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बदायूं जिले के इस्लामनगर में एक टक्कर के बाद पथराव की घटना सामने आई है। इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज की कार्रवाई करनी पड़ी।
Etv9 national news
बदायूं जिले के इस्लामनगर में एक टक्कर के बाद पथराव की घटना सामने आई है। इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज की कार्रवाई करनी पड़ी।
More news from राजस्थान and nearby areas
- पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में बढ़ते विवाद के मद्देनजर जांच शुरू कर दी गई है। इस दौरान, प्रशासन ने उत्पन्न हुई स्थिति को सफलतापूर्वक संभालने का कार्य किया है।1
- उनियारा में मोहर्रम के अवसर पर ताज़िया कमेटी और अंजुमन कमेटी की ओर से एक भव्य जुलूस निकाला गया। ताज़िया कमेटी के सदर तस्लीम अहमद ने जानकारी दी कि मोहर्रम के ताज़िए रात के समय निकाले गए थे। शुक्रवार की दोपहर में इमामबाड़े से मोहर्रम को सदर बाज़ार लाया गया, जिसके बाद इसे शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए वापस सदर बाज़ार में रखा गया। इस दौरान अखाड़ा बाज़ों ने हैरतअंगेज़ करतब दिखाए, जिसमें नन्हे-मुन्ने अखाड़ा बाज़ों ने भी कई तरह की कलाबाज़ियां प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया। मुस्लिम समाज के लोग पूरे जुलूस के दौरान ढोल-नगाड़े और ताशे बजाते रहे। इस आयोजन में सैकड़ों लोग और महिलाएँ भी शामिल हुईं। व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्यक्रम स्थल पर भारी पुलिस जाप्ता तैनात था, जिसमें उनियारा पुलिस थाना अधिकारी कप्तान सिंह और आसपास के क्षेत्र के कई पुलिसकर्मी मौजूद रहे, जबकि उच्च अधिकारी पूरी तरह से स्थिति पर नज़र बनाए हुए थे। शाम होने पर, मोहर्रम को अस्पताल रोड और बस स्टैंड होते हुए नैनवां मार्ग स्थित एक कुएं में "ठंडा" किया गया।4
- भीषण गर्मी और तपती धूप के बीच, अलीगढ़ के अंबेडकर सर्किल पर 'श्री श्याम जल मंदिर' द्वारा एक भव्य शरबत वितरण शिविर का आयोजन किया गया। निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर आयोजित इस शिविर में हजारों राहगीरों ने ठंडे और मीठे शरबत का आनंद लेकर तपती गर्मी से राहत प्राप्त की, जिससे यह राहगीरों के लिए अमृत समान साबित हुआ। इस सेवा कार्य की तैयारी सेवादारों द्वारा सुबह 09:00 बजे से ही शुरू कर दी गई थी, और सुबह 11:00 बजे से आधिकारिक रूप से वितरण आरंभ हुआ। भीषण गर्मी के बावजूद दिन भर श्रद्धालुओं और राहगीरों का तांता लगा रहा, और हजारों लोगों ने इस शिविर में आकर शरबत ग्रहण किया। यह आयोजन अलीगढ़ के समस्त श्याम प्रेमियों के सामूहिक प्रयासों और निस्वार्थ समर्पण का परिणाम था, जिन्होंने सेवा कार्य को संभाला। इस दौरान दीपक टाकारिया, अमित जोशी, विजय गौतम उर्फ पीटू नैतिक सहित गोपाल जोशी और श्याम परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में उमेश शर्मा इन्फॉर्म हर खबर का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। इस आयोजन के माध्यम से सेवादारों ने न केवल अपनी धार्मिक आस्था का परिचय दिया, बल्कि मानवता की सेवा का एक अनुकरणीय और अनूठा उदाहरण भी प्रस्तुत किया।1
- राजस्थान के बूंदी जिले के केशवरायपाटन उपखण्ड क्षेत्र की ग्राम पंचायत चडी में एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है, जहाँ 25 जून को जनता की समस्याओं को सुनने के लिए आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में लोकतंत्र की सरेआम धज्जियां उड़ाई गईं। अधिकारियों की मौजूदगी में ही, सरपंच पिता महावीर मीणा ने ग्रामीणों को खुलेआम धमकाया और खुद को पंचायत का ‘मालिक’ तथा सरकारी कर्मचारियों को अपना ‘नौकर’ तक बता डाला। इस दौरान मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारी मूकदर्शक बने रहे। यह घटना तब हुई जब ग्रामीण कन्हैया लाल मीणा और विनोद गौतम ने सरपंच द्वारा अपने एक चहेते के घर तक नियम ताक पर रखकर सड़क बनाने की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत सुनते ही सरपंच प्रतिनिधि और सरपंच पिता महावीर मीणा अपना आपा खो बैठे और उन्होंने ग्रामीणों को धमकाते हुए कहा कि “पंचायत हमारी है, हमारी ही चलेगी। चाहे कलेक्टर के पास जाओ या राष्ट्रपति के पास, तुम्हारा काम नहीं होगा!” शिविर में तहसीलदार रवि शर्मा समेत कई आला अधिकारी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने इस पूरी दादागिरी को चुपचाप देखा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। नाराज ग्रामीणों ने तहसीलदार से मिलकर सरपंच के कार्यकाल में हुए सभी विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इस घटना ने प्रशासन की मुस्तैदी और पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि वीडियो वायरल होने के बाद, बूंदी जिला कलेक्टर और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला इस निरंकुश तंत्र और दबंगई पर क्या कड़ा एक्शन लेते हैं, और क्या ग्रामीणों को न्याय मिलेगा या प्रशासन रसूखदारों के आगे झुकता रहेगा।1
- सवाई माधोपुर पुलिस और जिला प्रशासन ने आमजन से नशे के खिलाफ लड़ाई में सहभागी बनने की विशेष अपील की है। उन्होंने ज़ोर दिया है कि नशा सिर्फ एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज के भविष्य को पूरी तरह से बर्बाद कर देता है। इसी गंभीरता को देखते हुए, प्रशासन ने इस लड़ाई में हर नागरिक की भागीदारी को आवश्यक बताया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कहीं भी अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री, भंडारण या कोई संदिग्ध गतिविधि हो रही है, तो वे तुरंत 1933 मानस हेल्पलाइन पर इसकी सूचना दें। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और यह हेल्पलाइन 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। साथ ही, हर प्राप्त सूचना पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई का वादा किया गया है। सवाई माधोपुर पुलिस और जिला प्रशासन ने नागरिकों को नशे के खिलाफ इस जन आंदोलन का हिस्सा बनने और अपने क्षेत्र को नशा मुक्त बनाने में सहयोग करने का आग्रह किया है, क्योंकि एक छोटी सी सूचना भी कई युवाओं का भविष्य बचा सकती है। इसके साथ ही, पुलिस ने मादक पदार्थों का सेवन करने वालों और उनकी तस्करी, बिक्री या भंडारण में शामिल लोगों को कड़ी चेतावनी दी है कि उन पर सवाई माधोपुर पुलिस की पैनी नज़र है, और उन्हें सावधान रहने की ज़रूरत है।1
- लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी (एलबीएसएनएए), मसूरी के निदेशक श्रीराम तरणीकांति ने सवाई माधोपुर के जिला अधिकारियों को आमजन के बीच योजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान अपनी प्रशासनिक नेतृत्व क्षमता का धरातल पर प्रदर्शन करने का संदेश दिया है। उन्होंने जोर दिया कि अधिकारियों को अपने दायित्वों को पूरा करने के साथ-साथ अपने कार्य के बारे में गहराई से सोचना चाहिए, जिससे वे नई योजनाएं और कार्यप्रणालियां विकसित कर सकें। तरणीकांति ने हाल ही में शुक्रवार को सुशासन विषय पर आयोजित एक संवाद बैठक में जिला कलक्टर काना राम, पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रयी, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव बुडानिया, उप वन संरक्षक संजीव शर्मा एवं मानस सिंह, तथा एडीएम संजय शर्मा सहित सभी विभागों के अधिकारियों के साथ बातचीत की। संवाद के दौरान, निदेशक श्रीराम तरणीकांति ने अधिकारियों से लीक से हटकर सोचने और उपलब्ध आंकड़ों का उपयोग करके मौलिक विचारों के साथ नई योजनाएं तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजकीय निर्देशों की पालना और योजनाओं का संचालन सामान्य कार्य है, जबकि असली चुनौती काम के बारे में सोचना और उसके आधार पर नई योजनाएं बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को जिले की कुल आवश्यकता की तुलना में वर्तमान उपलब्धियों की स्थिति और भविष्य की रणनीति पर स्वयं विचार करने का सुझाव दिया। तरणीकांति ने यह भी कहा कि जिला स्तरीय अधिकारियों को उच्च प्रशासनिक स्तर पर अपने विचार को अस्वीकृत किए जाने के भय को त्यागकर अपनी बात रखनी चाहिए, क्योंकि उनकी धरातल पर उपस्थिति उन्हें नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन करने और नए विचारों को क्रियान्वित करने का अवसर देती है। यदि फील्ड में मौजूद अधिकारी किसी योजना के क्रियान्वयन के पीछे के कारण को समझेंगे और दूसरों को समझा पाएंगे, तो अपेक्षा से बेहतर परिणाम मिलेंगे। श्रीराम तरणीकांति ने बताया कि सुशासन का आधार केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि डेटा आधारित निर्णय, परिणामों का मूल्यांकन और गैप एनालिसिस है। उन्होंने अधिकारियों से उन पात्र व्यक्तियों की पहचान करने को कहा, जो अब तक योजनाओं से वंचित हैं, उनके कारणों का विश्लेषण कर समाधान सुनिश्चित करने पर बल दिया। स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, और शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए, उन्होंने बच्चों, मातृ एवं शिशु सेवाओं, आंगनबाड़ी गतिविधियों और शिक्षा के सार्वभौमिक कवरेज पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने मॉडल संस्थानों को अन्य संस्थाओं के लिए सीख का केंद्र बनाने तथा गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के विस्तार पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कृषि, उद्यानिकी एवं बैंकिंग क्षेत्र की योजनाओं के प्रभाव का आकलन किसानों की आय, ऋण प्रवाह, बीमा कवरेज और उत्पादकता वृद्धि के आधार पर करने का सुझाव दिया। ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विषयों पर श्रीराम तरणीकांति ने ग्राम पंचायत स्तर पर आधारभूत सुविधाओं, अधिकारियों के रात्रि प्रवास, जनसुनवाई व्यवस्था और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सेवा वितरण को और प्रभावी बनाने के सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य शिकायतों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था विकसित करना होना चाहिए जिससे शिकायतें उत्पन्न ही कम हों। उन्होंने पर्यटन सुविधाओं, स्वच्छता, पार्किंग, सार्वजनिक सुविधाओं, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन पर भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक में जिला प्रशासन के अधिकारियों ने प्रशासनिक उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ-साथ भविष्य की उड़ान, बोल सवाई माधोपुर, अपना गांव डिजिटल प्लेटफॉर्म, हेल्थ एटीएम, मॉडल आंगनवाड़ी, और रास्ता खोलो अभियान जैसे नवाचारों की जानकारी भी प्रस्तुत की, जिनकी निदेशक ने सराहना की।1
- सारसोप ग्राम पंचायत में मुहर्रम के अवसर पर पारंपरिक श्रद्धा और धार्मिक आस्था के साथ एक भव्य ताजिया जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में मुस्लिम समाज के लोगों के साथ-साथ विभिन्न समुदायों के नागरिक भी बड़ी संख्या में शामिल हुए, जिससे पूरे मार्ग पर शांतिपूर्ण वातावरण बना रहा और लोगों ने आपसी सौहार्द का परिचय दिया। ताजियों के साथ ढोल-नगाड़ों की गूंज और मातमी धुनों के बीच श्रद्धालु निर्धारित मार्गों से होते हुए आगे बढ़े। इस दौरान प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिसके चलते यह जुलूस शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। जुलूस के दौरान जगह-जगह लोगों द्वारा शीतल पेयजल एवं अन्य सेवा व्यवस्थाएं भी की गईं। ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मुहर्रम की शुभकामनाएं देते हुए सामाजिक सद्भाव और भाईचारे का संदेश दिया। आयोजन समिति ने सभी नागरिकों, प्रशासन और पुलिस का उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। यह मुहर्रम आयोजन क्षेत्र में आपसी प्रेम, शांति और सामाजिक एकता की एक मिसाल बनकर सामने आया।3
- बदायूं जिले के इस्लामनगर में एक टक्कर के बाद पथराव की घटना सामने आई है। इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज की कार्रवाई करनी पड़ी।1