सीतापुर जिले के अटरिया थाना क्षेत्र के रानीपुरवा गांव में बुद्ध प्रतिमा खंडित किए जाने के मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। गांव की एक युवती ने अपने पिता को निर्दोष बताते हुए स्थानीय पुलिस पर बिना किसी गहन जांच के ही कार्रवाई करने का गंभीर आरोप लगाया है। युवती ने अपने परिजनों और अन्य ग्रामीणों के साथ मिलकर प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराने की मांग की है। युवती का आरोप है कि उसके पिता जयराम पुत्र स्वर्गीय मोहनलाल को पुरानी रंजिश के चलते इस मामले में फर्जी तरीके से नामजद किया गया है। जानकारी के अनुसार, बुद्ध प्रतिमा खंडित होने की घटना के बाद प्रतिमा के केयरटेकर ने गांव के ही एक व्यक्ति पर आरोप लगाया था, जिसके बाद पुलिस ने जयराम को हिरासत में लेकर थाने बुलाया था। युवती के परिवार का दावा है कि जयराम के खिलाफ आरोपों के समर्थन में न तो कोई ठोस साक्ष्य उपलब्ध है और न ही कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह सामने आया है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि जानबूझकर उन्हें इस मामले में फंसाकर मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से परेशान किया जा रहा है। परिजनों के अनुसार, करीब 24 घंटे तक थाने में रखने के बाद पुलिस ने बताया कि जयराम के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की गई है, जिसके बाद परिवार ने तहसील पहुंचकर उनकी जमानत कराई। युवती ने अटरिया थानाध्यक्ष को दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि प्रारंभिक सूचना गांव वालों की ओर से अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दी गई थी, लेकिन बाद में व्यक्तिगत रंजिश के कारण उसके पिता और एक अन्य व्यक्ति का नाम मामले में जोड़ दिया गया। पीड़िता ने बताया कि केयरटेकर ने उसके पिता पर प्रतिमा खंडित करने का आरोप लगाया, जबकि घटना के समय केयरटेकर खुद गांव में मौजूद नहीं थे और अपने ससुराल में थे, फिर भी उन्होंने बिना किसी साक्षी या डिजिटल एविडेंस के आरोप लगा दिया। स्थानीय पुलिस ने भी बिना उचित छानबीन व जांच के ही पिता को कसूरवार समझते हुए हिरासत में ले लिया। इस संबंध में युवती ने पुलिस प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, उपलब्ध साक्ष्यों की दोबारा समीक्षा करने और दोषी व निर्दोष की स्पष्ट पहचान कर न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। पुलिस ने प्रार्थना पत्र प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है, और अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सीतापुर जिले के अटरिया थाना क्षेत्र के रानीपुरवा गांव में बुद्ध प्रतिमा खंडित किए जाने के मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। गांव की एक युवती ने अपने पिता को निर्दोष बताते हुए स्थानीय पुलिस पर बिना किसी गहन जांच के ही कार्रवाई करने का गंभीर आरोप लगाया है। युवती ने अपने परिजनों और अन्य ग्रामीणों के साथ मिलकर प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराने की मांग की है। युवती का आरोप है कि उसके पिता जयराम पुत्र स्वर्गीय मोहनलाल को पुरानी रंजिश के चलते इस मामले में फर्जी तरीके से नामजद किया गया है। जानकारी के अनुसार, बुद्ध प्रतिमा खंडित होने की घटना के बाद प्रतिमा के केयरटेकर ने गांव के ही एक व्यक्ति पर आरोप लगाया था, जिसके बाद पुलिस ने जयराम को हिरासत में लेकर थाने बुलाया था। युवती के परिवार का दावा है कि जयराम के खिलाफ आरोपों के समर्थन में न तो कोई ठोस साक्ष्य उपलब्ध है और न ही कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह सामने आया है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि जानबूझकर उन्हें इस मामले में फंसाकर मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से परेशान किया जा रहा है। परिजनों के अनुसार, करीब 24 घंटे तक थाने में रखने के बाद पुलिस ने बताया कि जयराम के
खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की गई है, जिसके बाद परिवार ने तहसील पहुंचकर उनकी जमानत कराई। युवती ने अटरिया थानाध्यक्ष को दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि प्रारंभिक सूचना गांव वालों की ओर से अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दी गई थी, लेकिन बाद में व्यक्तिगत रंजिश के कारण उसके पिता और एक अन्य व्यक्ति का नाम मामले में जोड़ दिया गया। पीड़िता ने बताया कि केयरटेकर ने उसके पिता पर प्रतिमा खंडित करने का आरोप लगाया, जबकि घटना के समय केयरटेकर खुद गांव में मौजूद नहीं थे और अपने ससुराल में थे, फिर भी उन्होंने बिना किसी साक्षी या डिजिटल एविडेंस के आरोप लगा दिया। स्थानीय पुलिस ने भी बिना उचित छानबीन व जांच के ही पिता को कसूरवार समझते हुए हिरासत में ले लिया। इस संबंध में युवती ने पुलिस प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, उपलब्ध साक्ष्यों की दोबारा समीक्षा करने और दोषी व निर्दोष की स्पष्ट पहचान कर न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। पुलिस ने प्रार्थना पत्र प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है, और अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
- सीतापुर जिले के अटरिया थाना क्षेत्र के रानीपुरवा गांव में बुद्ध प्रतिमा खंडित किए जाने के मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। गांव की एक युवती ने अपने पिता को निर्दोष बताते हुए स्थानीय पुलिस पर बिना किसी गहन जांच के ही कार्रवाई करने का गंभीर आरोप लगाया है। युवती ने अपने परिजनों और अन्य ग्रामीणों के साथ मिलकर प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराने की मांग की है। युवती का आरोप है कि उसके पिता जयराम पुत्र स्वर्गीय मोहनलाल को पुरानी रंजिश के चलते इस मामले में फर्जी तरीके से नामजद किया गया है। जानकारी के अनुसार, बुद्ध प्रतिमा खंडित होने की घटना के बाद प्रतिमा के केयरटेकर ने गांव के ही एक व्यक्ति पर आरोप लगाया था, जिसके बाद पुलिस ने जयराम को हिरासत में लेकर थाने बुलाया था। युवती के परिवार का दावा है कि जयराम के खिलाफ आरोपों के समर्थन में न तो कोई ठोस साक्ष्य उपलब्ध है और न ही कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह सामने आया है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि जानबूझकर उन्हें इस मामले में फंसाकर मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से परेशान किया जा रहा है। परिजनों के अनुसार, करीब 24 घंटे तक थाने में रखने के बाद पुलिस ने बताया कि जयराम के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की गई है, जिसके बाद परिवार ने तहसील पहुंचकर उनकी जमानत कराई। युवती ने अटरिया थानाध्यक्ष को दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि प्रारंभिक सूचना गांव वालों की ओर से अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दी गई थी, लेकिन बाद में व्यक्तिगत रंजिश के कारण उसके पिता और एक अन्य व्यक्ति का नाम मामले में जोड़ दिया गया। पीड़िता ने बताया कि केयरटेकर ने उसके पिता पर प्रतिमा खंडित करने का आरोप लगाया, जबकि घटना के समय केयरटेकर खुद गांव में मौजूद नहीं थे और अपने ससुराल में थे, फिर भी उन्होंने बिना किसी साक्षी या डिजिटल एविडेंस के आरोप लगा दिया। स्थानीय पुलिस ने भी बिना उचित छानबीन व जांच के ही पिता को कसूरवार समझते हुए हिरासत में ले लिया। इस संबंध में युवती ने पुलिस प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, उपलब्ध साक्ष्यों की दोबारा समीक्षा करने और दोषी व निर्दोष की स्पष्ट पहचान कर न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। पुलिस ने प्रार्थना पत्र प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है, और अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।2
- ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा द्वारा जारी यूपी दिनभर की 15 बड़ी खबरों के तहत तीन प्रमुख घटनाएँ सामने आई हैं। इनमें एक माँ अपने शहीद बेटे का आखिरी बार चेहरा नहीं देख पाई, चीनी माँझे के कारण एक गंभीर हादसा हुआ, और श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दान की रकम में कथित हेराफेरी की जाँच के लिए एक विशेष टीम ने पड़ताल शुरू कर दी है। शहीद बेटे का आखिरी बार चेहरा नहीं देख पाने का यह भावुक प्रकरण शहीदों के सम्मान और उनके पार्थिव शरीर को घर पहुँचाने से जुड़े कुछ मामलों को उजागर करता है, जहाँ परिवारों को अत्यधिक पीड़ा का सामना करना पड़ा है। इसी क्रम में, बरेली सहित उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में चीनी माँझे के इस्तेमाल से जानलेवा हादसे लगातार हो रहे हैं। हाल ही में एक दर्दनाक घटना में एक मंत्री के भतीजे की गर्दन माँझे से कटने की गंभीर बात सामने आई है, जिसके बाद प्रशासन इस पर सख्त कदम उठाने पर विचार कर रहा है। वहीं, अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दान की रकम में हेराफेरी और गबन के आरोपों की जाँच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) अयोध्या पहुँच चुकी है और उसने अपनी पड़ताल शुरू कर दी है। इस मामले में ट्रस्ट और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी गहन जाँच में जुटे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है। चोरों ने एक घर में सेंधमारी कर ₹3 लाख के जेवर और नकदी चुरा ली। बताया गया है कि घटना के समय घर के सभी सदस्य सो रहे थे। चोर दीवार फांदकर घर में घुसे और फिर चोरी को अंजाम देकर फरार हो गए।1
- सिधौली के अटरिया क्षेत्र स्थित बेरसापुर के बालेश्वर धाम में स्नान के दौरान लखनऊ निवासी मोहित यादव गोमती नदी में लापता हो गए हैं। सूचना मिलते ही गोताखोरों की टीम लगातार उनकी तलाश में जुटी हुई है। मोहित यादव अभी तक लापता हैं।1
- भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुशासन, सेवा और समर्पण के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में, सण्डीला नगर मंडल ने हरदोई के सण्डीला स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक अलका सिंह अर्कवंशी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अमित गुप्ता विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। नगर अध्यक्ष नितीश जायसवाल ‘रमन’ ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, और शिविर का आयोजन सीएचसी अधीक्षक डॉ. मनोज सिंह की देखरेख में संपन्न हुआ। स्वास्थ्य शिविर के दौरान कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की गईं, जिनमें टीबी मरीजों को दवा किट का वितरण, बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार, गर्भवती महिलाओं की गोद भराई, आयुष्मान कार्ड का वितरण, बालिकाओं को सेनेटरी पैड का वितरण और शुगर की निःशुल्क जाँच शामिल थी। इस अवसर पर, विधायक अलका सिंह अर्कवंशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार समाज के हर वर्ग तक लाभ पहुँचाने के लिए लगातार कार्यरत है। विशिष्ट अतिथि अमित गुप्ता ने कहा कि “मोदी-योगी के नेतृत्व में विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं,” वहीं नगर अध्यक्ष नितीश जायसवाल रमन ने जोर देकर कहा कि “जो कार्य पूर्व की सरकारें दशकों में नहीं कर सकीं, वह भारतीय जनता पार्टी सरकार ने जनहित में कर दिखाया है।” कार्यक्रम में पूर्व ब्लॉक प्रमुख कुंवर वीरेंद्र सिंह, राजेश अस्थाना, डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा, सौरभ गुप्ता, नरेश सिंह अर्कवंशी, अमित कुमार शर्मा, अमन बाबू, अर्पित गुप्ता, डॉ. हरिओम तिवारी, दीपक गुप्ता, विशाल निगम, अमित पुष्पद, स्पर्श गुप्ता, गोपाल अर्कवंशी, सुमित चौधरी सहित बड़ी संख्या में डॉक्टर, कार्यकर्ता और स्थानीय महिला-पुरुष उपस्थित रहे।1
- लखनऊ के गोसाईगंज पावर हाउस के अंतर्गत मोहम्मदपुर गढ़ी मजरा नारायणपुर गांव में पिछले लगभग पांच वर्षों से बिजली के खंभे नहीं लगाए गए हैं। इस गंभीर लापरवाही के कारण बिजली की तारें सड़क के किनारे और रास्तों में खतरनाक ढंग से झूल रही हैं, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने का अंदेशा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर विद्युत विभाग को कई बार लिखित शिकायतें और प्रार्थना पत्र दिए हैं, लेकिन उनकी गुहार पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुले में लटकती ये केबलें उनकी जान-माल के लिए बड़ा खतरा बनी हुई हैं। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग को चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में इन झूलती केबलों के कारण कोई दुर्घटना होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से तत्काल बिजली के खंभे लगवाकर इस समस्या का स्थायी समाधान करने की पुरजोर मांग की है।1
- सीतापुर जिले के रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र में स्थित एक पेट्रोल पंप पर तेल भरवाने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। यह विवाद देखते ही देखते कहासुनी से मारपीट में बदल गया। इस पूरी घटना का वीडियो पेट्रोल पंप पर लगे CCTV कैमरे में कैद हो गया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1