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विदुपुर में इंसानियत शर्मसर नाबालिक होटल वाले को जबरन ले जाकर मारपीट करने का गंभीर आरोप अस्पताल पहुंचा कर भागी पुलिस विदुपुर में इंसानियत शर्मसर नाबालिक होटल वाले को जबरन ले जाकर मारपीट करने का गंभीर आरोप अस्पताल पहुंचा कर भागी पुलिस
बिहार दैनिक पंचायत रणधीर सिंह
विदुपुर में इंसानियत शर्मसर नाबालिक होटल वाले को जबरन ले जाकर मारपीट करने का गंभीर आरोप अस्पताल पहुंचा कर भागी पुलिस विदुपुर में इंसानियत शर्मसर नाबालिक होटल वाले को जबरन ले जाकर मारपीट करने का गंभीर आरोप अस्पताल पहुंचा कर भागी पुलिस
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- विदुपुर में इंसानियत शर्मसर नाबालिक होटल वाले को जबरन ले जाकर मारपीट करने का गंभीर आरोप अस्पताल पहुंचा कर भागी पुलिस विदुपुर में इंसानियत शर्मसर नाबालिक होटल वाले को जबरन ले जाकर मारपीट करने का गंभीर आरोप अस्पताल पहुंचा कर भागी पुलिस1
- महापौर ने पटना नगर निगम संयुक्त कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ की बैठक 4 अगस्त 2026। पटना पटना नगर निगम के महापौर सीता साहू की अध्यक्षता एवं नगर आयुक्त यशपाल मीणा की उपस्थिति में मंगलवार को पटना नगर निगम मुख्यालय स्थित सभागार में पटना नगर निगम संयुक्त कर्मचारी संघ के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश सिंह एवं संघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में संघ द्वारा तीन सूत्री मांगों के समर्थन में आहूत अनिश्चितकालीन हड़ताल के संबंध में विस्तृत चर्चा हुई। बैठक के दौरान संघ के प्रतिनिधियों ने अपनी तीनों मांगों को विस्तारपूर्वक महापौर के समक्ष रखा। इसके बाद प्रत्येक मांग पर बिंदुवार चर्चा की गई। महापौर ने स्पष्ट किया कि पटना नगर निगम कर्मचारियों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है तथा संघ की तीनों मांगों के समाधान के पक्ष में है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि इन मांगों पर अंतिम निर्णय लेना पटना नगर निगम को प्राप्त वैधानिक अधिकार क्षेत्र से बाहर है। इस पर संघ के प्रतिनिधिमंडल ने अनुरोध किया कि निगम अपनी सकारात्मक मंशा को औपचारिक रूप देते हुए तीनों मांगों से संबंधित प्रस्ताव सशक्त स्थायी समिति एवं निगम परिषद से पारित कराकर अनुशंसा सहित नगर विकास एवं आवास विभाग को भेजे। बैठक के दौरान महापौर सीता साहू ने कहा, "पटना नगर निगम सभी सफाई कर्मियों के हितों की रक्षा एवं उनके कल्याण के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहा है। समय-समय पर उनके हित में आवश्यक निर्णय लिए गए हैं। संघ की तीनों मांगों पर विचार एवं अनुशंसा के लिए बुधवार को सशक्त स्थायी समिति की बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि आगे की आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।" संघ के प्रतिनिधिमंडल ने बैठक आयोजित करने के लिए महापौर का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बैठक में हुई सकारात्मक चर्चा से संघ के सदस्यों एवं सफाई कर्मियों को अवगत कराया जाएगा तथा उम्मीद जताई कि मांगों के संबंध में शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। बैठक में सशक्त स्थायी समिति की सदस्य अनिता देवी, सुनीता देवी, कुमार संजीत, मनोज कुमार तथा अपर नगर आयुक्त कृष्ण स्वरूप भी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि पटना नगर निगम संयुक्त कर्मचारी संघ के आह्वान पर पटना सहित राज्य के विभिन्न नगर निकायों के दैनिक सफाई कर्मी अपनी मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है।1
- प्रशांत किशोर के बांकेपुर उपचुनाव में जीत के खुशी में जयनगर में लोगों ने खुशी मनया1
- समाजसेवी, मनीष कुमार खड़गा को मिली जान से मारने की धमकी। परिवार दहशत में स्वास्थ्य सेवा एवं बेहतर शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने वाले मनीष कुमार खड़गा, जो IIMT Meditech Private Ltd के निदेशक होने के साथ-साथ एक सक्रिय समाजसेवी के रूप में भी जाने जाते हैं. इन दिनों गंभीर सुरक्षा संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने पटना के पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर आरोप लगाया है कि, कुछ अज्ञात असामाजिक तत्वों ने उनके आवास पर पहुँचकर, उनकी परिवार वालों को जान से मारने और बच्चें को अगवा करने की धमकी दी। इस घटना के बाद उनका परिवार, भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है। मनीष कुमार खड़गा का मानना है कि, बेहतर स्वास्थ्य सेवा केवल आर्थिक रूप से सक्षम लोगों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। वे वर्षों से इस उद्देश्य के साथ कार्य कर रहे हैं, कि समाज के हर वर्ग, विशेषकर गरीब और जरूरतमंद लोगों को सही, गुणवत्तापूर्ण और किफायती इलाज उपलब्ध हो सके। उनका प्रयास है कि, आधुनिक चिकित्सा सुविधाएँ आम लोगों की पहुँच में हों और कोई भी व्यक्ति केवल आर्थिक तंगी के कारण उपचार से वंचित ना हों। चिकित्सा सेवा के साथ-साथ वे सामाजिक कार्यों में भी लगातार सक्रिय रहते हैं। जरूरतमंद मरीजों की सहायता, स्वास्थ्य जागरूकता, मानवीय सेवा और समाज के कमजोर वर्गों के लिए बेहतर चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में उनका योगदान उल्लेखनीय माना जाता है। उनका उद्देश्य केवल अस्पताल चलाना नहीं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति विश्वास और सेवा की भावना को मजबूत करना है। इसी बीच उनके परिवार को मिली जान से मारने की धमकी ने, न केवल उनके परिजनों को मानसिक रूप से झंकझोरा है, बल्कि समाज में भी चिंता का विषय बना दिया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से दोषियों की तत्काल पहचान कर, कड़ी कानूनी कार्रवाई करने, तथा अपने परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। समाज के विभिन्न वर्गों का कहना है कि, जो व्यक्ति, आम लोगों को सस्ता और बेहतर इलाज उपलब्ध कराने तथा समाज सेवा के लिए समर्पित है, उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से इस मामले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा सके और समाज में कानून का विश्वास बना रहे।1
- Patna #कुत्ता #बिलाई के जीतने वाले बांकीपुर #विधानसभा के लोग नहीं है अच्छे #लोगों को जीतने वाले हैं1
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- सारन जिला परिवहन पदाधिकारी ने गारी के नंबर प्लेट पर नंबर के जगह पर जाति सूचक शब्द लिख ने वालों पर करवाई किया1
- पटना में फिर से छात्रों का प्रोटेस्ट/वाटर कैनन से की गई पानी की बौछार।पढ़िए क्यो की जा रही प्रोटेस्ट पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता, रोजगार और शिक्षा व्यवस्था में सुधार समेत विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को राजधानी पटना में छात्रों का प्रदर्शन उग्र हो गया। पटना विश्वविद्यालय के करीब 15 छात्र संगठनों के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र जेपी गोलंबर से मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च के लिए निकले। इस दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और आगे बढ़ने लगे। जेपी गोलंबर पर शुरू हुआ प्रदर्शन इनकम टैक्स गोलंबर और फिर डाकबंगला चौराहे तक पहुंच गया, जहां पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की और हल्की झड़प हुई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की बौछार के बाद कई छात्र सड़क पर बैठकर विरोध जताने लगे। पुलिसकर्मियों ने उन्हें वहां से हटाकर सड़क किनारे किया और आगे बढ़ने से रोक दिया। प्रदर्शन को देखते हुए गांधी मैदान थाना क्षेत्र समेत पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। जेपी गोलंबर, इनकम टैक्स चौराहा, डाकबंगला और मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले मार्गों पर भारी संख्या में पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मी और दंगा नियंत्रण बल तैनात किए गए थे। एहतियात के तौर पर वाटर कैनन और अन्य सुरक्षा संसाधनों को भी मौके पर रखा गया था। पांच प्रमुख मांगें प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने पांच प्रमुख मांगें रखीं। इनमें भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं पर रोक, पेपर लीक की घटनाओं की निष्पक्ष जांच, आंदोलन के दौरान छात्रों पर हुई कार्रवाई वापस लेने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं के लिए रोजगार उपलब्ध कराने की मांग शामिल है। इसके अलावा छात्र संगठनों ने सीवान में हाल के छात्र आंदोलन के दौरान गोली लगने से घायल छात्र को मुआवजा देने, गिरफ्तार छात्रों की रिहाई और गोलीबारी के मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग की। कांग्रेस के कई नेता मौजूद इस दौरान कांग्रेस के बिहार प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में पहुंचे। उन्होंने छात्रों के साथ बैरिकेडिंग पर चढ़कर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और उनकी मांगों का समर्थन किया। वहीं सांसद पप्पू यादव ने भी छात्र आंदोलन का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने पेपर लीक और रोजगार के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफे की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन सभी का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन कानून-व्यवस्था भंग करने या बैरिकेडिंग तोड़ने जैसी घटनाओं की अनुमति नहीं दी जा सकती। अधिकारियों के अनुसार, स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। फिलहाल प्रदर्शनकारी डाकबंगला चौराहे तक पहुंच चुके हैं, जहां पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया है। मौके पर तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण की स्थिति बनी हुई है और पुलिस-प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।2