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कांटी में अनोखा कारनामा सरकारी अस्पताल बना गौशाला मरीज गायक टहल रहे पसु पुछने पर बोले कर्मचारी अधिकारी जाने *बड़ी खबर: जसरा/ कांटी* खंड विकास कार्यालय की बड़ी लापरवाही: कांटी का सरकारी अस्पताल बना गौशाला - गौशाला की दयनीय स्थिति, बगल में अस्पताल में मवेशियों का जमावड़ा प्रयागराज / जसरा योगी सरकार एक तरफ गौवंश के संरक्षण के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं जसरा ब्लॉक के कांटी में सरकारी अस्पताल को ही गौशाला बना दिया गया है।सरकारी अस्पताल में मरीजों की जगह गाय-बैल बंधे हैं और गौशाला की हालत बेहद दयनीय बनी हुई है।खंड विकास कार्यालय जसरा के अंतर्गत आने वाली कांटी की सरकारी गौशाला की स्थिति इतनी खराब है कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर उसके बगल में स्थित सरकारी अस्पताल की बिल्डिंग में ही गौवंश को शिफ्ट कर दिया गया है।स्थानीय लोगों ने बताया कि - अस्पताल बना गौशाला जहां मरीजों का इलाज होना चाहिए, वहां भूसा, गोबर और मवेशी बंधे हैं। अस्पताल पूरी तरह से गौशाला में तब्दील हो गया है‌ अधिक गौवंश होने पर बाहर निकाला जा रहा अस्पताल में क्षमता से ज्यादा गौवंश होने पर उन्हें जबरन बाहर निकाला जा रहा है, जिससे मवेशी सड़कों पर भटक रहे हैं।दयनीय स्थिति गौशाला में उचित व्यवस्था नही है साफ-सफाई मवेशी भूख-प्यास से तड़प रहे हैं।कर्मचारियों का जवाब अधिकारी जाने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से इस बारे में पूछा गया कि सरकारी अस्पताल को गौशाला क्यों बनाया गया और मवेशियों को बाहर क्यों निकाला जा रहा है, तो उनका टाल-मटोल भरा जवाब था हमें नहीं पता, अधिकारी जाने, ऊपर से आदेश है। इससे साफ है कि ब्लॉक स्तर के अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं और सरकारी संपत्ति का मनमाने तरीके से उपयोग कर रहे हैं।ग्रामीणों में आक्रोश कांटी के ग्रामीणों ने DM प्रयागराज, CDO और BDO बारा से मांग की है कि तत्काल मामले की जांच कराई जाए, अस्पताल को मवेशियों से मुक्त कराकर वहां फिर से स्वास्थ्य सेवाएं शुरू कराई जाएं और दोष अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए।

1 hr ago
user_राकेश पटेल सी न्यूज़
राकेश पटेल सी न्यूज़
Voice of people बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

कांटी में अनोखा कारनामा सरकारी अस्पताल बना गौशाला मरीज गायक टहल रहे पसु पुछने पर बोले कर्मचारी अधिकारी जाने *बड़ी खबर: जसरा/ कांटी* खंड विकास कार्यालय की बड़ी लापरवाही: कांटी का सरकारी अस्पताल बना गौशाला - गौशाला की दयनीय स्थिति, बगल में अस्पताल में मवेशियों का जमावड़ा प्रयागराज / जसरा योगी सरकार एक तरफ गौवंश के संरक्षण के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं जसरा ब्लॉक के कांटी में सरकारी अस्पताल को ही गौशाला बना दिया गया है।सरकारी अस्पताल में मरीजों की जगह गाय-बैल बंधे हैं और गौशाला की हालत बेहद दयनीय बनी हुई है।खंड विकास कार्यालय जसरा के अंतर्गत आने वाली कांटी की सरकारी गौशाला की स्थिति इतनी खराब है कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर उसके बगल में स्थित सरकारी अस्पताल की बिल्डिंग में ही गौवंश को शिफ्ट कर दिया गया है।स्थानीय लोगों ने बताया कि - अस्पताल बना गौशाला जहां मरीजों का इलाज होना चाहिए, वहां भूसा, गोबर और मवेशी बंधे हैं। अस्पताल पूरी तरह से गौशाला में तब्दील हो गया है‌ अधिक गौवंश होने पर बाहर निकाला जा रहा अस्पताल में क्षमता से ज्यादा गौवंश होने पर उन्हें जबरन बाहर निकाला जा रहा है, जिससे मवेशी सड़कों पर भटक रहे हैं।दयनीय स्थिति गौशाला में उचित व्यवस्था नही है साफ-सफाई मवेशी भूख-प्यास से तड़प रहे हैं।कर्मचारियों का जवाब अधिकारी जाने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से इस बारे में पूछा गया कि सरकारी अस्पताल को गौशाला क्यों बनाया गया और मवेशियों को बाहर क्यों निकाला जा रहा है, तो उनका टाल-मटोल भरा जवाब था हमें नहीं पता, अधिकारी जाने, ऊपर से आदेश है। इससे साफ है कि ब्लॉक स्तर के अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं और सरकारी संपत्ति का मनमाने तरीके से उपयोग कर रहे हैं।ग्रामीणों में आक्रोश कांटी के ग्रामीणों ने DM प्रयागराज, CDO और BDO बारा से मांग की है कि तत्काल मामले की जांच कराई जाए, अस्पताल को मवेशियों से मुक्त कराकर वहां फिर से स्वास्थ्य सेवाएं शुरू कराई जाएं और दोष अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए।

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    कांटी में अनोखा कारनामा सरकारी अस्पताल बना गौशाला मरीज गायक टहल रहे पसु पुछने पर बोले कर्मचारी अधिकारी जाने
*बड़ी खबर: जसरा/ कांटी*
खंड विकास कार्यालय की बड़ी लापरवाही: कांटी का सरकारी अस्पताल बना गौशाला - गौशाला की दयनीय स्थिति, बगल में अस्पताल में मवेशियों का जमावड़ा
प्रयागराज / जसरा योगी सरकार एक तरफ गौवंश के संरक्षण के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं जसरा ब्लॉक के कांटी में सरकारी अस्पताल को ही गौशाला बना दिया गया है।सरकारी अस्पताल में मरीजों की जगह गाय-बैल बंधे हैं और गौशाला की हालत बेहद दयनीय बनी हुई है।खंड विकास कार्यालय जसरा के अंतर्गत आने वाली कांटी की सरकारी गौशाला की स्थिति इतनी खराब है कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर उसके बगल में स्थित सरकारी अस्पताल की बिल्डिंग में ही गौवंश को शिफ्ट कर दिया गया है।स्थानीय लोगों ने बताया कि -
अस्पताल बना गौशाला जहां मरीजों का इलाज होना चाहिए, वहां भूसा, गोबर और मवेशी बंधे हैं। अस्पताल पूरी तरह से गौशाला में तब्दील हो गया है‌ अधिक गौवंश होने पर बाहर निकाला जा रहा अस्पताल में क्षमता से ज्यादा गौवंश होने पर उन्हें जबरन बाहर निकाला जा रहा है, जिससे मवेशी सड़कों पर भटक रहे हैं।दयनीय स्थिति गौशाला में उचित व्यवस्था नही है साफ-सफाई मवेशी भूख-प्यास से तड़प रहे हैं।कर्मचारियों का जवाब अधिकारी जाने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से इस बारे में पूछा गया कि सरकारी अस्पताल को गौशाला क्यों बनाया गया और मवेशियों को बाहर क्यों निकाला जा रहा है, तो उनका टाल-मटोल भरा जवाब था हमें नहीं पता, अधिकारी जाने, ऊपर से आदेश है। इससे साफ है कि ब्लॉक स्तर के अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं और सरकारी संपत्ति का मनमाने तरीके से उपयोग कर रहे हैं।ग्रामीणों में आक्रोश
कांटी के ग्रामीणों ने DM प्रयागराज, CDO और BDO बारा से मांग की है कि तत्काल मामले की जांच कराई जाए, अस्पताल को मवेशियों से मुक्त कराकर वहां फिर से स्वास्थ्य सेवाएं शुरू कराई जाएं और दोष अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए।
    user_राकेश पटेल सी न्यूज़
    राकेश पटेल सी न्यूज़
    Voice of people बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • ग्राम सभा देवरा मे जल जमाव के कारण ग्रामीणों की मांग है कि ग्राम सभा में उचित व्यवस्था किया जाए ग्राम सभा देवरा के इटमा बस्ती में चारों तरफ से पानी गिर चुका है और लगातार बारिश के कारण बाढ़ का खतरा बना हुआ है
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    ग्राम सभा देवरा मे जल जमाव के कारण ग्रामीणों की मांग है कि ग्राम सभा में उचित व्यवस्था किया जाए
ग्राम सभा देवरा के इटमा बस्ती में चारों तरफ से पानी गिर चुका है और लगातार बारिश के कारण बाढ़ का खतरा बना हुआ है
    user_सतेंद्र सोनकर
    सतेंद्र सोनकर
    बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • सिंहपुर गांव में घुसा मगरमच्छ, दहशत में ग्रामीण, प्रशासनिक मदद नदारद शंकरगढ़ के सिंहपुर गांव में घुसा मगरमच्छ, दहशत में ग्रामीण, प्रशासनिक मदद नदारद *शंकरगढ़/प्रयागराज।* विकासखंड शंकरगढ़ के सिंहपुर गांव में बाढ़ के पानी के साथ मगरमच्छ आ गया। मगरमच्छ दिखने से पूरे गांव में दहशत फैल गई है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ से कई घर पहले ही डूब चुके हैं और अब मगरमच्छ आने से खतरा और बढ़ गया है। लोगों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है, लेकिन अभी तक कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची है।
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    सिंहपुर गांव में घुसा मगरमच्छ, दहशत में ग्रामीण, प्रशासनिक मदद नदारद
शंकरगढ़ के सिंहपुर गांव में घुसा मगरमच्छ, दहशत में ग्रामीण, प्रशासनिक मदद नदारद
*शंकरगढ़/प्रयागराज।* विकासखंड शंकरगढ़ के सिंहपुर गांव में बाढ़ के पानी के साथ मगरमच्छ आ गया। मगरमच्छ दिखने से पूरे गांव में दहशत फैल गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ से कई घर पहले ही डूब चुके हैं और अब मगरमच्छ आने से खतरा और बढ़ गया है। लोगों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है, लेकिन अभी तक कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची है।
    user_Rohit Sharma
    Rohit Sharma
    निष्पक्षता से खबर को प्रकाशित करना मेरा बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • बारिश से तालाब बनी जसरा की नवीन सब्जी मंडी, कीचड़ और जलभराव से किसान-व्यापारी बेहाल प्रयागराज। यमुनापार की सबसे बड़ी नवीन सब्जी मंडी जसरा लगातार बारिश के बाद बदहाल हो गई है। मंडी परिसर में महीनों से जलभराव की समस्या बनी हुई है। सड़कें कीचड़ से पट गई हैं और जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भरा हुआ है। जलभराव और गंदगी के कारण उठ रही दुर्गंध से व्यापारी, किसान और पल्लेदार परेशान हैं। प्रतिदिन करोड़ों रुपये का कारोबार करने वाली मंडी में अव्यवस्थाओं के बीच कामकाज चल रहा है। मंडी की बिजली व्यवस्था भी लंबे समय से खराब पड़ी है। रात के समय आने वाले ट्रकों से सब्जियों की लोडिंग-अनलोडिंग अंधेरे में करनी पड़ती है। करीब एक सप्ताह पहले अंधेरे में काम कर रहे एक पल्लेदार को सांप ने डंस लिया था। उसकी हालत गंभीर हो गई थी, हालांकि उपचार के बाद उसकी जान बच गई। बुधवार को मंडी सचिव ने किया निरीक्षण समस्याओं की जानकारी मिलने पर बुधवार को मंडी सचिव श्यामलाल पटेल ने मंडी परिषद के जेई के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान जल निकासी, नाली निर्माण, जर्जर सड़कों की मरम्मत और चट्टों पर लगे टीनशेड की मरम्मत सहित विभिन्न समस्याओं का आकलन किया गया। निरीक्षण के बाद आवश्यक कार्यों का प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजे जाने की बात कही गई। आढ़ती रामचंद्र सोनकर, पंचराज कुशवाहा और मंडी अध्यक्ष अजय साहू ने बताया कि जलभराव के कारण रोजाना कारोबार प्रभावित हो रहा है। व्यापारी राजकमल मांजू, रमाशंकर कौशल और नवीन ने बताया कि पूरी मंडी महज दो हैंडपंपों के सहारे चल रही है, जबकि मंडी की सड़कें दलदल में तब्दील हो चुकी हैं। किसान राकेश कुशवाहा, नरगेन, राजीव, राधेश्याम सोनकर और कमलेश कुशवाहा ने बताया कि गड्ढों में वाहन फंसने और पलटने से सब्जियां बर्बाद हो रही हैं। वहीं पल्लेदार योगराज और अखिलेश ने कहा कि एक क्विंटल तक का बोझ उठाकर कीचड़ भरी सड़कों पर चलना किसी खतरे से कम नहीं है। पांच साल से बंद पड़ा सार्वजनिक शौचालय मंडी परिसर में करीब पांच वर्ष पहले बनाया गया सार्वजनिक शौचालय भी आज तक बंद पड़ा है। इसके चलते महिला किसानों और कर्मचारियों को खुले में शौच जाने की मजबूरी बनी हुई है। किसानों और व्यापारियों ने मंडी की मूलभूत समस्याओं का जल्द समाधान कराने की मांग की है। निरीक्षण के दौरान मुन्ना सोनकर, बबोल सोनकर, शिवबाबू पटेल, सुशील केसरवानी, महेंद्र सोनकर, दिनेश कुशवाहा और सीताराम केसरवानी समेत बड़ी संख्या में किसान और व्यापारी मौजूद रहे। सभी ने जल निकासी, सड़क, बिजली, शौचालय और साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग उठाई।
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    बारिश से तालाब बनी जसरा की नवीन सब्जी मंडी, कीचड़ और जलभराव से किसान-व्यापारी बेहाल
प्रयागराज। यमुनापार की सबसे बड़ी नवीन सब्जी मंडी जसरा लगातार बारिश के बाद बदहाल हो गई है। मंडी परिसर में महीनों से जलभराव की समस्या बनी हुई है। सड़कें कीचड़ से पट गई हैं और जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भरा हुआ है। जलभराव और गंदगी के कारण उठ रही दुर्गंध से व्यापारी, किसान और पल्लेदार परेशान हैं। प्रतिदिन करोड़ों रुपये का कारोबार करने वाली मंडी में अव्यवस्थाओं के बीच कामकाज चल रहा है।
मंडी की बिजली व्यवस्था भी लंबे समय से खराब पड़ी है। रात के समय आने वाले ट्रकों से सब्जियों की लोडिंग-अनलोडिंग अंधेरे में करनी पड़ती है। करीब एक सप्ताह पहले अंधेरे में काम कर रहे एक पल्लेदार को सांप ने डंस लिया था। उसकी हालत गंभीर हो गई थी, हालांकि उपचार के बाद उसकी जान बच गई।
बुधवार को मंडी सचिव ने किया निरीक्षण
समस्याओं की जानकारी मिलने पर बुधवार को मंडी सचिव श्यामलाल पटेल ने मंडी परिषद के जेई के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान जल निकासी, नाली निर्माण, जर्जर सड़कों की मरम्मत और चट्टों पर लगे टीनशेड की मरम्मत सहित विभिन्न समस्याओं का आकलन किया गया। निरीक्षण के बाद आवश्यक कार्यों का प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजे जाने की बात कही गई।
आढ़ती रामचंद्र सोनकर, पंचराज कुशवाहा और मंडी अध्यक्ष अजय साहू ने बताया कि जलभराव के कारण रोजाना कारोबार प्रभावित हो रहा है। व्यापारी राजकमल मांजू, रमाशंकर कौशल और नवीन ने बताया कि पूरी मंडी महज दो हैंडपंपों के सहारे चल रही है, जबकि मंडी की सड़कें दलदल में तब्दील हो चुकी हैं।
किसान राकेश कुशवाहा, नरगेन, राजीव, राधेश्याम सोनकर और कमलेश कुशवाहा ने बताया कि गड्ढों में वाहन फंसने और पलटने से सब्जियां बर्बाद हो रही हैं। वहीं पल्लेदार योगराज और अखिलेश ने कहा कि एक क्विंटल तक का बोझ उठाकर कीचड़ भरी सड़कों पर चलना किसी खतरे से कम नहीं है।
पांच साल से बंद पड़ा सार्वजनिक शौचालय
मंडी परिसर में करीब पांच वर्ष पहले बनाया गया सार्वजनिक शौचालय भी आज तक बंद पड़ा है। इसके चलते महिला किसानों और कर्मचारियों को खुले में शौच जाने की मजबूरी बनी हुई है। किसानों और व्यापारियों ने मंडी की मूलभूत समस्याओं का जल्द समाधान कराने की मांग की है।
निरीक्षण के दौरान मुन्ना सोनकर, बबोल सोनकर, शिवबाबू पटेल, सुशील केसरवानी, महेंद्र सोनकर, दिनेश कुशवाहा और सीताराम केसरवानी समेत बड़ी संख्या में किसान और व्यापारी मौजूद रहे। सभी ने जल निकासी, सड़क, बिजली, शौचालय और साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग उठाई।
    user_RAMBABU PATEL
    RAMBABU PATEL
    Insurance Agent Bara, Prayagraj•
    21 hrs ago
  • बारिश में तालाब बनी जसरा सब्जी मंडी, कीचड़ और जलभराव से कारोबार बेहाल बारिश में तालाब बनी जसरा सब्जी मंडी, कीचड़ और जलभराव से कारोबार बेहाल जसरा। यमुनापार की सबसे बड़ी नवीन सब्जी मंडी जसरा लगातार बारिश के बाद बदहाल व्यवस्थाओं की तस्वीर पेश कर रही है। मंडी परिसर में महीनों से जलभराव की समस्या बनी हुई है। सड़कें कीचड़ से पट गई हैं, जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भरा है और दुर्गंध के कारण व्यापारी, किसान व पल्लेदार परेशान हैं। प्रतिदिन करोड़ों रुपये का कारोबार करने वाली मंडी में अव्यवस्थाओं के बीच कामकाज संचालित हो रहा है। अंधेरे में लोडिंग-अनलोडिंग, पल्लेदार को सांप ने डंसा मंडी परिसर की बिजली व्यवस्था भी लंबे समय से खराब पड़ी है। रात के समय आने वाले ट्रकों से सब्जियों की लोडिंग-अनलोडिंग अंधेरे में करनी पड़ती है। व्यापारियों के मुताबिक करीब एक सप्ताह पहले अंधेरे में काम कर रहे एक पल्लेदार को सांप ने डंस लिया था। उसकी हालत गंभीर होने पर उपचार कराया गया, जिसके बाद उसकी जान बच सकी। निरीक्षण कर तैयार किया गया प्रस्ताव बुधवार को मंडी सचिव श्यामलाल पटेल ने मंडी परिषद के जेई के साथ मंडी परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने जल निकासी, नाली निर्माण, जर्जर सड़कों की मरम्मत और चट्टों पर लगे टीनशेड की मरम्मत समेत विभिन्न समस्याओं का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद आवश्यक कार्यों का आकलन कर प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा गया है। कारोबार प्रभावित, दो हैंडपंप के सहारे मंडी आढ़ती रामचंद्र सोनकर, पंचराज कुशवाहा और मंडी अध्यक्ष अजय साहू ने बताया कि जलभराव के कारण रोजाना कारोबार प्रभावित हो रहा है। व्यापारी राजकमल मांजू, रमाशंकर कौशल और नवीन ने बताया कि पूरी मंडी में पेयजल के लिए केवल दो हैंडपंप हैं, जबकि परिसर की सड़कें दलदल में तब्दील हो चुकी हैं। गड्ढों में फंस रहे वाहन, बर्बाद हो रही सब्जियां किसान राकेश कुशवाहा, नरगेन, राजीव, राधेश्याम सोनकर और कमलेश कुशवाहा ने बताया कि मंडी की जर्जर सड़कों और गड्ढों के कारण वाहन फंसने के साथ ही पलट भी जाते हैं। इससे किसानों की सब्जियां खराब होकर बर्बाद हो रही हैं और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। पल्लेदार योगराज और अखिलेश ने कहा कि एक क्विंटल तक का बोझ उठाकर कीचड़ और पानी के बीच चलना बेहद जोखिम भरा है। फिसलन के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। पांच साल पहले बना शौचालय अब तक बंद मंडी परिसर में करीब पांच वर्ष पहले सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया था, लेकिन आज तक वह बंद पड़ा है। शौचालय की सुविधा न होने से महिला किसानों और कर्मचारियों को खुले में शौच जाने की मजबूरी है। व्यापारियों और किसानों ने बंद पड़े शौचालय को तत्काल चालू कराने की मांग की है। निरीक्षण के दौरान मुन्ना सोनकर, बबोल सोनकर, शिवबाबू पटेल, सुशील केसरवानी, महेंद्र सोनकर, दिनेश कुशवाहा और सीताराम केसरवानी समेत बड़ी संख्या में किसान व व्यापारी मौजूद रहे। सभी ने मंडी की जल निकासी, बिजली, सड़क, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने की मांग की।
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    बारिश में तालाब बनी जसरा सब्जी मंडी, कीचड़ और जलभराव से कारोबार बेहाल
बारिश में तालाब बनी जसरा सब्जी मंडी, कीचड़ और जलभराव से कारोबार बेहाल
जसरा। यमुनापार की सबसे बड़ी नवीन सब्जी मंडी जसरा लगातार बारिश के बाद बदहाल व्यवस्थाओं की तस्वीर पेश कर रही है। मंडी परिसर में महीनों से जलभराव की समस्या बनी हुई है। सड़कें कीचड़ से पट गई हैं, जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भरा है और दुर्गंध के कारण व्यापारी, किसान व पल्लेदार परेशान हैं। प्रतिदिन करोड़ों रुपये का कारोबार करने वाली मंडी में अव्यवस्थाओं के बीच कामकाज संचालित हो रहा है।
अंधेरे में लोडिंग-अनलोडिंग, पल्लेदार को सांप ने डंसा
मंडी परिसर की बिजली व्यवस्था भी लंबे समय से खराब पड़ी है। रात के समय आने वाले ट्रकों से सब्जियों की लोडिंग-अनलोडिंग अंधेरे में करनी पड़ती है। व्यापारियों के मुताबिक करीब एक सप्ताह पहले अंधेरे में काम कर रहे एक पल्लेदार को सांप ने डंस लिया था। उसकी हालत गंभीर होने पर उपचार कराया गया, जिसके बाद उसकी जान बच सकी।
निरीक्षण कर तैयार किया गया प्रस्ताव
बुधवार को मंडी सचिव श्यामलाल पटेल ने मंडी परिषद के जेई के साथ मंडी परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने जल निकासी, नाली निर्माण, जर्जर सड़कों की मरम्मत और चट्टों पर लगे टीनशेड की मरम्मत समेत विभिन्न समस्याओं का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद आवश्यक कार्यों का आकलन कर प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा गया है।
कारोबार प्रभावित, दो हैंडपंप के सहारे मंडी
आढ़ती रामचंद्र सोनकर, पंचराज कुशवाहा और मंडी अध्यक्ष अजय साहू ने बताया कि जलभराव के कारण रोजाना कारोबार प्रभावित हो रहा है। व्यापारी राजकमल मांजू, रमाशंकर कौशल और नवीन ने बताया कि पूरी मंडी में पेयजल के लिए केवल दो हैंडपंप हैं, जबकि परिसर की सड़कें दलदल में तब्दील हो चुकी हैं।
गड्ढों में फंस रहे वाहन, बर्बाद हो रही सब्जियां
किसान राकेश कुशवाहा, नरगेन, राजीव, राधेश्याम सोनकर और कमलेश कुशवाहा ने बताया कि मंडी की जर्जर सड़कों और गड्ढों के कारण वाहन फंसने के साथ ही पलट भी जाते हैं। इससे किसानों की सब्जियां खराब होकर बर्बाद हो रही हैं और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पल्लेदार योगराज और अखिलेश ने कहा कि एक क्विंटल तक का बोझ उठाकर कीचड़ और पानी के बीच चलना बेहद जोखिम भरा है। फिसलन के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
पांच साल पहले बना शौचालय अब तक बंद
मंडी परिसर में करीब पांच वर्ष पहले सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया था, लेकिन आज तक वह बंद पड़ा है। शौचालय की सुविधा न होने से महिला किसानों और कर्मचारियों को खुले में शौच जाने की मजबूरी है। व्यापारियों और किसानों ने बंद पड़े शौचालय को तत्काल चालू कराने की मांग की है।
निरीक्षण के दौरान मुन्ना सोनकर, बबोल सोनकर, शिवबाबू पटेल, सुशील केसरवानी, महेंद्र सोनकर, दिनेश कुशवाहा और सीताराम केसरवानी समेत बड़ी संख्या में किसान व व्यापारी मौजूद रहे। सभी ने मंडी की जल निकासी, बिजली, सड़क, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने की मांग की।
    user_Mohd Kamar
    Mohd Kamar
    Financial Advisor बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • यमुनापार की सबसे बड़ी नवीन सब्जी मंडी जसरा झील में तब्दील, करोड़ों का कारोबार ठप्प, अवैध वसूली का आरोप यमुनापार की सबसे बड़ी नवीन सब्जी मंडी जसरा झील में तब्दील, करोड़ों का कारोबार ठप न नाली, न सड़क न ही पीने योग्य पानी की व्यवस्था,और न ही शौचालय - किसान, व्यापारी, पल्लेदार सब परेशान, मंडी सचिव पर अवैध वसूली का आरोप जसरा प्रयागराज।यमुनापार की सबसे बड़ी नवीन सब्जी मंडी जसरा लगातार हो रही बारिश के बाद पूरी तरह झील में तब्दील हो गई है। बुधवार को मंडी परिषद कार्यालय समेत पूरा मंडी परिसर जलभराव और कीचड़ से घिरा रहा। प्रतिदिन करोड़ों रुपये के कारोबार वाली इस मंडी में व्यापार पूरी तरह ठप नजर आ रहा है, जिससे किसान, व्यापारी, आढ़ती और पल्लेदार सभी भारी परेशानी झेल रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत इस समय पल्लेदारों को हो रही है। उन्हें 50 किलो से लेकर एक क्विंटल तक का वजन कीचड़ और पानी में से होकर ले जाना पड़ता है, जहां फिसलकर गिरने से वे चोटिल हो रहे हैं। सारा व्यापार ठप पड़ा है। व्यापारियों का कहना है कि इस तरह के जलभराव में कई सब्जियां बर्बाद हो रही हैं और बिक्री नहीं हो पा रही है। बारिश की वजह से सब्जियों के दाम भी आसमान छू रहे हैं। वहीं आढ़तियों का कहना है कि जल निकासी की कोई व्यवस्था न होने के कारण पूरे मंडी परिसर में जलभराव और कीचड़ की स्थिति बनी हुई है। इसकी कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से मंडी सचिव एवं उच्च अधिकारियों को जानकारी दी गई, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। आढ़तियों का आरोप है कि हम लोगों से पूरा मंडी शुल्क जमा कराया जाता है, लेकिन बदले में कोई सुविधा नहीं दी जाती। मंडी में न तो नाली है, न पक्की सड़क और न ही शौचालय की व्यवस्था है।मंडी का ट्रांसफार्मर भी एक महीने से जला पड़ा है, लेकिन मंडी सचिव की लापरवाही से अभी तक बदला नहीं जा सका है। आरोप है कि मंडी सचिव का ध्यान सिर्फ अवैध वसूली में लगा रहता है, उन्हें मंडी परिसर में आढ़तियों और व्यापारियों की समस्याओं से कोई मतलब नहीं है। मंडी में शौचालय करीब पांच साल पहले बनकर तैयार हो गया था, लेकिन वह आज भी सिर्फ शो-पीस बनकर रह गया है और मंडी सचिव की लापरवाही से आज तक चालू नहीं कराया जा सका। ग्रामीणों और व्यापारियों ने जिला प्रशासन से तत्काल जल निकासी, सड़क, नाली और शौचालय की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।
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    यमुनापार की सबसे बड़ी नवीन सब्जी मंडी जसरा  झील में तब्दील, करोड़ों का कारोबार ठप्प, अवैध वसूली का आरोप
यमुनापार की सबसे बड़ी नवीन सब्जी मंडी जसरा झील में तब्दील, करोड़ों का कारोबार ठप
न नाली, न सड़क न ही पीने योग्य पानी की व्यवस्था,और न ही शौचालय - किसान, व्यापारी, पल्लेदार सब परेशान, मंडी सचिव पर अवैध वसूली का आरोप
जसरा प्रयागराज।यमुनापार की सबसे बड़ी नवीन सब्जी मंडी जसरा लगातार हो रही बारिश के बाद पूरी तरह झील में तब्दील हो गई है। बुधवार को मंडी परिषद कार्यालय समेत पूरा मंडी परिसर जलभराव और कीचड़ से घिरा रहा। प्रतिदिन करोड़ों रुपये के कारोबार वाली इस मंडी में व्यापार पूरी तरह ठप नजर आ रहा है, जिससे किसान, व्यापारी, आढ़ती और पल्लेदार सभी भारी परेशानी झेल रहे हैं।
सबसे ज्यादा दिक्कत इस समय पल्लेदारों को हो रही है। उन्हें 50 किलो से लेकर एक क्विंटल तक का वजन कीचड़ और पानी में से होकर ले जाना पड़ता है, जहां फिसलकर गिरने से वे चोटिल हो रहे हैं। सारा व्यापार ठप पड़ा है।
व्यापारियों का कहना है कि इस तरह के जलभराव में कई सब्जियां बर्बाद हो रही हैं और बिक्री नहीं हो पा रही है। बारिश की वजह से सब्जियों के दाम भी आसमान छू रहे हैं।
वहीं आढ़तियों का कहना है कि जल निकासी की कोई व्यवस्था न होने के कारण पूरे मंडी परिसर में जलभराव और कीचड़ की स्थिति बनी हुई है। इसकी कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से मंडी सचिव एवं उच्च अधिकारियों को जानकारी दी गई, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
आढ़तियों का आरोप है कि हम लोगों से पूरा मंडी शुल्क जमा कराया जाता है, लेकिन बदले में कोई सुविधा नहीं दी जाती। मंडी में न तो नाली है, न पक्की सड़क और न ही शौचालय की व्यवस्था है।मंडी का ट्रांसफार्मर भी एक महीने से जला पड़ा है, लेकिन मंडी सचिव की लापरवाही से अभी तक बदला नहीं जा सका है।
आरोप है कि मंडी सचिव का ध्यान सिर्फ अवैध वसूली में लगा रहता है, उन्हें मंडी परिसर में आढ़तियों और व्यापारियों की समस्याओं से कोई मतलब नहीं है। मंडी में शौचालय करीब पांच साल पहले बनकर तैयार हो गया था, लेकिन वह आज भी सिर्फ शो-पीस बनकर रह गया है और मंडी सचिव की लापरवाही से आज तक चालू नहीं कराया जा सका।
ग्रामीणों और व्यापारियों ने जिला प्रशासन से तत्काल जल निकासी, सड़क, नाली और शौचालय की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।
    user_रवीन्द्र श्रीवास्तव
    रवीन्द्र श्रीवास्तव
    Accountant बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    1 day ago
  • सिविल लाइन एजी ऑफिस के पास बीती रात एक रेस्टोरेंट मे खाने को लेकर हुआ विवाद अधिवक्ताओं ने गिरफ्तारी को लेकर किया चक्का जाम सिविल लाइन एजी ऑफिस के पास बीती रात एक रेस्टोरेंट मे खाने को लेकर हुआ विवाद अधिवक्ताओं ने गिरफ्तारी को लेकर किया चक्का जाम
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    सिविल लाइन एजी ऑफिस के पास बीती रात एक रेस्टोरेंट मे खाने को लेकर हुआ विवाद 
अधिवक्ताओं ने गिरफ्तारी को लेकर किया चक्का जाम
सिविल लाइन एजी ऑफिस के पास बीती रात एक रेस्टोरेंट मे खाने को लेकर हुआ विवाद 
अधिवक्ताओं ने गिरफ्तारी को लेकर किया चक्का जाम
    user_राजेश कुमार
    राजेश कुमार
    रिपोर्टर मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    31 min ago
  • कुएं में गिरी भैंस, मेजा फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद निकाला सुरक्षित कुएं में गिरी भैंस, मेजा फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद निकाला सुरक्षित मेजा, प्रयागराज। मेजा थाना क्षेत्र के परानीपुर पश्चिम टोला में गुरुवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक पुराने कुएं में भैंस गिर गई। ग्रामीणों की सूझबूझ और फायर ब्रिगेड की तत्परता से भैंस को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार परानीपुर पश्चिम टोला निवासी रेवती रमन यादव पुत्र स्वर्गीय मगरू यादव की भैंस रोज की तरह चरने के लिए घर से निकली थी। गांव के बाहर स्थित एक पुराने और जर्जर कुएं के पास हरा चारा देखकर भैंस उसकी ओर बढ़ गई और असंतुलित होकर अचानक गहरे कुएं में जा गिरी। भैंस के गिरने की आवाज सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे लोगों ने मौके पर पहुंचकर देखा तो कुएं के अंदर भैंस छटपटा रही थी। घटना की सूचना परिजनों को दी गई। परिजनों ने बिना देर किए मेजा फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही मेजा फायर स्टेशन से टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हो गई। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने स्थिति का जायजा लिया। कुआं काफी पुराना और गहरा होने के कारण रेस्क्यू में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। टीम ने कुएं के चारों ओर रस्सी और सीढ़ी के सहारे मोर्चा संभाला। लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने सूझबूझ का परिचय देते हुए भैंस को बांधकर सुरक्षित रूप से कुएं से बाहर निकाल लिया। इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन में मेजा फायर ब्रिगेड के प्रभारी सिया सरन सिंह के नेतृत्व में फायर कर्मी गंगाराम यादव, गिरजेश, रणजीत चौहान और देवेंद्र दुबे शामिल रहे। सभी ने टीम वर्क और साहस का परिचय दिया। उपस्थित ग्रामीणों में इंद्रेश यादव, आकाश शुक्ला, विक्रम यादव मदन पटेल मंजेश यादव दीपक सिंह गिरिजा यादव आकाश पटेल सहित कोई लोग मौजूद रहे भैंस के सकुशल बाहर निकलते ही पशु पालक रेवती रमन यादव और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और फायर ब्रिगेड टीम की सराहना की। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में मौजूद ऐसे पुराने और खुले कुओं को या तो बंद कराया जाए या उनके चारों ओर बाउंड्री बनाई जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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    कुएं में गिरी भैंस, मेजा फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद निकाला सुरक्षित
कुएं में गिरी भैंस, मेजा फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद निकाला सुरक्षित
मेजा, प्रयागराज। मेजा थाना क्षेत्र के परानीपुर पश्चिम टोला में गुरुवार  को उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक पुराने कुएं में भैंस गिर गई। ग्रामीणों की सूझबूझ और फायर ब्रिगेड की तत्परता से भैंस को सकुशल बाहर निकाल लिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार परानीपुर पश्चिम टोला निवासी रेवती रमन यादव पुत्र स्वर्गीय मगरू यादव की भैंस रोज की तरह चरने के लिए घर से निकली थी। गांव के बाहर स्थित एक पुराने और जर्जर कुएं के पास हरा चारा देखकर भैंस उसकी ओर बढ़ गई और असंतुलित होकर अचानक गहरे कुएं में जा गिरी। भैंस के गिरने की आवाज सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे लोगों ने मौके पर पहुंचकर देखा तो कुएं के अंदर भैंस छटपटा रही थी।
घटना की सूचना परिजनों को दी गई। परिजनों ने बिना देर किए मेजा फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही मेजा फायर स्टेशन से टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हो गई।
मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने स्थिति का जायजा लिया। कुआं काफी पुराना और गहरा होने के कारण रेस्क्यू में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। टीम ने कुएं के चारों ओर रस्सी और सीढ़ी के सहारे मोर्चा संभाला। लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने सूझबूझ का परिचय देते हुए भैंस को बांधकर सुरक्षित रूप से कुएं से बाहर निकाल लिया।
इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन में मेजा फायर ब्रिगेड के प्रभारी सिया सरन सिंह के नेतृत्व में फायर कर्मी गंगाराम यादव, गिरजेश, रणजीत चौहान और देवेंद्र दुबे शामिल रहे। सभी ने टीम वर्क और साहस का परिचय दिया। उपस्थित ग्रामीणों में इंद्रेश यादव, आकाश शुक्ला, विक्रम यादव मदन पटेल मंजेश यादव दीपक सिंह गिरिजा यादव आकाश पटेल सहित कोई लोग मौजूद रहे
भैंस के सकुशल बाहर निकलते ही पशु पालक रेवती रमन यादव और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और फायर ब्रिगेड टीम की सराहना की। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में मौजूद ऐसे पुराने और खुले कुओं को या तो बंद कराया जाए या उनके चारों ओर बाउंड्री बनाई जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
    user_Dhananjay Prajapati
    Dhananjay Prajapati
    Artist Meja, Prayagraj•
    1 hr ago
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