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25 जुलाई के समर्थन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रस्तावित छात्र प्रदर्शन से पहले प्रयागराज पुलिस का मानवीय और संवेदनशील चेहरा सामने आया है। इंटरनेट प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे एक वीडियो में डीसीपी नगर मनीष कुमार शांडिल्य छात्रों से बेहद शांत, सम्मानजनक और आत्मीय तरीके से बातचीत करते हुए नजर आ रहे हैं। इस दौरान उन्होंने छात्रों की बातों को बेहद धैर्यपूर्वक सुना और उनकी भावनाओं को समझने का प्रयास किया। साथ ही डीसीपी नगर ने छात्रों से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने और शांति व कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील भी की। प्रयागराज में छात्रों से इस तरह आत्मीय अंदाज में मुलाकात करने और संवाद की पहल करने के लिए डीसीपी मनीष कुमार शांडिल्य की जमकर सराहना हो रही है।
राजेश कुमार
25 जुलाई के समर्थन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रस्तावित छात्र प्रदर्शन से पहले प्रयागराज पुलिस का मानवीय और संवेदनशील चेहरा सामने आया है। इंटरनेट प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे एक वीडियो में डीसीपी नगर मनीष कुमार शांडिल्य छात्रों से बेहद शांत, सम्मानजनक और आत्मीय तरीके से बातचीत करते हुए नजर आ रहे हैं। इस दौरान उन्होंने छात्रों की बातों को बेहद धैर्यपूर्वक सुना और उनकी भावनाओं को समझने का प्रयास किया। साथ ही डीसीपी नगर ने छात्रों से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने और शांति व कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील भी की। प्रयागराज में छात्रों से इस तरह आत्मीय अंदाज में मुलाकात करने और संवाद की पहल करने के लिए डीसीपी मनीष कुमार शांडिल्य की जमकर सराहना हो रही है।
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- प्रयागराज की मुख्य विकास अधिकारी (CDO) हर्षिका सिंह ने विकास खंड करछना की ग्राम पंचायत मुगारी स्थिति गरीब आदिवासी कोल बस्ती में जाकर जमीनी हकीकत जानी। इस दौरान उन्होंने एक गरीब परिवार की बच्ची से उसकी पढ़ाई-लिखाई के बारे में हालचाल पूछा और बातचीत के बाद बच्ची की पीठ थपथपाकर अपनी खुशी जाहिर की।1
- 25 जुलाई के समर्थन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रस्तावित छात्र प्रदर्शन से पहले प्रयागराज पुलिस का मानवीय और संवेदनशील चेहरा सामने आया है। इंटरनेट प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे एक वीडियो में डीसीपी नगर मनीष कुमार शांडिल्य छात्रों से बेहद शांत, सम्मानजनक और आत्मीय तरीके से बातचीत करते हुए नजर आ रहे हैं। इस दौरान उन्होंने छात्रों की बातों को बेहद धैर्यपूर्वक सुना और उनकी भावनाओं को समझने का प्रयास किया। साथ ही डीसीपी नगर ने छात्रों से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने और शांति व कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील भी की। प्रयागराज में छात्रों से इस तरह आत्मीय अंदाज में मुलाकात करने और संवाद की पहल करने के लिए डीसीपी मनीष कुमार शांडिल्य की जमकर सराहना हो रही है।1
- प्रयागराज के बारा स्थित गौरा गांव में बसपा की संगठनात्मक बैठक संपन्न हुई है। इस बैठक के दौरान पार्टी के बूथ कार्यकर्ताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।1
- प्रयागराज के शंकरगढ़ नगर पंचायत का दूषित नाला कपारी (लवनी) नदी में छोड़े जाने से क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी नाराजगी फैल गई है। नाले के पानी के साथ बड़ी मात्रा में पॉलीथिन, प्लास्टिक और ठोस कचरा सीधे नदी में बहकर पहुंच रहा है, जिससे इसके प्राकृतिक प्रवाह पर बुरा असर पड़ रहा है और नदी के पाटने व अस्तित्व का संकट बढ़ गया है। ग्रामीणों के अनुसार, पहले यह नदी स्वच्छ थी, लेकिन अब नगर पंचायत के नाले का पानी गिरने से इसका जल बुरी तरह दूषित दिखाई दे रहा है। गढ़वा के जंगलों से देवरा तक जाने वाली यह नदी जोरवट, कपारी, बकुलिहा, पगुआर, कल्याणपुर और मतरवार सहित सैकड़ों गांवों को सिंचित करती है। स्थानीय किसान सिंचाई के लिए इसके पानी का उपयोग करते हैं और यह पशु-पक्षियों तथा जैव विविधता के लिए भी महत्वपूर्ण जलस्रोत है। ऐसे में नदी में कूड़ा और प्रदूषित पानी छोड़े जाने से खेती, पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। प्रदूषण विभाग की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने पूछा है कि आखिर किस विभाग की अनुमति और किन पर्यावरणीय मानकों के तहत नाले को नदी में छोड़ा गया। स्थानीय लोगों ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन से मामले की जांच कराने, नदी में कचरा जाने पर तत्काल रोक लगाने, नाले के पानी का वैज्ञानिक उपचार सुनिश्चित करने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।1
- प्रयागराज के घूरपुर में किसान सेवा सहकारी समिति पर यूरिया और डीएपी खाद लेने आए किसानों को घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद भारी परेशानी झेलनी पड़ी। किसान सुबह से ही समिति पर पहुंच गए थे, लेकिन शाम पांच बजे तक इंतजार करने के बाद भी कई किसानों को खाद नहीं मिल सकी और उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। किसानों का आरोप है कि समिति पर सप्ताह में केवल दो दिन ही खाद की बिक्री के लिए कर्मचारी मौजूद रहते हैं, जबकि अन्य दिनों में समिति खुली रहने के बावजूद खाद का वितरण नहीं किया जाता। इसके चलते किसानों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। मौके पर मौजूद किसान सतीश कुशवाहा, दशरथ लाल पटेल, विजय बहादुर पटेल और देवराज सहित सैकड़ों किसानों ने कर्मचारियों की कमी को वितरण प्रभावित होने की मुख्य वजह बताया और तत्काल नए कर्मचारियों की नियुक्ति करने की मांग की। इस अव्यवस्था के संबंध में जिला सहकारी अधिकारी बारा निक्खी मोहन से मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।3
- सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है। उन्होंने जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात करने के बाद अनशन खत्म करने का यह फैसला लिया।1
- जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले के बीरवाह क्षेत्र में भारी बारिश के बाद सुखनाग नाले में आई अचानक बाढ़ से नगर पालिका शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की कई दुकानें बह गईं और ढह गईं। हालांकि, पुलिस ने समय रहते दुकानदारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित दुकानदारों को राहत प्रदान करने और उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है।1