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Dinesh Kumar
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- हमीरपुर नशा मुक्त अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए भोरंज की उपमंडल स्तरीय नशा निवारण समिति विशेष प्रयास कर रही है और कई जागरुकता गतिविधियां आयोजित कर रही है। इसी कड़ी में 18 फरवरी को ग्राम पंचायत भौंखर में नशा जागरुकता कार्यशाला आयोजित की जाएगी। एसडीएम एवं उपमंडल स्तरीय नशा निवारण समिति के अध्यक्ष शशिपाल शर्मा ने वीरवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करके नशा मुक्त अभियान की समीक्षा की तथा भौंखर में आयोजित की जाने वाली कार्यशाला की रूपरेखा तय की। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त अभियान को सफल बनाने के लिए सभी नागरिकों का सक्रिय सहयोग बहुत जरूरी है। इसके लिए आम लोगों में जागरुकता सबसे जरूरी है। इसी के मद्देनजर उपमंडल स्तरीय समिति जन जागरुकता पर विशेष जोर दे रही है। एसडीएम ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज और अन्य विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सभी जागरुकता कार्यक्रमों में अधिक से अधिक लोगों, विशेषकर युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करें तथा उन्हें नशे के दुष्प्रभावों से अवगत करवाएं। बैठक में तहसील कल्याण अधिकारी बलदेव चंदेल, डिग्री कालेज से डॉ. प्रिंस ठाकुर, सीनियर सेकंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य अनिल डोगरा, भोरंज के थाना प्रभारी प्रशांत ठाकुर, बाल विकास परियोजना अधिकारी सुनील कुमार, बीएमओ कार्यालय से संजीव कतना, आईटीआई के प्रशिक्षण प्रभारी संजीव कुमार धीमान और अन्य अधिकारियों ने भाग लिया1
- Post by Dinesh Kumar1
- बड़सर जिला हमीरपुर के उपमंडल बड़सर के अंतर्गत आने वाले ढटवाल क्षेत्र में अवैध खनन का गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। शुक्र खड्ड क्षेत्र में खुलेआम खनन किया जा रहा है और इसे रोकने वाला कोई नजर नहीं आ रहा। स्थानीय लोगों के अनुसार खनन माफियाओं ने खड्ड में चार से पांच फीट तक गहरे गड्ढे खोद दिए हैं, जिससे क्षेत्र की भौगोलिक संरचना पूरी तरह बिगड़ चुकी है।जानकारी के मुताबिक क्रेशर की लीज और भूर्जियों तक ही खनन की सीमित अनुमति थी, लेकिन इसके बाहर भी दिनदहाड़े 15 से 20 ट्रैक्टर लगातार खनिज सामग्री उठाकर ले जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि खड्डों से बजरी और पत्थर उठाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा हुआ है, इसके बावजूद ट्रैक्टरों में भर-भरकर पत्थर ढोए जा रहे हैं। इससे साफ संकेत मिलता है कि खनन माफिया नियमों और कानून को खुलेआम चुनौती दे रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रहे अवैध खनन से खेतों की जमीन कमजोर हो गई है और खड्डों के किनारे बसे इलाकों में खतरा बढ़ता जा रहा है। बरसात के मौसम में इन गहरे गड्ढों के कारण बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके अलावा भारी ट्रैक्टरों की आवाजाही से ग्रामीण संपर्क सड़कों को भी नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को अवगत करवाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों की मांग है कि अवैध खनन पर तुरंत रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि पर्यावरण और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। बॉक्स ढटवाल क्षेत्र की शुक्र खड्ड में क्रेशर संचालकों द्वारा अवैध खनन की लगातार शिकायतें मिलने के बाद पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। डीएसपी बड़सर लालमन ने कहा कि शिकायतों के आधार पर बहुत जल्द मौके पर निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर खनन माफिया के चालान किए जाएंगे और अवैध गतिविधियों पर शिकंजा कसा जाएगा। उन्होंने दो टूक कहा कि जो लोग प्रकृति के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।2
- सुजानपुर: प्रदेश में बिजली विभाग में स्मार्ट मीटर लगाने का ग्रामीणों ने विरोध दर्ज करवाया है। सुजानपुर उपमंडल के तहत आने वाले महिला मंडल बरोग पटलांदर के ग्रामीणों ने एसडीएम सुजानपुर को ज्ञापन सौंप कर स्मार्ट मीटर लगाने के लिए विरोध दर्ज करवाया है। इस अवसर पर आए हुए महिलाओं व ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौप कर मांग की है कि स्मार्ट मीटर न लगाए जाए क्योंकि इससे लोगों को काफी दिक्कते पेश आएगी। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का कहना है कि जिन घरों में बुजुर्ग है और मोबाइल का ज्ञान नही रखते है उनके लिए स्मार्ट मीटर समस्या बन रहा है क्योंकि वह इंटरनेट व मोबाइल का इस्तेमाल नही कर सकते है। इसलिए एसडीएम के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा है ताकि स्मार्ट मीटर न लगाए जाए।3
- झंडूता विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री सुखबिंद्र सिंह सुक्खू ने झंडूता की जनता को करोड़ों की सौगात दी। मुख्यमंत्री सुखबिंद्र सिंह सुक्खू द्वारा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव एवं झंडूता कांग्रेस नेता विवेक कुमार द्वारा रखी गई मांगों को पूरा किया। मुख्यमंत्री ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बरठीं को सीबीएसई बनाने की घोषणा की। इसके अलावा बरठीं में पुलिस चौकी खोली जाएगी। यही नहीं सिविल अस्पताल बरठीं में जल्द ही चिकित्सकों की तैनाती कर दी जाएगी। खास बात यह रही है कि बरठीं और झंडूता क्षेत्र की दूरी कम करने वाले री रड़ोह पुल के लिए भी मुख्यमंत्री ने अढ़ाई करोड़ की राशि देने की घोषणा की। इसके अलावा मलांगण स्कूल को अपग्रेड करने के अलावा शाहतलाई में उप तहसील खोलने का भी ऐलान किया। गुरूवार को बरठीं में मुख्यमंत्री सुखबिंद्र सिंह सुक्खू ने विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से आम जनता के हितों के लिए निर्णय लिए हैं। सरकार के निर्णयों का लाभ जनता को मिला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर वर्ग के हितों को ध्यान में रखकर निर्णय ले रही है। लेकिन भाजपा नेता लगातार राजनीति करने पर ही उतारू रहते हैं। जबकि जनता के हितों के हितों के लिए हुए निर्णयों को लेकर भाजपा नेताओं को भी सहयोग करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि झंडूता कांग्रेस नेता विवेक कुमार द्वारा लगातार झंडूता क्षेत्र की समस्याओं के बारे में अवगत करवाया जाता है और प्रदेश सरकार की ओर से इस क्षेत्र में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी भविष्य में भी प्रदेश की सरकार जनता के हितों के लिए निर्णय लेगी।1
- ऊना। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू वीरवार को जिला ऊना के संक्षिप्त दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्र सरकार द्वारा रिवेन्यू डिफिसिट ग्रांट समाप्त किए जाने के फैसले को लेकर प्रदेश भाजपा पर जोरदार हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि आरडीजी खत्म करने का निर्णय हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य के लिए घातक साबित होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी केंद्र सरकार के इस फैसले के साथ खड़ी है, और यदि हां, तो उसे प्रदेश की जनता को सच्चाई बतानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पहले ही गंभीर आर्थिक चुनौतियों से गुजर रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा मिलने वाली आरडीजी को समाप्त करना प्रदेश के अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम केंद्र द्वारा प्रदेश के साथ किए जा रहे अन्याय का हिस्सा है। इसके चलते विकास कार्य प्रभावित होंगे और आम जनता के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उनकी सरकार जनता की सेवा के उद्देश्य से सत्ता में आई है और प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा।1
- स्वर्गद्वारी की स्मृति में जोगिंदर नगर के मोरडुघ गांव में ग्रामीणों ने बनाया मंदिर। सुनिए, गांव के बुजुर्ग मेघ सिंह जी स्वर्गद्वारी के बारे में जानकारी देते हुए।1
- हमीरपुर कांग्रेस नेता विवेक कटोच ने एक कड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि एक तरफ प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू दिन-रात मेहनत कर हिमाचल प्रदेश को आर्थिक रूप से मजबूत करने और प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ नेता अपने राजनीतिक स्वार्थों के कारण प्रदेश के हितों के खिलाफ खड़े होते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा और सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा मुख्यमंत्री का विरोध करते-करते इतने अंधे हो गए हैं कि अब वे हिमाचल प्रदेश के हितों का भी विरोध करने लगे हैं, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। विवेक कटोच ने कहा कि 16वें वित्त आयोग में राजस्व घाटा अनुदान (RDG Grant) का बंद होना हिमाचल प्रदेश के विकास को गंभीर रूप से प्रभावित करने वाला फैसला है। उन्होंने कहा कि अगर हिमाचल को यह अनुदान नहीं मिलता है तो अगले पांच वर्षों में प्रदेश को लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नुकसान किसी राजनीतिक दल, सरकार या किसी एक नेता का नहीं बल्कि हिमाचल प्रदेश की आम जनता का नुकसान है। इस फैसले का सीधा असर प्रदेश की विकास योजनाओं, बुनियादी ढांचे, रोजगार के अवसरों और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर पड़ेगा। कटोच ने कहा कि इस तरह के संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दों पर सभी राजनीतिक दलों और नेताओं को मतभेद भुलाकर प्रदेश के हित में एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए थी। लेकिन अफसोस की बात है कि सुधीर शर्मा और राजेंद्र राणा जैसे नेता अपने निजी राजनीतिक स्वार्थों के कारण प्रदेश के हितों को कमजोर करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नेताओं की राजनीति केवल व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं और लाभ तक सीमित होकर रह गई है, जिससे प्रदेश की सामूहिक शक्ति और आवाज कमजोर हो रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक पर्वतीय राज्य है, जहां संसाधन सीमित हैं और विकास के लिए केंद्र सरकार से मिलने वाली आर्थिक सहायता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में आरडीजी अनुदान का बंद होना प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर गहरा प्रभाव डालेगा और विकास कार्यों की गति धीमी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के भविष्य और जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए सभी नेताओं को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का परिचय देना चाहिए। विवेक कटोच ने कहा कि इतिहास ऐसे स्वार्थी और अवसरवादी नेताओं को कभी माफ नहीं करेगा, जिन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए अपनी मातृभूमि के हितों से समझौता किया। उन्होंने प्रदेश की जनता से भी अपील की कि वे ऐसे नेताओं की मानसिकता को समझें और हिमाचल प्रदेश के विकास और हितों के साथ मजबूती से खड़े रहें।1