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बीकानेर का ऐतिहासिक गंगा थियेटर, जो कभी शहर की सांस्कृतिक और मनोरंजन गतिविधियों का मुख्य केंद्र हुआ करता था, आज अपनी पुरानी चमक खो चुका है। एक समय था जब यहाँ नई फिल्मों के प्रदर्शन पर दर्शकों की लंबी कतारें लगती थीं और पूरा परिसर तालियों की गूंज से सवांरा जाता था। बदलते समय, मल्टीप्लेक्स संस्कृति और डिजिटल मनोरंजन के बढ़ते प्रभाव के कारण इस सिनेमा हॉल की रौनक धीरे-धीरे फीकी पड़ गई। अब यह इमारत केवल सन्नाटे में बीते सुनहरे दौर की यादें समेटे खड़ी है। स्थानीय लोगों के लिए यह सिर्फ एक सिनेमा हॉल नहीं, बल्कि बीकानेर की सांस्कृतिक विरासत और फिल्म प्रेमियों की अनगिनत यादों का एक अनमोल प्रतीक है, जिसके स्वर्णिम काल को लोग आज भी याद करते हैं।
Bikaner local news
बीकानेर का ऐतिहासिक गंगा थियेटर, जो कभी शहर की सांस्कृतिक और मनोरंजन गतिविधियों का मुख्य केंद्र हुआ करता था, आज अपनी पुरानी चमक खो चुका है। एक समय था जब यहाँ नई फिल्मों के प्रदर्शन पर दर्शकों की लंबी कतारें लगती थीं और पूरा परिसर तालियों की गूंज से सवांरा जाता था। बदलते समय, मल्टीप्लेक्स संस्कृति और डिजिटल मनोरंजन के बढ़ते प्रभाव के कारण इस सिनेमा हॉल की रौनक धीरे-धीरे फीकी पड़ गई। अब यह इमारत केवल सन्नाटे में बीते सुनहरे दौर की यादें समेटे खड़ी है। स्थानीय लोगों के लिए यह सिर्फ एक सिनेमा हॉल नहीं, बल्कि बीकानेर की सांस्कृतिक विरासत और फिल्म प्रेमियों की अनगिनत यादों का एक अनमोल प्रतीक है, जिसके स्वर्णिम काल को लोग आज भी याद करते हैं।
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- बीकानेर का ऐतिहासिक गंगा थियेटर, जो कभी शहर की सांस्कृतिक और मनोरंजन गतिविधियों का मुख्य केंद्र हुआ करता था, आज अपनी पुरानी चमक खो चुका है। एक समय था जब यहाँ नई फिल्मों के प्रदर्शन पर दर्शकों की लंबी कतारें लगती थीं और पूरा परिसर तालियों की गूंज से सवांरा जाता था। बदलते समय, मल्टीप्लेक्स संस्कृति और डिजिटल मनोरंजन के बढ़ते प्रभाव के कारण इस सिनेमा हॉल की रौनक धीरे-धीरे फीकी पड़ गई। अब यह इमारत केवल सन्नाटे में बीते सुनहरे दौर की यादें समेटे खड़ी है। स्थानीय लोगों के लिए यह सिर्फ एक सिनेमा हॉल नहीं, बल्कि बीकानेर की सांस्कृतिक विरासत और फिल्म प्रेमियों की अनगिनत यादों का एक अनमोल प्रतीक है, जिसके स्वर्णिम काल को लोग आज भी याद करते हैं।1
- जोधपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 4 जुलाई को उद्घाटित किए गए एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का 12 जुलाई से सुचारू रूप से संचालन शुरू हो गया है। इस खास मौके पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पहली फ्लाइट के यात्रियों को गुलदस्ता भेंट कर और उनके टिकट देखकर यात्रा की शुभकामनाएं दीं। इसके साथ ही पहली फ्लाइट से जोधपुर पहुंचने वाले यात्रियों का भी एयरपोर्ट पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। ₹480 करोड़ की लागत से तैयार यह नया टर्मिनल पुराने टर्मिनल से करीब छह गुना बड़ा है और इसकी वार्षिक क्षमता 2 मिलियन यात्रियों को संभालने की है। एयरपोर्ट निदेशक मनोज उनियाल के अनुसार, इस नए टर्मिनल में यात्रियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गई हैं, जिसमें 6 एयरोब्रिज, अराइवल के लिए 3 कन्वेयर बेल्ट और 20 चेक-इन काउंटर शामिल हैं। इसके अलावा, पहली बार पूरे परिसर को वाई-फाई इनेबल्ड बनाया गया है और आने वाले समय के लिए यहाँ 3000 वाहनों की विशाल पार्किंग क्षमता उपलब्ध होगी। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि वर्ष 2014 की तुलना में आज जोधपुर में यात्रियों तथा विमानों का परिचालन 10 गुना से अधिक बढ़ चुका है। वर्तमान में समर सीजन में 9 और विंटर में 17 फ्लाइट्स संचालित होती हैं, जिसे इस विंटर सीजन में बढ़ाकर 20 से 22 करने का लक्ष्य है। हाइपर-सेंसिटिव एयरफोर्स फॉरवर्ड बेस होने के कारण इसे फिलहाल रात 10 बजे तक संचालित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान पहली फ्लाइट की यात्री सौम्या ने इसके पारंपरिक व आधुनिक आर्किटेक्चर और सहयोगी स्टाफ की सराहना की।1
- जोधपुर के सेंट्रल जेल में बंद कैदी विश्वास तेजी पर हमला हुआ है। इस हमले को लेकर थानाधिकारी (SHO) दिनेश लखावत ने अपनी बात रखी है। विश्वास तेजी वही कैदी है जो कुछ दिन पूर्व 12वीं रोड चौराहे पर हुई सन्नी हंस और विक्की फाइटर के मामले में जेल में बंद है।1
- राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राजस्थान में RPSC सेकंड ग्रेड की परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों को उस वक्त भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जब एडमिट कार्ड पर लिखे पते पर उन्हें किसी स्कूल या परीक्षा केंद्र के बजाय एक खुला क्रिकेट का मैदान मिला। जहाँ युवाओं को अपने भविष्य की महत्वपूर्ण परीक्षा देनी थी, वहाँ बच्चे मजे से क्रिकेट खेलते दिखे और एडमिट कार्ड हाथों में लिए हैरान-परेशान उम्मीदवार परीक्षा केंद्र तलाशने के लिए मजबूर हो गए। इस घोर लापरवाही का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अभ्यर्थी अपने एडमिट कार्ड के साथ खाली मैदान के पास लाचार खड़े दिखाई दे रहे हैं। मौके पर परीक्षा केंद्र का कोई नामोनिशान नहीं है और न ही प्रशासन की तरफ से अभ्यर्थियों की मदद के लिए कोई दिशा-निर्देश या सहायता कर्मी तैनात है। परीक्षा प्रबंधन की इस बड़ी चूक ने पूरी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है मानो युवाओं को परीक्षा पास करने से पहले 'केंद्र खोजो प्रतियोगिता' पास करनी पड़ रही है। यह पूरा घटनाक्रम प्रशासनिक तंत्र की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है और युवाओं के धैर्य की अग्निपरीक्षा ले रहा है।1
- नागौर जिले के डेगाना क्षेत्र में मोगास गाँव के एक ग्रामवासी ने शिकायत दर्ज कराई है कि करतासर से मोगास आने वाली सड़क पर कचरे का ढेर पड़ा हुआ है। ग्रामीण का आरोप है कि स्थानीय सरपंच इस कचरे को वहाँ से उठवा नहीं रहा है।3
- बीकानेर पुलिस महकमे में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है, जिसके तहत एसपी मृदुल कच्छावा के आदेश पर सैकड़ों पुलिसकर्मियों के तबादले किए गए हैं। इस बड़े फेरबदल के जरिए कई थानों की कमान बदली गई है, जिसमें 21 इंस्पेक्टर, 22 एसआई, 65 एएसआई, 140 हेड कांस्टेबल और 269 कांस्टेबल शामिल हैं। एसपी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इन सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से अपनी नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।1
- बीकानेर के गजनेर ओवरब्रिज पर दिनदहाड़े हुई खूनी वारदात से पूरे शहर में सनसनी फैल गई है। यहाँ कैंपर गाड़ी में सवार होकर आए हथियारबंद बदमाशों ने एक कार को रुकवाया और उसमें सवार चार युवकों को बाहर निकालकर उन पर घातक हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस जानलेवा हमले में चारों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। घायलों में चेतन सिंह उर्फ चिंटू की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए, जिसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश के लिए शहरभर में नाकाबंदी शुरू कर दी है।1