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एक पोस्ट के ज़रिए राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में स्थित सावरिया सेठ के बारे में लोगों से पूछा गया है कि कौन-कौन वहाँ गया है। पोस्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि पाठक सावरिया सेठ के बारे में पहले से ही जानते होंगे, और उनसे कमेंट कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का आग्रह किया गया है। यह पोस्ट 'जय सावरिया सेठ' के उद्घोष के साथ समाप्त होती है।
Gotamlalmeena
एक पोस्ट के ज़रिए राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में स्थित सावरिया सेठ के बारे में लोगों से पूछा गया है कि कौन-कौन वहाँ गया है। पोस्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि पाठक सावरिया सेठ के बारे में पहले से ही जानते होंगे, और उनसे कमेंट कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का आग्रह किया गया है। यह पोस्ट 'जय सावरिया सेठ' के उद्घोष के साथ समाप्त होती है।
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- आज सलूंबर निवासी एक और युवक का निधन हो गया है, जिससे क्षेत्र में शोक का माहौल छा गया है। यह खबर स्थानीय लोगों के लिए गहरी दुखद है।1
- गांवों में जनगणना के कार्य में जुटे सरकारी शिक्षक कड़कती धूप के कारण काफी परेशान हैं। उन्हें भीषण गर्मी में इस महत्वपूर्ण सरकारी कार्य को संपन्न करने में अत्यधिक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।1
- डूंगरपुर जिले के बोखला पाल स्थित चंदूलाल गुप्ता राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी को लेकर युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा है, जिससे अब यह मामला केवल एक स्कूल तक सीमित न रहकर, पूरे वागड़ क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। इस मुद्दे को लेकर युवा सामाजिक कार्यकर्ता एवं युवा नेता प्रिंस कटारा ने राजस्थान के शिक्षा मंत्री और जिला प्रशासन को एक ज्ञापन भेजते हुए शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार किया है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि विद्यालय में स्वीकृत 33 पदों में से लगभग 17 पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं, जिसके परिणामस्वरूप विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। स्थिति इतनी गंभीर है कि कई विद्यार्थियों को बिना शिक्षकों के ही स्वयं ब्लैकबोर्ड पर पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए प्रिंस कटारा ने डूंगरपुर शिक्षा विभाग की व्यवस्थाओं पर कड़ी नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग के कुछ अधिकारी 'हर महीने सिर्फ अपने बैंक खाते में वेतन आने का इंतज़ार करते हैं और पूरे महीने जिम्मेदारियों से दूरी बनाए रखते हैं,' जबकि ज़मीनी स्तर पर ग्रामीण विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार की ओर बढ़ रहा है। कटारा ने ज़ोर देकर कहा कि शिक्षा जैसी संवेदनशील व्यवस्था में ऐसे अधिकारियों की आवश्यकता है जो कर्तव्यनिष्ठा, जवाबदेही और शिक्षा सुधार की भावना के साथ काम करें। उन्होंने मांग की कि निष्क्रिय अधिकारियों को तुरंत हटाकर ऐसे अधिकारियों को नियुक्त किया जाए जो विद्यार्थियों और ग्रामीण शिक्षा के प्रति गंभीरता से कार्य कर सकें। प्रिंस कटारा ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में पूरे वागड़ क्षेत्र के बच्चों के सामने शिक्षा का संकट और गहरा सकता है। उन्होंने प्रशासन को यह भी बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मुद्दे के सामने आने के बाद, क्षेत्र के अभिभावकों, युवाओं और सामाजिक संगठनों में भी गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द शिक्षकों की नियुक्ति और प्रशासनिक सुधार नहीं किए गए, तो ग्रामीण विद्यार्थियों की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो सकती है।1
- डूंगरपुर जिले में बोखला पाल स्थित चंदूलाल गुप्ता राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की गंभीर कमी को लेकर युवाओं का गुस्सा भड़क गया है। यह मामला अब सिर्फ एक स्कूल तक सीमित न रहकर पूरे वागड़ क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। युवा सामाजिक कार्यकर्ता और युवा नेता प्रिंस कटारा ने राजस्थान के शिक्षा मंत्री और जिला प्रशासन को ज्ञापन भेजकर शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार किया है। ज्ञापन में बताया गया है कि विद्यालय में स्वीकृत 33 पदों में से लगभग 17 पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, जिसके कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। हालात ऐसे हो गए हैं कि कई विद्यार्थियों को बिना शिक्षक के स्वयं ही ब्लैकबोर्ड पर पढ़ाई करनी पड़ रही है। प्रिंस कटारा ने डूंगरपुर शिक्षा विभाग की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए मौखिक रूप से आरोप लगाया कि विभाग के कुछ अधिकारी केवल अपने बैंक खाते में वेतन आने का इंतजार करते हैं और पूरे महीने अपनी जिम्मेदारियों से दूरी बनाए रखते हैं, जिससे जमीनी स्तर पर ग्रामीण विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में डूब रहा है। कटारा ने कहा कि शिक्षा जैसी संवेदनशील व्यवस्था में ऐसे अधिकारियों की आवश्यकता है जो कर्तव्यनिष्ठा, जवाबदेही और शिक्षा सुधार की भावना के साथ कार्य करें। उन्होंने मांग की कि निष्क्रिय अधिकारियों को हटाकर ऐसे अधिकारियों को पदस्थापित किया जाए जो विद्यार्थियों और ग्रामीण शिक्षा के प्रति गंभीरता से काम कर सकें। प्रिंस कटारा, जो वर्तमान में रुद्र वाहिनी संघ, राजस्थान के युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय मानवाधिकार न्याय आयोग, उदयपुर संभाग के संभाग अध्यक्ष के रूप में सक्रिय हैं, ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ, तो पूरे वागड़ क्षेत्र के बच्चों के सामने शिक्षा का संकट और गहरा सकता है। उन्होंने प्रशासन से कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मुद्दे के सामने आने के बाद क्षेत्र के अभिभावकों, युवाओं और सामाजिक संगठनों में भी गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही शिक्षकों की नियुक्ति और प्रशासनिक सुधार नहीं किए गए, तो ग्रामीण विद्यार्थियों की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हो सकती है।1
- एक व्यक्ति ने अधिकारियों से अपील की है कि उनके पैतृक जमीन पर लगे बिजली के खंभे और तार हटाए जाएं, क्योंकि वे उनके घर के निर्माण में रुकावट बन रहे हैं। यह जमीन उनके पिताजी की है, और इन बाधाओं के कारण उन्हें काफी समय से मकान बनाने में परेशानी आ रही है। उन्होंने इन खंभों और तारों को हटाने के लिए उचित कार्रवाई की मांग की है।1
- डूंगरपुर जिले में गुरुवार को मुस्लिम समाज द्वारा ईदुल अजहा पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहर समेत कई स्थानों पर भव्य जुलूस निकाले गए, जिसके बाद ईदगाह में सामूहिक नमाज अदा की गई। खुदा की बारगाह में हजारों सिर इबादत के लिए झुके और देश में अमन-चैन तथा खुशहाली की दुआएं मांगी गईं। नमाज के उपरांत घरों में कुर्बानी की रस्म अदा की गई। पर्व को लेकर मुस्लिम समाज के बच्चे, युवा और पुरुष कौमी लिबास में मस्जिदों में एकत्र हुए। बैंड-बाजे पर कौमी धुनों के साथ ईद का जुलूस निकाला गया, जो शहर के कानेरा पोल, मोची बाजार, पुराना अस्पताल सर्कल, गेपसागर की पाल, तहसील चौराहा और नवाडेरा रोड से होते हुए ईदगाह पहुंचा। शहर काजी अतर्र जमाली की सदारत में मुस्लिम समाज द्वारा सामूहिक नमाज अदा की गई, जहाँ एक बार फिर हजारों लोगों ने खुदा की इबादत की और देश की समृद्धि व शांति की कामना की।4
- डूंगरपुर के सीमलवाड़ा में भारतीय जनता पार्टी के पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के तहत आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय आवासीय कार्यशाला गुरुवार को संपन्न हुई। समापन सत्र में राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी मुख्य अतिथि रहे, जबकि भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक पटेल रणोली ने अध्यक्षता की। पूर्व सांसद कनकमल कटारा, पूर्व राज्यमंत्री सुशील कटारा, सागवाड़ा विधायक शंकर लाल डेचा और जिला संगठन प्रभारी जोगेंद्र सिंह राजपुरोहित विशिष्ट अतिथियों के रूप में उपस्थित रहे। भाजपा जिला मीडिया प्रभारी गुणवंत कलाल ने बताया कि कार्यशाला के दूसरे दिन की शुरुआत योग एवं व्यायाम सत्र से हुई, जहां योग प्रशिक्षक धनंजय ने कार्यकर्ताओं को योगासन और प्राणायाम करवाए। इस सत्र में कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी भी शामिल हुए और योग को स्वस्थ जीवन का आधार बताते हुए कार्यकर्ता के शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत होने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष हकरू मईडा ने संगठन विस्तार और बूथ मजबूती पर मार्गदर्शन दिया, जबकि पूर्व विधायक गोपीचंद मीणा ने सरकार की गरीब कल्याण योजनाओं और उनके क्रियान्वयन में संगठन की भूमिका पर विचार रखे। पूर्व राज्यमंत्री सुशील कटारा ने कार्यकर्ता विकास, संगठन की विचारधारा और राष्ट्र प्रथम की भावना पर जोर दिया, वहीं जिला संगठन प्रभारी जोगेंद्र सिंह राजपुरोहित ने प्रशिक्षण को संगठन की नींव बताते हुए कार्यकर्ताओं से विचार आधारित राजनीति करने का आह्वान किया। समापन सत्र में कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने आगामी पंचायतीराज चुनाव में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और पूरी ताकत से चुनाव मैदान में उतरने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन कार्यकर्ताओं की मेहनत और समर्पण से ही मजबूत होता है। कार्यक्रम में विभिन्न मोर्चों एवं प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों का स्वागत अभिनंदन किया गया। इस दौरान जिला महामंत्री पंकज जैन, सुरमाल परमार और ईश्वर लाल लबाना ने कार्यक्रम का संचालन किया, और बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष तथा कार्यकर्ता कार्यशाला में उपस्थित रहे।1
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