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Israil Iran युद्ध से विश्व में क्या क्या असर पड़ रहे है ?
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Israil Iran युद्ध से विश्व में क्या क्या असर पड़ रहे है ?
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- न्यूज़: मोतिहारी के चकिया में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। चकिया अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) शिवानी शुभम और अनुमंडल अस्पताल प्रभारी चंदन कुमार के नेतृत्व में चकिया सिटी हॉस्पिटल का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि अस्पताल में नवजात शिशुओं की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा था। बच्चों के ICU में वेंटिलेटर तो लगा था, लेकिन वहां पैडियाट्रिक डॉक्टर की जगह नॉन-मैट्रिक नर्स तैनात थी। इतना ही नहीं, वेंटिलेटर के लिए कोई पावर बैकअप भी नहीं था। निरीक्षण के दौरान ही बिजली कट गई और नवजात बिना बैकअप के अंधेरे में पाया गया, जिससे प्रशासन ने गंभीर लापरवाही मानी। जांच में यह भी सामने आया कि अस्पताल में बिना उचित योग्यता और नियमों के इलाज किया जा रहा था। यूनानी डिग्रीधारी डॉक्टर सादिक हुसैन द्वारा सर्जरी और नवजात शिशुओं का इलाज किया जा रहा था, जो नियमों का उल्लंघन है। इसके अलावा अस्पताल में बिना रजिस्ट्रेशन के अल्ट्रासाउंड संचालित किया जा रहा था, जहां एक महिला कर्मी बिना सर्टिफिकेट के अल्ट्रासाउंड करते हुए एसडीएम द्वारा पकड़ी गई। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चकिया सिटी हॉस्पिटल को तत्काल सील कर दिया। साथ ही डॉक्टर सादिक हुसैन, एक महिला अल्ट्रासाउंड संचालक और अस्पताल की एक असिस्टेंट महिला को गिरफ्तार कर पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही और अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बाइट: शिवानी शुभम, एसडीएम.1
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- Post by नीतीश उजाला1
- --गर्मी से पहले प्रशासन सतर्क, स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई जागरूकता।एईएस/जेई से बचाव को लेकर स्टॉल और रोल प्ले के माध्यम से दिया गया अहम संदेश। (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) सीतामढ़ी 23 मार्च 2026-सीतामढ़ी:- बिहार दिवस के अवसर पर जिला भीबीडी (वेक्टर जनित रोग) नियंत्रण विभाग की ओर से जन जागरूकता के उद्देश्य से एक विशेष स्टॉल लगाया गया। इस स्टॉल के माध्यम से कालाजार, फाइलेरिया, मलेरिया, डेंगू तथा एईएस (चमकी)/जेई जैसी बीमारियों से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी लोगों को दी गई।स्टॉल का उद्घाटन स्थानीय विधायक, जिला पदाधिकारी, सिविल सर्जन एवं अन्य पदाधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कार्यक्रम में आने वाली गर्मी को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से एईएस (चमकी) और जेई से बचाव पर जोर दिया गया।इस दौरान ‘चमकी को धमकी’ अभियान के तहत एक जीवंत प्रदर्शन (रोल प्ले) प्रस्तुत किया गया, जिसमें सिविल सर्जन, जिला भीबीडी नियंत्रण पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, बीबीडीएस एवं आशा कार्यकर्ताओं ने स्वयं भाग लिया। एप्रन पहनकर उन्होंने “खिलाओ, जगाओ और अस्पताल ले जाओ” का संदेश देते हुए बताया कि बच्चों को खाली पेट न सुलाएं। यदि बच्चा बिना खाए सो जाए तो उसे उठाकर खाना खिलाना जरूरी है।साथ ही अभिभावकों को सलाह दी गई कि वे सुबह उठकर बच्चों की स्थिति अवश्य जांचें और यदि बच्चा सुस्त या बेहोश प्रतीत हो तो तुरंत अस्पताल ले जाएं। कार्यक्रम में यह भी प्रदर्शित किया गया कि किस प्रकार आशा कार्यकर्ता तत्काल एम्बुलेंस बुलाकर बच्चे को अस्पताल पहुंचाती है। एम्बुलेंस सेवा 24×7 उपलब्ध होने की जानकारी भी दी गई।मौके पर रीगा विधायक वैद्यनाथ प्रसाद ने इस प्रस्तुति की सराहना की और सेल्फी स्टैंड पर लोगों के साथ सहभागिता भी की। इस जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि समय पर पहचान और त्वरित इलाज से चमकी जैसी गंभीर बीमारी में बच्चों की जान बचाई जा सकती है। साथ ही यह भी बताया गया कि सभी सरकारी अस्पतालों में इसका इलाज निःशुल्क उपलब्ध है।जिला भीबीडी नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. रविन्द्र कुमार यादव ने जानकारी दी कि सदर अस्पताल में 37 बेड तथा सभी सीएचसी/पीएचसी में दो-दो बेड एईएस मरीजों के लिए आरक्षित किए गए हैं। सभी अस्पतालों में आवश्यक दवाएं और उपकरण उपलब्ध हैं।इस अवसर पर स्थानीय विधायक सुनील कुमार पिंटु, रीगा विधायक वैद्यनाथ प्रसाद, जिला पदाधिकारी रिची पाण्डेय, सिविल सर्जन डॉ. अखिलेश कुमार एवं अन्य अधिकारियों ने फाइलेरिया लाभार्थियों के बीच एमएमडीपी किट का वितरण भी किया।चमकी के लक्षणः-● सरदर्द, तेज बुखार आना जो 5-7 दिनों से ज्यादा का ना हो● अर्द्ध चेतना एवं मरीज में पहचानने की क्षमता नहीं होना/भ्रम की स्थिति में होना/बच्चे का बेहोश हो जाना।● शरीर में चमकी होना अथवा हाथ पैर में थरथराहट होना।● पूरे शरीर या किसी खास अंग में लकवा मारना या हाथ पैर का अकड़ जाना।● बच्चे का शारीरिक एवं मानसिक संतुलन ठीक नहीं होना।● उपरोक्त लक्षणों में से कोई भी लक्षण दिखने पर अविलंब अपने गांव की आशा/एएनएम दीदी से संपर्क कर अपने सबसे निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र पर जाकर चिकित्सीय परामर्श लें। इसके उपरांत ही सदर अस्पताल/मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बच्चों को ईलाज हेतु ले जायें।सामान्य उपचार एवं सावधानियांः-● अपने बच्चों को तेज धूप से बचाएं। घर से बाहर जाने पर सर पर टोपी या गीला गमछा रखें।● अपने बच्चों को दिन में दो बार स्नान कराएं।रात में बच्चों को भरपेट खाना खिलाकर ही सुलाएं।● गर्मी के दिनों में बच्चों को ओआरएस अथवा नमक-चीनी एवं नींबू पानी से शरबत बनाकर पिलायें।● रात में सोते समय घर की खिड़कियां एवं रौशनदान को खोल दें, ताकि हवा का आवागमन होता रहे।ध्यान देने वाली बातेंः-क्या करेंः-● तेज बुखार होने पर पूरे शरीर को ताजे पानी से पोछें एवं पंखा से हवा करें ताकि बुखार 100 डिग्री से कम हो सके।● पारासिटामोल की गोली/सीरप मरीज को चिकित्सीय सलाह पर दें।● यदि बच्चा बेहोश नहीं है तब साफ एवं पीने योग्य पानी में ओआरएस का घोल बनाकर पिलायें।बेहोशी/मिर्गी की अवस्था में बच्चे को छायादार एवं हवादार स्थान पर लिटाएं।● चमकी आने पर, मरीज को बाएं या दाएं करवट में लिटाकर तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाएं।● बच्चे के शरीर से कपड़े हटा लें एवं गर्दन सीधा रखें।अगर मुंह से लार या झाग निकल रहा हो तो साफ कपड़े से पोछें, जिससे कि सांस लेने में कोई दिक्कत ना हो।● तेज रोशनी से बचाने के लिए मरीज की अंखों को पट्टी या कपड़े से ढंकें।क्या ना करेंः-● बच्चे को कम्बल या गर्म कपड़ों में न लपेंटे।● बच्चे की नाक बंद नहीं करें।● बेहोशी/मिर्गी की अवस्था में बच्चे के मुंह से कुछ भी न दें।● बच्चे का गर्दन झुका हुआ नहीं रखें।● चूंकि यह दैविक प्रकोप नहीं है बल्कि अत्यधिक गर्मी एवं नमी के कारण होने वाली बीमारी है अतः बच्चे के ईलाज में ओझा गुणी में समय नष्ट न करें।● मरीज के बिस्तर पर ना बैठें तथा मरीज को बिना वजह तंग न करें।● ध्यान रहे कि मरीज के पास शोर न हो और शांत वातावरण बनायें रखें।इस गर्मी हम मिल के देंगे चमकी को धमकी :- ये 3 धमकियां याद रखें।● खिलायें-बच्चे को रात में सोने से पहले भरपेट खाना जरूर खिलाएं। यदि संभव हो तो कुछ मीठा भी खिलायें।● जगायें-रात के बीच में एवं सुबह उठते ही देखें कि कहीं बच्चा बेहोश या उसे चमकी तो नहीं।अस्पताल ले जायें-बेहोशी या चमकी दिखते ही आशा को सूचित कर तुरंत निःशुल्क 102 एंबुलेंस या उपलब्ध वाहन से नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र जायें।2
- सुगौली में राष्ट्रीय उच्च पथ में शटर तोड़ कर दो दुकानों में हुई चोरी।पुलिस सीसीटीवी के आधार पर चोरों की धर-पकड़ में जुटी।1
- मेरे काम को सफल बनाएं और मेरे आगे अंसार सही से काम करें1
- मझौलिया, पश्चिम चंपारण। भाकपा माले का पश्चिम चम्पारण जिला सम्मेलन की तैयारी तथा अमेरिका–इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ जारी युद्ध के विरोध में चलाए जा रहे देशव्यापी अभियान के तहत मझौलिया ( धोकरहा) में एक महत्वपूर्ण कन्वेंशन का आयोजन किया गया। इस कन्वेंशन को भाकपा माले केन्द्रीय कमिटी सदस्य सह सिकटा के पूर्व विधायक वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता ने संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम चम्पारण में पार्टी संगठन को मजबूत बनाने के लिए आगामी जिला सम्मेलन बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे गांव-गांव जाकर आम जनता के मुद्दों को उठाएं और पार्टी की नीतियों को व्यापक रूप से प्रचारित करें। उन्होंने अमेरिका–इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे युद्ध को साम्राज्यवादी आक्रामकता करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि इस युद्ध का असर केवल मध्य-पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका दुष्प्रभाव पूरे विश्व सहित भारत पर भी पड़ेगा। ऐसे में देश के अंदर शांति और युद्ध-विरोधी जनमत तैयार करना समय की जरूरत है। कन्वेंशन में वक्ताओं ने महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की बदहाल स्थिति तथा बिहार में कानून-व्यवस्था के सवालों को भी प्रमुखता से उठाया। साथ ही, जिला सम्मेलन को सफल बनाने के लिए विभिन्न कमिटियों के गठन और व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। इनके अलावा भाकपा माले मझौलिया अंचल सचिव जवाहर प्रसाद, भाकपा माले का वरिष्ठ नेता रिखी साह, अफाक अहमद, रविकान्त पासवान आदि नेताओं ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता एवं समर्थक उपस्थित रहे।2
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