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मनोहर अग्रवाल की रिपोर्ट करबला घाट की सकरी पुलिया की रेलिंग टूटी सड़क में गड्ढे बचाने के चक्कर में कही कोई अनहोनी न हो जाए इसके पूर्व पुलिया के गड्ढे भरकर रेलिंग को तत्काल मरम्मत करना चाहिए इस सकरी पुलिया से हजारों वाहन आना जाना करते है।लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा प्रशासनिक अधिकारियों को इस ओर ध्यान देने आवश्यकता है
Manohar agrval Agrawal
मनोहर अग्रवाल की रिपोर्ट करबला घाट की सकरी पुलिया की रेलिंग टूटी सड़क में गड्ढे बचाने के चक्कर में कही कोई अनहोनी न हो जाए इसके पूर्व पुलिया के गड्ढे भरकर रेलिंग को तत्काल मरम्मत करना चाहिए इस सकरी पुलिया से हजारों वाहन आना जाना करते है।लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा प्रशासनिक अधिकारियों को इस ओर ध्यान देने आवश्यकता है
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- मनोहर अग्रवाल की रिपोर्ट करबला घाट की सकरी पुलिया की रेलिंग टूटी सड़क में गड्ढे बचाने के चक्कर में कही कोई अनहोनी न हो जाए इसके पूर्व पुलिया के गड्ढे भरकर रेलिंग को तत्काल मरम्मत करना चाहिए इस सकरी पुलिया से हजारों वाहन आना जाना करते है।लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा प्रशासनिक अधिकारियों को इस ओर ध्यान देने आवश्यकता है1
- बैतूल जिले के विकासखंड आमला की उप तहसील बोरदेही स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल बोरदेही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल बैतूल जिले के विकासखंड आमला की उप तहसील बोरदेही स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अस्पताल में पर्याप्त बेड नहीं होने के कारण गर्भवती महिलाओं, प्रसूताओं (जच्चा) और नवजात शिशुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मरीजों की संख्या के मुकाबले अस्पताल में बेड की व्यवस्था बेहद कम है। कई बार मरीजों को फर्श पर या अन्य अस्पतालों में रेफर होने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता। बारिश के मौसम में अस्पताल परिसर और भवन की स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है। लोगों का आरोप है कि परिसर में साफ-सफाई और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, जिससे सांप और बिच्छू निकलने का खतरा बना रहता है। ऐसे हालात में मरीजों और उनके परिजनों में हमेशा भय का माहौल रहता है। क्षेत्रवासियों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बेडों की संख्या बढ़ाई जाए, आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा अस्पताल परिसर की सुरक्षा और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था की जाए। अब सवाल यह है कि **क्या स्वास्थ्य विभाग समय रहते इस ओर ध्यान देगा, या फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जाएगा?** बाइट --- भाजपा नेता रोशन भम्मकर1
- आमला मे बिजली कटौती, खाद, अन्य समस्याओ लेकर भारतीय किसान संघ ने तहसीलदार को सीएम के नाम सौपा ज्ञापन,1
- गंदगी और कूड़े के ढेर में भोजन तलाशते बेसहारा मवेशी, प्रशासन की लापरवाही उजागर मुलताई। नगर के कई इलाकों में कूड़े के अंबार और गंदगी की समस्या आम हो गई है, जिससे न केवल स्थानीय निवासियों को परेशानी हो रही है, बल्कि बेसहारा मवेशी भी गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों का सामना कर रहे हैं। हाल ही में सामने आई एक तस्वीर नगर की इस दयनीय स्थिति की पोल खोल रही है। तस्वीर में एक लावारिस गाय को कीचड़ और प्लास्टिक के कचरे से भरी जगह में भोजन तलाशते खड़े देखा जा सकता है। यह दृश्य स्वच्छ भारत अभियान के दावों पर सवालिया निशान लगाता है। मवेशी न केवल गंदगी के बीच रहने को मजबूर हैं, बल्कि कचरे में पड़ी प्लास्टिक और अन्य हानिकारक सामग्री खाकर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन कूड़ा उठाने और सफाई व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफल रहा है। बेसहारा पशुओं के लिए कोई ठोस व्यवस्था न होने के कारण वे कूड़े के ढेरों पर निर्भर हो गए हैं। इस स्थिति से न केवल मवेसियों को कष्ट हो रहा है, बल्कि बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द से जल्द सफाई व्यवस्था दुरुस्त करे और बेसहारा पशुओं के लिए सुरक्षित आश्रय स्थल की व्यवस्था करे। गंदगी और कूड़े के ढेर में भोजन तलाशते बेसहारा मवेशी, प्रशासन की लापरवाही उजागर मुलताई। नगर के कई इलाकों में कूड़े के अंबार और गंदगी की समस्या आम हो गई है, जिससे न केवल स्थानीय निवासियों को परेशानी हो रही है, बल्कि बेसहारा मवेशी भी गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों का सामना कर रहे हैं। हाल ही में सामने आई एक तस्वीर नगर की इस दयनीय स्थिति की पोल खोल रही है। तस्वीर में एक लावारिस गाय को कीचड़ और प्लास्टिक के कचरे से भरी जगह में भोजन तलाशते खड़े देखा जा सकता है। यह दृश्य स्वच्छ भारत अभियान के दावों पर सवालिया निशान लगाता है। मवेशी न केवल गंदगी के बीच रहने को मजबूर हैं, बल्कि कचरे में पड़ी प्लास्टिक और अन्य हानिकारक सामग्री खाकर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन कूड़ा उठाने और सफाई व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफल रहा है। बेसहारा पशुओं के लिए कोई ठोस व्यवस्था न होने के कारण वे कूड़े के ढेरों पर निर्भर हो गए हैं। इस स्थिति से न केवल मवेसियों को कष्ट हो रहा है, बल्कि बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द से जल्द सफाई व्यवस्था दुरुस्त करे और बेसहारा पशुओं के लिए सुरक्षित आश्रय स्थल की व्यवस्था करे।2
- आठनेर के ट्रेचिंग ग्राउंड में अवैध उत्खनन बिना अनुमति रातों-रात मोरम मिट्टी निकालने का आरोप, दोषियों पर कार्रवाई के लिए कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन आठनेर नगर कांग्रेस कमेटी ने ट्रेचिंग ग्राउंड परिसर में कथित अवैध मोरम मिट्टी उत्खनन का आरोप लगाते हुए तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पिछले कई दिनों से ठेकेदार और स्थानीय लोगों की मिलीभत से ट्रेचिंग ग्राउंड परिसर से जेसीबी मशीनों एवं डंपरों के माध्यम से बिना किसी वैधानिक अनुमति के रात के समय बड़े पैमाने पर मूरम मिट्टी का उत्खनन किया जा रहा है, जिससे सार्वजनिक संपत्ति को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। नगर कांग्रेस अध्यक्ष जानी पठान ने बताया कि ट्रेचिंग ग्राउंड नगर की सार्वजनिक संपत्ति है, लेकिन यहां लगातार अवैध उत्खनन किए जाने से बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में जनहानि या अन्य दुर्घटनाओं की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने जल्द निष्पक्ष जांच की मांग कर कार्यवाही की बात कही है।1
- गंदगी और कूड़े के ढेर में भोजन तलाशते बेसहारा मवेशी, प्रशासन की लापरवाही उजागर गंदगी और कूड़े के ढेर में भोजन तलाशते बेसहारा मवेशी, प्रशासन की लापरवाही उजागर मुलताई। नगर के कई इलाकों में कूड़े के अंबार और गंदगी की समस्या आम हो गई है, जिससे न केवल स्थानीय निवासियों को परेशानी हो रही है, बल्कि बेसहारा मवेशी भी गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों का सामना कर रहे हैं। हाल ही में सामने आई एक तस्वीर नगर की इस दयनीय स्थिति की पोल खोल रही है। तस्वीर में एक लावारिस गाय को कीचड़ और प्लास्टिक के कचरे से भरी जगह में भोजन तलाशते खड़े देखा जा सकता है। यह दृश्य स्वच्छ भारत अभियान के दावों पर सवालिया निशान लगाता है। मवेशी न केवल गंदगी के बीच रहने को मजबूर हैं, बल्कि कचरे में पड़ी प्लास्टिक और अन्य हानिकारक सामग्री खाकर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन कूड़ा उठाने और सफाई व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफल रहा है। बेसहारा पशुओं के लिए कोई ठोस व्यवस्था न होने के कारण वे कूड़े के ढेरों पर निर्भर हो गए हैं। इस स्थिति से न केवल मवेसियों को कष्ट हो रहा है, बल्कि बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द से जल्द सफाई व्यवस्था दुरुस्त करे और बेसहारा पशुओं के लिए सुरक्षित आश्रय स्थल की व्यवस्था करे।1
- कृष्णा कुमार चौरे आदतन अपराधी को छिंदवाड़ा से शाहपुर पुलिस ने क्या गिरफ्तार एक आरोपी जितेंद्र विश्वकर्मा को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है पुलिस1