 बजे जब पुजारी मंदिर में पूजा-अर्चना की तैयारी कर रहे थे, तब उनकी नजर दोबारा उस थैली पर पड़ी। थैली खोलकर देखने पर उसमें मंदिर से चोरी किए गए मुकुट सहित अन्य चांदी के आभूषणों के टुकड़े मिले। साथ ही थैली में ₹2000 नकद और एक पत्र भी रखा हुआ था। बताया जा रहा है कि पत्र में चोरी करने वाले व्यक्ति ने शराब के नशे में चोरी करने की बात स्वीकार करते हुए माफी मांगी है। साथ ही मंदिर के सामान की मरम्मत के लिए ₹2000 भी छोड़ने की बात सामने आई है।

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  • मिट्टी और गोबर से बना रहीं गणेश प्रतिमाएं, मुख्य बाजार में लगा विक्रय स्टॉल*
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    मिट्टी और गोबर से बना रहीं गणेश प्रतिमाएं, मुख्य बाजार में लगा विक्रय स्टॉल*
    user_Manoj Kumar
    Manoj Kumar
    Court reporter सुसनेर, आगर मालवा, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • जेल में बंद था परिवार का मुखिया… उधर घर और जमीन पर कर लिया कब्जा एक व्यक्ति जेल में बंद था… और इधर उसके घर और खेत को लेकर ऐसा क्या हुआ कि मामला सीधे प्रशासन के दरवाजे तक पहुंच गया?” सुसनेर क्षेत्र के ग्राम खेजड़िया खेड़ी से यह मामला सामने आया है। गांव के निवासी बालू पिता गुलाबजी ने एसडीएम कार्यालय में तहसीलदार रामेश्वर दांगी को आवेदन सौंपकर गंभीर आरोप लगाए हैं। आवेदन के मुताबिक, जब बालू उज्जैन की जेल में बंद था, उस दौरान विरोधी पक्ष के लोगों द्वारा उसके घर में प्रवेश कर तोड़फोड़ करने और सामान पर कब्जा करने का आरोप लगाया गया है। साथ ही उसकी कृषि भूमि पर भी कब्जा कर फसल बोने का आरोप आवेदन में लगाया गया है। अब इस शिकायत के बाद प्रशासन ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। लेकिन बड़ा सवाल यही है—क्या वास्तव में पीड़ित की गैरमौजूदगी में उसके घर और खेत पर कब्जा किया गया? या मामले की हकीकत कुछ और है? जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी। आप देखते रहिए मालवा खबर।
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    जेल में बंद था परिवार का मुखिया… उधर घर और जमीन पर कर लिया कब्जा
एक व्यक्ति जेल में बंद था… और इधर उसके घर और खेत को लेकर ऐसा क्या हुआ कि मामला सीधे प्रशासन के दरवाजे तक पहुंच गया?”
सुसनेर क्षेत्र के ग्राम खेजड़िया खेड़ी से यह मामला सामने आया है।
गांव के निवासी बालू पिता गुलाबजी ने एसडीएम कार्यालय में तहसीलदार रामेश्वर दांगी को आवेदन सौंपकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
आवेदन के मुताबिक, जब बालू उज्जैन की जेल में बंद था, उस दौरान विरोधी पक्ष के लोगों द्वारा उसके घर में प्रवेश कर तोड़फोड़ करने और सामान पर कब्जा करने का आरोप लगाया गया है। साथ ही उसकी कृषि भूमि पर भी कब्जा कर फसल बोने का आरोप आवेदन में लगाया गया है।
अब इस शिकायत के बाद प्रशासन ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
लेकिन बड़ा सवाल यही है—क्या वास्तव में पीड़ित की गैरमौजूदगी में उसके घर और खेत पर कब्जा किया गया? या मामले की हकीकत कुछ और है?
जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी। 
आप देखते रहिए मालवा खबर।
    user_राकेश बिकुन्दीया
    राकेश बिकुन्दीया
    पत्रकार सुसनेर, 10 वर्षो का अनुभव सुसनेर, आगर मालवा, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • दूध के दाम पर संग्राम! उचित मूल्य नहीं मिला तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी” दूध के दाम नहीं बढ़े तो थम सकती है दूध की सप्लाई! आम लोगों की बढ़ सकती है परेशानी दैनिक जरूरत की सबसे जरूरी चीजों में शामिल दूध को लेकर अब बड़ी खबर सामने आ रही है। अगर दूध के दामों को लेकर जल्द उचित निर्णय नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। छापीहेड़ा के रामपुरिया बालाजी मंदिर परिसर में क्षेत्र के दूध विक्रेता और दूध उत्पादक एकत्रित हुए, जहां दूध के उचित दाम तय करने को लेकर चर्चा हुई। दूध विक्रेताओं का कहना है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन दूध के दाम उस अनुपात में नहीं बढ़े हैं। पशुओं के चारे, भूसे और दाने की कीमतें बढ़ने से पशुपालन करना मुश्किल होता जा रहा है। दूध विक्रेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि दूध का उचित मूल्य निर्धारण नहीं किया गया तो वे मजबूरन अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपना सकते हैं। विक्रेताओं का कहना है कि हड़ताल की स्थिति में वे दूध की बिक्री नहीं करेंगे और अन्य माध्यमों से होने वाली बिक्री का भी विरोध करेंगे। अब सबसे बड़ा सवाल यही है— क्या दूध के दाम बढ़ेंगे या फिर आम जनता को दूध की किल्लत का सामना करना पड़ेगा? इस पूरे मामले पर प्रशासन और संबंधित जिम्मेदारों का क्या रुख रहता है, यह देखने वाली बात होगी दूध के दाम पर संग्राम! उचित मूल्य नहीं मिला तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी”
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    दूध के दाम पर संग्राम! उचित मूल्य नहीं मिला तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी”
दूध के दाम नहीं बढ़े तो थम सकती है दूध की सप्लाई! आम लोगों की बढ़ सकती है परेशानी
दैनिक जरूरत की सबसे जरूरी चीजों में शामिल दूध को लेकर अब बड़ी खबर सामने आ रही है। अगर दूध के दामों को लेकर जल्द उचित निर्णय नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
छापीहेड़ा के रामपुरिया बालाजी मंदिर परिसर में क्षेत्र के दूध विक्रेता और दूध उत्पादक एकत्रित हुए, जहां दूध के उचित दाम तय करने को लेकर चर्चा हुई।
दूध विक्रेताओं का कहना है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन दूध के दाम उस अनुपात में नहीं बढ़े हैं। पशुओं के चारे, भूसे और दाने की कीमतें बढ़ने से पशुपालन करना मुश्किल होता जा रहा है।
दूध विक्रेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि दूध का उचित मूल्य निर्धारण नहीं किया गया तो वे मजबूरन अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपना सकते हैं।
विक्रेताओं का कहना है कि हड़ताल की स्थिति में वे दूध की बिक्री नहीं करेंगे और अन्य माध्यमों से होने वाली बिक्री का भी विरोध करेंगे।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—
क्या दूध के दाम बढ़ेंगे या फिर आम जनता को दूध की किल्लत का सामना करना पड़ेगा?
इस पूरे मामले पर प्रशासन और संबंधित जिम्मेदारों का क्या रुख रहता है, यह देखने वाली बात होगी 
दूध के दाम पर संग्राम! उचित मूल्य नहीं मिला तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी”
    user_SHRAWAN AGRAWAL
    SHRAWAN AGRAWAL
    Computer service खिलचीपुर, राजगढ़, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन श्री कृष्ण का जन्म उत्सव मनाया,श्रद्धालु भक्ति में -लीन होकर जमकर झूमते नजर आए। श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन श्री कृष्ण का जन्म उत्सव मनाया,श्रद्धालु भक्ति में -लीन होकर जमकर झूमते नजर आए। ‎ ‎ ‎छापीहेड़ा समीप ग्राम नाटाराम में बाबा रामदेव सेवा समिति एवं ग्राम वासियों के सहयोग से बाबा रामदेव धर्मशाला परिसर में 6 सितम्बर से चल रही, सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन  गुरुवार को भगवान  श्रीकृष्ण का जन्मदिन उत्सव पंडाल में धूमधाम से मनाया गया। पूरा पंडाल भगवान श्रीकृष्ण के जय कारों से गुंजने लगा। श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर जमकर झूमते नजर आए। ‎श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर व्यास पीठ से कथावाचक हीरालाल जी शर्मा जीरापुर वाले ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की कथा सुनाई। कथा सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। उन्होंने कहा कि जिस समय भगवान कृष्ण का जन्म हुआ जेल के ताले टूट गए, पहरेदार सो गए। वासुदेव देवकी बंधनमुक्त हो गए। प्रभु की कृपा से कुछ भी असंभव नहीं है। कृपा न होने पर प्रभु मनुष्य को सभी सुखों से वंचित कर देते है। चौथे दिन गुरुवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया। नन्हें बालक को कृष्ण के रूप में सजाकर पंडाल में लाते ही जय कन्हैयालाल के जयकारे गूंज उठे। भक्तों ने बाल कृष्ण को दुलार किया। भगवान को माखन-मिश्री का भोग लगाकर आरती की गई। कथा वाचक हीरालाल जी शर्मा द्वारा किया जा रहा है। कथा वाचक ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन कर उनके जन्म का उद्देश्य भी बताया। भगवान का जन्म होने के बाद वासुदेव ने भरी यमुना पार करके इन्हें गोकुल पहुंचा दिया, वहां यशोदा के यह पैदा हुईं, शक्तिरूपा बेटी को लेकर चले आए, श्री कृष्ण जन्मोत्सव पर नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की गीत पर एवं संगीतकारों द्बारा सुंदर भजनों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। भगवान श्री कृष्ण की एक झलक पाने के लिए पंडाल में बैठे श्रद्धालु भक्त भाव विभोर हो गए कथा पंडाल में महिलाएं उत्साहित होकर नाचने लगी। श्री कृष्ण के जन्मोत्सव पर माखन मिश्री का प्रसाद खिलाया गया और जयकारे लगाए गए। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। ‎ ‎
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    श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन श्री कृष्ण का जन्म उत्सव मनाया,श्रद्धालु भक्ति में -लीन होकर जमकर झूमते नजर आए।
श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन श्री कृष्ण का जन्म उत्सव मनाया,श्रद्धालु भक्ति में -लीन होकर जमकर झूमते नजर आए।
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‎छापीहेड़ा समीप ग्राम नाटाराम में बाबा रामदेव सेवा समिति एवं ग्राम वासियों के सहयोग से बाबा रामदेव धर्मशाला परिसर में 6 सितम्बर से चल रही, सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन  गुरुवार को भगवान  श्रीकृष्ण का जन्मदिन उत्सव पंडाल में धूमधाम से मनाया गया। पूरा पंडाल भगवान श्रीकृष्ण के जय कारों से गुंजने लगा। श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर जमकर झूमते नजर आए।
‎श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर व्यास पीठ से कथावाचक हीरालाल जी शर्मा जीरापुर वाले ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की कथा सुनाई। कथा सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। उन्होंने कहा कि जिस समय भगवान कृष्ण का जन्म हुआ जेल के ताले टूट गए, पहरेदार सो गए। वासुदेव देवकी बंधनमुक्त हो गए। प्रभु की कृपा से कुछ भी असंभव नहीं है। कृपा न होने पर प्रभु मनुष्य को सभी सुखों से वंचित कर देते है। चौथे दिन गुरुवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया। नन्हें बालक को कृष्ण के रूप में सजाकर पंडाल में लाते ही जय कन्हैयालाल के जयकारे गूंज उठे। भक्तों ने बाल कृष्ण को दुलार किया। भगवान को माखन-मिश्री का भोग लगाकर आरती की गई। कथा वाचक हीरालाल जी शर्मा द्वारा किया जा रहा है। कथा वाचक ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन कर उनके जन्म का उद्देश्य भी बताया। भगवान का जन्म होने के बाद वासुदेव ने भरी यमुना पार करके इन्हें गोकुल पहुंचा दिया, वहां यशोदा के यह पैदा हुईं, शक्तिरूपा बेटी को लेकर चले आए, श्री कृष्ण जन्मोत्सव पर नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की गीत पर एवं संगीतकारों द्बारा सुंदर भजनों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। भगवान श्री कृष्ण की एक झलक पाने के लिए पंडाल में बैठे श्रद्धालु भक्त भाव विभोर हो गए कथा पंडाल में महिलाएं उत्साहित होकर नाचने लगी। श्री कृष्ण के जन्मोत्सव पर माखन मिश्री का प्रसाद खिलाया गया और जयकारे लगाए गए। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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    user_RDnews
    RDnews
    खिलचीपुर, राजगढ़, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर मुकुंदरा टनल से वाहनों का आवागमन शुरू कोटा चेचट क्षेत्र से होकर निकल रहें देश के सबसे लम्बे भारत माला दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर कोटा जिले के नयागांव के पास मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के नीचे बनीं दोनों टनल से यातायात शुरू हो गया है। करीब 4.9 किलोमीटर लंबी ट्विन-ट्यूब टनल के दोनों मार्ग चालू होने से एक्सप्रेस वें का यह सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा अब निर्बाध रूप से जुड़ गया है। दूसरी टनल के शुरू होने के बाद दिल्ली कोटा से मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र की और जाने वाले वाहन चालकों को एक्सप्रेस-वे से बिना नीचे उतरे सीधा निकल सकेंगे, पहले कोटा दिल्ली कि तरफ़ से आने वाले वाहनों को गोपालपुरा से फोर-लेन पर उतारा जा रहा था जहां से वाहन दरा नाल मोड़क बाईपास रोड से होकर चेचट 8 लेने पर जाते थे, जिससे दरा अभ्यारण क्षेत्र में प्रतिदिन ज़ाम कि स्थिति बनी रहती थीं, टनल कि दोनों साइटों के शुरू होने से दरा नाल ज़ाम के साथ साथ मोड़क चेचट और ग्रामीणों से होकर निकलने वालें बाहरी वाहनों से भी बड़ी राहत मिलीं हैं, दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वें बनीं यह टनल मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के करीब 60 मीटर नीचे बनाई गईं हैं। इसके ऊपर वन्यजीवों का प्राकृतिक आवागमन जारी रहता हैं, जबकि नीचे एक्सप्रेस-वे का यातायात गुजरता है। परियोजना कों वन्यजीव संरक्षण और आधुनिक सड़क निर्माण के संतुलन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। टनल शुरू होने से दरा घाटी के पुराने मार्ग पर यातायात का दबाव और जाम कि समस्या क्या होगा समाधान। साथ हीं कोटा-झालावाड़ और हाड़ौती क्षेत्र की दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी बेहतर होगी। कृषि उपज और औद्योगिक माल के परिवहन में भी समय की बचत होगी। हालांकि, टनल में मानसून के दौरान पानी भरने की घटना के बाद जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल भी उठे थे। अगस्त में पानी निकालने के बाद यातायात बहाल किया गया था। लम्बे समय बाद आखिरकार दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वें पर मुकन्दरा टनल का शुरू होना बड़ी सोगात है,
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    दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर मुकुंदरा टनल से वाहनों का आवागमन शुरू
कोटा चेचट क्षेत्र से होकर निकल रहें देश के सबसे लम्बे भारत माला दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर कोटा जिले के नयागांव के पास मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के नीचे बनीं दोनों टनल से यातायात शुरू हो गया है। करीब 4.9 किलोमीटर लंबी ट्विन-ट्यूब टनल के दोनों मार्ग चालू होने से एक्सप्रेस वें का यह सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा अब निर्बाध रूप से जुड़ गया है। दूसरी टनल के शुरू होने के बाद दिल्ली कोटा से मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र की और जाने वाले वाहन चालकों को एक्सप्रेस-वे से बिना नीचे उतरे सीधा निकल सकेंगे, पहले कोटा दिल्ली कि तरफ़ से आने वाले वाहनों को गोपालपुरा से फोर-लेन पर उतारा जा रहा था जहां से वाहन दरा नाल मोड़क बाईपास रोड से होकर चेचट 8 लेने पर जाते थे, जिससे दरा अभ्यारण क्षेत्र में प्रतिदिन ज़ाम कि स्थिति बनी रहती थीं, टनल कि दोनों साइटों के शुरू होने से दरा नाल ज़ाम के साथ साथ मोड़क चेचट और ग्रामीणों से होकर निकलने वालें बाहरी वाहनों से भी बड़ी राहत मिलीं हैं, दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वें बनीं
यह टनल मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के करीब 60 मीटर नीचे बनाई गईं हैं। इसके ऊपर वन्यजीवों का प्राकृतिक आवागमन जारी रहता हैं, जबकि नीचे एक्सप्रेस-वे का यातायात गुजरता है।
परियोजना कों वन्यजीव संरक्षण और आधुनिक सड़क निर्माण के संतुलन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। टनल शुरू होने से दरा घाटी के पुराने मार्ग पर यातायात का दबाव और जाम कि समस्या क्या होगा समाधान। साथ हीं कोटा-झालावाड़ और हाड़ौती क्षेत्र की दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी बेहतर होगी। कृषि उपज और औद्योगिक माल के परिवहन में भी समय की बचत होगी।
हालांकि, टनल में मानसून के दौरान पानी भरने की घटना के बाद जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल भी उठे थे। अगस्त में पानी निकालने के बाद यातायात बहाल किया गया था। लम्बे समय बाद आखिरकार दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वें पर मुकन्दरा टनल का शुरू होना बड़ी सोगात है,
    user_Mangilal Charan
    Mangilal Charan
    Local News Reporter रामगंज मंडी, कोटा, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर मुकुंदरा की दोनों टनल हुए शुरू, अब कोटा-मुंबई आवागमन और सुगम हुआ, वाहन चालक यातायात नियमों का पालन करें।
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    दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर मुकुंदरा की दोनों टनल हुए शुरू, अब कोटा-मुंबई आवागमन और सुगम हुआ, वाहन चालक यातायात नियमों का पालन करें।
    user_Ravi Varma
    Ravi Varma
    रामगंज मंडी, कोटा, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • सुसनेर “सांडों के आतंक के बाद बड़ा एक्शन!”“अब कुत्तों पर भी चलेगा अभियान!” सुसनेर में सांडों के आतंक के बाद ओर कुछ लोगो के घायल हो जाने की घटनाएं सामने आने के बाद अब नगर परिषद ने आवारा सांडों को पकड़ने के लिए अभियान शुरू कर दिया है। इसी के चलते सीएमओ हरिओम शर्मा के निर्देश पर बुधवार की देर सांडों के साथ ही सड़को पर बैठे गोवंश हटाया गया है साथ ही उन्हें नगरीय सीमा से भी बाहर करने का प्रयास किया जा रहा है। सीएमओ ने बताया कि आज से कुत्तों को पकडने हेतु नगर परिषद द्वारा अभियान चलाया जाएगा। साथ ही हाथी दरवाजा क्षेत्र में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू करने के लिए 2 कमर्चारी तेनात किये जायेगें। आपको बता दे कि यह सभी मुद्दे बुधवार की शाम को पुलिस थाने पर आयोजित की गई बैठक में भी प्रमुखता से उठे थे उसके बाद स्थानीय प्रशासन एक्शन में आया है।
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    सुसनेर “सांडों के आतंक के बाद बड़ा एक्शन!”“अब कुत्तों पर भी चलेगा अभियान!”
सुसनेर में सांडों के आतंक के बाद ओर कुछ लोगो के घायल हो जाने की घटनाएं सामने आने के बाद अब नगर परिषद ने आवारा सांडों को पकड़ने के लिए अभियान शुरू कर दिया है। इसी के चलते सीएमओ हरिओम शर्मा के निर्देश पर बुधवार की देर सांडों के साथ ही सड़को पर बैठे गोवंश हटाया गया है साथ ही उन्हें नगरीय सीमा से भी बाहर करने का प्रयास किया जा रहा है। सीएमओ ने बताया कि आज से कुत्तों को पकडने हेतु नगर परिषद द्वारा अभियान चलाया जाएगा। साथ ही हाथी दरवाजा क्षेत्र में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू करने के लिए 2 कमर्चारी तेनात किये जायेगें। आपको बता दे कि यह सभी मुद्दे बुधवार की शाम को पुलिस थाने पर आयोजित की गई बैठक में भी प्रमुखता से उठे थे उसके बाद स्थानीय प्रशासन एक्शन में आया है।
    user_राकेश बिकुन्दीया
    राकेश बिकुन्दीया
    पत्रकार सुसनेर, 10 वर्षो का अनुभव सुसनेर, आगर मालवा, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • *450 किलोमीटर पैदल यात्रा कर सुरसुरा से लाई अखंड दिव्य ज्योत* *चार सितंबर को शुरू हुई यात्रा, आठ सितंबर को बढ़िया गांव पहुंची दिव्य ज्योत; डीजे और पुष्पमालाओं से हुआ भव्य स्वागत* पत्रकार मनोज कुमार माली जिला आगर मालवा मध्य प्रदेश से सुसनेर नगर में प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार सुसनेर नगर के समीप ग्राम पंचायत बढ़िया के श्रद्धालुओं द्वारा सुरसुरा से अखंड दिव्य ज्योत लेकर आने की धार्मिक यात्रा इस वर्ष भी श्रद्धा और आस्था के साथ पूरी की गई। श्रद्धालुओं ने करीब 450 किलोमीटर का सफर पैदल तय कर अखंड दिव्य ज्योत को अपने गांव तक पहुंचाया। जानकारी के अनुसार श्रद्धालु 4 सितंबर की सुबह 6 बजे सुरसुरा किशनगढ़ से अखंड दिव्य ज्योत लेकर पैदल रवाना हुए। यात्रा के दौरान किशनगढ़, केकड़ी, देवरी, टोंक, बूंदी, कोटा, झालावाड़ और सोयत सहित विभिन्न मार्गों से होते हुए श्रद्धालु लगातार पैदल चलते रहे। करीब चार दिनों की कठिन पैदल यात्रा पूरी करने के बाद 8 सितंबर, मंगलवार को श्रद्धालु अखंड दिव्य ज्योत लेकर ग्राम बढ़िया पहुंचे। गांव में दिव्य ज्योत के पहुंचते ही श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में उत्साह का माहौल बन गया। ग्रामीणों द्वारा डीजे की भक्तिमय धुनों और पुष्पमालाओं के साथ अखंड दिव्य ज्योत का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु मौजूद रहे। धार्मिक जयकारों से गांव का माहौल भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने बताया कि यह यात्रा केवल पैदल सफर नहीं, बल्कि आस्था, श्रद्धा और धार्मिक परंपरा से जुड़ी यात्रा है। कठिन रास्ते और लंबी दूरी के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह पूरे मार्ग में बना रहा। 450 किलोमीटर की पैदल यात्रा के बाद गांव पहुंची अखंड दिव्य ज्योत ने बढ़िया गांव को भक्ति और आस्था के रंग में रंग दिया।
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    *450 किलोमीटर पैदल यात्रा कर सुरसुरा से लाई अखंड दिव्य ज्योत*


*चार सितंबर को शुरू हुई यात्रा, आठ सितंबर को बढ़िया गांव पहुंची दिव्य ज्योत; डीजे और पुष्पमालाओं से हुआ भव्य स्वागत*

पत्रकार मनोज कुमार माली जिला आगर मालवा मध्य प्रदेश से 

सुसनेर नगर में प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार सुसनेर नगर के समीप ग्राम पंचायत बढ़िया के श्रद्धालुओं द्वारा सुरसुरा से अखंड दिव्य ज्योत लेकर आने की धार्मिक यात्रा इस वर्ष भी श्रद्धा और आस्था के साथ पूरी की गई। श्रद्धालुओं ने करीब 450 किलोमीटर का सफर पैदल तय कर अखंड दिव्य ज्योत को अपने गांव तक पहुंचाया।
जानकारी के अनुसार श्रद्धालु 4 सितंबर की सुबह 6 बजे सुरसुरा किशनगढ़ से अखंड दिव्य ज्योत लेकर पैदल रवाना हुए। यात्रा के दौरान किशनगढ़, केकड़ी, देवरी, टोंक, बूंदी, कोटा, झालावाड़ और सोयत सहित विभिन्न मार्गों से होते हुए श्रद्धालु लगातार पैदल चलते रहे।
करीब चार दिनों की कठिन पैदल यात्रा पूरी करने के बाद 8 सितंबर, मंगलवार को श्रद्धालु अखंड दिव्य ज्योत लेकर ग्राम बढ़िया पहुंचे। गांव में दिव्य ज्योत के पहुंचते ही श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में उत्साह का माहौल बन गया।
ग्रामीणों द्वारा डीजे की भक्तिमय धुनों और पुष्पमालाओं के साथ अखंड दिव्य ज्योत का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु मौजूद रहे। धार्मिक जयकारों से गांव का माहौल भक्तिमय हो उठा।
श्रद्धालुओं ने बताया कि यह यात्रा केवल पैदल सफर नहीं, बल्कि आस्था, श्रद्धा और धार्मिक परंपरा से जुड़ी यात्रा है। कठिन रास्ते और लंबी दूरी के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह पूरे मार्ग में बना रहा।
 450 किलोमीटर की पैदल यात्रा के बाद गांव पहुंची अखंड दिव्य ज्योत ने बढ़िया गांव को भक्ति और आस्था के रंग में रंग दिया।
    user_Manoj Kumar
    Manoj Kumar
    Court reporter सुसनेर, आगर मालवा, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वें मुकन्दरा हिल्स कि दोनों तरफ टनल से होकर निकलने लगें वाहन , एक्सप्रेस वें अब सफ़र और सुगम दरा नाल ज़ाम से मिलेंगी निजात कोटा चेचट क्षेत्र से होकर निकल रहें देश के सबसे लम्बे भारत माला दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर कोटा जिले के नयागांव के पास मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के नीचे बनीं दोनों टनल से यातायात शुरू हो गया है। करीब 4.9 किलोमीटर लंबी ट्विन-ट्यूब टनल के दोनों मार्ग चालू होने से एक्सप्रेस वें का यह सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा अब निर्बाध रूप से जुड़ गया है। दूसरी टनल के शुरू होने के बाद दिल्ली कोटा से मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र की और जाने वाले वाहन चालकों को एक्सप्रेस-वे से बिना नीचे उतरे सीधा निकल सकेंगे , पहले कोटा दिल्ली कि तरफ़ से आने वाले वाहनों को गोपालपुरा से फोर-लेन पर उतारा जा रहा था जहां से वाहन दरा नाल मोड़क बाईपास रोड से होकर चेचट 8 लेने पर जाते थे, जिससे दरा अभ्यारण क्षेत्र में प्रतिदिन ज़ाम कि स्थिति बनी रहती थीं,टनल कि दोनों साइटों के शुरू होने से दरा नाल ज़ाम के साथ साथ मोड़क चेचट और ग्रामीणों से होकर निकलने वालें बाहरी वाहनों से भी बड़ी राहत मिलीं हैं, दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वें बनीं यह टनल मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के करीब 60 मीटर नीचे बनाई गईं हैं। इसके ऊपर वन्यजीवों का प्राकृतिक आवागमन जारी रहता हैं, जबकि नीचे एक्सप्रेस-वे का यातायात गुजरता है। परियोजना कों वन्यजीव संरक्षण और आधुनिक सड़क निर्माण के संतुलन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। टनल शुरू होने से दरा घाटी के पुराने मार्ग पर यातायात का दबाव और जाम कि समस्या क्या होगा समाधान। साथ हीं कोटा-झालावाड़ और हाड़ौती क्षेत्र की दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी बेहतर होगी। कृषि उपज और औद्योगिक माल के परिवहन में भी समय की बचत होगी। हालांकि, टनल में मानसून के दौरान पानी भरने की घटना के बाद जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल भी उठे थे। अगस्त में पानी निकालने के बाद यातायात बहाल किया गया था। लम्बे समय बाद आखिरकार दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वें पर मुकन्दरा टनल का शुरू होना बड़ी सोगात है,
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    दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वें मुकन्दरा हिल्स कि दोनों तरफ टनल से होकर निकलने लगें वाहन , एक्सप्रेस वें अब सफ़र और सुगम दरा नाल ज़ाम से मिलेंगी निजात 
कोटा चेचट क्षेत्र से होकर निकल रहें देश के सबसे लम्बे भारत माला दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर कोटा जिले के नयागांव के पास  मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के नीचे बनीं   दोनों टनल से यातायात शुरू हो गया है। करीब 4.9 किलोमीटर लंबी ट्विन-ट्यूब टनल के दोनों मार्ग चालू होने से एक्सप्रेस वें का यह सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा अब निर्बाध रूप से जुड़ गया है। दूसरी टनल के शुरू होने के बाद दिल्ली कोटा से मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र की और जाने वाले वाहन चालकों को एक्सप्रेस-वे से बिना नीचे उतरे सीधा निकल सकेंगे , पहले कोटा दिल्ली कि तरफ़ से आने वाले वाहनों को  गोपालपुरा से फोर-लेन पर उतारा जा रहा था जहां से वाहन दरा नाल मोड़क बाईपास रोड से होकर चेचट 8 लेने पर जाते थे, जिससे दरा अभ्यारण क्षेत्र में प्रतिदिन ज़ाम कि स्थिति बनी रहती थीं,टनल कि दोनों साइटों के शुरू होने से दरा नाल ज़ाम के साथ साथ मोड़क चेचट और ग्रामीणों से होकर निकलने वालें बाहरी वाहनों से भी बड़ी राहत मिलीं हैं, दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वें बनीं 
यह टनल मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के करीब 60 मीटर नीचे बनाई गईं हैं। इसके ऊपर वन्यजीवों का प्राकृतिक आवागमन जारी रहता हैं, जबकि नीचे एक्सप्रेस-वे का यातायात गुजरता है। परियोजना कों वन्यजीव संरक्षण और आधुनिक सड़क निर्माण के संतुलन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 
टनल शुरू होने से दरा घाटी के पुराने मार्ग पर यातायात का दबाव और जाम कि समस्या क्या होगा समाधान। साथ हीं कोटा-झालावाड़ और हाड़ौती क्षेत्र की दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी बेहतर होगी। कृषि उपज और औद्योगिक माल के परिवहन में भी समय की बचत होगी। 
हालांकि, टनल में मानसून के दौरान पानी भरने की घटना के बाद जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल भी उठे थे। अगस्त में पानी निकालने के बाद यातायात बहाल किया गया था। लम्बे समय बाद आखिरकार दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वें पर मुकन्दरा टनल का शुरू होना बड़ी सोगात है,
    user_सोनू यादव
    सोनू यादव
    रामगंज मंडी, कोटा, राजस्थान•
    13 hrs ago
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