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पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
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- शहडोल से पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार की रिपोर्ट:-शहडोल में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल, स्कूल में बच्चों से कराई गई सफाई, #mstodaynews #SchoolEducation #ViralVideo #GovernmentSchool #EducationSystem #PrimarySchool #Students #BreakingNews #EducationNews #IndiaNews1
- सोहागपुर कल रात विवाद मामले में शहडोल पुलिस अधीक्षक ने क्या कहा1
- आयुर्वेद सबसे तेज आयुर्वेद में है दम अथर्व आयुर्वेद एंड पंचकर्म सेंटर पतंजलि आरोग्य केंद्र स्टेट बैंक के पास बिरसिंहपुर पाली 093401 19449 नोट ऑनलाइन कंसल्टेशन उपलब्ध है1
- संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र की लापरवाही उजागर,क्षमता से दोगुने बच्चों को ढो रहीं स्कूल बसें, आरटीओ ने तीन बसें कीं जब्त संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र की लापरवाही उजागर,क्षमता से दोगुने बच्चों को ढो रहीं स्कूल बसें, आरटीओ ने तीन बसें कीं जब्त उमरिया तपस गुप्ता जिले के बिरसिंहपुर पाली संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र (एसजीटीपीएस) के अधीन संचालित स्कूल बसों में बच्चों की सुरक्षा से कथित तौर पर गंभीर खिलवाड़ का मामला सामने आया है। परिवहन विभाग की कार्रवाई में पक्षीराज की तीन स्कूल बसों को अपने कब्जे में लिया गया। जांच के दौरान सामने आया कि जिन बसों की बैठने की क्षमता लगभग 55 से 60 बच्चों की थी, उनमें प्रतिदिन 100 से अधिक बच्चों को बैठाकर स्कूल लाया और ले जाया जा रहा था। इस मामले ने बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था और विद्युत केंद्र के प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार ये बसें संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के कर्मचारियों के बच्चों को स्कूल तक पहुंचाने के लिए संचालित की जा रही थीं। लंबे समय से बसों में क्षमता से कहीं अधिक बच्चों को बैठाकर परिवहन किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के आधार पर आरटीओ विभाग ने निरीक्षण किया, जिसमें नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर तत्काल कार्रवाई की गई। आरटीओ अधिकारी राम दुबे की मौजूदगी में तीनों बसों को जब्त कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई। बताया जा रहा है कि बसों में ओवरलोडिंग इतनी अधिक थी कि बच्चों को सीट तक उपलब्ध नहीं हो रही थी और कई बच्चों को खड़े होकर या अत्यंत असुरक्षित स्थिति में यात्रा करनी पड़ती थी। यदि किसी दिन सड़क पर दुर्घटना हो जाती तो उसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में बच्चों का रोजाना इस तरह परिवहन होना केवल परिवहन नियमों का उल्लंघन नहीं बल्कि बच्चों की सुरक्षा के साथ सीधा समझौता है। लोगों ने सवाल उठाया कि जब बसों की क्षमता निर्धारित है, तब प्रबंधन ने अतिरिक्त बसों की व्यवस्था क्यों नहीं की और आखिर इतने लंबे समय तक यह व्यवस्था बिना किसी प्रभावी निगरानी के कैसे चलती रही। इस कार्रवाई के बाद संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के प्रबंधन की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठ रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा किसी भी संस्था की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन यहां सुविधा और व्यवस्था के नाम पर बच्चों को जोखिम में डाला गया। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाए। फिलहाल परिवहन विभाग ने तीनों बसों को अपने कब्जे में लेकर नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कार्रवाई केवल बसों तक सीमित रहेगी या फिर बच्चों की सुरक्षा से समझौता करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और प्रबंधन की जवाबदेही भी तय की जाएगी।2
- जनसुनवाई में अपर कलेक्टर ने 41 आवेदकों की सुनी समस्याएं अनूपपुर - कलेक्ट्रेट कार्यालय के नर्मदा सभागार में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम में अपर कलेक्टर बलवीर रमन ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए 41 आवेदकों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का नियमानुसार परीक्षण कर समय-सीमा में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अनूपपुर सुश्री प्राशी अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी नागरिकों की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई के दौरान अनूपपुर बस्ती की सीताबाई कहार ने भूमि के बंटवारे, वेंकटनगर तहसील जैतहरी के कमलेश यादव ने नहर परियोजना से प्रभावित भूमि का मुआवजा दिलाए जाने, अमलाई निवासी कोमल सिंह ने नल-जल योजना के अंतर्गत प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान किए जाने तथा ग्राम चंदनपुर के राम बिहारी ने स्थायी भृत्य पद पर नियुक्ति उपरांत वेतन भुगतान किए जाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया। इसी प्रकार वेंकटनगर की सुधा केवट ने रोजगार उपलब्ध कराए जाने, धनगवां निवासी उमानाथ ब्राह्मण ने नक्शा तरमीम में सुधार कराने, ग्राम सेमरा भलमूड़ी की भगवती ने रोजगार सहायक द्वारा आवास सूची से नाम विलोपित किए जाने तथा बिजुरी निवासी रवि कुमार प्रजापति ने आमांडांड खुली खदान के अंतर्गत अधिग्रहित भूमि के एवज में नीलकंठ कंपनी में स्वरोजगार उपलब्ध कराए जाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया।1
- शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल मजमानी कला में प्रभारी प्राचार्य (हरीश रौतेल) एवं शिक्षकों द्वारा छात्रों की फीस में डाका *शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल मजमानी कला मे प्रभारी प्राचार्य (हरीश रौतेल) एवं शिक्षकों द्वारा छात्रों की फीस मे डाका डाला गया। मामला सन 2025 का है, संभल योजना एवं आय जाति से सरकार द्वारा छात्रों को फीस मे जो छूट मिलती है उस छूट से बच्चे वंचित, किसी छात्र को एक हजार लौटाया गया तो किसी छात्र को पैसे लौटाए ही नहीं गए जब सूचना के अधिकार द्वारा जानकारी मांगी गई तो आनन फानन मे छात्रों को अंक सूची दिए और फीस छूट वाली सूची मे साइन करा लिए गए जब बच्चो से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि हमें 1000रु 1200₹ किसी ने बताया की हमें एक ₹भी नहीं लौटाए गए शिक्षक कृष्ण पाल टेकाम से पूछने पर बताया गया कि बच्चो को छूट दी गई राशि नवम्बर दिसंबर 2025मे ही दे दी गई थी जोकि प्राचार्य द्वारा rti के माध्यम सत्यापित प्रति प्राप्त हुई है, परन्तु बच्चो का कहना है हमें छूट कि राशि 1000₹, 60₹, 1200₹जून माह 2026 मे शिक्षक द्वारा प्राप्त हुई दसवीं क़ी फीस बलराम पड़वार एवं 12वीं क़ी फीस कृष्णपाल टेकाम द्वारा ली गई व वापस क़ी गई,अब ये देखना है कि आदिवासी गांव के बच्चों के साथ क्या न्याय किया जाता है या प्रशासन मौन रहता है1
- *शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल मजमानी कला मे प्रभारी प्राचार्य (हरीश रौतेल) एवं शिक्षकों द्वारा छात्रों की फीस मे डाका डाला गया* *शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल मजमानी कला मे प्रभारी प्राचार्य (हरीश रौतेल) एवं शिक्षकों द्वारा छात्रों की फीस मे डाका डाला गया* मामला सन 2025 का है, संभल योजना एवं आय जाति से सरकार द्वारा छात्रों को फीस मे जो छूट मिलती है उस छूट से बच्चे वंचित, किसी छात्र को एक हजार लौटाया गया तो किसी छात्र को पैसे लौटाए ही नहीं गए जब सूचना के अधिकार द्वारा जानकारी मांगी गई तो आनन फानन मे छात्रों को अंक सूची दिए और फीस छूट वाली सूची मे साइन करा लिए गए जब बच्चो से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि हमें 1000रु 1200₹ किसी ने बताया की हमें एक ₹भी नहीं लौटाए गए शिक्षक कृष्ण पाल टेकाम से पूछने पर बताया गया कि बच्चो को छूट दी गई राशि नवम्बर दिसंबर 2025मे ही दे दी गई थी जोकि प्राचार्य द्वारा rti के माध्यम सत्यापित प्रति प्राप्त हुई है, परन्तु बच्चो का कहना है हमें छूट कि राशि 1000₹, 60₹, 1200₹जून माह 2026 मे शिक्षक द्वारा प्राप्त हुई दसवीं क़ी फीस बलराम पड़वार एवं 12वीं क़ी फीस कृष्णपाल टेकाम द्वारा ली गई व वापस क़ी गई,अब ये देखना है कि आदिवासी गांव के बच्चों के साथ क्या न्याय किया जाता है या प्रशासन मौन रहता है2
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