logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

मैनपुरी की सांसद डिम्पल यादव, करहल के विधायक तेजप्रताप यादव और अंशुल यादव ने सैफई स्थित हनुमान मंदिर में हवन-पूजा का आयोजन किया। इसके उपरांत, उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए भण्डारा भी किया। इसी कार्यक्रम के दौरान, इन नेताओं ने लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड को लेकर सीधे तौर पर शासन को जिम्मेदार ठहराया।

3 hrs ago
user_Asheesh Kumar Bharat Nation
Asheesh Kumar Bharat Nation
सैफई, इटावा, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago

मैनपुरी की सांसद डिम्पल यादव, करहल के विधायक तेजप्रताप यादव और अंशुल यादव ने सैफई स्थित हनुमान मंदिर में हवन-पूजा का आयोजन किया। इसके उपरांत, उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए भण्डारा भी किया। इसी कार्यक्रम के दौरान, इन नेताओं ने लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड को लेकर सीधे तौर पर शासन को जिम्मेदार ठहराया।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • मैनपुरी की सांसद डिम्पल यादव, करहल के विधायक तेजप्रताप यादव और अंशुल यादव ने सैफई स्थित हनुमान मंदिर में हवन-पूजा का आयोजन किया। इसके उपरांत, उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए भण्डारा भी किया। इसी कार्यक्रम के दौरान, इन नेताओं ने लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड को लेकर सीधे तौर पर शासन को जिम्मेदार ठहराया।
    1
    मैनपुरी की सांसद डिम्पल यादव, करहल के विधायक तेजप्रताप यादव और अंशुल यादव ने सैफई स्थित हनुमान मंदिर में हवन-पूजा का आयोजन किया। इसके उपरांत, उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए भण्डारा भी किया। इसी कार्यक्रम के दौरान, इन नेताओं ने लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड को लेकर सीधे तौर पर शासन को जिम्मेदार ठहराया।
    user_Asheesh Kumar Bharat Nation
    Asheesh Kumar Bharat Nation
    सैफई, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी विजिलेंस मेरठ की टीम ने मंडी सचिव नहर सिंह को ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से पूरे मंडी प्रशासन में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, मंडी सचिव नहर सिंह पर आरोप है कि वह मंडी में कारोबार करने वाले आढ़तियों से हर महीने ₹20 हजार की अवैध वसूली करता था। कथित रूप से रिश्वतखोरी और दबाव बनाकर धन उगाही की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं, जिससे परेशान होकर आढ़ती अतुल गुप्ता ने एंटी विजिलेंस मेरठ से शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत की जांच और सत्यापन के बाद, विजिलेंस टीम ने एक सुनियोजित जाल बिछाया। जैसे ही नहर सिंह ने शिकायतकर्ता से ₹1 लाख की रिश्वत ली, मौके पर पहले से तैनात टीम ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी नहर सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है, साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस अवैध वसूली के नेटवर्क में कोई अन्य कर्मचारी या अधिकारी शामिल तो नहीं था। इस कार्रवाई के बाद मंडी क्षेत्र के व्यापारियों और आढ़तियों में इस पर खूब चर्चा हो रही है। विजिलेंस की इस सख्त कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा संदेश माना जा रहा है। अधिकारियों ने कहा है कि सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के मामलों में आगे भी इसी तरह की कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
    1
    उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी विजिलेंस मेरठ की टीम ने मंडी सचिव नहर सिंह को ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से पूरे मंडी प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, मंडी सचिव नहर सिंह पर आरोप है कि वह मंडी में कारोबार करने वाले आढ़तियों से हर महीने ₹20 हजार की अवैध वसूली करता था। कथित रूप से रिश्वतखोरी और दबाव बनाकर धन उगाही की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं, जिससे परेशान होकर आढ़ती अतुल गुप्ता ने एंटी विजिलेंस मेरठ से शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत की जांच और सत्यापन के बाद, विजिलेंस टीम ने एक सुनियोजित जाल बिछाया। जैसे ही नहर सिंह ने शिकायतकर्ता से ₹1 लाख की रिश्वत ली, मौके पर पहले से तैनात टीम ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी नहर सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है, साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस अवैध वसूली के नेटवर्क में कोई अन्य कर्मचारी या अधिकारी शामिल तो नहीं था।

इस कार्रवाई के बाद मंडी क्षेत्र के व्यापारियों और आढ़तियों में इस पर खूब चर्चा हो रही है। विजिलेंस की इस सख्त कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा संदेश माना जा रहा है। अधिकारियों ने कहा है कि सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के मामलों में आगे भी इसी तरह की कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
    user_रजत यादव
    रजत यादव
    Voice of people इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • इटावा जनपद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया एक विवादित व्यक्ति को समर्थन देने के कारण सवालों के घेरे में आ गए हैं, जिससे जनता में रोष व्याप्त है। सैफई निवासी इस व्यक्ति पर महिलाओं के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग करने और समाज के विभिन्न वर्गों का अपमान करने के आरोप लगते रहे हैं। यूट्यूबर रिचा तिवारी और पत्रकार आशीष बाजपेई से जुड़े विवादों में भी इस व्यक्ति का नाम सुर्खियों में रहा है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब भाजपा महिला सम्मान और सामाजिक न्याय की बात करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि महिला सम्मान और सामाजिक सौहार्द का संदेश देने वाले जनप्रतिनिधियों को ऐसी विवादित छवि वाले व्यक्तियों से दूरी बनाए रखनी चाहिए। इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में गहरी नाराजगी और रोष का माहौल है। जनता की मांग है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को अपने समर्थन और सार्वजनिक संदेशों के प्रति अधिक जिम्मेदारी दिखानी चाहिए, ताकि समाज में एक सकारात्मक संदेश जाए।
    1
    इटावा जनपद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया एक विवादित व्यक्ति को समर्थन देने के कारण सवालों के घेरे में आ गए हैं, जिससे जनता में रोष व्याप्त है। सैफई निवासी इस व्यक्ति पर महिलाओं के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग करने और समाज के विभिन्न वर्गों का अपमान करने के आरोप लगते रहे हैं। यूट्यूबर रिचा तिवारी और पत्रकार आशीष बाजपेई से जुड़े विवादों में भी इस व्यक्ति का नाम सुर्खियों में रहा है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब भाजपा महिला सम्मान और सामाजिक न्याय की बात करती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि महिला सम्मान और सामाजिक सौहार्द का संदेश देने वाले जनप्रतिनिधियों को ऐसी विवादित छवि वाले व्यक्तियों से दूरी बनाए रखनी चाहिए। इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में गहरी नाराजगी और रोष का माहौल है। जनता की मांग है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को अपने समर्थन और सार्वजनिक संदेशों के प्रति अधिक जिम्मेदारी दिखानी चाहिए, ताकि समाज में एक सकारात्मक संदेश जाए।
    user_शिवा ठाकुर जिला अध्यक्ष
    शिवा ठाकुर जिला अध्यक्ष
    Animal rescue service इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • इकदिल क्षेत्र के गांव कल्यानपुर स्थित बालाजी मंदिर में आयोजित भजन-कीर्तन कार्यक्रम के दौरान कुछ युवकों द्वारा गाली-गलौज और हंगामा करने का मामला सामने आया है। इस घटना के विरोध में, मंदिर के संत बाबा अजब सिंह दास समेत ग्रामीणों ने थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। संत बाबा अजब सिंह दास ने बताया कि मंगलवार को जब मंदिर परिसर में महिलाएं भजन-कीर्तन कर रही थीं, तभी गांव के कुछ युवक वहां पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। जब इन युवकों का विरोध किया गया, तो वे मारपीट पर उतारू हो गए, जिससे कार्यक्रम में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसके बाद, संत बाबा अजब सिंह दास महिलाओं और ग्रामीणों के साथ थाने पहुंचे और तहरीर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले 20 मई को आयोजित भागवत कथा कार्यक्रम के दौरान भी इन्हीं लोगों द्वारा मंदिर परिसर में मारपीट की गई थी, जिसकी शिकायत भी थाने में दर्ज कराई गई थी। संत ने यह भी आरोप लगाया कि ये नामजद लोग अक्सर मंदिर पर आकर अभद्रता करते हैं और उन्हें वहां से हटाने का प्रयास कर रहे हैं। पीड़ित संत के समर्थन में दर्जनभर से अधिक ग्रामीणों ने भी थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
    2
    इकदिल क्षेत्र के गांव कल्यानपुर स्थित बालाजी मंदिर में आयोजित भजन-कीर्तन कार्यक्रम के दौरान कुछ युवकों द्वारा गाली-गलौज और हंगामा करने का मामला सामने आया है। इस घटना के विरोध में, मंदिर के संत बाबा अजब सिंह दास समेत ग्रामीणों ने थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। संत बाबा अजब सिंह दास ने बताया कि मंगलवार को जब मंदिर परिसर में महिलाएं भजन-कीर्तन कर रही थीं, तभी गांव के कुछ युवक वहां पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। जब इन युवकों का विरोध किया गया, तो वे मारपीट पर उतारू हो गए, जिससे कार्यक्रम में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

इसके बाद, संत बाबा अजब सिंह दास महिलाओं और ग्रामीणों के साथ थाने पहुंचे और तहरीर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले 20 मई को आयोजित भागवत कथा कार्यक्रम के दौरान भी इन्हीं लोगों द्वारा मंदिर परिसर में मारपीट की गई थी, जिसकी शिकायत भी थाने में दर्ज कराई गई थी। संत ने यह भी आरोप लगाया कि ये नामजद लोग अक्सर मंदिर पर आकर अभद्रता करते हैं और उन्हें वहां से हटाने का प्रयास कर रहे हैं। पीड़ित संत के समर्थन में दर्जनभर से अधिक ग्रामीणों ने भी थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
    user_Sanjeev rajput Reporter etawah
    Sanjeev rajput Reporter etawah
    इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • पश्चिमी उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों एक अनोखे वैवाहिक गठबंधन की खूब चर्चा हो रही है, जिसने समाज को एक सकारात्मक संदेश दिया है। यह गठबंधन बहुजन समाज पार्टी के पूर्व विधायक प्रदीप जाटव के पुत्र और पूर्व कैबिनेट मंत्री धर्मवीर अशोक की पौत्री के बीच तय हुआ है। यह रिश्ता केवल दो प्रभावशाली परिवारों का मिलन नहीं, बल्कि दहेज प्रथा के खिलाफ एक प्रेरणादायक पहल के रूप में देखा जा रहा है। सगाई समारोह के दौरान, वधू पक्ष ने परंपरा के अनुसार नकद धनराशि और अन्य उपहार भेंट करने का प्रयास किया। हालांकि, पूर्व विधायक प्रदीप जाटव ने स्पष्ट रूप से दहेज लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे अपनी बहू को अपनी बेटी के समान सम्मान देंगे और उन्हें किसी भी प्रकार के धन, दहेज या भौतिक उपहार की आवश्यकता नहीं है। प्रदीप जाटव ने यह भी कहा कि वे अपनी बहू को केवल उसके पहने हुए वस्त्रों में ही सम्मानपूर्वक अपने घर लाएंगे। पूर्व कैबिनेट मंत्री धर्मवीर अशोक के परिवार ने भी इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे सामाजिक सरोकारों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कदम बताया। दोनों परिवारों ने आपसी सहमति से दहेज-मुक्त विवाह का संकल्प लिया है, जिससे समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत हुआ है। प्रदीप जाटव के राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहने के कारण, दोनों प्रतिष्ठित परिवारों द्वारा लिया गया यह निर्णय आमजन के बीच चर्चा का विषय बन गया है। सामाजिक संगठनों और क्षेत्रीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे दहेज प्रथा के खिलाफ एक सकारात्मक संदेश करार दिया है।
    1
    पश्चिमी उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों एक अनोखे वैवाहिक गठबंधन की खूब चर्चा हो रही है, जिसने समाज को एक सकारात्मक संदेश दिया है। यह गठबंधन बहुजन समाज पार्टी के पूर्व विधायक प्रदीप जाटव के पुत्र और पूर्व कैबिनेट मंत्री धर्मवीर अशोक की पौत्री के बीच तय हुआ है। यह रिश्ता केवल दो प्रभावशाली परिवारों का मिलन नहीं, बल्कि दहेज प्रथा के खिलाफ एक प्रेरणादायक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

सगाई समारोह के दौरान, वधू पक्ष ने परंपरा के अनुसार नकद धनराशि और अन्य उपहार भेंट करने का प्रयास किया। हालांकि, पूर्व विधायक प्रदीप जाटव ने स्पष्ट रूप से दहेज लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे अपनी बहू को अपनी बेटी के समान सम्मान देंगे और उन्हें किसी भी प्रकार के धन, दहेज या भौतिक उपहार की आवश्यकता नहीं है। प्रदीप जाटव ने यह भी कहा कि वे अपनी बहू को केवल उसके पहने हुए वस्त्रों में ही सम्मानपूर्वक अपने घर लाएंगे।

पूर्व कैबिनेट मंत्री धर्मवीर अशोक के परिवार ने भी इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे सामाजिक सरोकारों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कदम बताया। दोनों परिवारों ने आपसी सहमति से दहेज-मुक्त विवाह का संकल्प लिया है, जिससे समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत हुआ है। प्रदीप जाटव के राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहने के कारण, दोनों प्रतिष्ठित परिवारों द्वारा लिया गया यह निर्णय आमजन के बीच चर्चा का विषय बन गया है। सामाजिक संगठनों और क्षेत्रीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे दहेज प्रथा के खिलाफ एक सकारात्मक संदेश करार दिया है।
    user_Hind News
    Hind News
    Classified ads newspaper publisher मैनपुरी, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    19 min ago
  • मैनपुरी पुलिस ने हाल ही में लूट की घटनाओं का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। पुलिस ने कुल चार वारदातों में शामिल अनूप उर्फ ऋषि और नव्यांशु उर्फ बिट्टू नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से दो ई-रिक्शा और कुछ नगदी भी बरामद की गई है। इस पूरे ऑपरेशन को एसओजी और घिरोर पुलिस ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया।
    1
    मैनपुरी पुलिस ने हाल ही में लूट की घटनाओं का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। पुलिस ने कुल चार वारदातों में शामिल अनूप उर्फ ऋषि और नव्यांशु उर्फ बिट्टू नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से दो ई-रिक्शा और कुछ नगदी भी बरामद की गई है। इस पूरे ऑपरेशन को एसओजी और घिरोर पुलिस ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया।
    user_Subodh kumar Tiwari
    Subodh kumar Tiwari
    Photographer Mainpuri, Uttar Pradesh•
    26 min ago
  • उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक दोना निर्माण फैक्ट्री से सामने आई तस्वीरों और खुलासों ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में एक दर्जन से अधिक मजदूरों को कथित बंधन और गंभीर प्रताड़ना की स्थिति से मुक्त कराया गया है, जिनकी हालत देखकर अधिकारियों तक के रोंगटे खड़े हो गए। इस पूरे अभियान का नेतृत्व मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजय वर्मा ने किया, जो स्वयं मौके पर पहुंचे और मजदूरों की स्थिति को 'बेहद गंभीर और संवेदनशील' मामला बताया। उन्होंने छापेमारी के दौरान बरामद किए गए कथित प्रताड़ना उपकरणों की भी मौके पर जांच की। एसएसपी संजय वर्मा के निर्देशन में पुलिस टीम ने पीड़ित मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालकर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई है और पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, फैक्ट्री संचालक अंकित बालियान पर आरोप है कि उसने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से मजदूरों को ₹12,000 मासिक वेतन और बेहतर रोजगार का झांसा देकर बुलाया था, लेकिन फैक्ट्री पहुँचने के बाद इन मजदूरों की जिंदगी कैदखाने में बदल गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मजदूरों से दिन-रात काम कराया जाता था और काम खत्म होने के बाद उन्हें फैक्ट्री परिसर में बने कमरों में बंद कर दिया जाता था, जहाँ से बाहर निकलने की अनुमति नहीं थी। मजदूरों का आरोप है कि जरा सी गलती या विरोध पर उन्हें बेरहमी से पीटा जाता था। मुक्त कराए गए कई मजदूरों के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिले हैं; किसी के हाथ-पैर सूजे हुए थे तो किसी की पीठ और शरीर पर पुराने जख्मों के निशान दिखाई दिए। कई मजदूर इतने भयभीत थे कि शुरुआत में वे खुलकर कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं थे। पीड़ितों ने बताया कि उन्हें दिनभर की कड़ी मेहनत के बदले केवल एक बार भोजन दिया जाता था, जिसमें अक्सर चोकर की रोटी, नमक और हरी मिर्च ही मिलती थी। पर्याप्त भोजन और चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में उनकी शारीरिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी। छापेमारी के दौरान पुलिस को ऐसे उपकरण भी मिले हैं, जिनके बारे में आशंका जताई जा रही है कि उनका इस्तेमाल मजदूरों को डराने-धमकाने और प्रताड़ित करने के लिए किया जाता था। बरामद सामग्री को जांच के लिए कब्जे में ले लिया गया है, और एसएसपी संजय वर्मा ने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक साक्ष्य को सुरक्षित रखने और वैज्ञानिक तरीके से जांच कराने के निर्देश दिए हैं। मामले की जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है: पुलिस को आशंका है कि कथित प्रताड़ना और अमानवीय परिस्थितियों के चलते तीन मजदूरों की मौत हुई है। इनमें से एक मृतक की पहचान कर ली गई है, जबकि अन्य मामलों की भी गहन जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मौतों के पीछे वास्तविक कारण क्या थे और क्या इनमें किसी आपराधिक साजिश की भूमिका रही। एसएसपी संजय वर्मा ने स्पष्ट किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि पीड़ित मजदूरों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। एसएसपी ने कहा है कि यदि आरोप सही पाए गए तो किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह मामला न केवल श्रम कानूनों के उल्लंघन का है, बल्कि मानवाधिकारों और मानवीय गरिमा पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पूरे प्रकरण की जांच जारी है और आने वाले दिनों में कई और महत्वपूर्ण खुलासे सामने आने की संभावना है।
    1
    उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक दोना निर्माण फैक्ट्री से सामने आई तस्वीरों और खुलासों ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में एक दर्जन से अधिक मजदूरों को कथित बंधन और गंभीर प्रताड़ना की स्थिति से मुक्त कराया गया है, जिनकी हालत देखकर अधिकारियों तक के रोंगटे खड़े हो गए। इस पूरे अभियान का नेतृत्व मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजय वर्मा ने किया, जो स्वयं मौके पर पहुंचे और मजदूरों की स्थिति को 'बेहद गंभीर और संवेदनशील' मामला बताया। उन्होंने छापेमारी के दौरान बरामद किए गए कथित प्रताड़ना उपकरणों की भी मौके पर जांच की। एसएसपी संजय वर्मा के निर्देशन में पुलिस टीम ने पीड़ित मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालकर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई है और पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, फैक्ट्री संचालक अंकित बालियान पर आरोप है कि उसने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से मजदूरों को ₹12,000 मासिक वेतन और बेहतर रोजगार का झांसा देकर बुलाया था, लेकिन फैक्ट्री पहुँचने के बाद इन मजदूरों की जिंदगी कैदखाने में बदल गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मजदूरों से दिन-रात काम कराया जाता था और काम खत्म होने के बाद उन्हें फैक्ट्री परिसर में बने कमरों में बंद कर दिया जाता था, जहाँ से बाहर निकलने की अनुमति नहीं थी। मजदूरों का आरोप है कि जरा सी गलती या विरोध पर उन्हें बेरहमी से पीटा जाता था। मुक्त कराए गए कई मजदूरों के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिले हैं; किसी के हाथ-पैर सूजे हुए थे तो किसी की पीठ और शरीर पर पुराने जख्मों के निशान दिखाई दिए। कई मजदूर इतने भयभीत थे कि शुरुआत में वे खुलकर कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं थे। पीड़ितों ने बताया कि उन्हें दिनभर की कड़ी मेहनत के बदले केवल एक बार भोजन दिया जाता था, जिसमें अक्सर चोकर की रोटी, नमक और हरी मिर्च ही मिलती थी। पर्याप्त भोजन और चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में उनकी शारीरिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी।

छापेमारी के दौरान पुलिस को ऐसे उपकरण भी मिले हैं, जिनके बारे में आशंका जताई जा रही है कि उनका इस्तेमाल मजदूरों को डराने-धमकाने और प्रताड़ित करने के लिए किया जाता था। बरामद सामग्री को जांच के लिए कब्जे में ले लिया गया है, और एसएसपी संजय वर्मा ने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक साक्ष्य को सुरक्षित रखने और वैज्ञानिक तरीके से जांच कराने के निर्देश दिए हैं। मामले की जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है: पुलिस को आशंका है कि कथित प्रताड़ना और अमानवीय परिस्थितियों के चलते तीन मजदूरों की मौत हुई है। इनमें से एक मृतक की पहचान कर ली गई है, जबकि अन्य मामलों की भी गहन जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मौतों के पीछे वास्तविक कारण क्या थे और क्या इनमें किसी आपराधिक साजिश की भूमिका रही।

एसएसपी संजय वर्मा ने स्पष्ट किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि पीड़ित मजदूरों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। एसएसपी ने कहा है कि यदि आरोप सही पाए गए तो किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह मामला न केवल श्रम कानूनों के उल्लंघन का है, बल्कि मानवाधिकारों और मानवीय गरिमा पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पूरे प्रकरण की जांच जारी है और आने वाले दिनों में कई और महत्वपूर्ण खुलासे सामने आने की संभावना है।
    user_रजत यादव
    रजत यादव
    Voice of people इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के इटावा में दबंगई का एक मामला सामने आया है, जहाँ पिता और पुत्र पर हमला किया गया है। इस घटना में घायल हुए एक व्यक्ति को उपचार के लिए पीजीआई सैफई रेफर किया गया है।
    1
    उत्तर प्रदेश के इटावा में दबंगई का एक मामला सामने आया है, जहाँ पिता और पुत्र पर हमला किया गया है। इस घटना में घायल हुए एक व्यक्ति को उपचार के लिए पीजीआई सैफई रेफर किया गया है।
    user_इटावा एक्सप्रेस etawah express
    इटावा एक्सप्रेस etawah express
    पत्रकार Etawah, Uttar Pradesh•
    10 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.