कांग्रेस ने नीट (NEET) पेपर लीक परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और देश में विभिन्न सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में हो रही देरी को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ एक राष्ट्रव्यापी अभियान छेड़ दिया है। इसी कड़ी में, जिला कांग्रेस कमेटी ने बलरामपुर के राजीव भवन में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया, जहाँ कांग्रेस नेताओं ने छात्रों के साथ हो रहे अन्याय पर सरकार पर जमकर निशाना साधा। प्रेस वार्ता के दौरान, कांग्रेस पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि देश का युवा आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। उन्होंने बताया कि एक तरफ तो कड़ी मेहनत के बावजूद नीट जैसी बड़ी परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कई सरकारी भर्तियों के नतीजे अटके पड़े हैं या उनकी प्रक्रियाओं में जानबूझकर देरी की जा रही है। कांग्रेस ने इन घटनाओं को देश के लाखों छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ करार दिया। कांग्रेस ने इस बात पर जोर दिया कि वह इस अन्याय के खिलाफ खामोश नहीं बैठेगी और सड़क से लेकर संसद तक छात्रों की आवाज को बुलंद करेगी। बलरामपुर के ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष समीर सिंह देव ने भी नीट पेपर लीक परीक्षा में गड़बड़ियों और सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में हो रही देरी को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस के इस अभियान की पुष्टि की।
कांग्रेस ने नीट (NEET) पेपर लीक परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और देश में विभिन्न सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में हो रही देरी को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ एक राष्ट्रव्यापी अभियान छेड़ दिया है। इसी कड़ी में, जिला कांग्रेस कमेटी ने बलरामपुर के राजीव भवन में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया, जहाँ कांग्रेस नेताओं ने छात्रों के साथ हो रहे अन्याय पर सरकार पर जमकर निशाना साधा। प्रेस वार्ता के दौरान, कांग्रेस पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि देश का युवा आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। उन्होंने बताया कि एक तरफ तो कड़ी मेहनत के बावजूद नीट जैसी बड़ी परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कई सरकारी भर्तियों के नतीजे अटके पड़े हैं या उनकी प्रक्रियाओं में जानबूझकर देरी की जा रही है। कांग्रेस ने इन घटनाओं को देश के लाखों छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ करार दिया। कांग्रेस ने इस बात पर जोर दिया कि वह इस अन्याय के खिलाफ खामोश नहीं बैठेगी और सड़क से लेकर संसद तक छात्रों की आवाज को बुलंद करेगी। बलरामपुर के ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष समीर सिंह देव ने भी नीट पेपर लीक परीक्षा में गड़बड़ियों और सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में हो रही देरी को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस के इस अभियान की पुष्टि की।
- जनपद पंचायत कुसमी के अंतर्गत ग्राम पंचायत कंजिया में लगभग 10 लाख रुपये की लागत से निर्मित पुलिया विवादों में घिर गई है। ग्रामीणों और वार्ड पंचों ने आरोप लगाया है कि इस पुलिया का निर्माण ऐसे स्थान पर कराया गया, जहाँ इसकी कोई आवश्यकता नहीं थी, जबकि गांव में लंबे समय से सीसी रोड निर्माण की मांग को नजरअंदाज किया गया। ग्रामीणों का दावा है कि पुलिया निर्माण की जानकारी न तो ग्रामसभा में दी गई और न ही उनसे कोई राय ली गई, जिससे पूरे मामले में पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। उनका कहना है कि कई जरूरी विकास कार्य लंबित होने के बावजूद अनावश्यक निर्माण को प्राथमिकता दी गई। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार, पुलिया निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया, जिसमें 20 एमएम गिट्टी के स्थान पर डब्ल्यूएमएम डस्ट और निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया गया है। पहली नजर में ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता संदिग्ध दिख रही है, जिससे शासकीय राशि के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि सीसी रोड की उनकी पुरानी मांग अब भी अधूरी है, जबकि पुलिया का निर्माण तेजी से पूरा कर दिया गया। इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए ग्रामीणों ने कहा है कि यदि जांच में अनियमितता या भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। जनपद पंचायत कुसमी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) अभिषेक पांडे ने इस संबंध में जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आश्वस्त किया है कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही या निर्माण गुणवत्ता में कमी पाई जाती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।3
- बलरामपुर जिले के वन परिक्षेत्र में वन विभाग की नाक के नीचे ही 'पेड़ों की हत्या' का गंभीर खेल चल रहा है। यहां साहबों के दफ्तर के ठीक पीछे साल के पेड़ों को गाडलिंग कर सुखाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य बाद में उन पर अवैध कब्जा करना है। कांग्रेस जिला प्रभारी संजीत चौबे ने खुद एक वीडियो बनाकर इस पूरे मामले की पोल खोली है और विभाग की मिलीभगत पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग के फॉरेस्ट अफसर इस स्थिति से भली-भांति परिचित होने के बावजूद अंधे-बहरे बने बैठे हैं। जनता अब यह सवाल पूछ रही है कि क्या अधिकारी कुंभकर्णी नींद में हैं या फिर उनका 'हिस्सा' उन तक पहुंच चुका है।1
- मुहर्रम पर्व के पावन अवसर पर शुक्रवार को रबदा खुरा-कंचनपुर में मोहर्रम उर्स कमिटी द्वारा भव्य मान-सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। सुबह आठ बजे से दश बजे तक चले इस कार्यक्रम का नेतृत्व कमिटी के सदर गुलजार अंसारी और सचिव असगर अंसारी ने किया। इस दौरान क्षेत्र के लोगों की भारी भीड़ उमड़ी और सभी ने पारंपरिक खेल-कूद व हैरतअंगेज करतबों का भरपूर आनंद लिया। कार्यक्रम में लाठी, डंडा और भाला सहित कई पारंपरिक युद्धक कलाओं का शानदार प्रदर्शन किया गया, जिसने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। कलीम अंसारी ने अपने अद्भुत कौशल से सबसे अधिक आकर्षण बटोरा; उन्होंने मुंह से तलवार उठाने और आंख से सुई उठाने जैसे बेहद कठिन व रोमांचक करतब प्रस्तुत कर दर्शकों को आश्चर्यचकित कर दिया, जिस पर लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया। इसके अतिरिक्त, कमिटी के सदर जैनूल्हा अंसारी और उनके पोते हसनैन अंसारी ने लाठी-डंडे के पारंपरिक खेल का शानदार प्रदर्शन कर खूब मनोरंजन किया, उनकी फुर्ती और कौशल की दर्शकों ने जमकर सराहना की। इस अवसर पर रंका थाना प्रभारी रवि कुमार केसरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ उत्तरी जिला परिषद प्रतिनिधि सदस्य वीरेन्द्र तिवारी, रौशन पाठक, डॉ. इस्लाम, डॉ. एकरामुद्दीन, स्मिनुद्दीन खलीफा, कंचनपुर पंचायत के भावी मुखिया संजय राम, मुखिया प्रतिनिधि शेखर कुमार, उपमुखिया प्रतिनिधि चंद्रशेखर तिवारी, बीडीसी शिवशंकर राम सहित बड़ी संख्या में कमिटी के सदस्य, गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीण मौजूद रहे।1
- बिहार के स्कूलों में दिन-दहाड़े हथियारों की मौजूदगी और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कई घटनाओं ने इस चिंता को और बढ़ा दिया है, जिसमें एक सरकारी शिक्षक द्वारा स्कूल में बंदूक लाने और धमकी देने से लेकर एक बच्चे द्वारा स्कूल में गोली चलाने तक की वारदातें शामिल हैं। बीते 31 जुलाई को सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज के एक स्कूल में एक नर्सरी का बच्चा अपने स्कूल बैग में बंदूक लेकर पहुँच गया था। इस बच्चे ने तीसरी कक्षा के एक छात्र को गोली भी मार दी, हालाँकि सौभाग्य से वह छात्र बच गया। इसके अतिरिक्त, बिहार के एक सरकारी शिक्षक पर आरोप है कि वह स्कूल में बंदूक लेकर आते हैं, उसे लहराते हैं और "ठोक देंगे" जैसी धमकियाँ देते हैं। स्कूलों में हथियारों की यह समस्या केवल बिहार तक सीमित नहीं है, क्योंकि राघौगढ़ ब्लॉक के ग्रामीणों ने भी एक सरकारी स्कूल के शिक्षक पर बंदूक लेकर स्कूल आने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने इस पूरी घटना का एक वीडियो भी बनाया है, जो अब वायरल हो रहा है और जिसके बाद मामले में नोटिस जारी किया गया है। 1994 के गन-फ्री स्कूल्स एक्ट में यह प्रावधान है कि स्कूल में बंदूक लाने वाले छात्रों को ज़्यादातर मामलों में कम से कम एक साल के लिए निष्कासित कर दिया जाए। इन घटनाओं के बावजूद, यह स्पष्ट नहीं है कि स्कूलों में कितने बच्चे बंदूकों के साथ पकड़े जाते हैं, जो बच्चों की सुरक्षा पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।1
- प्रदेश में भाजपा के सत्ता में आने के ढाई साल बाद नगरीय निकायों में एल्डरमैनों की नियुक्ति कर दी गई है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने अंबिकापुर नगर निगम के साथ-साथ सीतापुर और लखनपुर नगर पंचायतों के लिए मनोनीत पार्षदों की सूची जारी की है। अंबिकापुर निगम में नौ, जबकि लखनपुर और सीतापुर नगर पंचायत में तीन-तीन एल्डरमैन नियुक्त किए गए हैं। इस घोषणा के बाद तीनों ही नगरीय निकायों के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि छत्तीसगढ़ में भाजपा की सत्ता में वापसी के बाद यह पहला अवसर है जब एल्डरमैनों की नियुक्ति हुई है। ये नियुक्तियाँ छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 और छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम, 1961 के तहत मिले अधिकारों का प्रयोग करते हुए की गई हैं। सभी मनोनीत पार्षदों को तत्काल प्रभाव से अपनी जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए गए हैं, और वे आगामी आदेश तक अपने पदों पर बने रहेंगे। अंबिकापुर नगर निगम के लिए जिन नौ एल्डरमैनों की नियुक्ति हुई है, उनमें करता राम गुप्ता, सावित्री जायसवाल, राजबहादुर सिंह, शरद सिन्हा, किरण सोनी, संतोष दास, तजिंदर बग्गा, रमेश जायसवाल और श्रीधर केशरी (दिव्यांग) शामिल हैं। इन नियुक्तियों के साथ, अंबिकापुर नगर निगम में अब महापौर और 48 पार्षदों के अलावा नौ मनोनीत पार्षद हो गए हैं। नवनियुक्त एल्डरमैनों में करता राम गुप्ता पूर्व पार्षद और भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं, वहीं संतोष दास और तजिंदर बग्गा सहित अन्य मनोनीत पार्षद लंबे समय से पार्टी में पदाधिकारी और कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत हैं। इसी प्रकार, लखनपुर नगर पंचायत में दिनेश गुप्ता, प्रदीप गुप्ता और मालती कश्यप को एल्डरमैन नियुक्त किया गया है, जबकि सीतापुर नगर पंचायत के लिए नेमलाल गुप्ता, अमृता पैंकरा और अनेश्वर गुप्ता को मनोनीत पार्षद बनाया गया है। इन मनोनीत पार्षदों और उनके परिजनों तथा समर्थकों में अपनी सूची में नाम देखकर हर्ष का माहौल है, और उनका मुंह मीठा कराकर एवं फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया।1
- गढ़वा जिले में अब आरओ मशीनें मात्र ₹4500 में उपलब्ध हैं। ये मशीनें 1 साल की गारंटी के साथ मिल रही हैं, जिससे परिवारों को शुद्ध और सुरक्षित पीने का पानी मिल सके। यह उन लोगों के लिए एक किफायती विकल्प बताया जा रहा है जो अपने परिवार के लिए स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करना चाहते हैं।1
- झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हाल ही में राज्य के विभिन्न विभागों में हज़ारों महिलाओं को नियुक्ति-पत्र वितरित किए हैं। इन नियुक्तियों में 62 बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) और 237 महिला पर्यवेक्षिकाएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने 319 शिक्षकों और 17 महिला पर्यवेक्षिकाओं को भी नियुक्ति-पत्र सौंपे हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग को मज़बूत करने के उद्देश्य से 62 बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों (CDPO) और 237 महिला पर्यवेक्षकों को नियुक्ति-पत्र दिए गए। रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान 319 सहायक शिक्षकों और 17 महिला पर्यवेक्षकों को उनकी नियुक्तियां सौंपी गईं। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने के लिए 262 स्वास्थ्यकर्मियों को भी नियुक्ति-पत्र वितरित किए गए, जिनमें फूड सेफ्टी ऑफिसर, स्पेशलिस्ट मेडिकल ऑफिसर, सीनियर हॉस्पिटल मैनेजर और फाइनेंस मैनेजर जैसे पद शामिल हैं। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग की पासिंग आउट परेड में भी महिला भागीदारी की सराहना की, जहाँ 81 महिला पुलिस कांस्टेबलों ने अपना प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया है।1
- अंबिकापुर के गांधीनगर स्थित पीजी कॉलेज ग्राउंड के आसपास उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब कुछ युवतियों के बीच अचानक विवाद छिड़ गया। देखते ही देखते यह विवाद उग्र रूप ले लिया और युवतियों के बीच जमकर मारपीट शुरू हो गई, जिससे सड़क पर करीब एक घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दौरान हंगामा, रोना-धोना और तीखी बहस का दौर चलता रहा। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इस पूरे विवाद की जड़ एक गुम हुआ मोबाइल फोन बताया जा रहा है। मोबाइल को लेकर शुरू हुई मामूली कहासुनी ने जल्द ही मारपीट का रूप ले लिया, जिसमें अंबिकापुर सरगुजा जिले के गांधीनगर में 3 युवतियां आपस में भिड़ गईं।1