लखीसराय नया बाजार से खुदाई में मिला 10वीं शताब्दी का दुर्लभ शिवलिंग। लखीसराय। शहर के नया बाजार स्थित जयनगर लाली पहाड़ी के वार्ड संख्या 33 स्थित जयनगर मुसहरी में एक घर की खुदाई के दौरान प्राचीन अष्टकोणीय शिवलिंग बरामद हुआ। करीब 9वीं से 10वीं शताब्दी के इस शिवलिंग की लंबाई लगभग तीन फीट और व्यास 2.7 फीट बताया गया है। शिवलिंग मिलने की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने किऊल नदी किनारे शिवलिंग स्थापित कर पूजा-अर्चना की। सूचना मिलने पर लखीसराय संग्रहालय की टीम कवैया थाना पुलिस के साथ मौके पर पहुंची। शिवलिंग को संग्रहालय ले जाने के दौरान कुछ ग्रामीणों ने विरोध जताया। अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद ग्रामीण सहमत हुए। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी और ग्रामीणों के सहयोग से दुर्लभ शिवलिंग को सुरक्षित लखीसराय संग्रहालय पहुंचाया गया, जहां इसे संरक्षित रखा गया है।
लखीसराय नया बाजार से खुदाई में मिला 10वीं शताब्दी का दुर्लभ शिवलिंग। लखीसराय। शहर के नया बाजार स्थित जयनगर लाली पहाड़ी के वार्ड संख्या 33 स्थित जयनगर मुसहरी में एक घर की खुदाई के दौरान प्राचीन अष्टकोणीय शिवलिंग बरामद हुआ। करीब 9वीं से 10वीं शताब्दी के इस शिवलिंग की लंबाई लगभग तीन फीट और व्यास 2.7 फीट बताया गया है। शिवलिंग मिलने की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने किऊल नदी किनारे शिवलिंग स्थापित कर पूजा-अर्चना की। सूचना मिलने पर लखीसराय संग्रहालय की टीम कवैया थाना पुलिस के साथ मौके पर पहुंची। शिवलिंग को संग्रहालय ले जाने के दौरान कुछ ग्रामीणों ने विरोध जताया। अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद ग्रामीण सहमत हुए। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी और ग्रामीणों के सहयोग से दुर्लभ शिवलिंग को सुरक्षित लखीसराय संग्रहालय पहुंचाया गया, जहां इसे संरक्षित रखा गया है।
- लखीसराय नया बाजार से खुदाई में मिला 10वीं शताब्दी का दुर्लभ शिवलिंग। लखीसराय। शहर के नया बाजार स्थित जयनगर लाली पहाड़ी के वार्ड संख्या 33 स्थित जयनगर मुसहरी में एक घर की खुदाई के दौरान प्राचीन अष्टकोणीय शिवलिंग बरामद हुआ। करीब 9वीं से 10वीं शताब्दी के इस शिवलिंग की लंबाई लगभग तीन फीट और व्यास 2.7 फीट बताया गया है। शिवलिंग मिलने की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने किऊल नदी किनारे शिवलिंग स्थापित कर पूजा-अर्चना की। सूचना मिलने पर लखीसराय संग्रहालय की टीम कवैया थाना पुलिस के साथ मौके पर पहुंची। शिवलिंग को संग्रहालय ले जाने के दौरान कुछ ग्रामीणों ने विरोध जताया। अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद ग्रामीण सहमत हुए। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी और ग्रामीणों के सहयोग से दुर्लभ शिवलिंग को सुरक्षित लखीसराय संग्रहालय पहुंचाया गया, जहां इसे संरक्षित रखा गया है।1
- नवादा रेलवे ट्रैक पर रील बनाने वाली महिला गिरफ्तार, बाद में जमानत पर रिहा नवादा रेलवे ट्रैक पर रील बनाने वाली महिला गिरफ्तार नवादा रेलवे स्टेशन के सामने ट्रैक पर रील बनाने के मामले में RPF पोस्ट किउल ने विभा देवी (35), निवासी शेखपुरा, के विरुद्ध रेल अधिनियम की धारा 145 एवं 147 के तहत कांड संख्या 1444/26 दर्ज किया। महिला को 12 अक्टूबर को गिरफ्तार कर जमानत पर रिहा किया गया। उन्हें 13 अक्टूबर को न्यायालय में उपस्थित होना है। ⚠️ रेलवे ट्रैक पर रील बनाना जानलेवा हो सकता है।2
- लखीसराय: पीरीबाजार में पानी भरे गड्ढे से दो बच्चों की मां का शव बरामद, कई माह से मायके में रह रही थी महिला, मौत की परिस्थितियां स्पष्ट नहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच से खुलेगा राज। 🚨 लखीसराय: पानी भरे गड्ढे में मिला महिला का शव बिहार के लखीसराय जिले के पीरीबाजार थाना क्षेत्र में मंगलवार की सुबह राजपुर–लोशघानी पथ किनारे पानी भरे गड्ढे से महिला का शव बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान इंदु कुमारी के रूप में हुई है। वह शोषण यादव की पुत्री और फूलचंद यादव की पत्नी थी। महिला दो बच्चों की मां थी और कई महीनों से अपने मायके बबुआ बाजार में रह रही थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए लखीसराय भेज दिया है। फिलहाल, मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।1
- आईसीडीएस की समीक्षा में डीएम सख्त, लापरवाह अधिकारियों और कर्मियों पर कार्रवाई के निर्देश आईसीडीएस की समीक्षा में डीएम सख्त, लापरवाह अधिकारियों और कर्मियों पर कार्रवाई के निर्देश शेखपुरा। जिले में समेकित बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) के कार्यों में लापरवाही और सरकारी निर्देशों की अनदेखी को लेकर जिलाधिकारी शेखर आनंद ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने योजनाओं की प्रगति, आंगनबाड़ी केंद्रों की सुविधाओं और विभागीय कार्यों की स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के आवेदनों का समय पर निष्पादन नहीं होने पर डीएम ने शेखपुरा सदर और बरबीघा के बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने को कहा। वहीं, शेखपुरा परियोजना की महिला पर्यवेक्षिका सलोनी कुमारी, रीना भारती और उर्वशी कुमारी से भी जवाब तलब करने का निर्देश दिया। बैठक में जिले के 86 ऐसे आंगनबाड़ी केंद्रों का मामला सामने आया, जहां पेयजल की सुविधा उपलब्ध नहीं है। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को ऐसे केंद्रों की सूची तैयार करने को कहा, जहां नजदीकी जलापूर्ति व्यवस्था से कनेक्शन देकर पेयजल उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने सूची सोमवार तक उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि समस्या के समाधान की दिशा में कार्रवाई की जा सके। शेखोपुरसराय परियोजना के एक आंगनबाड़ी केंद्र पर अवैध कब्जे के मामले में भी डीएम ने नाराजगी जताई। संबंधित महिला पर्यवेक्षिका द्वारा कब्जाधारी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश का पालन नहीं किए जाने पर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने जिला प्रोग्राम पदाधिकारी को विभिन्न परियोजनाओं में अधिकारियों और कर्मियों की उपस्थिति की औचक जांच करने का निर्देश दिया। साथ ही सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को प्रत्येक सप्ताह बैठक आयोजित कर निर्णयों के अनुपालन की रिपोर्ट डीएम, उप विकास आयुक्त और जिला प्रोग्राम पदाधिकारी को सौंपने को कहा। डीएम ने स्पष्ट किया कि अपने दायित्वों के प्रति लापरवाही बरतने वाली सेविका, सहायिका, महिला पर्यवेक्षिका और बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर सेवा से मुक्त करने की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है। सेविका से महिला पर्यवेक्षिका के पद पर चयन से संबंधित प्रतिवेदन सही प्रारूप में नहीं देने वाली परियोजनाओं पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने उप विकास आयुक्त को 15 दिनों के भीतर दोबारा समीक्षा बैठक आयोजित करने को कहा, ताकि दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति का आकलन किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों और कर्मियों को जवाबदेही के साथ काम करने तथा जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचाने का निर्देश दिया। बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, जिला समन्वयक एनएनएम, वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक सहित अन्य संबंधित कर्मी उपस्थित थे।3
- बेगूसराय पहुंचे जन सुराज पार्टी के 05 दरभंगा स्नातक प्रत्याशी। मोहम्मद इम्तियाज ने कहा कि एक बार शिक्षक और स्नातक विद्यार्थी। विधान परिषद पहुंचाएं और हम समस्या शिक्षक की जो समस्या है और स्नातक विद्यार्थी की और शिक्षक की जो हालात है बिहार में हमारे प्रशांत किशोर ने वह पूरा करेंगे हम।4
- जमुई के बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस सांसद के विरोध में किया प्रदर्शन।1
- पटना के गांधी मैदान में दशहरा महोत्सव 2026 की धूम, स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों पर झूम रहे दर्शक *पटना के गांधी मैदान में दशहरा महोत्सव 2026 की धूम, स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों पर झूम रहे दर्शक एक से बढ़कर एक गीतों पर बालिकाओं के नृत्य ने बांधा समां, भारतीय संस्कृति और कला की दिख रही खूबसूरत झलक.... *********** * संवाददाता: तरुण कुमार की रिपोर्ट गांधी मैदान पटना से.. * ************* पटना, बिहार। बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित दशहरा महोत्सव 2026 के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम देखने को मिल रही है। महोत्सव में स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर दिया जा रहा है। विभिन्न गीतों पर बालिकाओं की मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियां कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण बनी हुई हैं। कलाकारों की प्रस्तुतियों के माध्यम से गांधी मैदान का वातावरण सांस्कृतिक रंगों और उत्साह से सराबोर हो रहा है। दशहरा महोत्सव में धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी विशेष महत्व दिया जा रहा है। स्थानीय कलाकारों की भागीदारी से कार्यक्रम की रौनक बढ़ रही है। मंच पर बालिकाएं एक से बढ़कर एक गीतों पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मनोरंजन कर रही हैं। उनकी प्रस्तुति में कला, संगीत और नृत्य का सुंदर समन्वय देखने को मिल रहा है। बालिकाओं की नृत्य प्रस्तुतियों ने मोहा दर्शकों का मन सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं ने विभिन्न गीतों की धुन पर अपनी नृत्य प्रतिभा का प्रदर्शन किया। संगीत की लय, नृत्य की भाव-भंगिमाओं और आकर्षक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। मंच पर कलाकारों का उत्साह और उनकी मेहनत दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस तरह के आयोजनों से बच्चों और युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए बेहतर मंच मिलता है। खासकर बालिकाओं को सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। स्थानीय प्रतिभाओं को मिल रहा मंच दशहरा महोत्सव में स्थानीय कलाकारों को शामिल करना क्षेत्रीय कला और संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। छोटे शहरों और स्थानीय क्षेत्रों में भी अनेक प्रतिभाशाली कलाकार मौजूद हैं, जिन्हें उचित मंच मिलने पर अपनी कला को व्यापक पहचान दिलाने का अवसर मिलता है। गांधी मैदान जैसे ऐतिहासिक स्थल पर आयोजित इस महोत्सव में स्थानीय कलाकारों की भागीदारी से उनकी प्रतिभा को दर्शकों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिल रहा है। इससे नई पीढ़ी में संगीत, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रति रुचि बढ़ाने में भी मदद मिलती है। धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक विरासत का उत्सव दशहरा भारतीय संस्कृति का प्रमुख पर्व है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश देता है। देशभर में दशहरा के अवसर पर धार्मिक आयोजनों, रामलीला, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विभिन्न उत्सवों का आयोजन किया जाता है। पटना के गांधी मैदान में आयोजित दशहरा महोत्सव भी इसी परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। यहां धार्मिक गतिविधियों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां लोगों को उत्सव से जोड़ रही हैं। गीत-संगीत और नृत्य के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक विरासत की विविधता देखने को मिल रही है। दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना सांस्कृतिक मंच दशहरा महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन से गांधी मैदान की रौनक और बढ़ गई है। बालिकाओं की नृत्य प्रस्तुतियां दर्शकों के मनोरंजन के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का माध्यम भी बन रही हैं। कुल मिलाकर, पटना के गांधी मैदान में आयोजित दशहरा महोत्सव 2026 धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और स्थानीय प्रतिभाओं के संगम के रूप में सामने आ रहा है। स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां इस आयोजन को विशेष बना रही हैं। एक से बढ़कर एक गीतों पर बालिकाओं के नृत्य ने महोत्सव में उत्साह और उमंग का माहौल बना दिया है। ऐसे आयोजन न केवल कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देते हैं, बल्कि समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।4
- बरबीघा में नगर परिषद की खाली जमीन पर बनेंगी दुकानें और विवाह हॉल, डीएम ने दिए निर्देश शेखपुरा। बरबीघा नगर परिषद क्षेत्र में सरकारी जमीन और संपत्तियों का बेहतर उपयोग करने के लिए जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। मंगलवार को जिला पदाधिकारी ने बरबीघा स्थित पुराने प्रखंड कार्यालय परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खाली पड़ी जमीन पर दो मंजिला व्यावसायिक भवन बनाने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया। प्रस्तावित भवन के निचले तल पर आधुनिक दुकानों का निर्माण कराया जाएगा। इन दुकानों को स्थानीय व्यवसायियों को आवंटित करने की योजना है। इससे एक ओर स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर नगर परिषद की आय में भी वृद्धि होगी। भवन के ऊपरी तल पर विशाल और सुविधायुक्त विवाह हॉल बनाने का निर्देश दिया गया है। इसके निर्माण से स्थानीय लोगों को शादी-विवाह और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए एक बेहतर स्थान उपलब्ध हो सकेगा। इससे लोगों को निजी विवाह भवनों पर अधिक खर्च करने से भी राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से बंद दुकानों को खुलवाने का निर्देश निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने बरबीघा नगर परिषद की ओर से पहले निर्मित दुकानों का भी जायजा लिया। इस क्रम में कई दुकानें लंबे समय से बंद पाई गईं। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को बंद दुकानों को जल्द खुलवाने और उनका समुचित उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके लिए आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई करने को भी कहा गया। जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य सरकारी संपत्तियों को अनुपयोगी रहने से बचाना, नगर परिषद के राजस्व में वृद्धि करना और स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त, बरबीघा नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासनिक निर्देशों के बाद बरबीघा में शहरी सुविधाओं के विस्तार और नगर परिषद की आय बढ़ाने की दिशा में नई पहल की उम्मीद जताई जा रही है।3