बीस सूत्रीय कार्यक्रम में चम्पावत फिर अव्वल, 15 माह से प्रदेश में कायम है पहला स्थान -99.75 प्रतिशत प्रगति के साथ प्रदेश में शीर्ष पर जनपद, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर ----- चम्पावत। बीस सूत्रीय कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन में चम्पावत ने एक बार फिर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। जनपद पिछले 15 माह से लगातार उत्तराखंड में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। मंगलवार को विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में बताया गया कि जिले ने 99.75 प्रतिशत प्रगति दर्ज की है। बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति, उत्तराखंड सरकार के उपाध्यक्ष रामपाल सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी दीप्तिकीर्ति तिवारी ने बताया कि जनपद ने बीस सूत्रीय कार्यक्रम के विभिन्न मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में पहला स्थान बरकरार रखा है। उपाध्यक्ष रामपाल सिंह ने इस उपलब्धि पर जनपद प्रशासन और संबंधित विभागों की सराहना की। उन्होंने कहा कि चम्पावत ने विभिन्न श्रेणियों में बेहतर कार्य करते हुए प्रदेश के 13 जिलों में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। बैठक में उन्होंने सड़कों से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए ग्रामीण निर्माण विभाग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़े अधिकारियों के साथ अलग से बैठक कर समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। रामपाल सिंह ने अधिकारियों से कहा कि वे केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि योजनाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों में भी जाएं। योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना की सफलता तभी मानी जाएगी, जब उसका लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए सभी विभागों को समन्वित प्रयास करने होंगे। बैठक का संचालन जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी दीप्तिकीर्ति तिवारी ने किया।
बीस सूत्रीय कार्यक्रम में चम्पावत फिर अव्वल, 15 माह से प्रदेश में कायम है पहला स्थान -99.75 प्रतिशत प्रगति के साथ प्रदेश में शीर्ष पर जनपद, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर ----- चम्पावत। बीस सूत्रीय कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन में चम्पावत ने एक बार फिर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। जनपद पिछले 15 माह से लगातार उत्तराखंड में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। मंगलवार को विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में बताया गया कि
जिले ने 99.75 प्रतिशत प्रगति दर्ज की है। बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति, उत्तराखंड सरकार के उपाध्यक्ष रामपाल सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी दीप्तिकीर्ति तिवारी ने बताया कि जनपद ने बीस सूत्रीय कार्यक्रम के विभिन्न मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में पहला स्थान बरकरार रखा है। उपाध्यक्ष रामपाल सिंह ने इस उपलब्धि पर जनपद प्रशासन और संबंधित विभागों की सराहना की। उन्होंने कहा कि
चम्पावत ने विभिन्न श्रेणियों में बेहतर कार्य करते हुए प्रदेश के 13 जिलों में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। बैठक में उन्होंने सड़कों से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए ग्रामीण निर्माण विभाग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़े अधिकारियों के साथ अलग से बैठक कर समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। रामपाल सिंह ने अधिकारियों से कहा कि वे केवल कार्यालयों
तक सीमित न रहें, बल्कि योजनाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों में भी जाएं। योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना की सफलता तभी मानी जाएगी, जब उसका लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए सभी विभागों को समन्वित प्रयास करने होंगे। बैठक का संचालन जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी दीप्तिकीर्ति तिवारी ने किया।
- बीस सूत्रीय कार्यक्रम में चम्पावत फिर अव्वल, 15 माह से प्रदेश में कायम है पहला स्थान -99.75 प्रतिशत प्रगति के साथ प्रदेश में शीर्ष पर जनपद, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर ----- चम्पावत। बीस सूत्रीय कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन में चम्पावत ने एक बार फिर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। जनपद पिछले 15 माह से लगातार उत्तराखंड में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। मंगलवार को विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में बताया गया कि जिले ने 99.75 प्रतिशत प्रगति दर्ज की है। बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति, उत्तराखंड सरकार के उपाध्यक्ष रामपाल सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी दीप्तिकीर्ति तिवारी ने बताया कि जनपद ने बीस सूत्रीय कार्यक्रम के विभिन्न मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में पहला स्थान बरकरार रखा है। उपाध्यक्ष रामपाल सिंह ने इस उपलब्धि पर जनपद प्रशासन और संबंधित विभागों की सराहना की। उन्होंने कहा कि चम्पावत ने विभिन्न श्रेणियों में बेहतर कार्य करते हुए प्रदेश के 13 जिलों में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। बैठक में उन्होंने सड़कों से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए ग्रामीण निर्माण विभाग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़े अधिकारियों के साथ अलग से बैठक कर समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। रामपाल सिंह ने अधिकारियों से कहा कि वे केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि योजनाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों में भी जाएं। योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना की सफलता तभी मानी जाएगी, जब उसका लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए सभी विभागों को समन्वित प्रयास करने होंगे। बैठक का संचालन जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी दीप्तिकीर्ति तिवारी ने किया।4
- देखें पिथौरागढ़ और चंपावत का फटाफट अपडेट!देखें पिथौरागढ़ और चंपावत का फटाफट अपडेट! देखें पिथौरागढ़ और चंपावत का फटाफट अपडेट!1
- टनकपुर आईएसबीटी में 10 दिन बाद रोडवेज कर्मचारियों का धरना स्थगित, दीपक राजवार पहुंचे धरना स्थल! 700 नई बसों, नियमितीकरण और समान वेतन की मांग; एक सप्ताह में प्रस्ताव शासन को भेजने की उठाई मांग टनकपुर। टनकपुर आईएसबीटी परिसर में उत्तरांचल परिवहन मजदूर संघ के बैनर तले पिछले दस दिनों से चल रहा रोडवेज कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को स्थगित कर दिया गया। विधायक प्रतिनिधि दीपक राजवार और भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर कर्मचारियों से बातचीत की। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में संविदा एवं विशेष श्रेणी के कार्मिकों का नियमितीकरण, नियमितीकरण होने तक समान कार्य के लिए समान वेतन, परिवहन निगम के बेड़े में 700 नई बसों की व्यवस्था और प्रत्येक माह की सात तारीख तक वेतन भुगतान शामिल है। विशेष श्रेणी के कर्मचारियों के नियमितीकरण का प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर तैयार कर शासन को भेजने की मांग भी उठाई गई। जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में मिले आश्वासन के बाद संगठन ने धरना स्थगित करने का निर्णय लिया। संघ ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा में मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो दोबारा आंदोलन शुरू किया जाएगा। दस दिन के आंदोलन के बाद अब कर्मचारियों की निगाहें शासन और परिवहन निगम प्रबंधन की कार्रवाई पर टिकी हैं। टनकपुर आईएसबीटी में 10 दिन बाद रोडवेज कर्मचारियों का धरना स्थगित, दीपक राजवार पहुंचे धरना स्थल! 700 नई बसों, नियमितीकरण और समान वेतन की मांग; एक सप्ताह में प्रस्ताव शासन को भेजने की उठाई मांग टनकपुर। टनकपुर आईएसबीटी परिसर में उत्तरांचल परिवहन मजदूर संघ के बैनर तले पिछले दस दिनों से चल रहा रोडवेज कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को स्थगित कर दिया गया। विधायक प्रतिनिधि दीपक राजवार और भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर कर्मचारियों से बातचीत की। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में संविदा एवं विशेष श्रेणी के कार्मिकों का नियमितीकरण, नियमितीकरण होने तक समान कार्य के लिए समान वेतन, परिवहन निगम के बेड़े में 700 नई बसों की व्यवस्था और प्रत्येक माह की सात तारीख तक वेतन भुगतान शामिल है। विशेष श्रेणी के कर्मचारियों के नियमितीकरण का प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर तैयार कर शासन को भेजने की मांग भी उठाई गई। जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में मिले आश्वासन के बाद संगठन ने धरना स्थगित करने का निर्णय लिया। संघ ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा में मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो दोबारा आंदोलन शुरू किया जाएगा। दस दिन के आंदोलन के बाद अब कर्मचारियों की निगाहें शासन और परिवहन निगम प्रबंधन की कार्रवाई पर टिकी हैं।2
- - खटीमा में 14.97 करोड़ की सड़क परियोजना का शिलान्यास, सीएम धामी ने किया भूमि पूजन, बोले—प्रदेश के हर कोने में होगा समान विकास।1
- **दीपावली के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के कार्मिकों को दी बड़ी सौगात, 30 दिन के तदर्थ बोनस को मंजूरी** **राज्य के अराजपत्रित कर्मचारियों को अधिकतम ₹7,000 का मिलेगा तदर्थ बोनस** **समूह 'ग', 'घ' एवं पात्र समूह 'ख' के कर्मचारियों सहित दैनिक वेतनभोगी कार्मिकों को भी मिलेगा लाभ** मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार ने दीपावली के अवसर पर राज्य के कार्मिकों को बड़ी सौगात देते हुए वर्ष 2025-26 के लिए उत्पादकता असंबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) के भुगतान को स्वीकृति प्रदान की है। इस निर्णय से राज्य सरकार के हजारों कर्मचारियों के साथ ही विभिन्न राजकीय विभागों के कार्यप्रभारित कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं, स्थानीय निकायों, जिला पंचायतों तथा पात्र दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार अपने कार्मिकों के हितों और कल्याण के प्रति संवेदनशील है। प्रदेश के विकास में सरकारी कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। कर्मचारियों के परिश्रम, समर्पण और योगदान से ही सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों को धरातल पर प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जाता है। सरकार का प्रयास है कि कार्मिकों के हितों का ध्यान रखते हुए उन्हें समय-समय पर प्रोत्साहन एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। वित्त विभाग द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार राज्य सरकार के समूह 'ग' एवं 'घ' के कर्मचारियों तथा समूह 'ख' के उन सभी अराजपत्रित कर्मचारियों को तदर्थ बोनस अनुमन्य किया गया है, जिनका ग्रेड वेतन ₹4,800 (पुनरीक्षित वेतनमान ₹47,600-1,51,100, लेवल-8) तक है तथा जो उत्पादकता से संबद्ध किसी अन्य बोनस योजना के अंतर्गत नहीं आते हैं। स्वीकृत व्यवस्था के अंतर्गत पात्र कर्मचारियों को 30 दिन की परिलब्धियों के बराबर तदर्थ बोनस दिया जाएगा। इसके लिए अधिकतम मासिक परिलब्धियों की गणना सीमा ₹7,000 निर्धारित की गई है। इस आधार पर पात्र कर्मचारी को अधिकतम लगभग ₹6,908 का बोनस प्राप्त होगा। इस निर्णय में कैजुअल एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है। छह कार्यदिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में पिछले तीन वर्ष अथवा उससे अधिक अवधि में प्रत्येक वर्ष कम से कम 240 दिन तथा पांच कार्यदिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में प्रत्येक वर्ष कम से कम 206 दिन कार्य करने वाले पात्र दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी तदर्थ बोनस का लाभ मिलेगा। इनके लिए बोनस की गणना ₹1,200 की निर्धारित मासिक सीमा के आधार पर की जाएगी, जो अधिकतम लगभग ₹1,184 होगी। शासनादेश के अनुसार बोनस के लिए वही कर्मचारी पात्र होंगे, जो 31 मार्च, 2026 को सेवा में कार्यरत थे तथा जिन्होंने 31 मार्च, 2026 तक न्यूनतम छह माह की निरंतर एवं संतोषजनक सेवा पूरी की हो। छह माह से एक वर्ष तक की सेवा अवधि वाले पात्र कर्मचारियों को नियमानुसार आनुपातिक आधार पर बोनस का भुगतान किया जाएगा। इसके साथ ही स्थानीय निकायों एवं विकास प्राधिकरणों के लाभ में होने की स्थिति में वहां कार्यरत पात्र कार्मिकों को भी निर्धारित व्यवस्था के अनुसार तदर्थ बोनस का लाभ दिया जाएगा। इसका भुगतान संबंधित निकाय एवं विकास प्राधिकरण अपने संसाधनों से करेंगे। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार कार्मिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनके कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य एक ऐसा सकारात्मक कार्य वातावरण तैयार करना है, जिसमें प्रत्येक कार्मिक पूरी प्रतिबद्धता और उत्साह के साथ प्रदेश की प्रगति में अपना योगदान दे सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली खुशियों, उत्साह, समृद्धि और आपसी सद्भाव का पर्व है। इस अवसर पर कार्मिकों को तदर्थ बोनस की सौगात उनके और उनके परिवारों के लिए त्योहार की खुशियों को और बढ़ाने वाली होगी। राज्य सरकार भविष्य में भी कार्मिकों के हितों एवं कल्याण से जुड़े विषयों पर सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ निर्णय लेती रहेगी।1
- मुख्यमंत्री धामी का सीमांत क्षेत्रों के विकास पर बड़ा संदेश, नगला तराई में आधुनिक विद्यालय का किया लोकार्पण। खटीमा जिला ऊधम सिंह नगर1
- स्लग - मुख्यमंत्री धामी का सीमांत क्षेत्रों के विकास पर बड़ा संदेश, नगला तराई में आधुनिक विद्यालय का किया लोकार्पण। स्थान - खटीमा जिला ऊधम सिंह नगर रिपोर्ट - अशोक सरकार मो - 9758494633 एंकर/विजुअल -उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को अपने गृह क्षेत्र खटीमा दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने सीमांत क्षेत्रों के विकास और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीमांत गांवों को देश का अंतिम गांव नहीं, बल्कि पहला गांव बताया है। इसी सोच के साथ सरकार वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत सीमांत क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम कर रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊधम सिंह नगर के नेपाल सीमा से लगे गांवों के साथ-साथ पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी के सीमांत क्षेत्रों का विकास सरकार की प्राथमिकता है। इन क्षेत्रों में शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। स्कूलों में स्मार्ट क्लास, आधुनिक क्लासरूम और बच्चों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि सीमांत क्षेत्र के बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर अपने गांव, प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।इसी दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के नगला तराई स्थित मॉडल प्राथमिक विद्यालय के पुनर्निर्माण एवं आधुनिकीकरण कार्य का लोकार्पण किया। इसके साथ ही राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नगला तराई में मंच निर्माण और विद्यालय परिसर के सौंदर्यीकरण कार्य का भी लोकार्पण किया। इन दोनों विकास कार्यों पर कुल 65 लाख 7 हजार रुपये की लागत आई है।लोकार्पण के बाद मुख्यमंत्री ने विद्यालय में पढ़ने वाले नन्हे-मुन्ने बच्चों से मुलाकात कर उनसे आत्मीय संवाद किया। उन्होंने विद्यालय परिसर में लगाए गए झूलों और खेलकूद एवं शारीरिक गतिविधियों से जुड़े उपकरणों का निरीक्षण भी किया। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित विद्यालय में अब बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए अनुकूल सुविधाएं मिल सकेंगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत गांवों का विकास और शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। नगला तराई में विद्यालय के आधुनिकीकरण और सीमांत क्षेत्रों के विकास को लेकर दिए गए संदेश के जरिए मुख्यमंत्री ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और विकसित उत्तराखंड की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। बाइट -पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री उत्तराखंड1
- पेंशनभोगियों के लिए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान शुरू 30 नवंबर तक चलेगा विशेष अभियान, वृद्ध और असहाय पेंशनरों के घर पहुंचकर होगा सत्यापन चम्पावत। जनपद में पेंशनभोगियों की सुविधा के लिए एक नवंबर से राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र (डीएलसी) अभियान-5 शुरू हो गया है। 30 नवंबर तक चलने वाले इस अभियान के तहत पेंशनभोगी घर बैठे फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकेंगे। वरिष्ठ कोषाधिकारी मयंक सक्सेना ने बताया कि अभियान का उद्देश्य सभी पेंशनभोगियों को सरल और सुलभ तरीके से जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा उपलब्ध कराना है। इससे पेंशनरों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनेगी। उन्होंने बताया कि पेंशनभोगी अपने मोबाइल फोन के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक का उपयोग कर डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र जमा कर सकते हैं। अभियान का लाभ जिला कोषागार तथा सभी उप-कोषागारों से जुड़े पेंशनभोगियों को मिलेगा। वृद्ध, असहाय और शारीरिक रूप से अक्षम पेंशनरों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। प्रमुख बैंकों, डाकघरों और जन सेवा केंद्रों के सहयोग से विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। साथ ही 60 से 80 वर्ष तथा 80 वर्ष से अधिक आयु के जरूरतमंद पेंशनभोगियों के घर पहुंचकर भी डीएलसी सत्यापन किया जाएगा। कोषागार विभाग ने सभी उप-कोषागारों को प्रत्येक शनिवार जिला कोषागार कार्यालय को अभियान की प्रगति रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। शासन ने इस अभियान को प्राथमिकता कार्यक्रमों में शामिल किया है। जागरूकता शिविर की तिथियां 4 नवंबर : उप-कोषागार पाटी 16 नवंबर : उप-कोषागार लोहाघाट 23 नवंबर : उप-कोषागार टनकपुर 27 नवंबर : जिला कोषागार चम्पावत1