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जोधपुर के सेंट्रल जेल में बंद कैदी विश्वास तेजी पर हमला हुआ है। इस हमले को लेकर थानाधिकारी (SHO) दिनेश लखावत ने अपनी बात रखी है। विश्वास तेजी वही कैदी है जो कुछ दिन पूर्व 12वीं रोड चौराहे पर हुई सन्नी हंस और विक्की फाइटर के मामले में जेल में बंद है।
Gordhan ram
जोधपुर के सेंट्रल जेल में बंद कैदी विश्वास तेजी पर हमला हुआ है। इस हमले को लेकर थानाधिकारी (SHO) दिनेश लखावत ने अपनी बात रखी है। विश्वास तेजी वही कैदी है जो कुछ दिन पूर्व 12वीं रोड चौराहे पर हुई सन्नी हंस और विक्की फाइटर के मामले में जेल में बंद है।
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- जोधपुर के सेंट्रल जेल में बंद कैदी विश्वास तेजी पर हमला हुआ है। इस हमले को लेकर थानाधिकारी (SHO) दिनेश लखावत ने अपनी बात रखी है। विश्वास तेजी वही कैदी है जो कुछ दिन पूर्व 12वीं रोड चौराहे पर हुई सन्नी हंस और विक्की फाइटर के मामले में जेल में बंद है।1
- जोधपुर के एक युवक कुंदन वाल्मीकि ने आपसी रंजिश और विवाद के चलते हुए एक मर्डर केस में अपनी जिंदगी के कीमती 14 साल और 5 महीने जेल की सलाखों के पीछे बिताए हैं। जेल से बाहर आने के बाद कुंदन ने समाज और विशेषकर युवाओं के लिए एक बेहद भावुक और आंखें खोलने वाली अपील जारी की है। उन्होंने युवाओं को अपराध की राह से दूर रहने की नसीहत देते हुए जेल के अपने कड़वे अनुभवों को साझा किया है। कुंदन वाल्मीकि ने जेल को एक जीता-जागता नरक बताते हुए कहा कि वहां न तो सांस लेने के लिए शुद्ध हवा मिलती है और न ही घर जैसी सुविधाएं। उनका कहना है कि लोग सोचते हैं कि जेल काटना आसान है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। उन्होंने युवाओं से हर प्रकार के नशे और लड़ाई-झगड़ों से दूर रहने की पुरजोर वकालत करते हुए कहा कि नशा ही सभी अपराधों और झगड़ों की मुख्य जड़ है। इसके अलावा, उन्होंने क्रोध पर नियंत्रण रखने की सीख दी और कहा कि भाई-बहनों, दोस्तों या पति-पत्नी के बीच छोटी-मोटी बातें और विवाद होना आम है, लेकिन इन बातों को दिल से लगाकर बड़ा विवाद खड़ा नहीं करना चाहिए, अन्यथा जेल की हवा खानी पड़ सकती है। अपने संदेश के अंत में उन्होंने युवाओं को अपने माता-पिता के मार्गदर्शन में रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि माता-पिता कभी गलत नहीं होते और बच्चे जितना उनके कहने पर चलेंगे, उतना ही फायदे में और सुरक्षित रहेंगे। अपनी मर्जी से गलत रास्तों पर चलने वाले युवा सीधे बर्बादी की खाई में जा गिरते हैं। उन्होंने सभी से प्रेम और अच्छे बर्ताव के साथ एक सुरक्षित व खुशहाल जिंदगी जीने की अपील की है।1
- मुख्यमंत्री ने केकड़ी विधानसभा क्षेत्र को विकास की बड़ी सौगात देते हुए लगभग ₹1,268 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया है। इन कार्यों में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी अनेक योजनाएं शामिल हैं, जो क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री के इस दौरे के दौरान लगभग 880 करोड़ रुपये के कार्यों के शिलान्यास और लोकार्पण की भी बात कही गई है। इस विशेष अवसर पर केकड़ी विधायक का एक अनोखा संकल्प भी पूरा हुआ। विधायक ने अपनी एक मनौती पूरी होने तक नंगे पैर रहने का संकल्प लिया था, जो मुख्यमंत्री के हाथों क्षेत्र को विकास कार्यों की सौगात मिलने के बाद आखिरकार पूर्ण हो गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र का संतुलित एवं समग्र विकास सुनिश्चित करना है, ताकि आमजन को बेहतर सुविधाएं और विकास का वास्तविक लाभ मिल सके।1
- नागौर जिले के रियांबड़ी क्षेत्र की ग्राम पंचायत चावंडिया में ग्रामीण बुनियादी समस्याओं को लेकर बेहद परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि मुख्य नाला क्षतिग्रस्त होने, तालाब के किनारे उगी बबूल की झाड़ियों और सीसी सड़क निर्माण में गंभीर अनियमितताओं की वजह से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन को सूचित किए जाने के बावजूद अब तक इन जनसमस्याओं का कोई समाधान नहीं निकाला गया है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव का मुख्य नाला लंबे समय से क्षतिग्रस्त पड़ा है, जिससे आगामी बरसात के मौसम में जल निकासी बाधित होने और गांव की गलियों व आसपास के इलाकों में जलभराव होने की आशंका बनी हुई है। इसके अलावा, तालाब के किनारे उगी घनी बबूल की झाड़ियों के कारण लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है और तालाब की सफाई व रखरखाव में भी बाधा आ रही है। सीसी सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने बताया कि नई सड़क बनाने से पहले पुरानी सड़क को हटाया ही नहीं गया, बल्कि उसके ऊपर ही सीधे कंक्रीट की नई परत बिछाई जा रही है। ग्रामीणों का मानना है कि इस तरह के निर्माण कार्य से भविष्य में सड़क की मजबूती और गुणवत्ता प्रभावित होगी। स्थानीय निवासी और अजमेर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष दीनाराम धोलिया ने बताया कि स्थानीय प्रशासन, सार्वजनिक निर्माण विभाग और संबंधित अधिकारियों को इन सभी समस्याओं की जानकारी कई बार दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन से क्षतिग्रस्त नाले की मरम्मत कराने, तालाब किनारे की झाड़ियों को साफ करने और सड़क निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जनहित में इन समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1
- नागौर जिले के डेगाना क्षेत्र में मोगास गाँव के एक ग्रामवासी ने शिकायत दर्ज कराई है कि करतासर से मोगास आने वाली सड़क पर कचरे का ढेर पड़ा हुआ है। ग्रामीण का आरोप है कि स्थानीय सरपंच इस कचरे को वहाँ से उठवा नहीं रहा है।3
- अजमेर जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में एकत्रित होकर कार्यकर्ताओं ने एक हस्ताक्षर अभियान चलाया और अपनी आवाज बुलंद करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। आंदोलनरत कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे लंबे समय से राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, मानदेय में बढ़ोतरी करने, सेवानिवृत्ति पर आर्थिक सुरक्षा और पदोन्नति सहित कई मांगों को लेकर सरकार से लगातार गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। कार्यकर्ताओं ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया, तो पूरे प्रदेश में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके साथ ही, जरूरत पड़ने पर वे कार्य बहिष्कार करने और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने जैसे सख्त कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने सरकार से जल्द वार्ता कर इन समस्याओं का समाधान करने की अपील की है।1
- अजमेर जिले के मांगलियावास और लामाना में पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से मियावाकी तकनीक पर आधारित दो सघन वन वृक्षारोपण कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। भारत विकास परिषद् की मुख्य शाखा ब्यावर के तत्वावधान में रविवार को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के तहत दोनों स्थानों पर 600-600 देसी पौधे लगाए जाएंगे। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8:30 बजे लामाना के गोपालपुरा से होगी, जिसके बाद सुबह 10:00 बजे मांगलियावास स्थित बी.आर. केल्सियम प्राइवेट लिमिटेड के नसीराबाद रोड परिसर में दूसरा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस अभियान के तहत नीम, कचनार, करंज, गूलर, पारस पीपल, सहजन, अर्जुन, हरसिंगार, सरस, केसिया श्यामा, चुरैल, अमरूद, अमलतास और पलाश जैसी विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे जाएंगे। भाविप के दीपक झंवर के अनुसार, सामान्य वृक्षारोपण की तुलना में मियावाकी तकनीक से पौधों का विकास काफी तेजी से होता है। इस तकनीक में मिट्टी की विशेष तैयारी के साथ गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट, कोकोपिट और जैविक मिश्रण का उपयोग किया जाता है, जिससे कम समय में घना वन तैयार हो जाता है। इन पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आदित्य ग्रुप द्वारा पूरे क्षेत्र की मजबूत तारबंदी करवाई गई है। इस पूरे आयोजन में मंगलम् ग्रुप, मांगलियावास भी सहयोगी की भूमिका निभा रहा है। आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों से इस कार्यक्रम में शामिल होकर पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान को सफल बनाने की अपील की है।3
- मध्य प्रदेश के धार जिले में भोजशाला कमाल मौला परिसर को लेकर आए हाई कोर्ट के फैसले के बाद सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह अभेद्य कर दिया गया है। अदालत के इस फैसले के बाद जिले के पुलिस कप्तान IPS सचिन शर्मा ने मीडिया के सामने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है, जिसकी चर्चा अब पूरे प्रदेश में हो रही है। एसपी सचिन शर्मा ने उन लोगों को सीधे लहजे में चेतावनी दी है जो अदालत के फैसले को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं या सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने में जुटे हैं। उन्होंने बेहद सख्त अंदाज में कहा कि जो लोग सोशल मीडिया या मीडिया के माध्यम से माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय का गलत इंटरप्रिटेशन (अनुवाद) कर रहे हैं, उन्हें वह आखिरी बार समझाइश देने आए हैं। उन्होंने साफ किया कि गुरुवार शाम तक का समय उनका था, लेकिन अब सिर्फ और सिर्फ कानून का पालन कराया जाएगा।1