सागर जिले की बीना में ग्रामीण कांग्रेस संगठन मंत्री पी.पी. नायक के आह्वान पर महंगाई के विरोध में एक बड़ा प्रदर्शन किया गया। यह विरोध प्रदर्शन सर्वोदय चौराहा से अंबेडकर तिराहा तक ट्रैक्टर पर पंजा मशीन और बैलगाड़ी लेकर निकाले गए जुलूस के साथ शुरू हुआ। प्रदर्शनकारियों ने पेट्रोल पंप पर पहुंचकर भी विरोध दर्ज कराया और राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार अंबर पंथी को महंगाई के खिलाफ एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान समस्त कांग्रेसजनों ने "सखी सैंय्या बहुत कामत है, महंगाई डायन खाए जात है" के नारे लगाते हुए महंगाई के खिलाफ जमकर हल्ला बोला। कार्यक्रम के आयोजक पूर्व जिला संगठन मंत्री पी.पी. नायक ने कहा कि लगातार बढ़ रही डीजल-पेट्रोल की कीमतें गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों पर बुरा असर डाल रही हैं, जिससे आम जनता का जीना दुश्वार हो गया है और किसानों की हालत बेहद खराब है। शहर अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने बताया कि किसानों को उनकी उपज की सही समय पर तुलाई और उचित दाम नहीं मिल रहा है, वहीं डीजल ₹99 प्रति लीटर और पेट्रोल ₹114 प्रति लीटर तक पहुंच गया है, जिससे रोजमर्रा की खाने-पीने की वस्तुएं भी महंगी होती जा रही हैं। युवक कांग्रेस अध्यक्ष महेश व्यास ने नरेंद्र मोदी के पुराने बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि जब रुपया डॉलर के मुकाबले गिरता है तो प्रधानमंत्री की साख भी गिरती है, और अब उन्होंने प्रधानमंत्री से अपनी साख बचाने का आग्रह किया। अशोक परिहार ने रसोई गैस, खाने का तेल, दालें, शक्कर और चावल सहित सभी चीजों के दाम दिन-ब-दिन बढ़ने की बात कही, जबकि उमा नवैया ने सब्जियों के बढ़ते दामों का जिक्र करते हुए कहा कि इससे गरीब जनता की थाली से दो वक्त का भोजन गायब हो रहा है। इस विरोध प्रदर्शन में निर्भय सिंह ठाकुर, अनुराग ठाकुर पंकज यादव, भाव सिंह नरेंद्र सिंह ठाकुर, चंद्रशेखर बबलू राज, ओम प्रकाश पासु, प्रभु दयाल सोनी, एडवोकेट हरि नारायण कुशवाहा, प्रशांत राय, देवदत्त तिवारी, निदान जैन, सुखलाल बाबू, ममता अहिरवार, प्रमोद राय, सतीश तिवारी, शिवकुमार मोतीलाल अहिरवार, उमा नवैया, महेंद्र नवैया, विक्रांत गोलंदाज, मोनू खान, खुशी लाल अहिरवार, देवेंद्र नायक, देवेश शाह, राकेश तिवारी, एडवोकेट राजा राम अहिरवार, एडवोकेट कृष्णा केथोरिया, मोहिनी कश्यप, कविता नाहर, शिवानी बौद्ध, प्रकाश बजाज, विवेक पोरिया, रोहित जैन, देवेंद्र कुशवाहा, आलोक कटारिया समेत कई कांग्रेसजन विशेष रूप से उपस्थित रहे। जिला कांग्रेस के पूर्व संगठन मंत्री के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में महंगाई के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज किया गया।
सागर जिले की बीना में ग्रामीण कांग्रेस संगठन मंत्री पी.पी. नायक के आह्वान पर महंगाई के विरोध में एक बड़ा प्रदर्शन किया गया। यह विरोध प्रदर्शन सर्वोदय चौराहा से अंबेडकर तिराहा तक ट्रैक्टर पर पंजा मशीन और बैलगाड़ी लेकर निकाले गए जुलूस के साथ शुरू हुआ। प्रदर्शनकारियों ने पेट्रोल पंप पर पहुंचकर भी विरोध दर्ज कराया और राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार अंबर पंथी को महंगाई के खिलाफ एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान समस्त कांग्रेसजनों ने "सखी सैंय्या बहुत कामत है, महंगाई डायन खाए जात है" के नारे लगाते हुए महंगाई के खिलाफ जमकर हल्ला बोला। कार्यक्रम के आयोजक पूर्व जिला संगठन
मंत्री पी.पी. नायक ने कहा कि लगातार बढ़ रही डीजल-पेट्रोल की कीमतें गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों पर बुरा असर डाल रही हैं, जिससे आम जनता का जीना दुश्वार हो गया है और किसानों की हालत बेहद खराब है। शहर अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने बताया कि किसानों को उनकी उपज की सही समय पर तुलाई और उचित दाम नहीं मिल रहा है, वहीं डीजल ₹99 प्रति लीटर और पेट्रोल ₹114 प्रति लीटर तक पहुंच गया है, जिससे रोजमर्रा की खाने-पीने की वस्तुएं भी महंगी होती जा रही हैं। युवक कांग्रेस अध्यक्ष महेश व्यास ने नरेंद्र मोदी के पुराने
बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि जब रुपया डॉलर के मुकाबले गिरता है तो प्रधानमंत्री की साख भी गिरती है, और अब उन्होंने प्रधानमंत्री से अपनी साख बचाने का आग्रह किया। अशोक परिहार ने रसोई गैस, खाने का तेल, दालें, शक्कर और चावल सहित सभी चीजों के दाम दिन-ब-दिन बढ़ने की बात कही, जबकि उमा नवैया ने सब्जियों के बढ़ते दामों का जिक्र करते हुए कहा कि इससे गरीब जनता की थाली से दो वक्त का भोजन गायब हो रहा है। इस विरोध प्रदर्शन में निर्भय सिंह ठाकुर, अनुराग ठाकुर पंकज यादव, भाव सिंह नरेंद्र सिंह ठाकुर,
चंद्रशेखर बबलू राज, ओम प्रकाश पासु, प्रभु दयाल सोनी, एडवोकेट हरि नारायण कुशवाहा, प्रशांत राय, देवदत्त तिवारी, निदान जैन, सुखलाल बाबू, ममता अहिरवार, प्रमोद राय, सतीश तिवारी, शिवकुमार मोतीलाल अहिरवार, उमा नवैया, महेंद्र नवैया, विक्रांत गोलंदाज, मोनू खान, खुशी लाल अहिरवार, देवेंद्र नायक, देवेश शाह, राकेश तिवारी, एडवोकेट राजा राम अहिरवार, एडवोकेट कृष्णा केथोरिया, मोहिनी कश्यप, कविता नाहर, शिवानी बौद्ध, प्रकाश बजाज, विवेक पोरिया, रोहित जैन, देवेंद्र कुशवाहा, आलोक कटारिया समेत कई कांग्रेसजन विशेष रूप से उपस्थित रहे। जिला कांग्रेस के पूर्व संगठन मंत्री के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में महंगाई के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज किया गया।
- मंगलवार को सागर कलेक्टर कार्यालय परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक ने पवित्र रामचरितमानस को आग लगा दी और फिर खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता के कारण एक बड़ी घटना टल गई। जैसीनगरा थाना क्षेत्र के निवासी बहादुर चढ़ार नामक युवक ने गांव के ही मुन्ना बुंदेला पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित बहादुर का कहना है कि मुन्ना बुंदेला लंबे समय से उसके साथ दुर्व्यवहार कर रहा था और एक बार तो उसे अपने घर ले जाकर खाने में पेशाब मिलाकर जबरन वही भोजन खिलाया। बहादुर चढ़ार का आरोप है कि उसने इस मामले में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से लंबे समय से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। इसी उपेक्षा से नाराज़ होकर, युवक ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध स्वरूप रामचरितमानस को आग लगाई और फिर आत्मदाह का प्रयास किया। इस घटना के बाद परिसर में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन मौजूद लोगों ने तत्काल युवक को बचाकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंची। बताया गया है कि एसडीएम अमन मिश्रा ने युवक की शिकायत सुनी और मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।4
- ललितपुर में आज तीन अलग-अलग जगहों पर हुए सड़क हादसों में 6 लोगों की मौत हो गई है तथा कुछ लोग घायल हैं जिनका इलाज ललितपुर के जिला चिकित्सालय में चल रहा है तो वहीं कुछ लोगों को झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है. आज की पहली घटना ललितपुर जिले के थाना जखौरा अंतर्गत बांसी पुलिस चौकी की ठीक सामने ललितपुर झांसी हाईवे पर झांसी की ओर जा रही एक कार और मोटरसाइकिल में भिक्षा टक्कर हो गई टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार समेत मोटरसाइकिल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई जैसा कि आप देख रहे होंगे इन तस्वीरों में इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि टक्कर कितनी भीषण थी यह घटना उसे समय भी जब झांसी की ओर जा रही कार ने मोटरसाइकिल सवार दो सगे भाई और एक चचेरे भाई को करण जोरदार टक्कर मार दी जिससे तीन लोगों की मौत हो गई तथा इस घटना में कार सवार ड्राइवर की भी इलाज के दौरान मौत हो गई इस घटना में टोटल चार लोगों की अब तक मौत हो चुकी है. अब हम बात करने जा रहे हैं दूसरी घटना की दूसरी घटना ललितपुर थाना सदर कोतवाली क्षेत्र के झांसी ललितपुर सागर राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर सुरई घाट इलाके के खिरकापुरा चौराहे की जहां मोटरसाइकिल सवार दो लोगों को एक कंटेनर में कुचल दिया जिससे एक युवक की मौके पर ही मौत हो चुकी है दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया था जिसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है जहां भाई जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है इस घटना का वीडियो वहां हाईवे पर लगे सीसीटीवी में कैद हो गया जिसे देखकर लगता है मोटरसाइकिल सवार युवकों की कितनी बड़ी लापरवाही और चूक रही जो दुर्घटना का मुख्य कारण बनी. अब हम आपको तीसरी घटना बताने जा रहे हैं जहां ललितपुर थाना सदर कोतवाली क्षेत्र के झांसी ललितपुर सागर राष्ट्रीय राजमार्ग नेशनल हाईवे 44 के नेहरू महाविद्यालय के पास एक छात्रा को एक तेज रफ्तार ट्रक में जोरदार टक्कर मार दी थी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी जिसे ललितपुर जिला चिकित्सालय लाया गया था जहां उसकी मौत हो गई. ललितपुर लाइव टीवी आप सभी से अपील करता है कि हाईवे पर अपने टू व्हीलर वाहन सावधानी से चलाएं क्योंकि आपकी छोटी सी लापरवाही आपकी मौत का कारण बन सकती है. जिसका दुख आपके परिवार पर कितना भारी पड़ता है जिसकी आप कल्पना नहीं कर सकते इसलिए हाईवे पर अपने-अपने वाहन को सतर्कतापूर्ण चलाएं क्योंकि जान है तो जहान है.2
- मध्य प्रदेश के रीवा में पुलिस वाहन से शराब लेते हुए पुलिसकर्मी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। इस वीडियो ने ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा शराबखोरी किए जाने के आरोपों की पोल खोल दी है, जिससे पुलिस प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं। वायरल वीडियो गंगेव स्थित एक शराब दुकान के सामने का बताया जा रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि डायल 112 का सायरन बजते ही पुलिसकर्मी खुलेआम शराब लेने पहुँच जाते हैं। इस मामले में संज्ञान लेते हुए, वीडियो में शराब लेते हुए दिखे एक आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।1
- मंगलवार को सागर कलेक्ट्रेट परिसर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब जैसीनगर थाना क्षेत्र के निवासी बहादुर चढ़ार नामक एक युवक ने कथित तौर पर पवित्र रामचरितमानस को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद उसने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह करने का प्रयास भी किया, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। युवक बहादुर चढ़ार का आरोप है कि गांव का मुन्ना बुंदेला लंबे समय से उसके साथ दुर्व्यवहार कर रहा था और उसे अपने घर ले जाकर खाने में पेशाब मिलाकर जबरन खिलाया गया। इस गंभीर मामले को लेकर वह लंबे समय से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग कर रहा था, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। इसी से नाराज होकर उसने विरोध स्वरूप कलेक्ट्रेट परिसर में यह कदम उठाया। घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वहां मौजूद लोगों ने तत्काल युवक को पकड़कर बचाया और स्थिति को नियंत्रित किया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। बताया गया है कि एसडीएम अमन मिश्रा ने युवक की शिकायत सुनी और मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- अशोकनगर जिले की ग्राम पंचायत बमनावर में 'जल है तो कल है' के महत्वपूर्ण संदेश के साथ जल संरक्षण एवं संवर्धन हेतु एक विशेष पहल की गई। इस दौरान अशोकनगर कलेक्टर श्री साकेत मालवीय और विधायक ने सामूहिक रूप से श्रमदान कर इस अभियान में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। #जल_गंगा_संवर्धन_अभियान के तहत किए गए इस प्रयास का उद्देश्य सभी को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर सभी नागरिकों से सामूहिक श्रमदान के माध्यम से जल संरक्षण और संवर्धन के प्रयासों में सक्रिय रूप से शामिल होने का आह्वान किया गया।1
- नाबालिग से जुड़े एक रेप के मामले को लेकर बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुछ पुलिस अधिकारी हंसते हुए दिखाई दिए। यह घटना प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुई, जहाँ गंभीर विषय पर चर्चा के दौरान अधिकारियों का यह व्यवहार सामने आया।1
- सागर जिले के बंडा विकासखंड के किरोला गांव में सोमवार को तीन किसान हाईटेंशन लाइन के एक टावर पर चढ़ गए, जहाँ वे काफी देर तक बैठे रहे। यह घटना उल्दन बांध परियोजना से उपजे असंतोष का परिणाम है, जिसके तहत किरोला गांव डूब क्षेत्र में आ गया है। शासन द्वारा प्रभावितों को मुआवजा दिया जा चुका है, लेकिन कुछ लोगों का आरोप है कि उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिला है, इसी बात से नाराज़ होकर इन युवकों ने यह कदम उठाया। टावर पर चढ़े युवकों का कहना है कि शासन और प्रशासन उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो वे कोई बड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और युवकों को नीचे उतरने के लिए समझाने का प्रयास कर रहे हैं। रात करीब आठ बजे तक युवक खंभे से नीचे नहीं उतरे थे और मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। टावर पर चढ़े युवकों की पहचान ब्रजेश यादव, रवि अहिरवार और संजय पटेल के रूप में हुई है।4
- बीना विकासखंड में पिछले छह महीनों से निरंतर आयोजित हो रहा साप्ताहिक जैविक हाट बाजार अब सफलता की एक नई मिसाल बन चुका है। इस बाजार ने किसानों और शहरवासियों दोनों के बीच अपनी एक विशेष पहचान स्थापित की है। शुरुआत में इस जैविक हाट बाजार से केवल 12 किसान जुड़े थे, जो अपनी जैविक सब्जियां और कृषि उत्पाद लेकर आते थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 16 किसानों तक पहुँच गई है। यह बाजार हर रविवार सुबह 7 बजे से शुरू हो जाता है और गर्मी के मौसम में भी शहरवासी बड़ी उत्सुकता के साथ जैविक सब्जियों की खरीदारी के लिए पहुँचते हैं। बाजार में टमाटर, ककड़ी, गिलकी, लौकी, पालक, पुदीना, धनिया, चुकंदर, नींबू जैसी ताज़ी जैविक सब्जियों के साथ-साथ अंजीर, आम, बेल और पपीता जैसे फल भी उपलब्ध रहते हैं। एक खास बात यह है कि मात्र दो से तीन घंटों के भीतर किसानों के अधिकांश उत्पाद बिक जाते हैं। जैविक हाट बाजार से जुड़े किसानों का कहना है कि उनकी आय में वृद्धि हुई है और लोगों का भरोसा भी जैविक खेती की ओर बढ़ा है। वहीं, शहरवासियों को इस बाजार से ताजी, सुरक्षित और रसायन मुक्त सब्जियां मिल रही हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों को लाभ पहुँच रहा है। कई लोगों ने प्रतिदिन ऐसा जैविक बाजार लगने की इच्छा भी व्यक्त की है ताकि उन्हें रोज ताजी जैविक सब्जियां मिल सकें। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अवधेश राय ने बताया कि किसानों में धीरे-धीरे जैविक खेती के प्रति रुचि बढ़ रही है और बीना शहर के लोग भी इस हाट बाजार का बेसब्री से इंतजार करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह बाजार न केवल किसानों की आय में वृद्धि कर रहा है, बल्कि स्वस्थ समाज और स्वच्छ पर्यावरण की दिशा में भी एक सकारात्मक पहल साबित हो रहा है।4
- सागर शहर में भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच, नगर निगम और स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत पेड़ों की लगातार कटाई से नागरिकों में गहरा रोष व्याप्त है। सड़क चौड़ीकरण, निर्माण कार्यों और सौंदर्यीकरण के नाम पर वर्षों पुराने पेड़ों को काटा जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप शहर का पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है। नागरिकों का कहना है कि जिन सड़कों पर कभी घने पेड़ों की छांव रहती थी, वहाँ अब तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण चलना मुश्किल हो गया है। लगातार कम होती हरियाली का सीधा असर शहर के तापमान पर पड़ रहा है, जिससे वातावरण दिन-प्रतिदिन और अधिक गर्म होता जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, बड़े पेड़ प्राकृतिक रूप से तापमान नियंत्रित करने, प्रदूषण कम करने और ऑक्सीजन प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन विकास कार्यों के नाम पर इन पेड़ों को काटने के बाद पर्याप्त संख्या में नए पौधे न तो लगाए जा रहे हैं और न ही उनका संरक्षण किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि यदि स्मार्ट सिटी परियोजना का उद्देश्य शहर को बेहतर बनाना है, तो फिर हरियाली को खत्म कर कंक्रीट का जंगल क्यों तैयार किया जा रहा है। लोगों का मानना है कि शहर में पहले से ही बढ़ रहा गर्मी का प्रकोप और पेड़ों की अंधाधुंध कटाई आने वाले समय में एक गंभीर पर्यावरणीय संकट पैदा कर सकती है। इसलिए, नागरिक संगठनों और पर्यावरण प्रेमियों ने नगर निगम प्रशासन से आवश्यकता के बिना पेड़ों की कटाई पर तत्काल रोक लगाने और जितने पेड़ काटे जाएं, उससे कई गुना अधिक पौधारोपण कर उनके संरक्षण को सुनिश्चित करने की मांग की है।1