पटना की लाठी का जवाब मधेपुरा में आग से: छात्रों ने फूंका सरकार का पुतला, आंदोलन तेज करने की चेतावनी पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का गुस्सा अब मधेपुरा की सड़कों पर फूट पड़ा है। छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट यूनियन ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का पुतला दहन कर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। भूपेंद्र चौक पर जुटे छात्र नेताओं ने सरकार पर छात्रों की आवाज को लाठी के दम पर दबाने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने घायल छात्र नेता गौतम आनंद के बेहतर इलाज, उचित मुआवजे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि अगर छात्रों की मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। तस्वीरें मधेपुरा के भूपेंद्र चौक की हैं। जहां हाथों में नारे लिखे पोस्टर, जुबां पर सरकार के खिलाफ नाराजगी और बीच सड़क पर जलता हुआ पुतला।पटना में हुए लाठीचार्ज के विरोध में छात्रों का आक्रोश खुलकर सामने आया। ऑल इंडिया स्टूडेंट यूनियन के विश्वविद्यालय अध्यक्ष सौरभ कुमार और जिला अध्यक्ष राहुल कुमार के नेतृत्व में छात्र नेताओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का पुतला फूंका। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। छात्र नेताओं का आरोप है कि पटना में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। संगठन ने छात्र नेता गौतम आनंद के घायल होने को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। छात्र नेताओं के मुताबिक गौतम आनंद के सिर में गंभीर चोट आई है और उन्हें कई टांके लगाए गए हैं। संगठन ने सरकार से उनके बेहतर इलाज की पूरी जिम्मेदारी लेने और उनके परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। ऑल इंडिया स्टूडेंट यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर मुरारी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि छात्रों की आवाज को लाठी के दम पर दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि छात्र नेता गौतम आनंद के साथ हुई घटना बेहद गंभीर है और सरकार को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। बाइट — ई. मुरारी, राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर मुरारी ने साफ कहा कि अगर सरकार छात्रों की जायज मांगों को गंभीरता से नहीं लेती है, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उनका कहना है कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय सरकार को उनके सवालों का जवाब देना चाहिए। वहीं प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर अंशु यादव ने बीपीएससी, एसएससी, पीएचडी स्कॉलर समेत प्रतियोगी छात्रों की मांगों को लेकर सरकार से तत्काल निर्णय लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। छात्र नेताओं ने कहा कि सरकार को यह समझना होगा कि युवाओं के सवाल सिर्फ सड़क पर नारे लगाने से खत्म नहीं होंगे। रोजगार, परीक्षा व्यवस्था, भर्ती प्रक्रिया और प्रतियोगी छात्रों की मांगों पर सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे। जिला प्रधान महासचिव विकास कुमार राजा और छात्र नेता गुड्डू कुमार ने भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि छात्रों की जायज मांगों को लाठी-डंडे के बल पर दबाया नहीं जा सकता। प्रदर्शनकारियों ने पटना लाठीचार्ज की जिम्मेदारी तय करने की मांग की और कहा कि दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं विश्वविद्यालय अध्यक्ष सौरभ कुमार और जिला अध्यक्ष राहुल कुमार ने कहा कि मधेपुरा में हुआ पुतला दहन सरकार के लिए स्पष्ट संदेश है। जब तक छात्रों की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, संगठन आंदोलन जारी रखेगा। प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यक्रम में छात्र नेत्री रूबी कुमारी, खुशबू कुमारी, रानी कुमारी, गौरव कुमार, विवेक कुमार, राजा कुमार, ओम यादव, रवि यादव, अस्मित आनंद, बिट्टू कुमार, निखिल आनंद, अमन कुमार और दर्शन कुमार समेत बड़ी संख्या में छात्र नेता मौजूद रहे। फिलहाल छात्र संगठन ने सरकार के सामने अपनी मांगें रख दी हैं।घायल छात्र को बेहतर इलाज, उचित मुआवजा, लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच और छात्रों की जायज मांगों का समाधान। सवाल अब सरकार से है। क्या छात्रों की आवाज सुनी जाएगी या सड़कों पर आंदोलन का दायरा और बढ़ेगा
पटना की लाठी का जवाब मधेपुरा में आग से: छात्रों ने फूंका सरकार का पुतला, आंदोलन तेज करने की चेतावनी पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का गुस्सा अब मधेपुरा की सड़कों पर फूट पड़ा है। छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट यूनियन ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का पुतला दहन कर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। भूपेंद्र चौक पर जुटे छात्र नेताओं ने सरकार पर छात्रों की आवाज को लाठी के दम पर दबाने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने घायल छात्र नेता गौतम आनंद के बेहतर इलाज, उचित मुआवजे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि अगर छात्रों की मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। तस्वीरें मधेपुरा के भूपेंद्र चौक की हैं। जहां हाथों में नारे लिखे पोस्टर, जुबां पर सरकार के खिलाफ नाराजगी और बीच सड़क पर जलता हुआ पुतला।पटना में हुए लाठीचार्ज के विरोध में छात्रों का आक्रोश खुलकर सामने
आया। ऑल इंडिया स्टूडेंट यूनियन के विश्वविद्यालय अध्यक्ष सौरभ कुमार और जिला अध्यक्ष राहुल कुमार के नेतृत्व में छात्र नेताओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का पुतला फूंका। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। छात्र नेताओं का आरोप है कि पटना में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। संगठन ने छात्र नेता गौतम आनंद के घायल होने को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। छात्र नेताओं के मुताबिक गौतम आनंद के सिर में गंभीर चोट आई है और उन्हें कई टांके लगाए गए हैं। संगठन ने सरकार से उनके बेहतर इलाज की पूरी जिम्मेदारी लेने और उनके परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। ऑल इंडिया स्टूडेंट यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर मुरारी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि छात्रों की आवाज को लाठी के दम पर दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि छात्र नेता गौतम आनंद के साथ हुई घटना बेहद गंभीर है
और सरकार को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। बाइट — ई. मुरारी, राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर मुरारी ने साफ कहा कि अगर सरकार छात्रों की जायज मांगों को गंभीरता से नहीं लेती है, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उनका कहना है कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय सरकार को उनके सवालों का जवाब देना चाहिए। वहीं प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर अंशु यादव ने बीपीएससी, एसएससी, पीएचडी स्कॉलर समेत प्रतियोगी छात्रों की मांगों को लेकर सरकार से तत्काल निर्णय लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। छात्र नेताओं ने कहा कि सरकार को यह समझना होगा कि युवाओं के सवाल सिर्फ सड़क पर नारे लगाने से खत्म नहीं होंगे। रोजगार, परीक्षा व्यवस्था, भर्ती प्रक्रिया और प्रतियोगी छात्रों की मांगों पर सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे। जिला प्रधान महासचिव विकास कुमार राजा और छात्र नेता गुड्डू कुमार ने भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि छात्रों की जायज मांगों को लाठी-डंडे
के बल पर दबाया नहीं जा सकता। प्रदर्शनकारियों ने पटना लाठीचार्ज की जिम्मेदारी तय करने की मांग की और कहा कि दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं विश्वविद्यालय अध्यक्ष सौरभ कुमार और जिला अध्यक्ष राहुल कुमार ने कहा कि मधेपुरा में हुआ पुतला दहन सरकार के लिए स्पष्ट संदेश है। जब तक छात्रों की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, संगठन आंदोलन जारी रखेगा। प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यक्रम में छात्र नेत्री रूबी कुमारी, खुशबू कुमारी, रानी कुमारी, गौरव कुमार, विवेक कुमार, राजा कुमार, ओम यादव, रवि यादव, अस्मित आनंद, बिट्टू कुमार, निखिल आनंद, अमन कुमार और दर्शन कुमार समेत बड़ी संख्या में छात्र नेता मौजूद रहे। फिलहाल छात्र संगठन ने सरकार के सामने अपनी मांगें रख दी हैं।घायल छात्र को बेहतर इलाज, उचित मुआवजा, लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच और छात्रों की जायज मांगों का समाधान। सवाल अब सरकार से है। क्या छात्रों की आवाज सुनी जाएगी या सड़कों पर आंदोलन का दायरा और बढ़ेगा
- बीपी मंडल जयंती पर मधेपुरा में सुरों का महासंगम, रितिका राज की आवाज पर झूमा पूरा स्टेडियम मधेपुरा में बीपी मंडल की 109वीं जयंती सिर्फ श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रही, बल्कि सामाजिक न्याय की विरासत के साथ कला और संस्कृति का भी भव्य उत्सव बन गई। बीएन मंडल स्टेडियम में सजी राजकीय सांस्कृतिक संध्या में जब इंडियन आइडल फेम रितिका राज ने मंच संभाला, तो तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा स्टेडियम गूंज उठा। लोकनृत्य, गायकी और सूफी संगीत के रंगों ने देर रात तक दर्शकों को बांधे रखा। मंच पर रोशनी सामने हजारों की भीड़ और माहौल में संगीत की गूंज। बीपी मंडल की 109वीं जयंती पर मधेपुरा में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। कला एवं संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन की ओर से बीएन मंडल स्टेडियम में भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी मंत्री शीला मंडल, विधानसभा उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव, जिलाधिकारी अभिषेक रंजन समेत तमाम जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। दीप प्रज्वलन के बाद मंच पर शुरू हुआ कला और संस्कृति का सिलसिला। सृजन दर्पण के रंगकर्मी विकास कुमार और उनकी टीम ने लोकनृत्य के जरिए बिहार की मिट्टी और परंपरा की खूबसूरत तस्वीर पेश की। इसके बाद इप्टा के कलाकारों ने नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों की तालियां बटोरीं। उमेश राम, मधुबाला भारती और संजीव कुमार की गायकी ने भी माहौल में संगीत का रंग घोल दिया। लेकिन कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण तब आया, जब भागलपुर के सूफी बैंड के बाद मंच पर पहुंचीं इंडियन आइडल फेम रितिका राज सिंह। रितिका के मंच पर आते ही दर्शकों का उत्साह चरम पर पहुंच गया। तालियों और सीटियों के बीच रितिका ने अपनी सुरीली आवाज में गीतों की ऐसी महफिल सजाई कि पूरा स्टेडियम सुरों में डूब गया। युवा दर्शक हों या परिवार के साथ पहुंचे लोग हर कोई रितिका की प्रस्तुति का आनंद लेता नजर आया। लोकप्रिय गीतों पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं और कलाकार का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम का संचालन संगीत शिक्षिका शशि प्रभा जायसवाल ने किया। आयोजन में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कलाकारों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की मौजूदगी रही। बीपी मंडल की जयंती पर सजी ये सांस्कृतिक शाम एक संदेश भी दे गई,सामाजिक न्याय की जिस चेतना ने बीपी मंडल को पहचान दी, उसी धरती पर कला और संस्कृति की आवाज भी उतनी ही बुलंद है।4
- मधेपुरा मे धूमधाम से मनाया गया बी पी मंडल का राजकीय जयंती समारोह मधेपुरा जिले के मुरहो गांव में मंगलवार को सामाजिक न्याय के पुरोधा बी पी मंडल का राजकीय जयंती समारोह जिला पदाधिकारी अभिषेक रंजन के अध्यक्षता में आयोजित की गई। बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल का जन्म 25 अगस्त 1918 को काशी में हुआ था। वे अपने राजनीतिक जीवन में तीन बार विधायक, एक बार एम एल सी, और तीन बार लोक सभा सांसद रह चुके थे। वे 1 फरबरी 1968 से 22 मार्च 1968 तक बिहार के मुख्यमंत्री पद पर भी रह चुके थे। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे मधेपुरा जिला पदाधिकारी को गॉड ऑफ ऑनर की सलामी दी गई साथ में मधेपुरा पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार सिंह भी मौजूद थे। सभी ने बी पी मंडल के समाधि स्थल पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारी एवं राजनेताओं सहित गणमान्य लोगों का स्वागत फूल का माला पहना कर एवं चादर देकर किया गया। सभी ने अपने संबोधन में बताया की बी पी मंडल किस खास जाती या धर्म के नेता नहीं थे बल्कि सबको एक नजर से देखते जिसके चलते उसे पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष बने जिसके बाद मंडल कमिशन लागू किया गया। वे बिहार विधान सभा के पहला चुनाव 1952 में मधेपुरा का पहला कांग्रेसी विधायक बने जो अपने ही सरकार पर पामा कांड को लेकर विरोध जताया था इतना ही नहीं वे विरोधी बेंच पर जा बैठे जहां खुल्लम खुल्ला अपने ही सरकार का विरोध करने लगे तो ऐसे थे बी पी मंडल का राजनीतिक जीवन जो अन्याय के खिलाफ और दलित पिछड़े वर्ग एवं शोषित का आवाज उठाते रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से बिहार विधान सभा के उपाध्यक्ष नरेन्द्र नारायण यादव, मधेपुरा के राजद विधायक प्रोफेसर चंद्रशेखर यादव, डॉक्टर भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, पूर्व विधायक ओम यादव सहित दर्जनों वरीय नेता एवं हजारों की संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।1
- छात्र आंदोलन में कूदा 6 साल का बच्चा ,सरकार को दे दिया चेतावनी1
- महिंद्रा ट्रैक्टर के ऊपर ट्रैक्टर चलाया गया रेलवे पर जो कि गांव पड़ता है लक्ष्मीनिया वार्ड नंबर 9 में जो की रेलवे में मिटटी भराई चल रहा था वहां पर ट्रैक्टर के ऊपर ट्रैक्टर चला दिया1
- दिन के उजाले में अपराधियों ने घर घुसकर हाथ साफ किया सहरसा जिले के पस्तपार थाना क्षेत्र में दिन-दहाड़े लूट की गई जिससे स्थानीय लोगों में डर और दहशत का माहौल हुआ, पामा गाँव वार्ड नंबर 9 के निवासी, बलराम कुमार उर्फ राजा कुमार पिता: स्वर्गीय भोला मेहता सुबह में जिरवा चौँक के समीप एक किराना का दुकान खोल रखा है, सभी परिवार साथ में बच्चे उसी दुकान पर थे, ग्रामीणों द्वारा बलराम उर्फ राजा को सूचना मिले की आप के घर पर शोर गुल हो रहा है। तब वह सभी परिवार घर पर आए तो देखें कि मकान के रूम का ताला टूटा हुआ घर में अटैची एवं बक्से का कपड़ा सामान बिखरा हुआ था, अज्ञात अपराधियों ने निशाना बनाया। लूटपाट की। वारदात के दौरान अपराधी घर में रखे सोने-चांदी, सोने कि नकमुनी, कान का झुमका, गले चैन, चांदी का पायल एवं तीन लाख सतासि हजार नगद राशि, पाँच लाख कि लगभग जेवरात कीमती जेवरात और नकदी लेकर मौके से फरार हो गए। पस्तपार् थाना अध्यक्ष को सूचना मिलने के बाद, पूरा दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर के सभी बिंदुओं पर जांच पड़ताल एवं चर्चा की पीड़ित परिवार ने पस्तपार थाना में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई जल्द गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले के खुलासे के लिए स्क्वायड डॉग को भी मौके पर बुलाया। डॉग स्क्वायड की मदद से अपराधियों के भागने की दिशा और संभावित सुराग जुटाने की कोशिश की गई, 1
- चुनाव आते ही मुखिया जी का प्यार जाग गया 😂 चुनाव आते ही चाचा-भैया-बाबूजी वाली रिश्तेदारी शुरू! 😂 WhatsApp पर प्रणाम और आशीर्वाद की बाढ़… लेकिन जनता पूछ रही है—पाँच साल का हिसाब कहाँ है? 🔥 देखिए Lock Mood News का मजेदार चुनावी Roast! 😄1
- सरस्वती शिशु मंदिर सिकरहटी में भैया-बहनों ने निकाली भव्य कांवड़ यात्रा कुमारखंड। प्रखंड मुख्यालय स्थित विद्या भारती विद्यालय सरस्वती शिशु मंदिर सिकरहटी में सावन माह के अंतिम सोमवार को भैया-बहनों ने भव्य कांवड़ यात्रा निकाली। विद्यालय के प्रधानाचार्य अजित कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस कांवड़ यात्रा में भैया-बहनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता दी। कुछ भैया बहन पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित माता पार्वती व शिव वेश धारण कर यात्रा में शामिल हुए। स्कूल परिसर में ही कांवड़ यात्रा एवं जलाभिषेक किया गया। मौके पर प्रधानाचार्य ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को भारतीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराने के साथ-साथ उनमें अनुशासन, सहनशीलता, सहयोग और सेवा-भाव का विकास करना था। कांवड़ यात्रा बच्चों के जीवन में आने वाली चुनौतियों का धैर्य और आत्मविश्वास के साथ सामना करने की प्रेरणा देती है।कार्यक्रम ने भैया बहनों में संस्कृति एवं संस्कारों के प्रति गहरी आस्था और उत्साह का संचार किया। इस अवसर विद्यालय के आचार्य जितेन्द्र कुमार झा, मदन कुमार, आरती कुमारी, नीतू राज, उषा कुमारी, राजू साह, पिंकी कुमारी, निलेश यादव एवं अन्य कर्मचारी गण और दर्जनों भैया बहन उपस्थित थे।1
- पटना की लाठी का जवाब मधेपुरा में आग से: छात्रों ने फूंका सरकार का पुतला, आंदोलन तेज करने की चेतावनी पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का गुस्सा अब मधेपुरा की सड़कों पर फूट पड़ा है। छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट यूनियन ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का पुतला दहन कर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। भूपेंद्र चौक पर जुटे छात्र नेताओं ने सरकार पर छात्रों की आवाज को लाठी के दम पर दबाने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने घायल छात्र नेता गौतम आनंद के बेहतर इलाज, उचित मुआवजे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि अगर छात्रों की मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। तस्वीरें मधेपुरा के भूपेंद्र चौक की हैं। जहां हाथों में नारे लिखे पोस्टर, जुबां पर सरकार के खिलाफ नाराजगी और बीच सड़क पर जलता हुआ पुतला।पटना में हुए लाठीचार्ज के विरोध में छात्रों का आक्रोश खुलकर सामने आया। ऑल इंडिया स्टूडेंट यूनियन के विश्वविद्यालय अध्यक्ष सौरभ कुमार और जिला अध्यक्ष राहुल कुमार के नेतृत्व में छात्र नेताओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का पुतला फूंका। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। छात्र नेताओं का आरोप है कि पटना में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। संगठन ने छात्र नेता गौतम आनंद के घायल होने को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। छात्र नेताओं के मुताबिक गौतम आनंद के सिर में गंभीर चोट आई है और उन्हें कई टांके लगाए गए हैं। संगठन ने सरकार से उनके बेहतर इलाज की पूरी जिम्मेदारी लेने और उनके परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। ऑल इंडिया स्टूडेंट यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर मुरारी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि छात्रों की आवाज को लाठी के दम पर दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि छात्र नेता गौतम आनंद के साथ हुई घटना बेहद गंभीर है और सरकार को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। बाइट — ई. मुरारी, राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर मुरारी ने साफ कहा कि अगर सरकार छात्रों की जायज मांगों को गंभीरता से नहीं लेती है, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उनका कहना है कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय सरकार को उनके सवालों का जवाब देना चाहिए। वहीं प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर अंशु यादव ने बीपीएससी, एसएससी, पीएचडी स्कॉलर समेत प्रतियोगी छात्रों की मांगों को लेकर सरकार से तत्काल निर्णय लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। छात्र नेताओं ने कहा कि सरकार को यह समझना होगा कि युवाओं के सवाल सिर्फ सड़क पर नारे लगाने से खत्म नहीं होंगे। रोजगार, परीक्षा व्यवस्था, भर्ती प्रक्रिया और प्रतियोगी छात्रों की मांगों पर सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे। जिला प्रधान महासचिव विकास कुमार राजा और छात्र नेता गुड्डू कुमार ने भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि छात्रों की जायज मांगों को लाठी-डंडे के बल पर दबाया नहीं जा सकता। प्रदर्शनकारियों ने पटना लाठीचार्ज की जिम्मेदारी तय करने की मांग की और कहा कि दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं विश्वविद्यालय अध्यक्ष सौरभ कुमार और जिला अध्यक्ष राहुल कुमार ने कहा कि मधेपुरा में हुआ पुतला दहन सरकार के लिए स्पष्ट संदेश है। जब तक छात्रों की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, संगठन आंदोलन जारी रखेगा। प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यक्रम में छात्र नेत्री रूबी कुमारी, खुशबू कुमारी, रानी कुमारी, गौरव कुमार, विवेक कुमार, राजा कुमार, ओम यादव, रवि यादव, अस्मित आनंद, बिट्टू कुमार, निखिल आनंद, अमन कुमार और दर्शन कुमार समेत बड़ी संख्या में छात्र नेता मौजूद रहे। फिलहाल छात्र संगठन ने सरकार के सामने अपनी मांगें रख दी हैं।घायल छात्र को बेहतर इलाज, उचित मुआवजा, लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच और छात्रों की जायज मांगों का समाधान। सवाल अब सरकार से है। क्या छात्रों की आवाज सुनी जाएगी या सड़कों पर आंदोलन का दायरा और बढ़ेगा4