सुजानपुर में स्मार्ट मीटर को लेकर महिलाओं ने एसडीओ को सौंपा ज्ञापन महिला मंडल बरोग पटलादर की महिलाएं पहुंची उपमंडल अधिकारी कार्यालय स्मार्ट मीटर का किया विरोध कर एसडीएम अधिकारी को सौपा मांग पत्र सुजानपुर: प्रदेश में बिजली विभाग में स्मार्ट मीटर लगाने का ग्रामीणों ने विरोध दर्ज करवाया है। सुजानपुर उपमंडल के तहत आने वाले महिला मंडल बरोग पटलांदर के ग्रामीणों ने एसडीएम सुजानपुर को ज्ञापन सौंप कर स्मार्ट मीटर लगाने के लिए विरोध दर्ज करवाया है। इस अवसर पर आए हुए महिलाओं व ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौप कर मांग की है कि स्मार्ट मीटर न लगाए जाए क्योंकि इससे लोगों को काफी दिक्कते पेश आएगी। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का कहना है कि जिन घरों में बुजुर्ग है और मोबाइल का ज्ञान नही रखते है उनके लिए स्मार्ट मीटर समस्या बन रहा है क्योंकि वह इंटरनेट व मोबाइल का इस्तेमाल नही कर सकते है। इसलिए एसडीएम के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा है ताकि स्मार्ट मीटर न लगाए जाए।
सुजानपुर में स्मार्ट मीटर को लेकर महिलाओं ने एसडीओ को सौंपा ज्ञापन महिला मंडल बरोग पटलादर की महिलाएं पहुंची उपमंडल अधिकारी कार्यालय स्मार्ट मीटर का किया विरोध कर एसडीएम अधिकारी को सौपा मांग पत्र सुजानपुर: प्रदेश में बिजली विभाग में स्मार्ट मीटर लगाने का ग्रामीणों ने विरोध दर्ज करवाया है। सुजानपुर उपमंडल के तहत आने वाले महिला
मंडल बरोग पटलांदर के ग्रामीणों ने एसडीएम सुजानपुर को ज्ञापन सौंप कर स्मार्ट मीटर लगाने के लिए विरोध दर्ज करवाया है। इस अवसर पर आए हुए महिलाओं व ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौप कर मांग की है कि स्मार्ट मीटर न लगाए जाए क्योंकि इससे लोगों को काफी दिक्कते पेश आएगी। प्रतिनिधिमंडल के
सदस्यों का कहना है कि जिन घरों में बुजुर्ग है और मोबाइल का ज्ञान नही रखते है उनके लिए स्मार्ट मीटर समस्या बन रहा है क्योंकि वह इंटरनेट व मोबाइल का इस्तेमाल नही कर सकते है। इसलिए एसडीएम के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा है ताकि स्मार्ट मीटर न लगाए जाए।
- सुजानपुर: प्रदेश में बिजली विभाग में स्मार्ट मीटर लगाने का ग्रामीणों ने विरोध दर्ज करवाया है। सुजानपुर उपमंडल के तहत आने वाले महिला मंडल बरोग पटलांदर के ग्रामीणों ने एसडीएम सुजानपुर को ज्ञापन सौंप कर स्मार्ट मीटर लगाने के लिए विरोध दर्ज करवाया है। इस अवसर पर आए हुए महिलाओं व ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौप कर मांग की है कि स्मार्ट मीटर न लगाए जाए क्योंकि इससे लोगों को काफी दिक्कते पेश आएगी। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का कहना है कि जिन घरों में बुजुर्ग है और मोबाइल का ज्ञान नही रखते है उनके लिए स्मार्ट मीटर समस्या बन रहा है क्योंकि वह इंटरनेट व मोबाइल का इस्तेमाल नही कर सकते है। इसलिए एसडीएम के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा है ताकि स्मार्ट मीटर न लगाए जाए।3
- हमीरपुर नशा मुक्त अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए भोरंज की उपमंडल स्तरीय नशा निवारण समिति विशेष प्रयास कर रही है और कई जागरुकता गतिविधियां आयोजित कर रही है। इसी कड़ी में 18 फरवरी को ग्राम पंचायत भौंखर में नशा जागरुकता कार्यशाला आयोजित की जाएगी। एसडीएम एवं उपमंडल स्तरीय नशा निवारण समिति के अध्यक्ष शशिपाल शर्मा ने वीरवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करके नशा मुक्त अभियान की समीक्षा की तथा भौंखर में आयोजित की जाने वाली कार्यशाला की रूपरेखा तय की। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त अभियान को सफल बनाने के लिए सभी नागरिकों का सक्रिय सहयोग बहुत जरूरी है। इसके लिए आम लोगों में जागरुकता सबसे जरूरी है। इसी के मद्देनजर उपमंडल स्तरीय समिति जन जागरुकता पर विशेष जोर दे रही है। एसडीएम ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज और अन्य विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सभी जागरुकता कार्यक्रमों में अधिक से अधिक लोगों, विशेषकर युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करें तथा उन्हें नशे के दुष्प्रभावों से अवगत करवाएं। बैठक में तहसील कल्याण अधिकारी बलदेव चंदेल, डिग्री कालेज से डॉ. प्रिंस ठाकुर, सीनियर सेकंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य अनिल डोगरा, भोरंज के थाना प्रभारी प्रशांत ठाकुर, बाल विकास परियोजना अधिकारी सुनील कुमार, बीएमओ कार्यालय से संजीव कतना, आईटीआई के प्रशिक्षण प्रभारी संजीव कुमार धीमान और अन्य अधिकारियों ने भाग लिया1
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- स्वर्गद्वारी की स्मृति में जोगिंदर नगर के मोरडुघ गांव में ग्रामीणों ने बनाया मंदिर। सुनिए, गांव के बुजुर्ग मेघ सिंह जी स्वर्गद्वारी के बारे में जानकारी देते हुए।1
- बड़सर जिला हमीरपुर के उपमंडल बड़सर के अंतर्गत आने वाले ढटवाल क्षेत्र में अवैध खनन का गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। शुक्र खड्ड क्षेत्र में खुलेआम खनन किया जा रहा है और इसे रोकने वाला कोई नजर नहीं आ रहा। स्थानीय लोगों के अनुसार खनन माफियाओं ने खड्ड में चार से पांच फीट तक गहरे गड्ढे खोद दिए हैं, जिससे क्षेत्र की भौगोलिक संरचना पूरी तरह बिगड़ चुकी है।जानकारी के मुताबिक क्रेशर की लीज और भूर्जियों तक ही खनन की सीमित अनुमति थी, लेकिन इसके बाहर भी दिनदहाड़े 15 से 20 ट्रैक्टर लगातार खनिज सामग्री उठाकर ले जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि खड्डों से बजरी और पत्थर उठाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा हुआ है, इसके बावजूद ट्रैक्टरों में भर-भरकर पत्थर ढोए जा रहे हैं। इससे साफ संकेत मिलता है कि खनन माफिया नियमों और कानून को खुलेआम चुनौती दे रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रहे अवैध खनन से खेतों की जमीन कमजोर हो गई है और खड्डों के किनारे बसे इलाकों में खतरा बढ़ता जा रहा है। बरसात के मौसम में इन गहरे गड्ढों के कारण बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके अलावा भारी ट्रैक्टरों की आवाजाही से ग्रामीण संपर्क सड़कों को भी नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को अवगत करवाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों की मांग है कि अवैध खनन पर तुरंत रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि पर्यावरण और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। बॉक्स ढटवाल क्षेत्र की शुक्र खड्ड में क्रेशर संचालकों द्वारा अवैध खनन की लगातार शिकायतें मिलने के बाद पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। डीएसपी बड़सर लालमन ने कहा कि शिकायतों के आधार पर बहुत जल्द मौके पर निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर खनन माफिया के चालान किए जाएंगे और अवैध गतिविधियों पर शिकंजा कसा जाएगा। उन्होंने दो टूक कहा कि जो लोग प्रकृति के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।2
- ऊना। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू वीरवार को जिला ऊना के संक्षिप्त दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्र सरकार द्वारा रिवेन्यू डिफिसिट ग्रांट समाप्त किए जाने के फैसले को लेकर प्रदेश भाजपा पर जोरदार हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि आरडीजी खत्म करने का निर्णय हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य के लिए घातक साबित होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी केंद्र सरकार के इस फैसले के साथ खड़ी है, और यदि हां, तो उसे प्रदेश की जनता को सच्चाई बतानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पहले ही गंभीर आर्थिक चुनौतियों से गुजर रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा मिलने वाली आरडीजी को समाप्त करना प्रदेश के अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम केंद्र द्वारा प्रदेश के साथ किए जा रहे अन्याय का हिस्सा है। इसके चलते विकास कार्य प्रभावित होंगे और आम जनता के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उनकी सरकार जनता की सेवा के उद्देश्य से सत्ता में आई है और प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा।1
- सुजानपुर : जिला प्रशासन द्वारा टोणी देवी - उहल - कक्कड़ सड़क को रिपेयरिंग के लिए 20 फरवरी तक बंद किए जाने के नोटिफिकेशन पर सुजानपुर के कांग्रेस विधायक कैप्टन रंजीत सिंह ने कड़ा संज्ञान लिया है । उन्होंने कहा कि झोखर क्षेत्र में डंगा गिरने से लोग पहले ही भारी परेशानियों से जूझ रहे हैं और अब पूरे मार्ग को बंद कर देना आम जनता के लिए मुश्किलें बढ़ने वाला काम है । विधायक कैप्टन रणजीत सिंह राणा ने कहा कि इन दिनों विवाह - शादियों का सीजन चल रहा है। इसके अलावा छात्र ,कर्मचारी और मरीज रोजाना इसी सड़क से आवाजाही करते हैं । ऐसे में टोणी देवी -उहल - कक्कड़ सड़क को पूरी तरह से बंद करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है । उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की सुविधा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। विधायक ने बताया कि उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से बातचीत की है और उन्हें निर्देश दिए हैं कि मरम्मत कार्य के दौरान सड़क को पूरी तरह बंद ना किया जाए । साथ ही कार्य में तेजी लाकर जल्द से जल्द स्थिति सामान्य करने को कहा गया है। जनता को राहत देने के लिए विधायक ने झोखर के दोनों और शटल बस सेवा शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इससे छात्राओं ,कर्मचारीयों ,मरीजों और आम लोगों को सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से के दोनों तरफ बस सुविधा उपलब्ध होगी और उन्हें अनावश्यक पैदल चलने या निजी साधनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। कैप्टन रंजीत सिंह राणा ने भरोसा दिलाया है कि वे स्वयं इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि जनता की सुविधा के लिए उनकी प्राथमिकता है और किसी भी सूरत में लोगों को अनावश्यक परेशानी नहीं होने दी जाएगी।1