आजमगढ़ : जहानागंज पुलिस ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने वाला वांछित अभियुक्त गिरफ्तार; पोक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई आजमगढ़। जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में, जहानागंज थाने की पुलिस टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के मामले में वांछित एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। घटना का विवरण थाना जहानागंज पर पंजीकृत मु0अ0सं0 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) और 5L/6 पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत एक मामला दर्ज था। अभियुक्त पर आरोप था कि उसने एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर उसका अपहरण किया। विवेचना के दौरान साक्ष्यों के आधार पर मामले में अन्य गंभीर धाराएं भी बढ़ाई गई थीं। गिरफ्तारी की प्रक्रिया दिनांक 01 मई को थाना जहानागंज की पुलिस टीम रात्रि गश्त और क्षेत्र भ्रमण पर थी। इसी दौरान मुखबिर के जरिए सूचना प्राप्त हुई कि वांछित अभियुक्त भागने की फिराक में है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने परदेशी मोड़ के पास घेराबंदी की और अभियुक्त को धर दबोचा। अभियुक्त का विवरण: नाम: (नाम गोपनीय/विवेचनाधीन) निवासी: बरदह (स्थायी पता), कोल्हुखोर (हाल पता), जनपद आजमगढ़। आपराधिक इतिहास: अभियुक्त का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। पूछताछ और स्वीकारोक्ति पुलिस हिरासत में हुई पूछताछ के दौरान अभियुक्त ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। उसने बताया कि उसने नाबालिग को प्रलोभन देकर गायब किया था। पुलिस ने आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस टीम (गिरफ्तारी टीम) इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में निम्नलिखित अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे: उप निरीक्षक सविन्द्र राय कांस्टेबल विशाल चौधरी हेड कांस्टेबल राकेश कुमार यादव कांस्टेबल हेमन्त वर्मा
आजमगढ़ : जहानागंज पुलिस ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने वाला वांछित अभियुक्त गिरफ्तार; पोक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई आजमगढ़। जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में, जहानागंज थाने की पुलिस टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के मामले में वांछित एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। घटना का विवरण थाना जहानागंज पर पंजीकृत मु0अ0सं0 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) और 5L/6 पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत एक मामला दर्ज था। अभियुक्त पर आरोप था कि उसने एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर उसका अपहरण किया। विवेचना के दौरान साक्ष्यों के आधार पर मामले में अन्य गंभीर धाराएं भी बढ़ाई गई थीं। गिरफ्तारी की प्रक्रिया दिनांक 01 मई को थाना जहानागंज की पुलिस टीम रात्रि गश्त और क्षेत्र भ्रमण पर थी। इसी दौरान मुखबिर के जरिए सूचना प्राप्त हुई कि वांछित अभियुक्त भागने की फिराक में है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने परदेशी मोड़ के पास घेराबंदी की और अभियुक्त को धर दबोचा। अभियुक्त का विवरण: नाम: (नाम गोपनीय/विवेचनाधीन) निवासी: बरदह (स्थायी पता), कोल्हुखोर (हाल पता), जनपद आजमगढ़। आपराधिक इतिहास: अभियुक्त का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। पूछताछ और स्वीकारोक्ति पुलिस हिरासत में हुई पूछताछ के दौरान अभियुक्त ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। उसने बताया कि उसने नाबालिग को प्रलोभन देकर गायब किया था। पुलिस ने आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस टीम (गिरफ्तारी टीम) इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में निम्नलिखित अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे: उप निरीक्षक सविन्द्र राय कांस्टेबल विशाल चौधरी हेड कांस्टेबल राकेश कुमार यादव कांस्टेबल हेमन्त वर्मा
- आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में एसएसपी डॉ. अनिल कुमार के कुशल निर्देशन में सिधारी थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम ने एक अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश किया है। यह गैंग कूट रचित (फर्जी) फर्म बनाकर सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लगा रहा था। पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। मुख्य बिंदु: कुल आउटवर्ड सप्लाई: 41 करोड़ 93 लाख रुपये। राजस्व की चोरी (ITC): 7 करोड़ 54 लाख रुपये। गिरफ्तारी: थाना सिधारी और साइबर सेल की संयुक्त टीम द्वारा। अपराध का तरीका: फर्जी फर्म बनाकर जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का अवैध लाभ उठाना। घटना का विवरण वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. अनिल कुमार द्वारा अपराधियों और आर्थिक अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत, सिधारी पुलिस और साइबर सेल को एक बड़े वित्तीय फर्जीवाड़े की सूचना मिली थी। जांच के दौरान पता चला कि एक अंतरराज्यीय गैंग सक्रिय है जो फर्जी दस्तावेजों के आधार पर व्यापारिक फर्में पंजीकृत कराता है। यह गैंग कागजों पर करोड़ों रुपये का लेनदेन (आउटवर्ड सप्लाई) दिखाकर सरकार से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का दावा करता था, जबकि वास्तव में कोई माल सप्लाई नहीं किया जाता था। 42 करोड़ का फर्जीवाड़ा पुलिस की जांच में सामने आया कि अभियुक्तों ने करीब 41 करोड़ 93 लाख रुपये की फर्जी आउटवर्ड सप्लाई दिखाई थी। इस आधार पर उन्होंने 7 करोड़ 54 लाख रुपये के टैक्स क्रेडिट का अनुचित लाभ उठाकर सरकारी राजस्व को भारी क्षति पहुंचाई। पुलिस टीम की सराहना इस बड़ी सफलता पर आईजी आजमगढ़ रेंज और पुलिस मुख्यालय द्वारा टीम के उत्साहवर्धन की बात कही गई है। एसएसपी ने बताया कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है ताकि इस सिंडिकेट को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।1
- मऊ। आपरेशन क्लीन आभियान के तहत पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर के निर्देशन में बरामद/मुकदमाती मालों/अबैध शराब का कराया जा रहा विनिष्टीकरण, शराब विनिष्टीकरण के तहत मा0 न्यायालय के आदेश के क्रम में शनिवार को नायब तहसीलदार सदर मऊ शेषमणि, क्षेत्राधिकारी घोसी जितेन्द्र सिंह व प्रभारी निरीक्षक थाना कोपागंज की उपस्थिति में थाना कोपागंज में कुल 20 अभियोंग से संबंधित अबैध कच्ची व देशी शराब कुल मात्रा (40 ली0) गिराकर विनिष्टीकरण कराया गया ।1
- Post by SONI DEVI1
- अंबेडकर नगर (अकबरपुर): मीरानपुर मोहल्ले में दिल दहला देने वाली घटना, चार मासूम बच्चों की निर्मम हत्या अंबेडकर नगर जनपद मुख्यालय अकबरपुर के मीरानपुर मोहल्ले में शनिवार दोपहर लगभग तीन बजे एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। एक घर के अंदर बिस्तर पर चार मासूम बच्चों के खून से लथपथ शव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई। बताया जा रहा है कि घर का दरवाजा अंदर से बंद था। जब काफी देर तक कोई हलचल नहीं हुई तो स्थानीय लोगों को शक हुआ। दरवाजा खुलवाने पर अंदर का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए। कमरे में चार बच्चों के शव पड़े थे, जबकि बच्चों की मां घर से गायब बताई जा रही है। मृतक बच्चों की पहचान महरुआ क्षेत्र निवासी नियाज की पत्नी के पुत्र शफीक, सऊद, उमर तथा पुत्री बयान के रूप में हुई है। परिवार वर्तमान में अकबरपुर के मीरानपुर मोहल्ले में रह रहा था। बताया जाता है कि बच्चों के पिता नियाज पिछले कई वर्षों से Saudi Arabia में नौकरी कर रहे हैं। चर्चा है कि उन्होंने वहां एक पाकिस्तानी महिला से दूसरा निकाह भी कर लिया था। प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि पति के दूसरे निकाह की जानकारी मिलने के बाद महिला मानसिक तनाव में रहती थी। हालांकि पुलिस अभी हर पहलू पर जांच कर रही है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों को खंगाला जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, वरिष्ठ अधिकारी और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। घर को सील कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। बच्चों की मां की तलाश तेज कर दी गई है। इस दर्दनाक घटना से पूरे मोहल्ले में मातम पसरा हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।1
- Post by BALRAM1
- जबलपुर क्रूज हादसे के बाद वाराणसी पुलिस ने भी कसी कमर...! जबलपुर क्रूज हादसे के बाद प्रशासन ने वाराणसी में सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने घाटों और प्रमुख स्थलों पर व्यापक सुरक्षा अभियान शुरू किया है। पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।1
- Post by रिपोर्टरआलापुर अंबेडकरनगर1
- आजमगढ़। जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में, जहानागंज थाने की पुलिस टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के मामले में वांछित एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। घटना का विवरण थाना जहानागंज पर पंजीकृत मु0अ0सं0 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) और 5L/6 पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत एक मामला दर्ज था। अभियुक्त पर आरोप था कि उसने एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर उसका अपहरण किया। विवेचना के दौरान साक्ष्यों के आधार पर मामले में अन्य गंभीर धाराएं भी बढ़ाई गई थीं। गिरफ्तारी की प्रक्रिया दिनांक 01 मई को थाना जहानागंज की पुलिस टीम रात्रि गश्त और क्षेत्र भ्रमण पर थी। इसी दौरान मुखबिर के जरिए सूचना प्राप्त हुई कि वांछित अभियुक्त भागने की फिराक में है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने परदेशी मोड़ के पास घेराबंदी की और अभियुक्त को धर दबोचा। अभियुक्त का विवरण: नाम: (नाम गोपनीय/विवेचनाधीन) निवासी: बरदह (स्थायी पता), कोल्हुखोर (हाल पता), जनपद आजमगढ़। आपराधिक इतिहास: अभियुक्त का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। पूछताछ और स्वीकारोक्ति पुलिस हिरासत में हुई पूछताछ के दौरान अभियुक्त ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। उसने बताया कि उसने नाबालिग को प्रलोभन देकर गायब किया था। पुलिस ने आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस टीम (गिरफ्तारी टीम) इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में निम्नलिखित अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे: उप निरीक्षक सविन्द्र राय कांस्टेबल विशाल चौधरी हेड कांस्टेबल राकेश कुमार यादव कांस्टेबल हेमन्त वर्मा1