कचरे के ढेर से हरियाली तक: नरकटियागंज का पहला इको पार्क बना शहर की नई पहचान नरकटियागंज नगर की तस्वीर अब पूरी तरह बदल चुकी है। जिस स्थान पर कभी कचरे का डंपिंग यार्ड, बदबू और गंदगी का अंबार हुआ करता था, आज वहीं रंग-बिरंगे फूलों, हरी-भरी घास और आधुनिक सुविधाओं से सजा शहर का पहला इको पार्क लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गया है। पोखरा चौक स्थित इस बहुप्रतीक्षित इको पार्क का उद्घाटन नगर परिषद की सभापति रीना देवी, उपसभापति पूनम देवी एवं वार्ड पार्षद निरुपमा वर्मा ने फीता काटकर किया। करीब तीन वर्षों तक डंपिंग यार्ड के रूप में बदनाम रही इस जगह को ढाई वर्षों की लगातार मेहनत और लगभग 35 लाख रुपये की लागत से एक खूबसूरत हरित पार्क में विकसित किया गया है। पार्क में आकर्षक वॉकिंग ट्रैक, हरी-भरी घास, रंग-बिरंगे फूलों की क्यारियां, बच्चों के खेलने की व्यवस्था, ओपन जिम, शौचालय, आधुनिक लाइटिंग तथा सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे यह हर आयु वर्ग के लोगों के लिए एक बेहतरीन सार्वजनिक स्थल बन गया है। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए नगर परिषद की सभापति रीना देवी ने कहा कि शहरवासियों का वर्षों पुराना सपना आज साकार हुआ है। यह इको पार्क बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों सभी के लिए एक बड़ी सौगात है और नगर के सौंदर्यीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। वहीं उपसभापति पूनम देवी ने शहरवासियों से अपील की कि यह पार्क पूरे नगर की साझा धरोहर है, इसलिए इसकी स्वच्छता, सुंदरता और सुरक्षा बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। संवेदक गोलू वर्मा ने कहा कि जिस स्थान को कभी लोग कचरे के डंपिंग यार्ड के रूप में जानते थे, उसे इको पार्क में बदलने का सपना आज हकीकत बन गया है। उद्घाटन समारोह में कई वार्ड पार्षद, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। पार्क के खुलने से शहर को न केवल एक नया पर्यटन एवं मनोरंजन स्थल मिला है, बल्कि यह स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सकारात्मक विकास का भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है।
कचरे के ढेर से हरियाली तक: नरकटियागंज का पहला इको पार्क बना शहर की नई पहचान नरकटियागंज नगर की तस्वीर अब पूरी तरह बदल चुकी है। जिस स्थान पर कभी कचरे का डंपिंग यार्ड, बदबू और गंदगी का अंबार हुआ करता था, आज वहीं रंग-बिरंगे फूलों, हरी-भरी घास और आधुनिक सुविधाओं से सजा शहर का पहला इको पार्क लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गया है। पोखरा चौक स्थित इस बहुप्रतीक्षित इको पार्क का उद्घाटन नगर परिषद की सभापति रीना देवी, उपसभापति पूनम देवी एवं वार्ड पार्षद निरुपमा वर्मा ने फीता काटकर किया। करीब तीन वर्षों तक डंपिंग यार्ड के रूप में बदनाम रही इस जगह को ढाई वर्षों की लगातार मेहनत और लगभग 35 लाख रुपये की लागत से एक खूबसूरत हरित पार्क में विकसित किया गया है। पार्क में आकर्षक वॉकिंग ट्रैक, हरी-भरी घास, रंग-बिरंगे फूलों की क्यारियां, बच्चों के खेलने की व्यवस्था, ओपन जिम, शौचालय, आधुनिक लाइटिंग तथा सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे यह हर आयु वर्ग के लोगों के लिए एक बेहतरीन सार्वजनिक स्थल बन गया है। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए नगर परिषद की सभापति रीना देवी ने कहा कि शहरवासियों का वर्षों पुराना सपना आज साकार हुआ है। यह इको पार्क बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों सभी के लिए एक बड़ी सौगात है और नगर के सौंदर्यीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। वहीं उपसभापति पूनम देवी ने शहरवासियों से अपील की कि यह पार्क पूरे नगर की साझा धरोहर है, इसलिए इसकी स्वच्छता, सुंदरता और सुरक्षा बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। संवेदक गोलू वर्मा ने कहा कि जिस स्थान को कभी लोग कचरे के डंपिंग यार्ड के रूप में जानते थे, उसे इको पार्क में बदलने का सपना आज हकीकत बन गया है। उद्घाटन समारोह में कई वार्ड पार्षद, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। पार्क के खुलने से शहर को न केवल एक नया पर्यटन एवं मनोरंजन स्थल मिला है, बल्कि यह स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सकारात्मक विकास का भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है।
- कचरे के ढेर से हरियाली तक: नरकटियागंज का पहला इको पार्क बना शहर की नई पहचान नरकटियागंज नगर की तस्वीर अब पूरी तरह बदल चुकी है। जिस स्थान पर कभी कचरे का डंपिंग यार्ड, बदबू और गंदगी का अंबार हुआ करता था, आज वहीं रंग-बिरंगे फूलों, हरी-भरी घास और आधुनिक सुविधाओं से सजा शहर का पहला इको पार्क लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गया है। पोखरा चौक स्थित इस बहुप्रतीक्षित इको पार्क का उद्घाटन नगर परिषद की सभापति रीना देवी, उपसभापति पूनम देवी एवं वार्ड पार्षद निरुपमा वर्मा ने फीता काटकर किया। करीब तीन वर्षों तक डंपिंग यार्ड के रूप में बदनाम रही इस जगह को ढाई वर्षों की लगातार मेहनत और लगभग 35 लाख रुपये की लागत से एक खूबसूरत हरित पार्क में विकसित किया गया है। पार्क में आकर्षक वॉकिंग ट्रैक, हरी-भरी घास, रंग-बिरंगे फूलों की क्यारियां, बच्चों के खेलने की व्यवस्था, ओपन जिम, शौचालय, आधुनिक लाइटिंग तथा सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे यह हर आयु वर्ग के लोगों के लिए एक बेहतरीन सार्वजनिक स्थल बन गया है। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए नगर परिषद की सभापति रीना देवी ने कहा कि शहरवासियों का वर्षों पुराना सपना आज साकार हुआ है। यह इको पार्क बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों सभी के लिए एक बड़ी सौगात है और नगर के सौंदर्यीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। वहीं उपसभापति पूनम देवी ने शहरवासियों से अपील की कि यह पार्क पूरे नगर की साझा धरोहर है, इसलिए इसकी स्वच्छता, सुंदरता और सुरक्षा बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। संवेदक गोलू वर्मा ने कहा कि जिस स्थान को कभी लोग कचरे के डंपिंग यार्ड के रूप में जानते थे, उसे इको पार्क में बदलने का सपना आज हकीकत बन गया है। उद्घाटन समारोह में कई वार्ड पार्षद, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। पार्क के खुलने से शहर को न केवल एक नया पर्यटन एवं मनोरंजन स्थल मिला है, बल्कि यह स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सकारात्मक विकास का भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है।1
- Hyderabad ko bahut bada jhataka Laga pet kamins of Hyderabad se nahin khelte hue najar aaenge1
- जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आज समाहरणालय सभागार में आयोजित की गई। 1 August. बैठक की अध्यक्षता माननीय सांसद - सह- अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने की। 01.08.2026.1
- निजी खर्च से जर्जर सड़क की मरम्मत कर समाजसेवी साजिद आलम बने मिसाल, ग्रामीणों ने की सराहना। मझौलिया प्रखंड क्षेत्र के भोगड़ी वार्ड संख्या-21 से गढ़वा जाने वाले मुख्य मार्ग तथा गढ़वा से रमपुरवा नारा जाने वाली जर्जर सड़क की मरम्मत कर भोगड़ी निवासी समाजसेवी साजिद आलम ने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने बिना किसी सरकारी सहायता के अपने निजी खर्च से सड़क पर राबिश (ईंट का चूरा) और मिट्टी गिरवाकर मार्ग को आवागमन योग्य बनवा दिया। स्थानीय ग्रामीण इम्तियाज ने बताया कि यह सड़क लंबे समय से बदहाल थी। बरसात के दिनों में कीचड़ और गड्ढों के कारण लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। यह मार्ग दो महत्वपूर्ण पंचायतों को जोड़ता है, जिससे प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होता है। प्रशासन की अनदेखी के बीच साजिद आलम द्वारा उठाया गया यह कदम अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि खराब सड़क के कारण बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही थी और ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्यों में परेशानी उठानी पड़ रही थी। सड़क की मरम्मत से अब लोगों को काफी राहत मिलेगी। समाजसेवी साजिद आलम की इस निस्वार्थ पहल की क्षेत्र के लोगों ने खुले दिल से प्रशंसा की। शमीम आलम, शमशाद आलम, नेज़ामुद्दीन आलम, मुन्ना गद्दी, खलील गद्दी, रेयाज आलम, फैयाज आलम, साहब आलम, फरहाद आलम, अरमान आलम शेख तथा नेयाज आलम सहित अनेक ग्रामीणों ने उनके जनहित में किए गए इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे समाजसेवी लोगों से समाज को प्रेरणा मिलती है।3
- बानुछापर में शुरू हुआ ‘मुसाफिर कैफे’, स्वादिष्ट फास्ट फूड के साथ युवाओं के लिए बना नया ठिकाना बेतिया। बानुछापर स्थित बाबा कॉलेज के पास खाने-पीने के शौकीनों के लिए ‘मुसाफिर कैफे’ की शुरुआत की गई है। कैफे के संचालक आकाश राज हैं। यहां ग्राहकों को स्वादिष्ट फास्ट फूड के साथ कई तरह के स्नैक्स और पेय पदार्थ उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। मुसाफिर कैफे में पनीर चिली, मोमोज, कोल्ड कॉफी समेत कई तरह के फास्ट फूड का स्वाद लिया जा सकता है। युवाओं और विद्यार्थियों को ध्यान में रखते हुए कैफे में अलग-अलग पसंद के व्यंजनों को शामिल किया गया है। दोस्तों के साथ बैठकर नाश्ता करने से लेकर शाम के समय स्नैक्स और कोल्ड कॉफी का आनंद लेने तक के लिए यहां कई विकल्प मौजूद हैं। संचालक आकाश राज ने बताया कि कैफे शुरू करने का उद्देश्य लोगों को एक ही जगह पर स्वादिष्ट भोजन और बेहतर सेवा उपलब्ध कराना है। ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए मेन्यू में आगे भी नए व्यंजन शामिल किए जाएंगे। बाबा कॉलेज के पास स्थित होने के कारण मुसाफिर कैफे विद्यार्थियों, युवाओं और आसपास के लोगों के लिए आसानी से पहुंचने वाली जगह है। कैफे की शुरुआत से स्थानीय लोगों में भी उत्साह देखने को मिल रहा है।1
- Will the World Cup 2027 really be different? please share1
- भारत-नेपाल सीमा पर प्रशासन का बड़ा एक्शन: नो मैन्स लैंड से हटाया गया अतिक्रमण, चार लोगों की जमीन कराई गई अतिक्रमण मुक्त भारत-नेपाल सीमा से सटे पश्चिम चंपारण के मैनाटांड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत बभनौली मौजा स्थित नो मैन्स लैंड की सरकारी भूमि पर शनिवार को प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चार लोगों के कब्जे वाली जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत अंचल प्रशासन की निगरानी में चलाए गए इस अभियान के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंडाधिकारी के साथ महिला एवं पुरुष पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती की गई थी। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई, ताकि अभियान का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके। अभियान के दौरान प्रशासन ने प्रेम यादव, विरेन्द्र यादव, तक्षशिला पंडित तथा किशोरी पंडित के कब्जे वाली सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाया। प्रशासन की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। मैनाटांड़ के अंचलाधिकारी सुमन्त कुमार ने बताया कि नो मैन्स लैंड की सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान चलाया गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी अतिक्रमण के विरुद्ध इसी तरह की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने आम लोगों से सरकारी भूमि पर अतिक्रमण नहीं करने तथा कानून का पालन करने की अपील भी की। कार्रवाई के दौरान मैनाटांड़ थानाध्यक्ष बब्लू कुमार सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी एवं जवान मौके पर मौजूद रहे। इस अभियान ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में सरकारी भूमि की सुरक्षा और कानून के पालन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सख्त है।1
- आग से हजारों की संपती राख, गाय व किशोर झुलसा। ---- गैस पाईप के रिसाव से लगी आग। आग से हजारों की संपती राख, गाय व किशोर झुलसा। ---- गैस पाईप के रिसाव से लगी आग।1