झालावाड़ में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में ट्रैफिक पुलिस ने एक विशेष अभियान शुरू किया है। इसी क्रम में ट्रैफिक थाना प्रभारी हरीश शर्मा ने अपनी टीम के साथ खंडिया चौराहे से झिरनिया तक सर्विस लाइन का निरीक्षण किया। इस दौरान सड़क किनारे और सर्विस लाइन पर नियमों के विरुद्ध खड़े वाहनों का जायजा लिया गया तथा वाहन चालकों और दुकानदारों को निर्धारित स्थान पर ही अपने वाहन पार्क करने की समझाइश दी गई। ट्रैफिक थाना प्रभारी हरीश शर्मा ने बताया कि अगले दो दिनों तक केवल जागरूकता और समझाइश का अभियान चलाया जाएगा, ताकि लोग स्वेच्छा से नियमों का पालन करें। इसके बाद भी यदि सर्विस लाइन या सड़क किनारे अवैध रूप से वाहन खड़े मिले, तो उनके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान काटने और आवश्यकता पड़ने पर अन्य कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। ट्रैफिक पुलिस ने आमजन, व्यापारियों और वाहन चालकों से सहयोग की अपील करते हुए निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करने को कहा है ताकि जाम की स्थिति न बने।
झालावाड़ में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में ट्रैफिक पुलिस ने एक विशेष अभियान शुरू किया है। इसी क्रम में ट्रैफिक थाना प्रभारी हरीश शर्मा ने अपनी टीम के साथ खंडिया चौराहे से झिरनिया तक सर्विस लाइन का निरीक्षण किया। इस दौरान सड़क किनारे और सर्विस लाइन पर नियमों के विरुद्ध खड़े वाहनों का जायजा लिया गया तथा वाहन चालकों और दुकानदारों को निर्धारित स्थान पर ही अपने वाहन पार्क करने की समझाइश दी गई। ट्रैफिक थाना प्रभारी हरीश शर्मा ने बताया कि अगले दो दिनों तक केवल जागरूकता और समझाइश का अभियान चलाया जाएगा, ताकि लोग स्वेच्छा से नियमों का पालन करें। इसके बाद भी यदि सर्विस लाइन या सड़क किनारे अवैध रूप से वाहन खड़े मिले, तो उनके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान काटने और आवश्यकता पड़ने पर अन्य कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। ट्रैफिक पुलिस ने आमजन, व्यापारियों और वाहन चालकों से सहयोग की अपील करते हुए निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करने को कहा है ताकि जाम की स्थिति न बने।
- कोटा जिले के रामगंजमंडी के मोड़क क्षेत्र सहित ढाबादेह, गणेशपुरा, बड़ोदिया कलां, हमाऊ, धायपुरा, पीपल्दा, मिनयाखेडी और कूकड़ा ख़ान सहित अन्य ग्रामीण इलाकों में मंगलवार सुबह 5 बजे से बारिश का दौर शुरू हुआ। पिछले कई दिनों से बारिश न होने के कारण खेतों में बोई गई सोयाबीन, मक्का और उड़द की फसलें मुरझाने लगी थीं, जिससे किसान काफी परेशान थे और बारिश की राह देख रहे थे। करीब 8 घंटे तक चली इस बारिश से फसलों को नया जीवन मिला है, जिससे किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं। बारिश की कामना को लेकर क्षेत्र के किसान लगातार देवी-देवताओं को प्रसन्न करने में जुटे थे और घास भेरु की सवारी भी निकाली जा रही थी। दिनभर कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश का सिलसिला जारी रहने से मौसम के तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस बारिश के कारण खेत-खलिहान पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं, सड़कें दरिया बन चुकी हैं और नदी-नालों में पानी की आवक शुरू हो गई है, जिससे आम लोगों को बड़ी राहत मिली है।4
- कोटा जिले के रामगंजमंडी क्षेत्र में कई दिनों से मानसून रूठा हुआ है, जिससे किसान अपनी फसलों को लेकर बेहद चिंतित हैं। यदि समय पर बरसात नहीं हुई तो फसलें चौपट हो जाएंगी और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। इसी चिंता के बीच, अच्छी वर्षा की कामना के लिए रविवार को सातलखेड़ी कस्बे के लोगों ने गांव के बाहर भोजन बनाया और देवी-देवताओं की विशेष पूजा-अर्चना की। इसी पारंपरिक मान्यता के तहत, सोमवार को इंद्र देवता को मनाने और क्षेत्र में अच्छी बारिश के लिए सभी ग्रामीणों ने मिलकर घांस भेरुजी की सवारी निकाली। इस अनूठी सवारी के दौरान महिलाएं सबसे आगे रस्सी से घांस भेरुजी को खींचकर चल रही थीं, जबकि पुरुष और बच्चे पीछे-पीछे श्रद्धापूर्वक जयकारे लगाते हुए साथ चल रहे थे।3
- अरावली की लोकदेवी माँ जोगणिया पर केंद्रित उपन्यास 'माँ जोगणियाँ' का भाग-21 सामने आया है। यह उपन्यास पूरी तरह से अरावली की लोकदेवी माँ जोगणिया की पृष्ठभूमि पर आधारित है।1
- झालावाड़ जिले के खानपुर क्षेत्र में स्थित सूमर कस्बे और इसके आसपास के इलाकों में सुबह से ही मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया, जिससे मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। लगातार हुई इस बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंच गई है, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। खेतों में पानी भरने से खरीफ की फसलों, मुख्य रूप से सोयाबीन, मक्का, उड़द और बाजरा को नया जीवनदान मिला है। किसानों का कहना है कि सही समय पर हुई यह बारिश फसलों की बढ़वार के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी और इससे अच्छे उत्पादन की उम्मीद जगी है। बारिश के दौरान ही कई किसान फसलों की स्थिति का जायजा लेने खेतों की तरफ निकल पड़े। दूसरी तरफ, इस लगातार बारिश के कारण कस्बे के कई निचले इलाकों और सड़कों पर जलभराव हो गया, जिसके चलते राहगीरों और वाहन चालकों को आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ी। हालांकि, बारिश से वातावरण में ठंडक घुल गई है और लोगों को उमस व गर्मी से बड़ी राहत मिली है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में भी संतुलित बारिश का यह सिलसिला जारी रहा, तो यह खरीफ सीजन की फसलों के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होगा और इससे उत्पादन में भी सकारात्मक असर देखने को मिलेगा।1
- झालावाड़ के खानपुर उपखंड क्षेत्र में अल सुबह से लगातार झमाझम बारिश का दौर जारी है। इस दौरान पनवाड़ क्षेत्र में करीब 35 मिनट तक तेज बारिश हुई। इस अच्छी बारिश के बाद क्षेत्र के किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई है और उनके चेहरे खिल उठे हैं।1
- कोटा जिले के सांगोद और इसके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आखिरकार लंबे इंतजार के बाद कुदरत का अनोखा करम हुआ है, जिसने क्षेत्र के हजारों अन्नदाताओं के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौटा दी है। बीते करीब बीस दिनों से बारिश की एक-एक बूंद को तरस रही सोयाबीन की सूखती फसल के लिए यह बरसात किसी अमृत और वरदान से कम साबित नहीं हुई है। सांगोद कस्बे सहित समीपवर्ती बपावर और मोईकलां क्षेत्र में सुबह लगभग नौ बजे के आसपास अचानक बादलों की आवाजाही बढ़ी और देखते ही देखते मध्यम गति की बारिश का दौर शुरू हो गया, जिससे किसानों की तमाम चिंताएं धुल गईं। दरअसल, क्षेत्र के किसानों ने लगभग तीन सप्ताह पहले भारी उम्मीदों के साथ अपने खेतों में सोयाबीन की बुवाई की थी, लेकिन बुवाई के बाद से ही मौसम लगातार शुष्क बना हुआ था। लंबे समय से बारिश न होने के कारण खेतों की नमी तेजी से सूखने लगी थी और किसानों की रातों की नींद उड़ चुकी थी। फसल के पूरी तरह से नष्ट होने का खतरा मंडरा रहा था, जिससे पूरा किसान समुदाय बेहद चिंतित और हताश नजर आ रहा था। ऐसे संकट के समय में शुरू हुई इस लगातार और मध्यम गति की बारिश ने खेतों की प्यास बुझाई है और सोयाबीन की फसल को एक नया जीवनदान दे दिया है। मानसून की इस मेहरबानी से अब पूरे क्षेत्र के वातावरण में ठंडक घुल गई है और कृषि गतिविधियों में एक बार फिर से नई ऊर्जा का संचार हो गया है। कृषि विशेषज्ञों और स्थानीय किसानों का मानना है कि समय पर हुई यह बारिश न केवल पौधों की ग्रोथ के लिए बेहद जरूरी थी, बल्कि इससे आने वाले दिनों में फसल की पैदावार भी काफी बेहतर होगी।1
- राजस्थान के बारां जिले के छीपाबड़ौद में महात्मा ज्योतिबा फुले उच्च माध्यमिक विद्यालय में 'ट्रांसफॉर्मेटिव लीगल लिटरेसी एंड सेंसिटाइजेशन प्रोग्राम' के तहत एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बारां के आदेशानुसार तालुका विधिक सेवा समिति, छीपाबड़ौद की ओर से आयोजित किया गया था। शिविर में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित पैनल अधिवक्ता कुंज बिहारी नागर ने रालसा द्वारा प्रेषित बुकलेट का अध्ययन करते हुए छात्र-छात्राओं को नशाखोरी, नशे के दुष्परिणामों और युवाओं में इसके बढ़ते चलन के प्रति आगाह किया। इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और ऑनलाइन साइबर सुरक्षा से जुड़ी बेहद महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर होने वाले साइबर दुर्व्यवहार से बचने के व्यावहारिक उपाय भी बताए और उन्हें नशे से दूर रहने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य सूरज वैष्णव ने छात्र-छात्राओं को इस तरह के विधिक शिविरों की महत्ता से अवगत कराया और उन्हें जीवन में नशाखोरी व साइबर दुर्व्यवहार से बचने की सलाह दी। इस आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के निदेशक पृथ्वीराज सिंह खींची, पैरा लीगल वॉलेंटियर अटल लववंशी, गौरव सिंगारिया और समस्त विद्यालय स्टाफ का विशेष सहयोग रहा।4
- बूंदी के देवपुरा तहसील रोड स्थित एक मकान पर जिला पुलिस ने सुनियोजित तरीके से दबिश देकर देह व्यापार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है और कथित सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। स्थानीय शिकायतों के मिलने के बाद पुलिस ने सबसे पहले बोगस ग्राहक भेजकर सूचना की पुष्टि की, जिसके बाद टीम ने एक साथ मिलकर छापेमारी की। इस कार्रवाई के तहत मुख्य संचालक, 15 पुरुषों और बाहर से आईं 7 महिलाओं समेत कुल 23 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मौके से 3 डिजिटल भुगतान मशीनें, नकदी, मोबाइल फोन, कार, बाइक और एक लोडिंग टेम्पो भी जब्त किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम (पीटा एक्ट) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है, और पुलिस पूरे नेटवर्क व वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है।1